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एन्थैल्पी, कैलोरीमिति और हेस का नियम

एन्थैल्पी H = U + pV। स्थिर दाब पर ली या दी गई ऊष्मा ΔH के बराबर होती है; स्थिर आयतन पर ΔU के बराबर। ΔU को बंद बम कैलोरीमीटर में और ΔH को खुले कप कैलोरीमीटर में मापते हैं: q = CΔT या q = mcΔT। गैसों के लिए ΔH = ΔU + Δn_g RT। ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में ΔrH ऋणात्मक, ऊष्माशोषी में धनात्मक; ΔrH° = ΣΔfH°(उत्पाद) − ΣΔfH°(अभिकारक)। हेस का नियम: अभिक्रिया एक चरण में हो या कई में, कुल एन्थैल्पी परिवर्तन एक ही रहता है, इसलिए ऊष्मारासायनिक समीकरणों को बीजगणित की तरह जोड़ सकते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह स्टील का बर्तन पूरी तरह बंद है, इसका आयतन नहीं बदल सकता। अंदर थोड़ा कार्बन जलाते हैं। ऊष्मा पानी को गरम करती है और थर्मामीटर चढ़ता है। स्थिर आयतन पर यह ऊष्मा ΔU है।
  2. यह कप हवा के लिए खुला है, इसलिए दाब वही रहता है। इसमें अम्ल और क्षार मिलाते हैं। पानी गरम हो जाता है। स्थिर दाब पर यह ऊष्मा ΔH है।
  3. अब गैस के अणु गिनो। चार गैस अणु दो बन गए। गैस अणु घटे तो हवा निकाय पर कार्य करती है। इसलिए ΔH और ΔU में Δn_g RT का अंतर होता है।
  4. ऊर्जा के स्तर बनाओ। उत्पाद नीचे हों तो ऊष्मा बाहर निकली: ऊष्माक्षेपी, ΔH ऋणात्मक। उत्पाद ऊपर हों तो ऊष्मा अंदर गई: ऊष्माशोषी, ΔH धनात्मक।
  5. कार्बन से कार्बन डाइऑक्साइड तक एक छलाँग में जाओ, या CO होकर दो छोटी छलाँगों में। कुल गिरावट वही है: −393.5 kJ। यही हेस का नियम है।
  6. अब आपकी बारी। पानी का द्रव्यमान और ताप का बढ़ना बदलो। q = mcΔT और ΔH बदलते देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

बम मोटे स्टील का क्यों होना चाहिए?

जलते समय गरम गैसें बाहर धकेलती हैं, फिर भी आयतन नहीं बदलना चाहिए। मज़बूत बंद पात्र V को स्थिर रखता है, तो ऊष्मा = ΔU।

खुला कप ΔH क्यों देता है, ΔU क्यों नहीं?

कप हवा में खुला है, तो दाब 1 atm पर स्थिर रहता है। स्थिर दाब पर ऊष्मा परिभाषा से ही ΔH है।

Δn_g में केवल गैस के अणु क्यों गिनते हैं?

p–V पद आयतन के बदलाव से आता है। गैसें बहुत आयतन घेरती हैं; ठोस और द्रव लगभग कोई अतिरिक्त जगह नहीं। 4 गैस अणुओं को 2 बनते देखो।

कैसे जानें कि ΔH ऋणात्मक है या धनात्मक?

ऊर्जा आरेख देखो। उत्पाद अभिकारकों से नीचे हों तो ऊर्जा निकली: ΔH < 0 (ऊष्माक्षेपी)।

ΔH के मान संख्याओं की तरह क्यों जोड़ सकते हैं?

H अवस्था फलन है। दोनों रास्ते C + O₂ से शुरू होकर CO₂ पर खत्म होते हैं, तो योग बराबर होना ही है: −110.5 + (−283.0) = −393.5।

कप में ΔT ऋणात्मक हो तो क्या मतलब?

