s और p ब्लॉक कहाँ हैं? (विन्यास)
तत्वों को ब्लॉक में इस आधार पर रखते हैं कि आखिरी इलेक्ट्रॉन किस कक्षक में जाता है।
- s-ब्लॉक: समूह 1 (क्षार धातुएँ, ns¹) और समूह 2 (क्षारीय मृदा धातुएँ, ns²)। सभी क्रियाशील धातुएँ (हाइड्रोजन विशेष है)।
- p-ब्लॉक: समूह 13 से 18, बाहरी विन्यास ns² np¹ से ns² np⁶। इसमें धातुएँ (Al, Sn, Pb), उपधातुएँ (B, Si, Ge, As) और अधातुएँ (C, N, O, F, उत्कृष्ट गैसें) हैं।
दोनों मिलकर प्रतिनिधि या मुख्य समूह तत्व हैं। उदाहरण: सोडियम (Z = 11) [Ne] 3s¹; क्लोरीन (Z = 17) [Ne] 3s² 3p⁵।
परमाणु और आयनिक त्रिज्या
समूह में नीचे त्रिज्या बढ़ती है: हर नए आवर्त में एक कोश जुड़ता है और भीतरी इलेक्ट्रॉन बाहरी को नाभिक से परिरक्षित (शील्ड) करते हैं।
आवर्त में आगे त्रिज्या घटती है: इलेक्ट्रॉन उसी कोश में जुड़ते हैं, पर नाभिकीय आवेश बढ़ता है, तो वे अंदर खिंचते हैं।
धनायन अपने परमाणु से छोटा (Na⁺ < Na); ऋणायन अपने परमाणु से बड़ा (Cl⁻ > Cl)। समूह 13 में Ga लगभग Al जितना है, क्योंकि 3d इलेक्ट्रॉन ठीक से परिरक्षण नहीं करते।
आयनन एन्थैल्पी और जलयोजन एन्थैल्पी
आयनन एन्थैल्पी
गैसीय परमाणु से सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन हटाने की ऊर्जा। यह समूह में नीचे घटती है (बड़ा परमाणु, ज़्यादा परिरक्षण) और आवर्त में आगे बढ़ती है। समूह 1 की धातुओं के मान सबसे कम हैं, इसलिए वे प्रबल अपचायक हैं। आवर्त में छोटी गिरावटें: B < Be (2p इलेक्ट्रॉन आसानी से हटता) और O < N (2p में जोड़ी का प्रतिकर्षण)।
जलयोजन एन्थैल्पी
आयन घुलने पर पानी के अणु उसे घेरते हैं और ऊर्जा निकलती है। आयन जितना छोटा और आवेश जितना ज़्यादा, ऊर्जा उतनी ज़्यादा: Li⁺ > Na⁺ > K⁺ > Rb⁺ > Cs⁺, और Be²⁺ > Mg²⁺ > Ca²⁺ > Sr²⁺ > Ba²⁺। समूह 2 के (2+) आयन समूह 1 से कहीं ज़्यादा जलयोजित होते हैं। इसीलिए लिथियम लवण अक्सर जलयोजित होते हैं (LiCl·2H₂O) और ऊँची आयनन एन्थैल्पी के बावजूद पानी में लिथियम बहुत प्रबल अपचायक है।
समूह और आवर्त प्रवृत्तियाँ एक नज़र में
- धात्विक गुण: समूह में नीचे बढ़ता, आवर्त में आगे घटता।
- विद्युत ऋणात्मकता: समूह में नीचे घटती, आवर्त में आगे बढ़ती (F सबसे ज़्यादा)।
- ऑक्साइड: s-ब्लॉक के ऑक्साइड क्षारीय; p-ब्लॉक में आगे उभयधर्मी (Al₂O₃) फिर अम्लीय (SO₃, Cl₂O₇)।
- अक्रिय युग्म प्रभाव: भारी p-ब्लॉक तत्वों में ns² जोड़ी अभिक्रिया से बचती है, इसलिए समूह में नीचे कम ऑक्सीकरण अवस्था ज़्यादा स्थायी (Tl⁺, Pb²⁺, Bi³⁺)।
पहला तत्व अलग क्यों? (असामान्य व्यवहार)
Li, Be, B, C, N, O और F अपने समूह से अलग हैं क्योंकि ये बहुत छोटे हैं, इनकी विद्युत ऋणात्मकता और आवेश घनत्व ऊँचे हैं, और संयोजकता कोश में d कक्षक नहीं (अधिकतम सहसंयोजकता 4)।
