प्रयोग क्या पूछता है
आवर्त सारणी एक नक्शे जैसी है। एक आवर्त (पंक्ति) के तत्वों में कोशों की संख्या बराबर होती है। एक वर्ग (स्तंभ) के तत्वों में बाहरी इलेक्ट्रॉन बराबर होते हैं। यह प्रयोग दो बातें जाँचता है:
- आवर्त 3 में बाएँ से दाएँ जाने पर सक्रियता कैसे बदलती है?
- वर्ग 1 और वर्ग 17 में नीचे जाने पर कैसे बदलती है?
धातु की सक्रियता यानी वह इलेक्ट्रॉन कितनी आसानी से देती है। अधातु की सक्रियता यानी वह इलेक्ट्रॉन को कितनी ज़ोर से खींचती है।
सुरक्षा: सोडियम और पोटैशियम बहुत छोटे टुकड़ों में, सुरक्षा-कवच के पीछे शिक्षक ही संभालते हैं। चश्मा पहनो। क्लोरीन और ब्रोमीन सिर्फ़ तनु जलीय रूप में, हवादार कमरे में इस्तेमाल करो।
आवर्त 3 में: धातुएँ Na, Mg, Al
Mg और Al की पट्टियों को रेगमाल से साफ़ करो (उन पर ऑक्साइड की पतली परत होती है)। हर धातु का छोटा टुकड़ा पानी में डालो और हाइड्रोजन गैस के बुलबुले देखो।
| धातु | ठंडे पानी में | सक्रियता |
|---|---|---|
| Na | तेज़ बुलबुले, गरम गोला पानी पर नाचता है | ऊँची |
| Mg | कुछ धीमे बुलबुले (गरम पानी में ज़्यादा) | मध्यम |
| Al | कुछ नहीं (ऑक्साइड परत; सिर्फ़ अम्ल या भाप से) | कम |
क्यों? Na से Al तक नाभिक का आवेश बढ़ता है पर कोश वही रहते हैं। नाभिक बाहरी इलेक्ट्रॉन को ज़्यादा खींचता है, इसलिए धातु उन्हें कम आसानी से देती है।
आवर्त 3 में: अधातुएँ Si, P, S, Cl
अधातुओं के लिए कहानी पलट जाती है। Si से Cl तक बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर खिंचाव बढ़ता है, इसलिए तत्व इलेक्ट्रॉन को ज़्यादा ज़ोर से पकड़ते हैं। इस पंक्ति में क्लोरीन सबसे प्रबल है।
ऑक्साइड क्षार से अम्ल बनते दिखते हैं:
| तत्व | पानी में उसका ऑक्साइड |
|---|---|
| Na | प्रबल क्षार (NaOH) |
| Mg | दुर्बल क्षार (Mg(OH)₂) |
| Al | दोनों: अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया |
| Si, P | दुर्बल अम्ल (सिलिसिक, फ़ॉस्फ़ोरिक) |
| S, Cl | प्रबल अम्ल (सल्फ़्यूरिक, परक्लोरिक) |
नियम: बाएँ से दाएँ धात्विक गुण घटता और अधात्विक गुण बढ़ता है।
वर्ग 1 में नीचे: Li, Na, K
सभी क्षार धातुओं में एक बाहरी इलेक्ट्रॉन होता है। पानी में छोटा टुकड़ा डालो: Li धीरे अभिक्रिया करता है, Na तेज़ी से करता है और पिघल जाता है, K बहुत तेज़ करता है और बैंगनी ज्वाला निकलती है। सूचक से जाँचो: पानी क्षारीय हो जाता है क्योंकि हर धातु हाइड्रॉक्साइड बनाती है।
धातु + पानी → धातु हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन। जैसे: 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂।
क्यों? नीचे जाने पर कोश बढ़ते हैं, बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर होता है और ढीला पकड़ा जाता है। इसलिए वर्ग में नीचे धातु सक्रियता बढ़ती है।
वर्ग 17 में नीचे: हैलोजन विस्थापन परीक्षण
