समुद्री पानी में क्या होता है?
समुद्री पानी एक घोल है। पानी विलायक है और उसमें कई लवण घुले हैं। सबसे ज़्यादा साधारण नमक (सोडियम क्लोराइड) है। औसतन 100 g समुद्री पानी में लगभग 3.5 g लवण घुले होते हैं। इसीलिए समुद्र खारा लगता है और हम उसे पी नहीं सकते।
नदियाँ चट्टानों से थोड़े-थोड़े खनिज बहाकर समुद्र में ले जाती हैं। पानी भाप बन जाता है पर खनिज रह जाते हैं, इसलिए लाखों सालों में समुद्र खारा हो गया।
नमक की क्यारियों में नमक बनाना
इस विधि में सिर्फ़ धूप, हवा और समुद्र के पास चौड़ी समतल ज़मीन चाहिए।
- पानी भरना। फाटकों से समुद्र का पानी उथली क्यारियों में आता है।
- वाष्पन। धूप और हवा पानी को भाप बनाती हैं। उथली क्यारी में कम पानी पर सतह बड़ी होती है, इसलिए पानी जल्दी उड़ता है।
- घोल आगे बढ़ाना। पानी एक क्यारी से दूसरी में जाता है। हर क्यारी में खारा घोल (ब्राइन) और गाढ़ा होता जाता है।
- क्रिस्टलन। जब घोल में लगभग 26% नमक हो जाता है तो वह संतृप्त हो जाता है: और नमक घोल नहीं सकता। अतिरिक्त नमक सफ़ेद क्रिस्टल बनकर निकलता है।
- कटाई। नमक को खुरचकर, गाढ़े खारे घोल से धोकर कीचड़ हटाते हैं और ढेर में सुखाते हैं।
ध्यान दो: सिर्फ़ पानी उड़ता है। इन तापमानों पर नमक भाप नहीं बनता, इसलिए पूरा नमक पीछे रहता है।
नमक का प्रतिशत क्यों बढ़ता है?
100 g समुद्री पानी लो, जिसमें 3.5 g नमक है। अगर 50 g पानी उड़ जाए तो 50 g घोल बचता है, पर नमक अब भी 3.5 g है। अब प्रतिशत = 3.5 ÷ 50 × 100 = 7%। नमक बढ़ा नहीं; पानी घटा है।
26% पर घोल भर जाता है। 100 g समुद्री पानी से वहाँ पहुँचने के लिए लगभग 86.5 g पानी उड़ना चाहिए। उसके बाद जितना और पानी उड़ता है, कुछ नमक क्रिस्टल बनता जाता है।
कच्चे नमक की सफ़ाई
क्यारी या चट्टान से मिले कच्चे नमक में मिट्टी, रेत और दूसरे लवण होते हैं। साफ़ करने के लिए:
- उसे पानी में घोलो।
- घोल को छानो। रेत और मिट्टी फ़िल्टर कागज़ पर रह जाती है।
- पानी को धीरे-धीरे वाष्पित करो। शुद्ध नमक के क्रिस्टल बनते हैं।
मैग्नीशियम के कुछ लवण साधारण नमक से ज़्यादा आसानी से घुलते हैं। वे बचे हुए द्रव में रह जाते हैं, जिसे बिटर्न (कड़वा द्रव) कहते हैं। उससे मैग्नीशियम और दूसरे रसायन निकालते हैं।
सागर के दूसरे संसाधन
सागर सिर्फ़ नमक नहीं देता:
- भोजन: मछली, झींगे और समुद्री शैवाल।
- खनिज: मैग्नीशियम, ब्रोमीन और रेत; नमक से धावन सोडा, कॉस्टिक सोडा और क्लोरीन बनते हैं।
- ऊर्जा: समुद्र तल के नीचे तेल और गैस, और ज्वार, लहरों व समुद्री पवन से साफ़ बिजली।
- मीठा पानी: समुद्री पानी से नमक हटाने (विलवणीकरण) से वहाँ पीने का पानी मिलता है जहाँ नदियाँ कम हैं।
सोच-समझकर उपयोग: उतनी ही मछली पकड़ो जितनी फिर बढ़ सके, प्लास्टिक और तेल को समुद्र में जाने से रोको, और विलवणीकरण का गाढ़ा खारा पानी धीरे-धीरे लौटाओ ताकि समुद्री जीवों को नुकसान न हो।
खुद करके देखो: घर पर नमक का पानी सुखाना
एक कप गुनगुने पानी में 3 चम्मच नमक घोलो। एक चपटी थाली में पतली परत डालकर धूप वाली सुरक्षित जगह पर रखो। एक-दो दिन में देखो कि पानी का स्तर घटता है और किनारे पर सफ़ेद क्रिस्टल बनते हैं। 3D में पहले प्रतिशत का अनुमान लगाओ, फिर स्लाइडर से जाँचो। प्रयोगशाला की कोई चीज़ कभी चखो मत।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- समुद्री पानी: लगभग 3.5 g नमक प्रति 100 g
- ब्राइन में नमक (%) = नमक का द्रव्यमान ÷ घोल का द्रव्यमान × 100
- लगभग 26% पर नमक क्रिस्टल बनने लगता है (संतृप्त घोल)
- शुद्ध करने के चरण: घोलो, छानो, वाष्पित करो
हल किए गए उदाहरण
1. 1000 g समुद्री पानी में 3.5% नमक है। उसमें कितना नमक है?
नमक = 1000 × 3.5 ÷ 100 = 35 g।
2. 100 g समुद्री पानी से 50 g पानी वाष्पित हो गया। अब नमक का प्रतिशत क्या है?
नमक अब भी 3.5 g है। घोल 50 g का है। प्रतिशत = 3.5 ÷ 50 × 100 = 7%।
3. एक क्यारी में 2000 kg समुद्री पानी भरा है। उससे ज़्यादा से ज़्यादा कितना नमक मिल सकता है?
नमक = 2000 × 3.5 ÷ 100 = 70 kg (असल में थोड़ा कम, क्योंकि दूसरे लवण बिटर्न में रह जाते हैं)।
4. गहरी टंकी से उथली क्यारी बेहतर क्यों है?
वाष्पन सतह पर होता है। उतने ही आयतन पर उथली क्यारी की सतह बड़ी होती है, इसलिए पानी जल्दी सूखता है।
5. 100 g समुद्री पानी का घोल 26% तक पहुँचाने के लिए कितना पानी उड़ना चाहिए?
26% पर घोल का द्रव्यमान = 3.5 ÷ 0.26 = 13.5 g। उड़ा पानी = 100 − 13.5 = 86.5 g।
6. 20 टन समुद्री पानी से 600 kg नमक मिला। नमक का कितना हिस्सा मिल पाया?
मौजूद नमक = 20000 × 3.5 ÷ 100 = 700 kg। मिला हुआ हिस्सा = 600 ÷ 700 × 100 = 85.7%।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि नमक भी पानी के साथ उड़ जाता है। सिर्फ़ पानी उड़ता है; नमक पीछे रहता है।
- यह सोचना कि पानी उड़ने पर नमक बढ़ता है। नमक की मात्रा वही रहती है; उसका प्रतिशत बढ़ता है।
- यह भूल जाना कि क्रिस्टल तभी बनते हैं जब घोल संतृप्त हो, यानी अंत के पास।
- यह सोचना कि छानने से घुला नमक पानी से अलग हो जाता है। घुला नमक फ़िल्टर से निकल जाता है; इसके लिए वाष्पन चाहिए।