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गुणधर्मों में आवर्ती प्रवृत्तियाँ

लगभग हर प्रवृत्ति दो बातों से तय होती है: नाभिक का खिंचाव (प्रभावी नाभिकीय आवेश) और बाहरी कोश की दूरी। आवर्त में बाएँ से दाएँ खिंचाव बढ़ता है पर कोश वही रहता है, इसलिए परमाणु छोटे होते हैं, आयनन एन्थैल्पी बढ़ती है, इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होती है और विद्युतऋणात्मकता बढ़ती है। वर्ग में नीचे नया कोश जुड़ता है, इसलिए परमाणु बड़े और ये मान कम होते हैं। धनायन छोटा, ऋणायन बड़ा। संयोजकता बाहरी इलेक्ट्रॉनों से आती है; धातु-क्रियाशीलता नीचे-बाएँ और अधातु-क्रियाशीलता ऊपर-दाएँ सबसे ज़्यादा।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. बड़ी गेंद = बड़ा परमाणु। बाएँ से दाएँ परमाणु छोटे होते हैं: कोश वही, पर नाभिक ज़्यादा ज़ोर से खींचता है। ऊपर से नीचे बड़े होते हैं: नया कोश जुड़ता है।
  2. देखिए Na एक इलेक्ट्रॉन खोता है: Na⁺ 186 से 102 pm रह जाता है। Cl एक इलेक्ट्रॉन लेता है: Cl⁻ 99 से 181 pm हो जाता है। धनायन छोटा, ऋणायन बड़ा।
  3. मीनार की ऊँचाई = आयनन एन्थैल्पी, सबसे ढीला इलेक्ट्रॉन निकालने की ऊर्जा। दाएँ बढ़ती, नीचे घटती है। देखिए B, Be से नीचा और O, N से नीचा है।
  4. मीनार की ऊँचाई = इलेक्ट्रॉन जुड़ने पर निकली ऊर्जा (अधिक ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी)। हैलोजन सबसे ऊँचे। Cl, F से भी आगे!
  5. मीनार की ऊँचाई = विद्युतऋणात्मकता, बंध में साझा इलेक्ट्रॉनों को खींचने की ताक़त। F सबसे आगे, 4.0। दाएँ बढ़ती, नीचे घटती है।
  6. आपकी बारी: कोई गुण और तत्व चुनें। नीचे संयोजकता, क्रियाशीलता और ऑक्साइड का प्रकार दिखेगा। Na और Cl, फिर Li और K की तुलना करें।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

आवर्त में प्रोटॉन बढ़ते हैं तो परमाणु बड़े क्यों नहीं होते?

नया इलेक्ट्रॉन उसी कोश में जाता है जिससे आकार लगभग नहीं बढ़ता, पर नया प्रोटॉन पूरे बादल को पास खींचता है। Li से F तक गेंदें छोटी होती देखें।

Cl⁻, Cl से बड़ा पर Na⁺, Na से छोटा क्यों?

इलेक्ट्रॉन जुड़ने से प्रतिकर्षण बढ़ता है और हर इलेक्ट्रॉन पर खिंचाव घटता है, बादल फैलता है। Na का अकेला 3s इलेक्ट्रॉन निकलने से पूरा तीसरा कोश हट जाता है।

बोरॉन की आयनन एन्थैल्पी बेरिलियम से कम क्यों?

बोरॉन का बाहरी इलेक्ट्रॉन 2p में है, ऊँची ऊर्जा और 2s युग्म से परिरक्षित, इसलिए आसानी से निकलता है। Be के पास B की नीची मीनार देखें।

इलेक्ट्रॉन लब्धि मीनारों में उत्कृष्ट गैसें क्यों नहीं दिखतीं?

नया इलेक्ट्रॉन नए, दूर के कोश में जाएगा, इसलिए ऊर्जा देनी पड़ती है: Δ_egH धनात्मक है। वे स्लेटी ठूँठ जैसी दिखती हैं।

क्या विद्युतऋणात्मकता और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी एक ही हैं?

