📘 CodingMarble Learn

प्रयोग: आवर्त और वर्ग में तत्वों के गुणों का रुझान

प्रयोगशाला में हम आवर्ती रुझान अपनी आँखों से देख सकते हैं। आवर्त 3 में सोडियम से क्लोरीन की ओर धातु सक्रियता घटती है (सोडियम पानी में तेज़ बुलबुले देता है, मैग्नीशियम बहुत कम, एल्युमिनियम बिल्कुल नहीं), अधातु सक्रियता बढ़ती है (क्लोरीन सबसे प्रबल है) और ऑक्साइड प्रबल क्षार से प्रबल अम्ल बन जाते हैं। वर्ग 1 में नीचे जाने पर धातुएँ ज़्यादा सक्रिय होती हैं (Li, Na, K)। वर्ग 17 में नीचे जाने पर हैलोजन कम सक्रिय होते हैं, इसलिए क्लोरीन ब्रोमीन और आयोडीन को उनके लवण से निकाल देता है और ब्रोमीन आयोडीन को।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. Na से Cl तक सात तत्व एक पंक्ति (आवर्त 3) में हैं। धातुएँ नीली और अधातुएँ नारंगी हैं।
  2. Na, Mg और Al को पानी में डालो। सोडियम तेज़ बुलबुले देता है, मैग्नीशियम कुछ बुलबुले, एल्युमिनियम कुछ नहीं।
  3. पूरी पंक्ति देखो: नीली पट्टियाँ (धातु सक्रियता) घटती हैं, नारंगी पट्टियाँ (अधातु सक्रियता) बढ़ती हैं।
  4. वर्ग 1 में नीचे जाओ: लिथियम धीमा, सोडियम तेज़, पोटैशियम बहुत तेज़।
  5. वर्ग 17 में नीचे जाओ: क्लोरीन ब्रोमीन और आयोडीन को उनके लवण से निकालता है, और ब्रोमीन आयोडीन को।
  6. करके देखो: आवर्त 3 का कोई भी तत्व छुओ और उसकी धातु और अधातु पट्टी पढ़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

इसे आवर्त क्यों कहते हैं, वर्ग क्यों नहीं?

आवर्त पंक्ति है और वर्ग स्तंभ। यह प्रयोग पंक्ति में चलता है (चरण 1) और स्तंभों में नीचे जाता है (चरण 4 और 5)।

एल्युमिनियम धातु होकर भी पानी से अभिक्रिया क्यों नहीं करता?

उस पर पतली मज़बूत ऑक्साइड परत होती है और वह Na व Mg से कम सक्रिय भी है। परत हटाकर अम्ल में डालो तो वह अभिक्रिया करता है।

नारंगी पट्टियाँ सिर्फ़ Si से क्यों शुरू होती हैं?

Na, Mg और Al धातुएँ हैं, वे इलेक्ट्रॉन देती हैं। अधातुएँ इलेक्ट्रॉन खींचती हैं, इसलिए नारंगी पट्टी Si से शुरू होकर Cl तक बढ़ती है।

धातु का रुझान आवर्त में घटता और वर्ग में बढ़ता क्यों है?

आवर्त में कोश वही रहते हैं और खिंचाव बढ़ता है। वर्ग में कोश बढ़ते हैं और बाहरी इलेक्ट्रॉन दूर हो जाता है। कारण अलग, दिशा अलग।

ब्रोमीन क्लोरीन को क्यों नहीं निकाल सकता?

ब्रोमीन अधातु के रूप में क्लोरीन से कमज़ोर है। सिर्फ़ प्रबल हैलोजन ही दूसरे की जगह ले सकता है।

क्या पट्टियों से उस तत्व का अनुमान लगा सकते हैं जिसका परीक्षण नहीं किया?