विलयन ठंडा हुआ, यानी अभिक्रिया ने पानी से ऊष्मा ली: ऊष्माशोषी, ΔH धनात्मक। फ्री प्ले में ΔT को शून्य से नीचे करके देखो।

एन्थैल्पी और एन्थैल्पी परिवर्तन

प्रयोगशाला या रसोई की ज़्यादातर अभिक्रियाएँ खुले बर्तनों में, स्थिर (वायुमंडलीय) दाब पर होती हैं। इनके लिए एक नया अवस्था फलन लेते हैं, एन्थैल्पी (enthalpy): H = U + pV।

स्थिर दाब पर प्रथम नियम से q_p = ΔU + pΔV = ΔH। यानी ΔH स्थिर दाब पर ली या दी गई ऊष्मा है। स्थिर आयतन पर ΔV = 0 और q_V = ΔU।

ΔH और ΔU का संबंध

ठोस और द्रव का आयतन लगभग नहीं बदलता, इसलिए उनके लिए ΔH ≈ ΔU। गैसों के लिए pV = nRT, तो ΔH = ΔU + Δn_g RT, जहाँ Δn_g = गैसीय उत्पादों के मोल − गैसीय अभिकारकों के मोल। ΔU kJ में हो तो R = 8.314 × 10⁻³ kJ K⁻¹ mol⁻¹ लो।

विस्तीर्ण और गहन गुण

ऊष्मा धारिता

ऊष्मा धारिता C = ताप 1 K बढ़ाने के लिए ज़रूरी ऊष्मा: q = CΔT। विशिष्ट ऊष्मा c प्रति ग्राम होती है (पानी: 4.18 J g⁻¹ K⁻¹), तो q = mcΔT। मोलर ऊष्मा धारिता प्रति मोल होती है। आदर्श गैस के लिए C_p − C_v = R, क्योंकि स्थिर दाब पर कुछ ऊष्मा प्रसार के कार्य में लग जाती है।

कैलोरीमिति: ΔU और ΔH का मापन

कैलोरीमिति (calorimetry) यानी ऊष्मा मापना। अभिक्रिया ज्ञात द्रव्यमान के पानी में या उसके पास होती है और हम ताप का बदलाव पढ़ते हैं।

बम कैलोरीमीटर से ΔU (स्थिर आयतन)

मज़बूत, बंद स्टील पात्र ('बम') में नमूना और दाब वाली ऑक्सीजन रहती है। यह पानी में डूबा रहता है। बिजली की चिंगारी से जलना शुरू होता है। आयतन नहीं बदल सकता, इसलिए कोई p–V कार्य नहीं और q_V = ΔU। निकली ऊष्मा = C_कैलोरीमीटर × ΔT। अभिक्रिया का चिह्न पानी द्वारा ली गई ऊष्मा के उलटा होता है।

कप कैलोरीमीटर से ΔH (स्थिर दाब)

विलयन में होने वाली अभिक्रियाओं (जैसे अम्ल + क्षार) के लिए हवा में खुला, ऊष्मा-रोधी कप काफ़ी है। दाब वायुमंडलीय रहता है, तो q_p = ΔH। ऊष्मा = विलयन का mcΔT; प्रति मोल ΔH = −q ÷ मोल।

ताप बढ़े तो अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (ΔH < 0)। ताप घटे तो ऊष्माशोषी (ΔH > 0)।

अभिक्रिया एन्थैल्पी, मानक अवस्था और संभवन

अभिक्रिया एन्थैल्पी ΔrH वह एन्थैल्पी परिवर्तन है जब संतुलित समीकरण में दिखाए गए मोल अभिक्रिया करें: ΔrH = ΣH(उत्पाद) − ΣH(अभिकारक)।

मानक एन्थैल्पी

मान परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं, इसलिए तुलना मानक अवस्था में करते हैं: शुद्ध पदार्थ, 1 bar दाब और दिया गया ताप (प्रायः 298 K)। मानक मानों पर ° लगता है: ΔrH°।