- Li सामान्य ऑक्साइड Li₂O और नाइट्राइड Li₃N बनाता है, Mg की तरह; इसका कार्बोनेट गरम करने पर टूटता है।
- Be के यौगिक सहसंयोजी; BeO उभयधर्मी, Al₂O₃ जैसा।
- C, N, O मज़बूत pπ–pπ बहुबंध बनाते हैं (C=C, N≡N, O=O); भारी सदस्य ऐसा अच्छी तरह नहीं करते।
- N, NCl₅ नहीं बनाता पर P, PCl₅ बनाता है (P के पास d कक्षक हैं)।
विकर्ण संबंध: Li–Mg, Be–Al, B–Si एक जैसे हैं, क्योंकि दाएँ जाने पर आवेश घनत्व बढ़ता है और नीचे जाने पर घटता है; दोनों असर लगभग कट जाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- s-ब्लॉक बाहरी विन्यास: ns¹ (समूह 1), ns² (समूह 2)
- p-ब्लॉक बाहरी विन्यास: ns² np¹ से ns² np⁶ (समूह 13–18)
- p-ब्लॉक का समूह क्रमांक = 10 + बाहरी इलेक्ट्रॉन
- त्रिज्या: समूह में नीचे बढ़ती, आवर्त में आगे घटती
- आयनन एन्थैल्पी: समूह में नीचे घटती, आवर्त में आगे बढ़ती
- जलयोजन एन्थैल्पी: छोटे, ज़्यादा आवेशित आयन के लिए बड़ी
- विकर्ण जोड़े: Li–Mg, Be–Al, B–Si
हल किए गए उदाहरण
1. पोटैशियम (Z = 19) का बाहरी विन्यास और ब्लॉक लिखिए।
K: [Ar] 4s¹। आखिरी इलेक्ट्रॉन s कक्षक में → s-ब्लॉक, समूह 1, आवर्त 4।
2. किसी तत्व का बाहरी विन्यास 3s² 3p³ है। समूह, आवर्त, ब्लॉक?
n = 3 → आवर्त 3। इलेक्ट्रॉन p में → p-ब्लॉक। बाहरी इलेक्ट्रॉन 5, समूह = 10 + 5 = 15। यह फॉस्फोरस है।
3. Na, Mg, K को बढ़ती परमाणु त्रिज्या के क्रम में लगाइए।
Mg उसी आवर्त में Na के दाएँ (छोटा)। K, Na के नीचे (बड़ा)। Mg < Na < K।
4. Mg की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (738) Al (578 kJ/mol) से ज़्यादा क्यों?
Al एक 3p इलेक्ट्रॉन खोता है, जो ऊँची ऊर्जा का है और 3s जोड़ी से परिरक्षित है। Mg को भरे हुए 3s उपकोश से इलेक्ट्रॉन निकालना पड़ता है, जो कठिन है।
5. Na⁺ या Mg²⁺, किसकी जलयोजन एन्थैल्पी ज़्यादा? क्यों?
Mg²⁺। यह छोटा है (72 pm बनाम 102 pm) और दोगुना आवेश रखता है, इसलिए पानी के अणुओं को ज़्यादा खींचता है।
6. लिथियम बाकी क्षार धातुओं से अलग क्यों है, दो कारण दें; और Mg से एक समानता बताइए।
कारण: बहुत छोटा परमाणु और आयन; ऊँचा आवेश घनत्व (ध्रुवण क्षमता)। समानता: दोनों N₂ से सीधे नाइट्राइड बनाते हैं (Li₃N, Mg₃N₂), और दोनों के कार्बोनेट गरम करने पर टूटते हैं।
आम गलतियाँ
- सोचना कि आवर्त में आयनन एन्थैल्पी बिना रुके बढ़ती है। समूह 13 (B < Be) और समूह 16 (O < N) पर गिरावट है।
- कहना कि Li सबसे कमज़ोर अपचायक है क्योंकि उसकी आयनन एन्थैल्पी सबसे ज़्यादा है। पानी में उसकी भारी जलयोजन एन्थैल्पी उसे बहुत प्रबल अपचायक बनाती है।
- हीलियम (1s²) को s-ब्लॉक मान लेना, जबकि उत्कृष्ट गैस होने से उसे समूह 18 में रखा जाता है।
- p-ब्लॉक का समूह क्रमांक = 10 + बाहरी इलेक्ट्रॉन; केवल बाहरी इलेक्ट्रॉन की संख्या नहीं।