हाँ। 'करके देखो' में अलग-अलग तत्व छुओ और देखो कि पैटर्न कैसे उत्तर बताता है।

प्रयोग क्या पूछता है

आवर्त सारणी एक नक्शे जैसी है। एक आवर्त (पंक्ति) के तत्वों में कोशों की संख्या बराबर होती है। एक वर्ग (स्तंभ) के तत्वों में बाहरी इलेक्ट्रॉन बराबर होते हैं। यह प्रयोग दो बातें जाँचता है:

धातु की सक्रियता यानी वह इलेक्ट्रॉन कितनी आसानी से देती है। अधातु की सक्रियता यानी वह इलेक्ट्रॉन को कितनी ज़ोर से खींचती है।

सुरक्षा: सोडियम और पोटैशियम बहुत छोटे टुकड़ों में, सुरक्षा-कवच के पीछे शिक्षक ही संभालते हैं। चश्मा पहनो। क्लोरीन और ब्रोमीन सिर्फ़ तनु जलीय रूप में, हवादार कमरे में इस्तेमाल करो।

आवर्त 3 में: धातुएँ Na, Mg, Al

Mg और Al की पट्टियों को रेगमाल से साफ़ करो (उन पर ऑक्साइड की पतली परत होती है)। हर धातु का छोटा टुकड़ा पानी में डालो और हाइड्रोजन गैस के बुलबुले देखो।

धातुठंडे पानी मेंसक्रियता
Naतेज़ बुलबुले, गरम गोला पानी पर नाचता हैऊँची
Mgकुछ धीमे बुलबुले (गरम पानी में ज़्यादा)मध्यम
Alकुछ नहीं (ऑक्साइड परत; सिर्फ़ अम्ल या भाप से)कम

क्यों? Na से Al तक नाभिक का आवेश बढ़ता है पर कोश वही रहते हैं। नाभिक बाहरी इलेक्ट्रॉन को ज़्यादा खींचता है, इसलिए धातु उन्हें कम आसानी से देती है।

आवर्त 3 में: अधातुएँ Si, P, S, Cl

अधातुओं के लिए कहानी पलट जाती है। Si से Cl तक बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर खिंचाव बढ़ता है, इसलिए तत्व इलेक्ट्रॉन को ज़्यादा ज़ोर से पकड़ते हैं। इस पंक्ति में क्लोरीन सबसे प्रबल है।

ऑक्साइड क्षार से अम्ल बनते दिखते हैं:

तत्वपानी में उसका ऑक्साइड
Naप्रबल क्षार (NaOH)
Mgदुर्बल क्षार (Mg(OH)₂)
Alदोनों: अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया
Si, Pदुर्बल अम्ल (सिलिसिक, फ़ॉस्फ़ोरिक)
S, Clप्रबल अम्ल (सल्फ़्यूरिक, परक्लोरिक)

नियम: बाएँ से दाएँ धात्विक गुण घटता और अधात्विक गुण बढ़ता है।

वर्ग 1 में नीचे: Li, Na, K

सभी क्षार धातुओं में एक बाहरी इलेक्ट्रॉन होता है। पानी में छोटा टुकड़ा डालो: Li धीरे अभिक्रिया करता है, Na तेज़ी से करता है और पिघल जाता है, K बहुत तेज़ करता है और बैंगनी ज्वाला निकलती है। सूचक से जाँचो: पानी क्षारीय हो जाता है क्योंकि हर धातु हाइड्रॉक्साइड बनाती है।

धातु + पानी → धातु हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन। जैसे: 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂।

क्यों? नीचे जाने पर कोश बढ़ते हैं, बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर होता है और ढीला पकड़ा जाता है। इसलिए वर्ग में नीचे धातु सक्रियता बढ़ती है।

वर्ग 17 में नीचे: हैलोजन विस्थापन परीक्षण

हैलोजन के जल (Cl₂, Br₂) को लवण के विलयन (KCl, KBr, KI) के साथ हिलाओ। प्रबल हैलोजन कमज़ोर हैलोजन की जगह ले लेता है। मुक्त हैलोजन का रंग देखने के लिए थोड़ा हेक्सेन डालो।