ऊष्मारासायनिक समीकरण

अवस्थाओं और ΔrH के साथ संतुलित समीकरण, जैसे CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(l); ΔrH° = −890.3 kJ mol⁻¹। नियम: (1) गुणांक = मोल; (2) समीकरण दोगुना → ΔH दोगुना (यह विस्तीर्ण है); (3) समीकरण उलटा → ΔH का चिह्न उलटा; (4) अवस्था मायने रखती है (H₂O(l) और H₂O(g) के मान अलग)।

मानक संभवन एन्थैल्पी ΔfH°

1 mol यौगिक को उसके तत्वों की सबसे स्थायी (संदर्भ) अवस्थाओं से बनाने में एन्थैल्पी परिवर्तन। संदर्भ अवस्था वाले तत्व (O₂(g), ग्रेफाइट C, H₂(g)) का ΔfH° = 0। तब ΔrH° = Σ ΔfH°(उत्पाद) − Σ ΔfH°(अभिकारक) (गुणांकों से गुणा करके)।

हेस का स्थिर ऊष्मा संकलन नियम

हेस का नियम (Hess's law): कोई अभिक्रिया कई चरणों में हो तो उसका कुल एन्थैल्पी परिवर्तन चरणों के एन्थैल्पी परिवर्तनों का योग होता है। रास्ता मायने नहीं रखता, क्योंकि H अवस्था फलन है।

उदाहरण: C(ग्रेफाइट) + O₂ → CO₂, ΔH = −393.5 kJ। या दो चरणों में: C + ½O₂ → CO (−110.5 kJ), फिर CO + ½O₂ → CO₂ (−283.0 kJ)। योग = −393.5 kJ।

यह काम का क्यों है

कुछ एन्थैल्पी (जैसे CO या CH₄ की ΔfH) सीधे नहीं मापी जा सकतीं। हम ज्ञात ऊष्मारासायनिक समीकरणों को जोड़ते, घटाते, उलटते या गुणा करते हैं जब तक चाहा गया समीकरण न बन जाए, और ΔH के साथ भी वही करते हैं।

परीक्षा में

हेस के नियम के संख्यात्मक (3 अंक), ΔH–ΔU रूपांतरण (2 अंक) और कैलोरीमिति की परिभाषाएँ अक्सर पूछी जाती हैं।

घर पर करके देखो: कप कैलोरीमीटर

थर्मोकोल के कप में एक स्टील का गिलास रखो। 100 mL नल का पानी डालो और उसका ताप नोट करो (रसोई या बुखार वाला थर्मामीटर चलेगा)। दो चम्मच कपड़े धोने का सोडा या थोड़ा डिटर्जेंट घोलो और नया ताप पढ़ो। ताप बढ़ा तो घुलना ऊष्माक्षेपी था। अब q = m c ΔT = 100 × 4.18 × ΔT निकालो। यही संख्याएँ 3D के फ्री प्ले में डालकर देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 250 g पानी को 20 °C से 80 °C तक गरम करने में कितनी ऊष्मा लगेगी?

q = m c ΔT = 250 × 4.18 × (80 − 20) = 250 × 4.18 × 60 = 62 700 J = 62.7 kJ।

2. 20.0 kJ K⁻¹ ऊष्मा धारिता वाले बम कैलोरीमीटर में 1.00 g ग्रेफाइट जलाया गया। ताप 1.64 K बढ़ा। 1 mol कार्बन जलने का ΔU ज्ञात करो।

कैलोरीमीटर ने ली ऊष्मा = 20.0 × 1.64 = 32.8 kJ। यह अभिक्रिया ने दी, तो q = −32.8 kJ प्रति ग्राम। 1 mol C = 12 g: ΔU = −32.8 × 12 = −393.6 kJ mol⁻¹।

3. कप कैलोरीमीटर में 50 mL 1 M HCl और 50 mL 1 M NaOH मिलाए। ताप 6.8 K बढ़ा। उदासीनीकरण एन्थैल्पी ज्ञात करो (100 g विलयन, c = 4.18 J g⁻¹ K⁻¹)।

q = 100 × 4.18 × 6.8 = 2842 J। बने पानी के मोल = 0.050 × 1 = 0.050 mol। ΔH = −2842 ÷ 0.050 = −56 840 J mol⁻¹ ≈ −56.8 kJ mol⁻¹।