नहीं। Δ_egH अलग परमाणु द्वारा इलेक्ट्रॉन लेने का ऊर्जा परिवर्तन है। विद्युतऋणात्मकता बंध में साझा इलेक्ट्रॉन खींचने की ताक़त है, बिना इकाई। इसीलिए EN में F आगे, Δ_egH में Cl आगे।

सोडियम भी क्रियाशील, क्लोरीन भी, पर आर्गन नहीं — क्यों?

Na आसानी से एक इलेक्ट्रॉन देता है (कम IE), Cl आसानी से एक लेता है (बहुत ऋणात्मक Δ_egH)। आर्गन का अष्टक पूरा है। अंतिम चरण में तीनों चुनकर क्रियाशीलता पढ़ें।

परमाणु त्रिज्या और आयनिक त्रिज्या

परमाणु की कोई पक्की किनारी नहीं होती, इसलिए आकार नाभिकों के बीच की दूरी से लेते हैं।

प्रवृत्ति

आयनिक त्रिज्या

आयनन एन्थैल्पी

आयनन एन्थैल्पी (ΔiH): गैसीय अवस्था के अलग परमाणु से सबसे ढीले बंधे इलेक्ट्रॉन को निकालने में लगी ऊर्जा: X(g) → X⁺(g) + e⁻। इकाई kJ mol⁻¹। यह हमेशा धनात्मक है।

दूसरी आयनन एन्थैल्पी हमेशा पहली से ज़्यादा होती है, क्योंकि इलेक्ट्रॉन धनायन से निकालना पड़ता है।

प्रवृत्ति

दो प्रसिद्ध अपवाद

इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी

इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (ΔegH): गैसीय अलग परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन जुड़ने पर एन्थैल्पी परिवर्तन: X(g) + e⁻ → X⁻(g)। ऊर्जा निकले तो मान ऋणात्मक।

विद्युतऋणात्मकता

विद्युतऋणात्मकता: रासायनिक बंध में किसी परमाणु की साझा इलेक्ट्रॉन-युग्म को अपनी ओर खींचने की क्षमता। यह मापी गई ऊर्जा नहीं है; इसकी कोई इकाई नहीं। पॉलिंग पैमाने पर F = 4.0 (सबसे ज़्यादा), O = 3.5, N = 3.0, Cl = 3.0, C = 2.5, H = 2.1, Na = 0.9, Cs = 0.7।

संयोजकता

संयोजकता किसी तत्व की संयोजन क्षमता है। मुख्य वर्ग के तत्वों में यह प्रायः बाहरी इलेक्ट्रॉनों की संख्या (वर्ग 1, 2, 13, 14) या 8 − बाहरी इलेक्ट्रॉन (वर्ग 15, 16, 17) होती है।

वर्ग12131415161718
बाहरी e⁻12345678
संयोजकता12343, 52, 61, 70, 8

इससे सूत्र बनते हैं: Na (1) + Cl (1) → NaCl; Al (3) + O (2) → Al₂O₃। संक्रमण तत्वों में परिवर्ती संयोजकता होती है।

दूसरे आवर्त का असामान्य व्यवहार और विकर्ण संबंध

Li से F तक के तत्व अपने वर्ग के बाकी तत्वों से अलग हैं: बहुत छोटे, बहुत विद्युतऋणी, और केवल चार संयोजी कक्षक (2s, 2p), इसलिए अधिकतम सहसंयोजकता 4। कुछ तत्व अपने तिरछे नीचे-दाएँ वाले तत्व जैसे हैं: Li–Mg, Be–Al, B–Si। इसे विकर्ण संबंध कहते हैं।

