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प्रयोग: कच्चे नमक की शुद्धि और सल्फ़र यौगिकों का रूपांतरण

कच्चे नमक में Ca²⁺, Mg²⁺ और SO₄²⁻ अशुद्धियाँ होती हैं। हम इन्हें अवक्षेपण से हटाते हैं: BaCl₂ सल्फ़ेट को BaSO₄ बनाकर, NaOH मैग्नीशियम को Mg(OH)₂ बनाकर, और Na₂CO₃ कैल्शियम (और बचे बेरियम) को कार्बोनेट बनाकर निकाल देता है। फिर छानते हैं, बचे OH⁻ और CO₃²⁻ को तनु HCl से उदासीन करते हैं और वाष्पीकरण से शुद्ध NaCl के रवे पाते हैं। दूसरे भाग में हम सल्फ़र को −2 (H₂S), 0 (S), +4 (SO₂) और +6 (H₂SO₄) ऑक्सीकरण संख्याओं के बीच बदलते देखते हैं: ऊपर जाना उपचयन है, नीचे जाना अपचयन।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. कच्चे नमक के पानी में तीन अनचाहे आयन हैं: सल्फ़ेट, मैग्नीशियम और कैल्शियम। हमें Na⁺ और Cl⁻ चाहिए।
  2. BaCl₂ डालो। सल्फ़ेट और बेरियम मिलकर सफ़ेद BaSO₄ बनाते हैं जो नीचे बैठ जाता है। पीले सल्फ़ेट बिंदु ग़ायब।
  3. NaOH डालो: मैग्नीशियम Mg(OH)₂ बनकर निकलता है। Na₂CO₃ डालो: कैल्शियम CaCO₃ बनकर निकलता है, और बचा बेरियम भी।
  4. ठोस छान लो, उदासीन होने तक तनु HCl डालो, फिर द्रव गरम करके शुद्ध नमक के रवे पाओ।
  5. भाग दो: सल्फ़र सीढ़ी पर। H₂S में −2, S में 0, SO₂ में +4, H₂SO₄ में +6। ऊपर उपचयन, नीचे अपचयन।
  6. करके देखो: अभिकर्मक किसी भी क्रम में डालो और देखो कौन-से आयन बचे। सही क्रम खोजो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

Na⁺ और Cl⁻ क्यों नहीं हटाए जाते?

यही तो वह नमक है जो हमें चाहिए। हमारे किसी अभिकर्मक से इनका न घुलने वाला ठोस नहीं बनता।

BaCl₂ ज़रूरत से थोड़ा ज़्यादा क्यों डालते हैं?

ताकि सारा सल्फ़ेट निकल जाए। बचे थोड़े बेरियम आयनों को बाद में सोडियम कार्बोनेट साफ़ कर देता है।

Na₂CO₃ को BaCl₂ के बाद क्यों डालते हैं?

वह कैल्शियम के साथ बचे बेरियम को भी हटाता है। अगर पहले डाला तो बाद में डाला बेरियम नमक में रह जाएगा।

HCl आख़िर में क्यों, पहले क्यों नहीं?

HCl कार्बोनेट और हाइड्रॉक्साइड के ठोस को फिर घोल देता। छानने के बाद डालने से सिर्फ़ बचे OH⁻ और CO₃²⁻ हटते हैं।

ऑक्सीकरण संख्या क्या बताती है?

परमाणु ने कितने इलेक्ट्रॉन खोए (धन) या पाए (ऋण) हैं। सीढ़ी पर बढ़ना उपचयन और घटना अपचयन है।

अगर अभिकर्मक ग़लत क्रम में डालूँ तो क्या होगा?

'करके देखो' में आज़माओ। जो अशुद्धि बचती है (अक्सर बेरियम) उसका लेबल लाल हो जाता है।

कच्चे नमक में क्या है, और योजना

समुद्री पानी सुखाकर या सेंधा नमक से बना नमक कच्चा नमक कहलाता है। NaCl के अलावा इसमें Ca²⁺, Mg²⁺ और SO₄²⁻ और कुछ रेत-मिट्टी होती है।

योजना रासायनिक अवक्षेपण है: ऐसा अभिकर्मक डालो जिसका आयन अनचाहे आयन से मिलकर न घुलने वाला ठोस (अवक्षेप) बना दे। फिर उसे छान दो।

  1. पहले कच्चे नमक को पानी में घोलो और रेत-मिट्टी छान दो।
  2. फिर सही क्रम में अभिकर्मक डालकर हर अनचाहा आयन हटाओ।
  3. छानो, उदासीन करो और वाष्पित करो।

सल्फ़ेट, मैग्नीशियम और कैल्शियम हटाना

डालोहटाता हैबना ठोस (सफ़ेद)
BaCl₂ (ज़रूरत से थोड़ा ज़्यादा)SO₄²⁻BaSO₄
NaOHMg²⁺Mg(OH)₂
Na₂CO₃Ca²⁺ और बचा Ba²⁺CaCO₃ और BaCO₃

आयनिक समीकरण: Ba²⁺ + SO₄²⁻ → BaSO₄, Mg²⁺ + 2OH⁻ → Mg(OH)₂, Ca²⁺ + CO₃²⁻ → CaCO₃।

यह क्रम क्यों? Na₂CO₃ को BaCl₂ के बाद आना है। अगर Ba²⁺ आख़िर में डाला तो बचे हुए Ba²⁺ को हटाने वाला कुछ नहीं बचता और वह नमक में रह जाता है। बेरियम आयन ज़हरीले होते हैं, इसलिए यह ज़रूरी है।

