प्रिमिटिव मॉडलिंग
प्रिमिटिव एक मूल ठोस है जो 3D प्रोग्राम तुरंत दे देता है। आम प्रिमिटिव:
- डिब्बा (घनाभ): 6 सपाट फलक, 12 किनारे, 8 कोने (शीर्ष)।
- गोला: एक वक्र सतह।
- बेलन: 2 सपाट गोल फलक और 1 वक्र पार्श्व।
- शंकु: 1 सपाट गोल फलक, 1 वक्र पार्श्व और 1 नोक।
प्रिमिटिव मॉडलिंग का मतलब है इन ठोसों को रखकर, नाप बदलकर, घुमाकर और जोड़कर वस्तु बनाना। कुर्सी = चपटा डिब्बा (सीट), चार पतले बेलन (पाए) और एक डिब्बा (पीठ): 6 प्रिमिटिव। बर्फ़ का आदमी = 3 गोले, एक शंकु की नाक और टोपी के लिए दो बेलन। एक प्रिमिटिव को दूसरे में से घटाया भी जा सकता है, जैसे बेलन से छेद करना। सुझाव: हर पुर्ज़े का नाम रखिए, नाप असली इकाइयों (सेमी) में रखिए, और सबसे बड़े पुर्ज़े से शुरू कीजिए।
डिब्बे के लिए संख्याएँ यूलर के नियम से मिलती हैं: कोने − किनारे + फलक = 8 − 12 + 6 = 2।
प्रोफ़ाइल मॉडलिंग
कुछ आकार प्रिमिटिव से बनाना कठिन होता है। तब हम एक सपाट रूपरेखा, यानी प्रोफ़ाइल, बनाते हैं और उसे ठोस में बदलते हैं।
- एक्सट्रूड: प्रोफ़ाइल को सीधा बाहर खींचना, जैसे साँचे से आटा निकालना। ठोस की काट पूरी लंबाई में एक जैसी रहती है। आयतन = प्रोफ़ाइल का क्षेत्रफल × गहराई। L आकार की प्रोफ़ाइल से L आकार की कड़ी बनती है।
- रिवॉल्व (खराद): प्रोफ़ाइल को अक्ष के चारों ओर घुमाना। चौड़े पेट और पतली गर्दन वाली वक्र रेखा फूलदान बन जाती है। एक आयत को उसके एक किनारे के चारों ओर घुमाने से बेलन बनता है, आयतन = π × r² × h।
सुझाव: रिवॉल्व की प्रोफ़ाइल अक्ष के सिर्फ़ एक ओर बनाइए। आंशिक रिवॉल्व (जैसे 180 डिग्री) से आधा फूलदान मिलता है, जिससे अंदर देखना आसान है। दूसरे प्रोफ़ाइल औज़ार हैं स्वीप (आकृति को रास्ते पर चलाना, जैसे पाइप) और लॉफ़्ट (दो अलग प्रोफ़ाइल के बीच मिश्रण)।
असेंबली
असली उत्पादों में कई पुर्ज़े होते हैं। हम हर पुर्ज़ा अलग मॉडल के रूप में बनाते हैं, फिर उन्हें असेंबली में जोड़ते हैं।
- पुर्ज़े बनाइए: सीट, पाया, छल्ला।
- एक पुर्ज़ा टिकाइए: आधार या सबसे बड़ा पुर्ज़ा अपनी जगह रहता है। वही संदर्भ है।
- मेट (बंधन) लगाइए: नियम जो बताते हैं कि पुर्ज़े कैसे छुएँगे, जैसे "पाए का ऊपरी सिरा सीट के नीचे लगे", "यह छेद उस खूँटी के सामने हो", "ये दो सतहें बराबर हों"।
- जाँचिए: पुर्ज़े एक-दूसरे में घुसे नहीं हों और चलने वाले पुर्ज़े सही दिशा में चलें।
हमारे स्टूल में 5 पुर्ज़े हैं: 1 सीट, 3 पाए और पायों को जकड़ने वाला 1 छल्ला। 3D में खिसकाकर हर पुर्ज़े को अपनी जगह लाइए। एक पुर्ज़ा एक बार बनाकर दोबारा इस्तेमाल करना (एक पाए से तीन पाए) समय बचाता है। इसका मतलब यह भी है कि पाया बदला तो तीनों बदल जाते हैं।
एक्सप्लोडेड व्यू
एक्सप्लोडेड व्यू असेंबली के पुर्ज़ों को सीधी रेखाओं में, जिस क्रम और दिशा में वे जुड़ते हैं, उसी में अलग कर देता है। इससे हर पुर्ज़ा और उसका जुड़ाव बिना कुछ छिपे दिखता है।
- पुर्ज़े उसी अक्ष पर हटते हैं जिस पर वे फिसलते हैं (सीट ऊपर, पाए बाहर की ओर)।
- पतली मार्गदर्शक रेखाएँ दिखाती हैं कि पुर्ज़ा कहाँ जाएगा।