रासायनिक क्रियाशीलता और ऑक्साइड की प्रकृति

आवर्त के दोनों सिरों पर क्रियाशीलता सबसे ज़्यादा और बीच में सबसे कम होती है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. Cl–Cl बंध लंबाई 198 pm है। क्लोरीन की सहसंयोजी त्रिज्या निकालें।

198 ÷ 2 = 99 pm।

2. Mg, Al, Si, Na को बढ़ती परमाणु त्रिज्या के क्रम में लगाएँ।

सब आवर्त 3 में; बाएँ से दाएँ त्रिज्या घटती है। बढ़ता क्रम: Si < Al < Mg < Na।

3. N³⁻, O²⁻, F⁻, Na⁺, Mg²⁺ को घटते आकार में लगाएँ।

सबमें 10 इलेक्ट्रॉन। प्रोटॉन: N 7, O 8, F 9, Na 11, Mg 12। ज़्यादा प्रोटॉन = ज़्यादा खिंचाव = छोटा। N³⁻ > O²⁻ > F⁻ > Na⁺ > Mg²⁺।

4. प्रथम आयनन एन्थैल्पी: Na 496, Mg 737, Al 577 kJ/mol। Al का मान Mg से कम क्यों?

Mg: [Ne] 3s²; Al: [Ne] 3s² 3p¹। Al का 3p इलेक्ट्रॉन ऊँची ऊर्जा का और 3s युग्म से परिरक्षित है, इसलिए आसानी से निकलता है।

5. 0.5 mol गैसीय सोडियम परमाणुओं को आयनित करने में कितनी ऊर्जा लगेगी? (Δ_iH = 496 kJ/mol)

ऊर्जा = 0.5 × 496 = 248 kJ।

6. 2 mol Cl(g) परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन लें तो कितनी ऊर्जा निकलेगी? (Δ_egH = −349 kJ/mol)

2 × (−349) = −698 kJ, यानी 698 kJ ऊर्जा निकलेगी।

7. किसी तत्व की पहली चार आयनन एन्थैल्पी 738, 1451, 7733, 10 540 kJ/mol हैं। वर्ग और संयोजकता बताएँ।

दूसरी (1451) और तीसरी (7733) के बीच बड़ी छलाँग: 2 इलेक्ट्रॉन के बाद भरे भीतरी कोश से निकालना पड़ता है। इसलिए 2 बाहरी इलेक्ट्रॉन → वर्ग 2, संयोजकता 2 (मैग्नीशियम)।

8. Al और S के यौगिक का सूत्र लिखें और बताएँ Al₂O₃ अम्लीय है या क्षारीय।

Al संयोजकता 3; S संयोजकता 8 − 6 = 2। अदला-बदली: Al₂S₃। Al₂O₃ आवर्त के बीच में है, इसलिए उभयधर्मी (HCl और NaOH दोनों से क्रिया)।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सबसे बड़ी परमाणु त्रिज्या किसकी?
2. सबसे ज़्यादा प्रथम आयनन एन्थैल्पी:
3. सबसे ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी:
4. सबसे विद्युतऋणी तत्व:
5. उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-सा है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ग में नीचे आयनन एन्थैल्पी क्यों घटती है?

हर क़दम पर नया कोश जुड़ता है, बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर और भीतरी इलेक्ट्रॉनों से ज़्यादा परिरक्षित होता है, इसलिए आसानी से निकलता है।

समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज़ क्या हैं?

बराबर इलेक्ट्रॉन वाले परमाणु या आयन, जैसे N³⁻, O²⁻, F⁻, Ne, Na⁺, Mg²⁺ (सबमें 10)। इनमें ज़्यादा प्रोटॉन वाला छोटा होता है।

विकर्ण संबंध क्या है?

आवर्त 2 के कुछ तत्व आवर्त 3 के तिरछे दाएँ वाले तत्व जैसे होते हैं: Li–Mg, Be–Al, B–Si, क्योंकि उनका आकार और आवेश/आकार अनुपात मिलता है।

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