4. N₂(g) + 3H₂(g) → 2NH₃(g) के लिए 298 K पर ΔU = −87.0 kJ है। ΔH ज्ञात करो।

Δn_g = 2 − 4 = −2। ΔH = ΔU + Δn_g RT = −87.0 + (−2)(8.314 × 10⁻³)(298) = −87.0 − 4.96 = −91.96 ≈ −92.0 kJ।

5. मेथेन का ΔcH° ज्ञात करो। ΔfH°: CH₄(g) = −74.8, CO₂(g) = −393.5, H₂O(l) = −285.8 kJ mol⁻¹।

CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O(l)। ΔrH° = [−393.5 + 2(−285.8)] − [−74.8 + 0] = −965.1 + 74.8 = −890.3 kJ mol⁻¹।

6. दिया है C + O₂ → CO₂, ΔH = −393.5 kJ और CO + ½O₂ → CO₂, ΔH = −283.0 kJ। CO का ΔfH° ज्ञात करो।

चाहिए: C + ½O₂ → CO। पहला समीकरण वैसा ही लो, दूसरा उलटो: CO₂ → CO + ½O₂, ΔH = +283.0। जोड़ो: C + ½O₂ → CO, ΔH = −393.5 + 283.0 = −110.5 kJ mol⁻¹।

7. हेस के नियम से CH₄ का ΔfH° ज्ञात करो। ΔcH°: C(ग्रेफाइट) = −393.5, H₂(g) = −285.8, CH₄(g) = −890.3 kJ mol⁻¹।

चाहिए: C + 2H₂ → CH₄। (i) C + O₂ → CO₂, −393.5। (ii) 2 × [H₂ + ½O₂ → H₂O], 2 × (−285.8) = −571.6। (iii) CH₄ दहन उलटा: CO₂ + 2H₂O → CH₄ + 2O₂, +890.3। जोड़ो: −393.5 − 571.6 + 890.3 = −74.8 kJ mol⁻¹।

8. एक आदर्श गैस की स्थिर आयतन पर मोलर ऊष्मा धारिता 12.5 J K⁻¹ mol⁻¹ है। C_p और स्थिर दाब पर 2 mol को 10 K गरम करने की ऊष्मा ज्ञात करो।

C_p = C_v + R = 12.5 + 8.3 = 20.8 J K⁻¹ mol⁻¹। q_p = n C_p ΔT = 2 × 20.8 × 10 = 416 J। यही ΔH है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. बम कैलोरीमीटर में मापी गई ऊष्मा बराबर होती है:
2. किस अभिक्रिया के लिए ΔH = ΔU?
3. 298 K पर O₂(g) का ΔfH° है:
4. हेस का नियम इसलिए लागू होता है क्योंकि एन्थैल्पी:
5. इनमें गहन गुण कौन है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एन्थैल्पी आसान शब्दों में क्या है?

एन्थैल्पी (H = U + pV) स्थिर दाब पर निकाय की ऊष्मा-सामग्री है। इसका बदलाव ΔH खुले बर्तन में ली या दी गई ऊष्मा है।

बम कैलोरीमीटर और कप कैलोरीमीटर में क्या अंतर है?

बम कैलोरीमीटर बंद (स्थिर आयतन) होता है और ΔU मापता है, ज़्यादातर दहन के लिए। कप कैलोरीमीटर खुला (स्थिर दाब) होता है और ΔH मापता है, ज़्यादातर विलयन की अभिक्रियाओं के लिए।

हेस का नियम क्या कहता है?

अभिक्रिया एक चरण में हो या कई में, उसका एन्थैल्पी परिवर्तन एक ही रहता है। इसलिए अज्ञात ΔH निकालने के लिए ऊष्मारासायनिक समीकरणों को जोड़ सकते हैं।

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