समूह 1: क्षार धातुएँ
समूह 1 में लीथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K), रूबिडियम (Rb) और सीज़ियम (Cs) हैं। इन्हें क्षार धातुएँ कहते हैं क्योंकि पानी से मिलकर ये क्षार (घुलनशील क्षारक) बनाती हैं।
- एक बाहरी इलेक्ट्रॉन: इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns¹ पर खत्म (Na: 2, 8, 1)।
- यह इलेक्ट्रॉन आसानी से खोकर M⁺ आयन बनाती हैं, इसलिए इनके यौगिक आयनिक हैं।
- नरम: सोडियम चाकू से कट जाता है। ताज़ा कटा चमकीला, पर हवा में जल्दी फीका।
- कम घनत्व: Li, Na, K पानी पर तैरते हैं।
समूह में नीचे की ओर
परमाणु का आकार बढ़ता है, बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर और ढीला होता है। आयनन ऊर्जा घटती है और क्रियाशीलता बढ़ती है: Li धीरे, Na तेज़, K आग पकड़ लेता है।
हवा और नमी से बचाने के लिए Na और K को केरोसिन या पैराफिन तेल में रखते हैं।
सोडियम की अभिक्रियाएँ
पानी के साथ
2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑। सोडियम तैरता है, गर्मी से पिघलकर गोली बनता है और भागता है। फिनॉल्फ्थेलिन डालो तो गुलाबी रंग: NaOH क्षार है।
ऑक्सीजन के साथ
- कमरे के ताप पर धीरे: 4Na + O₂ → 2Na₂O (सोडियम ऑक्साइड, सफ़ेद)।
- ज़्यादा हवा में जलाने पर: 2Na + O₂ → Na₂O₂ (सोडियम परॉक्साइड, हल्का पीला)।
Na₂O + H₂O → 2NaOH। परॉक्साइड ऑक्सीजन भी देता है: 2Na₂O₂ + 2H₂O → 4NaOH + O₂↑ और 2Na₂O₂ + 2CO₂ → 2Na₂CO₃ + O₂। इसलिए पनडुब्बियों में ऑक्सीजन के लिए इसका उपयोग हुआ है।
क्लोरीन के साथ
2Na + Cl₂ → 2NaCl (साधारण नमक)।
सोडियम कार्बोनेट और सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट
| Na₂CO₃ (धावन सोडा: Na₂CO₃·10H₂O) | NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) | |
|---|---|---|
| घुलनशीलता | ज़्यादा | कम |
| विलयन | काफी क्षारीय | हल्का क्षारीय |
| गरम करने पर | नहीं टूटता | 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂↑ |
| उपयोग | काँच, साबुन, कठोर जल को मृदु करना | बेकिंग, एंटासिड, अग्निशामक |
पहचान: दोनों को गरम करो और गैस चूने के पानी में डालो। सिर्फ NaHCO₃ से वह दूधिया होता है। Na₂CO₃ + CO₂ + H₂O → 2NaHCO₃।
ज्वाला परीक्षण और पड़ोसी धातुएँ
ज्वाला परीक्षण
साफ़ प्लैटिनम या नाइक्रोम तार को लवण में डुबोकर गरम, लगभग रंगहीन लौ में रखो। गर्मी इलेक्ट्रॉनों को ऊपर उठाती है; लौटते समय वे खास रंग की रोशनी देते हैं।
- Li: लाल · Na: चमकीला पीला · K: बैंगनी (नीले कोबाल्ट काँच से देखो) · Ca: ईंट जैसा लाल · Ba: हल्का हरा · Cu: नीला-हरा।
आतिशबाज़ी के रंग इसी से आते हैं।
समूह 2 और ऐलुमिनियम संक्षेप में
मैग्नीशियम और कैल्शियम के दो बाहरी इलेक्ट्रॉन हैं, M²⁺ आयन बनाते हैं और समूह 1 से कम क्रियाशील हैं। पानी में घुले Ca²⁺ और Mg²⁺ पानी को कठोर बनाते हैं: साबुन झाग नहीं देता। अस्थायी कठोरता उबालकर, स्थायी कठोरता धावन सोडा या आयन-विनिमय से हटती है।
ऐलुमिनियम Al³⁺ बनाता है। उसका ऑक्साइड और हाइड्रॉक्साइड उभयधर्मी हैं: अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं।
शरीर में
Na⁺ और K⁺ तंत्रिका संदेश और पानी का संतुलन संभालते हैं; Ca²⁺ हड्डियाँ और दाँत बनाता है; Mg²⁺ क्लोरोफिल के बीच में होता है। केला और नारियल पानी पोटैशियम से भरपूर हैं।
घर पर करके देखो
गिलास में एक चम्मच बेकिंग सोडा डालो, फिर नींबू का रस या सिरका। CO₂ के बुलबुले देखो। बड़ों के साथ गैस की लौ पर चुटकी भर नमक डालो और पीला रंग देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 2M + 2H₂O → 2MOH + H₂↑ (M = Li, Na, K…)
- 4Na + O₂ → 2Na₂O; 2Na + O₂ → Na₂O₂
- 2Na₂O₂ + 2H₂O → 4NaOH + O₂↑
- 2NaHCO₃ →(ताप) Na₂CO₃ + H₂O + CO₂↑
- लौ के रंग: Li लाल, Na पीला, K बैंगनी, Ca ईंट-लाल, Ba हरा, Cu नीला-हरा
हल किए गए उदाहरण
1. पोटैशियम पानी से सोडियम से ज़्यादा तेज़ क्यों अभिक्रिया करता है?
K में एक कोश ज़्यादा है, बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर और ढीला है। वह आसानी से निकलता है, इसलिए K तेज़ है।
2. 4.6 g सोडियम पानी से पूरा अभिक्रिया करता है। कितनी हाइड्रोजन बनेगी? (Na = 23, H = 1)
2Na → H₂। Na के मोल = 4.6/23 = 0.2, तो H₂ = 0.1 मोल। द्रव्यमान = 0.1 × 2 = 0.2 g।
3. 8.4 g NaHCO₃ पूरा गरम करने पर STP पर कितनी CO₂ बनेगी? (84 g/mol, 22.4 L/mol)
मोल = 0.1, CO₂ = 0.05 मोल, आयतन = 0.05 × 22.4 = 1.12 L।
4. Na₂CO₃ और NaHCO₃ के सफ़ेद चूर्ण कैसे पहचानोगे?
दोनों को गरम करो और गैस चूने के पानी में डालो। NaHCO₃ से CO₂ निकलकर उसे दूधिया करती है; Na₂CO₃ से कोई गैस नहीं।
आम गलतियाँ
- सोडियम + पानी का उत्पाद Na₂O लिखना। सही है NaOH और H₂।
- Na₂O (ऑक्साइड) और Na₂O₂ (परॉक्साइड) को एक समझना।
- कहना कि Na₂CO₃ गरम करने पर CO₂ देता है। सिर्फ NaHCO₃ टूटता है।
- सोचना कि समूह 1 में नीचे क्रियाशीलता घटती है। धातुओं में यह बढ़ती है।