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समूह 2, क्षारीय मृदा धातुएँ: प्रवृत्तियाँ, अभिक्रियाएँ और उपयोग

समूह 2 की धातुओं (Be, Mg, Ca, Sr, Ba) के बाहरी कोश में दो s इलेक्ट्रॉन होते हैं और ये M²⁺ आयन बनाती हैं। समूह में नीचे परमाणु त्रिज्या बढ़ती है, प्रथम आयनन ऊर्जा घटती है और गलनांक सामान्यतः घटता है (Mg अपवाद)। पानी से अभिक्रिया तेज़ होती जाती है: M + 2H₂O → M(OH)₂ + H₂; Mg भाप से MgO + H₂ देता है। हाइड्रॉक्साइड नीचे ज़्यादा घुलनशील, सल्फ़ेट कम; BaSO₄ अघुलनशील। उपयोग: Mg(OH)₂ एंटासिड, Ca(OH)₂ अम्लीय मिट्टी, CaO/CaCO₃ से SO₂ हटाना, BaSO₄ एक्स-रे, BaCl₂ सल्फ़ेट जाँच, Mg से टाइटेनियम।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. मिलिए समूह 2 से: मैग्नीशियम, कैल्शियम, स्ट्रॉन्शियम और बेरियम। हर एक के 2 बाहरी इलेक्ट्रॉन हैं। नीचे जाने पर हर परमाणु में एक कोश बढ़ता है, इसलिए वह बड़ा होता है।
  2. प्रथम आयनन ऊर्जा घटती है। बाहरी इलेक्ट्रॉन दूर है और ज़्यादा परिरक्षित है, इसलिए उसे खींचना आसान है।
  3. गलनांक ज़्यादातर घटता है। बड़े आयन इलेक्ट्रॉन-समुद्र को ढीला पकड़ते हैं। मैग्नीशियम अपवाद है।
  4. अब हर धातु को पानी में डालिए। नीचे जाने पर हाइड्रोजन के बुलबुले तेज़ी से बनते हैं। मैग्नीशियम को तेज़ अभिक्रिया के लिए भाप चाहिए।
  5. घुलनशीलता दो दिशाओं में चलती है। हाइड्रॉक्साइड नीचे ज़्यादा घुलते हैं। सल्फ़ेट कम घुलते हैं। बेरियम सल्फ़ेट लगभग नहीं घुलता।
  6. खुद खेलिए: कोई तत्व चुनिए और उसके आँकड़े, पानी से अभिक्रिया और उपयोग देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

ज़्यादा प्रोटॉन खींचते हैं, फिर भी परमाणु बड़ा क्यों?

हर नए आवर्त में पूरा एक नया कोश बाहर जुड़ता है; यह दूरी ज़्यादा प्रोटॉन से ज़्यादा असर डालती है।

बेरियम मैग्नीशियम से ज़्यादा अभिक्रियाशील क्यों?

उसके बाहरी इलेक्ट्रॉन दूर और ज़्यादा परिरक्षित हैं, इसलिए आसानी से निकलते हैं।

मैग्नीशियम का गलनांक कैल्शियम से कम क्यों?

मैग्नीशियम की क्रिस्टल (संकुलन) संरचना अलग है, जो सरल प्रवृत्ति तोड़ देती है।

मैग्नीशियम को भाप क्यों चाहिए?

ठंडे पानी में Mg(OH)₂ की पतली परत बनती है और अभिक्रिया बहुत धीमी रहती है; भाप ज़्यादा ऊर्जा देकर जल्दी MgO बनाती है।

बेरियम विषैला है, तो मरीज़ BaSO₄ कैसे निगलते हैं?

BaSO₄ अघुलनशील है, इसलिए बेरियम आयन शरीर में नहीं निकलते।

किस हाइड्रॉक्साइड का घोल सबसे क्षारीय?

Ba(OH)₂, क्योंकि वह सबसे ज़्यादा घुलकर सबसे ज़्यादा OH⁻ देता है। खुद खेलिए में Ba चुनिए।

समूह 2 के गुणों की प्रवृत्तियाँ

समूह 2 के सभी परमाणु ns² पर ख़त्म होते हैं और दो इलेक्ट्रॉन खोकर M²⁺ आयन बनाते हैं। समूह में नीचे (Mg → Ba):

पानी से अभिक्रिया

ठंडे पानी से: M(s) + 2H₂O(l) → M(OH)₂ + H₂(g)। नीचे जाने पर अभिक्रिया तेज़ होती है। हाइड्रॉक्साइड आयन बनने से घोल क्षारीय (pH लगभग 10–12) हो जाता है।

