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काँच और इनैमल

साधारण काँच रेत (सिलिका), सोडा-ऐश और चूना पत्थर को लगभग 1500 °C पर पिघलाकर, नरम रहते आकार देकर और फिर धीरे ठंडा (एनीलिंग) करके बनता है। काँच बिना क्रिस्टल-क्रम वाला ठोस है। इनैमल धातु पर लगभग 800 °C पर जमाई गई काँच की पतली परत है जो जंग रोकती है और चमकदार, साफ़ करने में आसान सतह देती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह काँच का मिश्रण है: रेत, सोडा-ऐश और चूना पत्थर। ये ठंडे चूर्ण हैं।
  2. मिश्रण को लगभग 1500 °C तक गर्म करो। चूर्ण पिघलकर एक दहकता द्रव बन जाते हैं। तापमान बढ़ते देखो।
  3. गरम नरम काँच को गुब्बारे की तरह फुला सकते हैं। फुलाना स्लाइडर चलाओ। 700 °C से कम पर वह आकार देने के लिए बहुत सख़्त है।
  4. काँच को धीरे ठंडा करो (एनीलिंग) तो वह सुरक्षित रहता है। तेज़ ठंडा करो तो तनाव फँस जाता है और वह चटक जाता है।
  5. इनैमल इस्पात पर लगा काँच का चूर्ण है। लगभग 800 °C पर वह पिघलकर चमकदार काँच की त्वचा बन जाता है जो जंग रोकती है।
  6. खुला खेल: गर्मी और फुलाना बदलो। वह तापमान खोजो जहाँ काँच नरम है पर द्रव नहीं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या काँच बहुत धीरे बहने वाला द्रव है?

नहीं। काँच अक्रिस्टलीय ठोस है। पुरानी खिड़कियाँ अपने बनने के तरीके से असमान दिखती हैं, बहने से नहीं।

काँच का तीखा गलनांक क्यों नहीं होता?

टूटने के लिए क्रिस्टल की पंक्तियाँ ही नहीं हैं। गर्मी बढ़ने पर वह धीरे-धीरे और नरम होता जाता है, जैसे चरण 1 और 2 में।

सोडा-ऐश क्यों चाहिए?

शुद्ध रेत 1700 °C से ऊपर पिघलती है। सोडा-ऐश ज़रूरी गर्मी घटा देती है, इसलिए ईंधन बचता है।

क्या इनैमल और पेंट एक ही हैं?

नहीं। पेंट ऊपर सूखता है। इनैमल पिघला काँच है जो धातु से जुड़ जाता है। चरण 4 देखो।

इनैमल वाले बर्तन में जंग क्यों लग जाता है?

काँच की परत उखड़ने पर नीचे की इस्पात हवा-पानी से मिलती है और जंग खाती है।

काँच का संक्षिप्त इतिहास

ज्वालामुखी से बना प्राकृतिक काँच (ऑब्सीडियन) पाषाण युग में धार वाले औज़ार बनाने में काम आता था। लोगों ने लगभग 4,500 साल पहले पश्चिम एशिया और मिस्र में काँच बनाना सीखा, पहले मनकों के लिए। काँच फुलाना (ग्लासब्लोइंग) लगभग 2,000 साल पहले शुरू हुआ और सस्ती बोतलें बनने लगीं। फिर खिड़कियाँ और दर्पण आए। 1950 के दशक में फ्लोट विधि से बड़ी, चपटी, साफ़ चादरें बनने लगीं। आज काँच ऑप्टिकल फ़ाइबर और फ़ोन स्क्रीन में भी है।

कच्चा माल और काँच बनाना

साधारण सोडा-लाइम काँच का मिश्रण:

चरण: तौलो और मिलाओ, लगभग 1500 °C पर पिघलाओ, बुलबुले निकालो, आकार दो (फुलाओ, दबाओ, खींचो या फ्लोट), एनील करो (लगभग 550 °C से धीरे ठंडा), जाँचो और काटो।

काँच: इसमें खास क्या है?