हैलोजन के जल (Cl₂, Br₂) को लवण के विलयन (KCl, KBr, KI) के साथ हिलाओ। प्रबल हैलोजन कमज़ोर हैलोजन की जगह ले लेता है। मुक्त हैलोजन का रंग देखने के लिए थोड़ा हेक्सेन डालो।
| मिश्रण | क्या दिखा | मतलब |
|---|---|---|
| Cl₂ + KBr | नारंगी | Br₂ बना: Cl, Br से प्रबल है |
| Cl₂ + KI | भूरा | I₂ बना: Cl, I से प्रबल है |
| Br₂ + KI | भूरा | I₂ बना: Br, I से प्रबल है |
| Br₂ + KCl | कोई बदलाव नहीं | Br, Cl को नहीं निकाल सकता |
उदाहरण: Cl₂ + 2KBr → 2KCl + Br₂। वर्ग 17 में नीचे अधातु सक्रियता घटती है (Cl > Br > I): बड़े परमाणु अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन को कम ज़ोर से पकड़ते हैं।
करके देखो: पहले अनुमान, फिर जाँच
चरण 6 से पहले अनुमान लगाओ: किस तत्व की धातु पट्टी सबसे ऊँची है और किसकी अधातु पट्टी? फिर उन्हें छुकर देखो। घर पर: लोहे की साफ़ कील, एल्युमिनियम की पन्नी और ताँबे का सिक्का, तीनों को थोड़े नींबू के रस में डालो और एक घंटे बाद बुलबुले देखो। निष्पक्ष परीक्षण रखो: रस की मात्रा, समय और आकार बराबर।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- आवर्त में बाएँ से दाएँ: धात्विक गुण घटता है, अधात्विक गुण बढ़ता है
- वर्ग में नीचे: धातु सक्रियता बढ़ती है (Li < Na < K)
- वर्ग 17 में नीचे: अधातु सक्रियता घटती है (Cl > Br > I)
- 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂
- Cl₂ + 2KBr → 2KCl + Br₂ और Cl₂ + 2KI → 2KCl + I₂ और Br₂ + 2KI → 2KBr + I₂
हल किए गए उदाहरण
1. मैग्नीशियम पानी में धीरे बुलबुले देता है पर सोडियम तेज़। कौन ज़्यादा सक्रिय है और क्यों?
सोडियम ज़्यादा सक्रिय है। उसमें सिर्फ़ 1 बाहरी इलेक्ट्रॉन है और नाभिक का खिंचाव मैग्नीशियम से कम है, इसलिए वह उसे आसानी से देता है।
2. पोटैशियम आयोडाइड में क्लोरीन जल डालने पर मिश्रण भूरा हो गया। समीकरण लिखो और समझाओ।
Cl₂ + 2KI → 2KCl + I₂। क्लोरीन आयोडीन से प्रबल अधातु है, इसलिए वह आयोडीन को लवण से निकाल देता है। भूरा रंग मुक्त आयोडीन का है।
3. Li, Na और K को पानी से अभिक्रिया की गति के क्रम में रखो और कारण दो।
K > Na > Li। वर्ग में नीचे बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर होता है और आसानी से निकल जाता है।
4. क्या ब्रोमीन जल पोटैशियम क्लोराइड से अभिक्रिया करेगा? समझाओ।
नहीं। ब्रोमीन क्लोरीन से कम सक्रिय है, इसलिए KCl से क्लोरीन को नहीं निकाल सकता। कोई बदलाव नहीं होगा।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि सक्रियता हमेशा बाएँ से दाएँ बढ़ती है। धातुओं के लिए घटती है, अधातुओं के लिए बढ़ती है।
- वर्ग के रुझान गड़बड़ाना: वर्ग 1 की धातुएँ नीचे जाने पर ज़्यादा सक्रिय होती हैं, वर्ग 17 की अधातुएँ कम।
- Mg और Al को रेगमाल से साफ़ करना भूल जाना, तब ऑक्साइड परत असली अभिक्रिया छिपा देती है।
- सोडियम या पोटैशियम का बड़ा टुकड़ा लेना। हमेशा चावल के दाने जितना टुकड़ा और सुरक्षा-कवच रखो।