ऑक्सीकरण अवस्था: धातु 0 से +2 (ऑक्सीकृत); हाइड्रोजन +1 से 0 (अपचयित)।

हाइड्रॉक्साइड और सल्फ़ेट की घुलनशीलता

सल्फ़ेट आयन की जाँच

अम्लीकृत बेरियम क्लोराइड घोल डालिए। BaSO₄ का सफ़ेद अवक्षेप सल्फ़ेट बताता है: Ba²⁺(aq) + SO₄²⁻(aq) → BaSO₄(s)। पहले अम्ल (HCl या HNO₃) डालते हैं ताकि कार्बोनेट आयन हट जाएँ, क्योंकि BaCO₃ भी सफ़ेद अवक्षेप देता है। सल्फ़्यूरिक अम्ल कभी नहीं, क्योंकि उसमें ख़ुद सल्फ़ेट है।

समूह 2 के यौगिकों के उपयोग

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. समझाइए कि बेरियम की प्रथम आयनन ऊर्जा मैग्नीशियम से कम क्यों है।

बेरियम का बाहरी इलेक्ट्रॉन 6s कोश में है, जो Mg के 3s से बहुत दूर है, और ज़्यादा भीतरी कोश उसे परिरक्षित करते हैं। इसलिए नाभिक का आकर्षण कम है और उसे हटाने में कम ऊर्जा लगती है, भले ही प्रोटॉन ज़्यादा हों।

2. कैल्शियम और पानी की अभिक्रिया का समीकरण अवस्था-चिह्नों सहित लिखिए और ऑक्सीकरण अवस्था का बदलाव बताइए।

Ca(s) + 2H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + H₂(g)। Ca: 0 → +2 (ऑक्सीकृत)। H: +1 → 0 (अपचयित)।

3. 0.48 g Mg भाप से पूरी अभिक्रिया करे तो कितने मोल H₂ बनेंगे? (Mg = 24.3)

n(Mg) = 0.48 ÷ 24.3 ≈ 0.0198 mol। Mg : H₂ = 1 : 1, इसलिए n(H₂) ≈ 0.0198 mol।

4. सल्फ़ेट जाँच में बेरियम क्लोराइड को अम्लीकृत क्यों करते हैं?

कार्बोनेट आयन भी सफ़ेद अवक्षेप (BaCO₃) देते हैं। पहले HCl डालने से कार्बोनेट CO₂ बनकर निकल जाता है, फिर सिर्फ़ सल्फ़ेट सफ़ेद अवक्षेप देता है।

5. Ba²⁺ विषैला है, फिर भी BaSO₄ एक्स-रे मील में सुरक्षित क्यों?

BaSO₄ अघुलनशील है, इसलिए लगभग कोई Ba²⁺ घुलकर रक्त में नहीं जाता। यह आंत से गुज़रते हुए एक्स-रे रोकता है और आंत का आकार दिखाता है।

6. 6.4 kg SO₂ हटाने के लिए कितना CaO चाहिए? (CaO = 56.1, SO₂ = 64.1)

n(SO₂) = 6400 ÷ 64.1 ≈ 99.8 mol। 1 : 1 अनुपात, इसलिए CaO = 99.8 × 56.1 ≈ 5600 g = 5.6 kg।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. समूह 2 में नीचे परमाणु त्रिज्या:
2. कौन-सा हाइड्रॉक्साइड सबसे ज़्यादा घुलनशील है?
3. कौन-सा सल्फ़ेट सबसे कम घुलनशील है?
4. मैग्नीशियम और भाप से बनता है:
5. अम्लीय मिट्टी उदासीन करने के लिए कौन-सा यौगिक?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समूह 2 की धातुओं को क्षारीय मृदा धातुएँ क्यों कहते हैं?

इनके ऑक्साइड और हाइड्रॉक्साइड क्षारीय हैं, और इनके यौगिक पहले चूने जैसे 'मृदा' (खनिजों) में मिलते थे।

समूह 2 में अभिक्रियाशीलता की प्रवृत्ति क्या है?

नीचे बढ़ती है, क्योंकि बाहरी इलेक्ट्रॉन आसानी से निकलते हैं।

हाइड्रॉक्साइड और सल्फ़ेट की घुलनशीलता की प्रवृत्ति?

हाइड्रॉक्साइड नीचे ज़्यादा घुलनशील; सल्फ़ेट नीचे कम घुलनशील।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इंग्लैंडYear 123.2 Inorganic chemistry

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