एनिमेशन क्या है?
एनिमेशन का अर्थ है उन चीज़ों में जान (गति) डालना जो खुद नहीं हिल सकतीं: चित्र, कागज़ की कटिंग, मिट्टी का खिलौना या कंप्यूटर मॉडल। असली फ़िल्म सचमुच हिलती चीज़ों को रिकॉर्ड करती है; एनिमेशन गति को तस्वीर-दर-तस्वीर बनाता है।
हर एक तस्वीर एक फ़्रेम है। जब फ़्रेम एक सेकंड में लगभग 10 से ज़्यादा बार बदलते हैं, तो दिमाग़ अलग-अलग तस्वीरें नहीं, लगातार गति देखता है। इसे दृष्टि-निर्बंध (persistence of vision) कहते हैं: आँख किसी छवि को एक पल तक रोके रखती है।
असली और आभासी (virtual) पात्र
एनिमेटेड पात्र आभासी होता है: वह सिर्फ़ चित्र या कंप्यूटर में है। वह खिंच सकता है, उड़ सकता है, आकार बदल सकता है, जो असली अभिनेता नहीं कर सकता।
फ़्रेम, फ़्रेम दर और टाइमलाइन
फ़्रेम दर = एक सेकंड में दिखाए गए फ़्रेम, लिखते हैं fps। सिनेमा 24 fps, वीडियो अक्सर 25 या 30 fps, और सादे कार्टून व स्टॉप मोशन अक्सर 12 fps।
ज़रूरी फ़्रेम = fps × समय (सेकंड)। 12 fps पर 5 सेकंड की क्लिप में 60 फ़्रेम लगेंगे।
सॉफ़्टवेयर में टाइमलाइन होती है: बाएँ से दाएँ फ़्रेमों की पट्टी। लेयर (layer) काँच की परतों जैसी हैं: नीचे पृष्ठभूमि, ऊपर पात्र, ताकि एक को बदलो तो दूसरा दोबारा न बनाना पड़े।
फ़्रेम-दर-फ़्रेम और GIF
फ़्रेम-दर-फ़्रेम में हर फ़्रेम खुद बनाते हैं। GIF एक छोटी इमेज फ़ाइल है जिसमें कई फ़्रेम होते हैं और वे बार-बार (loop) चलते हैं। स्टिकर के लिए अच्छी है, पर इसमें सिर्फ़ 256 रंग होते हैं।
की-फ़्रेम और ट्वीनिंग
की-फ़्रेम किसी मुख्य मुद्रा को दिखाता है: गति कहाँ शुरू हुई और कहाँ ख़त्म। बीच के फ़्रेम इन-बिटवीन कहलाते हैं। कंप्यूटर इन्हें खुद भर देता है; इसे ट्वीनिंग कहते हैं।
- मोशन ट्वीन: वस्तु A से B तक चलती है।
- घूमना (rotation): वस्तु घूमती है।
- रंग ट्वीन: रंग बदलता है या धीरे-धीरे दिखता है।
- टेक्स्ट एनिमेशन: अक्षर उड़कर आते हैं या बड़े होते हैं।
शुरू करने से पहले योजना बनाओ: विचार, छोटी पटकथा (script), स्टोरीबोर्ड (हर दृश्य का छोटा स्केच) और शैली (कार्टून, कागज़, असली जैसा)।
एनिमेशन के प्रकार: स्टॉप मोशन, 2D, 3D, रास्टर और वेक्टर
स्टॉप मोशन और कागज़-कटिंग एनिमेशन
स्टॉप मोशन में असली वस्तु को ज़रा-सा खिसकाओ, फ़ोटो लो, फिर खिसकाओ, फिर फ़ोटो। कागज़-कटिंग एनिमेशन में जोड़ों (पिन) वाले चपटे कागज़ी पात्र रंगी हुई पृष्ठभूमि पर रखे जाते हैं। पात्र के हाथ, पैर, सिर अलग टुकड़ों में बनाओ और कैमरा स्टैंड पर स्थिर रखो।
2D और 3D कंप्यूटर एनिमेशन
2D सपाट होता है (कार्टून जैसा)। 3D में गहराई वाले मॉडल होते हैं जिनके चारों ओर आभासी कैमरा घूम सकता है।
रास्टर और वेक्टर
रास्टर हर फ़्रेम को पिक्सेल के रूप में रखता है; बड़ा करने पर डिब्बेदार, फ़ाइल बड़ी। वेक्टर आकृतियों को गणित (बिंदु, रेखा, वक्र) से रखता है; किसी भी आकार में तेज़, फ़ाइल छोटी।
इंटरैक्टिव एनिमेशन
यह उपयोगकर्ता के हिसाब से बदलता है: छूने पर उछलता बटन, गेम का पात्र जिसे तुम चलाते हो, या वेब बैनर जो उँगली रखने पर हिलता है।
खुद करो: 2 सेकंड की फ़्लिपबुक
24 छोटी चिट लो। हर चिट पर गेंद पिछली से थोड़ी नीचे बनाओ, फिर ऊपर उठती। तेज़ी से पलटो: यह 12 fps पर 2 सेकंड है। अब उसी गति के लिए सिर्फ़ 12 चिट बनाओ: झटकेदार लगेगा। तुमने फ़्रेम दर जाँच ली!
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ज़रूरी फ़्रेम = फ़्रेम दर (fps) × समय (s)
- क्लिप का समय = फ़्रेम की संख्या ÷ fps
- फ़्रेम = एक स्थिर तस्वीर
- की-फ़्रेम = मुख्य मुद्रा; इन-बिटवीन = भरा गया फ़्रेम
- रास्टर = पिक्सेल; वेक्टर = गणित से बनी आकृतियाँ
हल किए गए उदाहरण
1. 12 fps पर 4 सेकंड की क्लिप में कितने फ़्रेम लगेंगे?
फ़्रेम = fps × समय = 12 × 4 = 48 फ़्रेम।
2. एक GIF में 30 फ़्रेम हैं और वह 10 fps पर चलता है। एक चक्कर कितना लंबा है?
समय = फ़्रेम ÷ fps = 30 ÷ 10 = 3 सेकंड।
3. गेंद 24 fps पर 1 सेकंड में बाएँ से दाएँ जाती है। तुम सिर्फ़ पहला और आख़िरी फ़्रेम की-फ़्रेम बनाते हो। सॉफ़्टवेयर कितने इन-बिटवीन बनाएगा?
कुल 24 फ़्रेम; 2 की-फ़्रेम, इसलिए 24 − 2 = 22 इन-बिटवीन।
4. एक लोगो फ़ोन पर भी और बड़े होर्डिंग पर भी साफ़ दिखना चाहिए। रास्टर या वेक्टर?
वेक्टर: आकृतियाँ गणित से बनती हैं, इसलिए हर आकार में तेज़ दिखती हैं। रास्टर बड़ा करने पर डिब्बेदार हो जाता।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि ज़्यादा फ़्रेम हमेशा क्लिप लंबी करते हैं। ज़्यादा fps पर उतने ही समय में ज़्यादा फ़्रेम आते हैं।
- स्टॉप मोशन में कैमरा हिला देना। कैमरा स्थिर रखो; सिर्फ़ वस्तु हिले।
- फ़्रेमों के बीच बड़ी छलांग। छोटे बदलाव से गति चिकनी बनती है।
- GIF को वेक्टर समझना। GIF पिक्सेल वाली रास्टर फ़ाइल है।