ज़्यादातर ठोस क्रिस्टल होते हैं जिनमें परमाणु सुव्यवस्थित पंक्तियों में होते हैं। काँच में परमाणु बिखरे-उलझे होते हैं, जमे हुए द्रव जैसे। इसे अक्रिस्टलीय (amorphous) ठोस कहते हैं। इसलिए काँच का कोई एक तीखा गलनांक नहीं होता: गर्म करने पर वह धीरे-धीरे नरम होता है। इसीलिए उसे फुला या खींच सकते हैं।

काँच पारदर्शी है क्योंकि उसमें प्रकाश बिखेरने वाले क्रिस्टल के किनारे या छिद्र नहीं होते।

इनैमल

इनैमल (काँचाभ इनैमल) धातु पर जमाई गई काँच की पतली परत है। पहले फ्रिट (काँच पिघलाकर बनाया महीन चूर्ण) को पानी और मिट्टी में मिलाते हैं। इसे साफ़ इस्पात, लोहे या एल्युमिनियम पर छिड़कते या डुबोते हैं। फिर सुखाकर लगभग 750-850 °C पर पकाते हैं। चूर्ण पिघलकर चिकनी, चमकदार त्वचा बन जाता है जो धातु से चिपक जाती है।

इससे धातु जंग-रोधी, साफ़ करने में आसान और रंगीन बनती है। यह बर्तनों, बाथटब, वॉटर-हीटर की टंकियों, साइनबोर्ड और गहनों पर लगता है। परत उखड़ जाए तो नीचे की धातु में जंग लग सकती है।

करके देखो

घर पर करके देखो। काँच की बोतल को तेज़ रोशनी में देखकर जोड़ की रेखा खोजो। उखड़े इनैमल वाला मग भी देखो: पतली सफ़ेद काँच की परत और नीचे काली धातु दिखेगी। 3D में गर्मी खींचकर देखो कि काँच कहाँ सख़्त, नरम और द्रव होता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. भट्ठी में 500 kg मिश्रण है जिसमें 72% रेत है। कितनी रेत चाहिए?

0.72 x 500 = 360 kg रेत।

2. सोडा-ऐश (Na2CO3, 106 g प्रति मोल) पिघलते समय CO2 (44 g प्रति मोल) छोड़ती है। 53 kg सोडा-ऐश से कितनी CO2 निकलेगी?

अनुपात 44 / 106। 53 kg x 44 / 106 = 22 kg CO2।

3. गरम ओवन में बोरोसिलिकेट कटोरी साधारण काँच से सुरक्षित क्यों है?

बोरोसिलिकेट गर्म होने पर बहुत कम फैलता है, इसलिए गरम और ठंडे भाग एक-दूसरे को खींचकर नहीं चटकाते। साधारण काँच ज़्यादा फैलता है, तो असमान गर्मी से तनाव बनता है और वह चटक सकता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. काँच का मुख्य कच्चा माल है:
2. काँच को धीरे ठंडा करना कहलाता है:
3. इनैमल है:
4. काँच है:
5. कौन-सा काँच ताप-झटके को सबसे अच्छा सहता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काँच किससे बनता है?

साधारण काँच सिलिका रेत को सोडा-ऐश और चूना पत्थर के साथ लगभग 1500 °C पर पिघलाकर और इस तरह ठंडा करके बनता है कि वह क्रिस्टल न बने।

काँच और इनैमल में क्या अंतर है?

काँच पिघलाकर बनी ठोस वस्तु है। इनैमल धातु की सतह पर जमाई गई काँच जैसी बहुत पतली परत है जो उसे बचाती और सजाती है।

काँच की एनीलिंग क्यों ज़रूरी है?

असमान ठंडा होने से भीतर तनाव रह जाता है। एनीलिंग में धीरे ठंडा करने से तनाव निकल जाता है और काँच बाद में नहीं चटकता।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Ceramic Industry

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