मिश्रणक्या दिखामतलब
Cl₂ + KBrनारंगीBr₂ बना: Cl, Br से प्रबल है
Cl₂ + KIभूराI₂ बना: Cl, I से प्रबल है
Br₂ + KIभूराI₂ बना: Br, I से प्रबल है
Br₂ + KClकोई बदलाव नहींBr, Cl को नहीं निकाल सकता

उदाहरण: Cl₂ + 2KBr → 2KCl + Br₂। वर्ग 17 में नीचे अधातु सक्रियता घटती है (Cl > Br > I): बड़े परमाणु अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन को कम ज़ोर से पकड़ते हैं।

करके देखो: पहले अनुमान, फिर जाँच

चरण 6 से पहले अनुमान लगाओ: किस तत्व की धातु पट्टी सबसे ऊँची है और किसकी अधातु पट्टी? फिर उन्हें छुकर देखो। घर पर: लोहे की साफ़ कील, एल्युमिनियम की पन्नी और ताँबे का सिक्का, तीनों को थोड़े नींबू के रस में डालो और एक घंटे बाद बुलबुले देखो। निष्पक्ष परीक्षण रखो: रस की मात्रा, समय और आकार बराबर।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. मैग्नीशियम पानी में धीरे बुलबुले देता है पर सोडियम तेज़। कौन ज़्यादा सक्रिय है और क्यों?

सोडियम ज़्यादा सक्रिय है। उसमें सिर्फ़ 1 बाहरी इलेक्ट्रॉन है और नाभिक का खिंचाव मैग्नीशियम से कम है, इसलिए वह उसे आसानी से देता है।

2. पोटैशियम आयोडाइड में क्लोरीन जल डालने पर मिश्रण भूरा हो गया। समीकरण लिखो और समझाओ।

Cl₂ + 2KI → 2KCl + I₂। क्लोरीन आयोडीन से प्रबल अधातु है, इसलिए वह आयोडीन को लवण से निकाल देता है। भूरा रंग मुक्त आयोडीन का है।

3. Li, Na और K को पानी से अभिक्रिया की गति के क्रम में रखो और कारण दो।

K > Na > Li। वर्ग में नीचे बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर होता है और आसानी से निकल जाता है।

4. क्या ब्रोमीन जल पोटैशियम क्लोराइड से अभिक्रिया करेगा? समझाओ।

नहीं। ब्रोमीन क्लोरीन से कम सक्रिय है, इसलिए KCl से क्लोरीन को नहीं निकाल सकता। कोई बदलाव नहीं होगा।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. इनमें से कौन-सी धातु ठंडे पानी से सबसे तेज़ अभिक्रिया करती है?
2. आवर्त 3 में Na से Cl की ओर धात्विक गुण:
3. कौन-सा हैलोजन पोटैशियम आयोडाइड से आयोडीन को निकाल सकता है, पर पोटैशियम क्लोराइड से क्लोरीन को नहीं?
4. पोटैशियम लिथियम से ज़्यादा तेज़ क्यों अभिक्रिया करता है?
5. आवर्त 3 का कौन-सा ऑक्साइड पानी में प्रबल अम्ल बनाता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आवर्त में अभिक्रियाशीलता कैसे बदलती है?

बाएँ से दाएँ धातुएँ कम अभिक्रियाशील होती हैं और अधातुएँ ज़्यादा। धात्विक गुण घटता है और अधात्विक गुण बढ़ता है।

हैलोजन की विस्थापन अभिक्रिया क्या है?

ज़्यादा अभिक्रियाशील हैलोजन अपने लवण में कम अभिक्रियाशील हैलोजन की जगह ले लेता है, जैसे Cl₂ + 2KBr → 2KCl + Br₂।

क्षार धातुएँ नीचे जाने पर ज़्यादा अभिक्रियाशील क्यों होती हैं?

बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर और ढीला पकड़ा होता है, इसलिए आसानी से निकल जाता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन高一Ch.4 Structure and periodic law

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी रसायन विज्ञान पाठ