- पुर्ज़ों पर नंबर लगते हैं और पुर्ज़ा-सूची (बिल ऑफ़ मटेरियल) बनती है।
एक्सप्लोडेड व्यू फ़र्नीचर की निर्देश-पुस्तिका, फ़ोन की मरम्मत गाइड, इंजन मैनुअल और उत्पाद विज्ञापनों में दिखते हैं। हमारे स्टूल का छल्ला बंद अवस्था में छिपा रहता है, पर खोलने पर साफ़ दिखता है।
पैरामीट्रिक मॉडल और काम का आसान क्रम
पैरामीट्रिक मॉडल में आकार संख्याओं (पैरामीटर) पर निर्भर होते हैं, जैसे पाए की ऊँचाई और सीट की चौड़ाई। एक संख्या बदलिए और हर पुर्ज़ा बदल जाता है, जैसा खुले खेल वाले चरण में है। डिज़ाइन बदलने पर इससे घंटे बचते हैं।
कार्य-क्रम: काग़ज़ पर योजना, प्रिमिटिव बनाना, प्रोफ़ाइल वाले ठोस जोड़ना, पुर्ज़ों के नाम और रंग, मेट से असेंबली, जाँच, एक्सप्लोडेड व्यू बनाना और निर्यात (जैसे 3D प्रिंटिंग या गेम के लिए)।
करके देखें
घर में प्रिमिटिव से बनी चीज़ें ढूँढिए: डिब्बा बेलन है, कीप शंकु है, गेंद गोला है। एक मग बनाइए: कौन-सी प्रोफ़ाइल रिवॉल्व करेंगे? (दीवार के लिए आयत, और हैंडल दूसरे पुर्ज़े के रूप में।) 3D में एक्सट्रूड गहराई 3.0 और कोण 180 डिग्री रखिए। पहले अनुमान लगाइए, फिर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- डिब्बा: कोने − किनारे + फलक = 8 − 12 + 6 = 2
- एक्सट्रूड आयतन = प्रोफ़ाइल का क्षेत्रफल × गहराई
- आयत को घुमाने से बेलन: V = π r² h
- असेंबली = पुर्ज़े + मेट (बंधन)
- एक्सप्लोडेड व्यू = पुर्ज़े अपने जुड़ने के अक्ष पर हटाए गए
हल किए गए उदाहरण
1. 3D की कुर्सी में कितने प्रिमिटिव हैं और कौन-से?
6 प्रिमिटिव: 1 डिब्बा (सीट), 4 बेलन (पाए) और 1 डिब्बा (पीठ)।
2. 4 सेमी × 3 सेमी की आयताकार प्रोफ़ाइल को 5 सेमी एक्सट्रूड किया गया। ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।
क्षेत्रफल = 4 × 3 = 12 सेमी²। आयतन = 12 × 5 = 60 सेमी³।
3. 2 सेमी चौड़े और 5 सेमी ऊँचे आयत को उसके ऊँचे किनारे के चारों ओर 360 डिग्री घुमाया गया। कौन-सा ठोस बना और उसका आयतन (π = 3.14) क्या है?
त्रिज्या 2 सेमी और ऊँचाई 5 सेमी का बेलन। V = 3.14 × 2² × 5 = 3.14 × 20 = 62.8 सेमी³।
4. L आकार की प्रोफ़ाइल 6 × 2 के आयत और 2 × 4 के आयत से बनी है (आपस में ऊपर नहीं)। उसे 3 सेमी एक्सट्रूड कीजिए। आयतन?
क्षेत्रफल = 12 + 8 = 20 सेमी²। आयतन = 20 × 3 = 60 सेमी³।
5. जुड़ा हुआ स्टूल देखने में छल्ला मुश्किल से दिखता है, फिर एक्सप्लोडेड व्यू में उसकी ज़रूरत क्यों?
छल्ला पायों को जकड़ता है और स्टूल के अंदर रहता है। एक्सप्लोडेड व्यू पुर्ज़े अलग कर देता है, इसलिए छिपे पुर्ज़े भी दिखते हैं।
आम गलतियाँ
- पूरा मॉडल एक लोंदे के रूप में बनाना। नाम वाले अलग पुर्ज़े बनाइए ताकि बदलना और दोबारा इस्तेमाल करना आसान हो।
- रिवॉल्व की प्रोफ़ाइल अक्ष को पार करती हुई बनाना। इससे उलझा हुआ ठोस बनता है। उसे एक ही ओर रखिए।
- एक्सप्लोडेड पुर्ज़ों को मनचाही दिशाओं में हटाना। हर पुर्ज़े को उसी रेखा पर हटाइए जिस पर वह जुड़ते समय फिसलता है।
- इकाइयाँ भूल जाना। शुरू से सेंटीमीटर या मिलीमीटर रखिए।