छानना, उदासीन करना और रवे बनाना

सारे ठोस बन जाने पर एक बार छानो। छना द्रव (निस्यंद) में हमारे अभिकर्मकों का थोड़ा OH⁻ और CO₃²⁻ बचा है। तनु HCl बूँद-बूँद डालो जब तक द्रव ठीक उदासीन न हो जाए: OH⁻ + H⁺ → H₂O और CO₃²⁻ + 2H⁺ → H₂O + CO₂ (छोटे बुलबुले दिखते हैं)। HCl सिर्फ़ Cl⁻ और H⁺ जोड़ता है, जो नुक़सान नहीं करते।

अंत में द्रव को वाष्पन-प्याली में तब तक गरम करो जब तक रवे बनने न लगें, फिर ठंडा होने दो। पूरा सुखाओ मत, नहीं तो छींटे उड़ते हैं। सफ़ेद रवे शुद्ध NaCl हैं।

जाँच: थोड़ा उत्पाद घोलकर BaCl₂ और Na₂CO₃ डालो। सफ़ेद धुँधलापन न आए तो आयन हट चुके हैं।

भाग दो: सल्फ़र की ऑक्सीकरण संख्या बदलना

ऑक्सीकरण संख्या बताती है कि यौगिक में परमाणु ने कितने इलेक्ट्रॉन खोए (धन) या पाए (ऋण) हैं। सल्फ़र की रेंज बहुत चौड़ी है:

पदार्थS की ऑक्सीकरण संख्या
H₂S, हाइड्रोजन सल्फ़ाइड−2
S, सल्फ़र0
SO₂, सल्फ़र डाइऑक्साइड+4
H₂SO₄, सल्फ़्यूरिक अम्ल+6

ऊपर जाना = उपचयन (इलेक्ट्रॉन खोना), नीचे जाना = अपचयन।

सल्फ़र के रूपांतरण जो आप चला सकते हैं

सुरक्षा: SO₂ और H₂S गैसें हानिकारक हैं। ये प्रयोग धूम-कक्ष में, शिक्षक के प्रदर्शन के रूप में या सूक्ष्म-मात्रा में करो।

करके देखो: पहले अनुमान, फिर जाँच

चरण 6 से पहले अनुमान लगाओ: अगर Na₂CO₃ पहले और BaCl₂ आख़िर में डालूँ तो कौन-सा आयन बचेगा? फिर करके देखो। घर पर: एक गिलास पानी में 2 चम्मच मोटा नमक घोलो और बैठने दो। साफ़ हिस्सा साफ़ कपड़े से छानकर निकालो। थोड़ा द्रव स्टील के ढक्कन पर (बड़े की मदद से) गरम करो और रवों को खाने के नमक से मिलाओ। देखो कितनी मिट्टी पीछे रह गई।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. कच्चे नमक के एक घोल में 0.96 g सल्फ़ेट आयन (SO₄²⁻, 96 g/mol) हैं। अधिक BaCl₂ से कितना BaSO₄ (233 g/mol) बनेगा?

सल्फ़ेट के मोल = 0.96 ÷ 96 = 0.01 mol। Ba²⁺ + SO₄²⁻ → BaSO₄ में अनुपात 1 : 1 है, इसलिए 0.01 mol BaSO₄। द्रव्यमान = 0.01 × 233 = 2.33 g।

2. Mg²⁺ को कौन-सा अभिकर्मक हटाता है और ठोस क्या है? आयनिक समीकरण लिखो।

NaOH, Mg²⁺ को हटाता है। ठोस Mg(OH)₂ है। Mg²⁺ + 2OH⁻ → Mg(OH)₂।

3. एक विद्यार्थी ने BaCl₂ से पहले Na₂CO₃ डाल दिया। नमक में कौन-सी अशुद्धि बचेगी और क्यों?

बचा हुआ Ba²⁺ रह जाएगा। बेरियम डालने से पहले कार्बोनेट Ca²⁺ पर ख़र्च हो चुका था, इसलिए अतिरिक्त Ba²⁺ हटाने को कुछ नहीं बचा।

4. SO₂ और H₂SO₄ में सल्फ़र की ऑक्सीकरण संख्या निकालो।

SO₂: S + 2(−2) = 0, इसलिए S = +4। H₂SO₄: 2(+1) + S + 4(−2) = 0, इसलिए S = +6।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सा अभिकर्मक सल्फ़ेट आयनों को सफ़ेद ठोस के रूप में हटाता है?
2. अंत में तनु HCl क्यों डालते हैं?
3. H₂S में सल्फ़र की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?
4. 2H₂S + SO₂ → 3S + 2H₂O में दोनों गैसों से क्या बनता है?
5. उदासीन निस्यंद से शुद्ध नमक के रवे किस चरण में बनते हैं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्चे नमक से कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फ़ेट कैसे हटाते हैं?

सल्फ़ेट के लिए BaCl₂, मैग्नीशियम के लिए NaOH, फिर कैल्शियम और बचे बेरियम के लिए Na₂CO₃ डालो। छानो, तनु HCl से उदासीन करो और वाष्पित करो।

H₂S, S, SO₂ और H₂SO₄ में सल्फ़र की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ क्या हैं?

−2, 0, +4 और +6।

गरम सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल उपचायक क्यों है?

उसका सल्फ़र (+6) ताँबे जैसी धातु से इलेक्ट्रॉन लेकर +4 (SO₂) तक नीचे आ सकता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन高一Ch.5 Important non-metals

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