एन्थैल्पी और एन्थैल्पी परिवर्तन
प्रयोगशाला या रसोई की ज़्यादातर अभिक्रियाएँ खुले बर्तनों में, स्थिर (वायुमंडलीय) दाब पर होती हैं। इनके लिए एक नया अवस्था फलन लेते हैं, एन्थैल्पी (enthalpy): H = U + pV।
स्थिर दाब पर प्रथम नियम से q_p = ΔU + pΔV = ΔH। यानी ΔH स्थिर दाब पर ली या दी गई ऊष्मा है। स्थिर आयतन पर ΔV = 0 और q_V = ΔU।
ΔH और ΔU का संबंध
ठोस और द्रव का आयतन लगभग नहीं बदलता, इसलिए उनके लिए ΔH ≈ ΔU। गैसों के लिए pV = nRT, तो ΔH = ΔU + Δn_g RT, जहाँ Δn_g = गैसीय उत्पादों के मोल − गैसीय अभिकारकों के मोल। ΔU kJ में हो तो R = 8.314 × 10⁻³ kJ K⁻¹ mol⁻¹ लो।
विस्तीर्ण और गहन गुण
- विस्तीर्ण (extensive): पदार्थ की मात्रा पर निर्भर। द्रव्यमान, आयतन, U, H, ऊष्मा धारिता। नमूना दोगुना तो मान दोगुना।
- गहन (intensive): मात्रा पर निर्भर नहीं। ताप, दाब, घनत्व, मोलर ऊष्मा धारिता।
ऊष्मा धारिता
ऊष्मा धारिता C = ताप 1 K बढ़ाने के लिए ज़रूरी ऊष्मा: q = CΔT। विशिष्ट ऊष्मा c प्रति ग्राम होती है (पानी: 4.18 J g⁻¹ K⁻¹), तो q = mcΔT। मोलर ऊष्मा धारिता प्रति मोल होती है। आदर्श गैस के लिए C_p − C_v = R, क्योंकि स्थिर दाब पर कुछ ऊष्मा प्रसार के कार्य में लग जाती है।
कैलोरीमिति: ΔU और ΔH का मापन
कैलोरीमिति (calorimetry) यानी ऊष्मा मापना। अभिक्रिया ज्ञात द्रव्यमान के पानी में या उसके पास होती है और हम ताप का बदलाव पढ़ते हैं।
बम कैलोरीमीटर से ΔU (स्थिर आयतन)
मज़बूत, बंद स्टील पात्र ('बम') में नमूना और दाब वाली ऑक्सीजन रहती है। यह पानी में डूबा रहता है। बिजली की चिंगारी से जलना शुरू होता है। आयतन नहीं बदल सकता, इसलिए कोई p–V कार्य नहीं और q_V = ΔU। निकली ऊष्मा = C_कैलोरीमीटर × ΔT। अभिक्रिया का चिह्न पानी द्वारा ली गई ऊष्मा के उलटा होता है।
कप कैलोरीमीटर से ΔH (स्थिर दाब)
विलयन में होने वाली अभिक्रियाओं (जैसे अम्ल + क्षार) के लिए हवा में खुला, ऊष्मा-रोधी कप काफ़ी है। दाब वायुमंडलीय रहता है, तो q_p = ΔH। ऊष्मा = विलयन का mcΔT; प्रति मोल ΔH = −q ÷ मोल।
ताप बढ़े तो अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (ΔH < 0)। ताप घटे तो ऊष्माशोषी (ΔH > 0)।
अभिक्रिया एन्थैल्पी, मानक अवस्था और संभवन
अभिक्रिया एन्थैल्पी ΔrH वह एन्थैल्पी परिवर्तन है जब संतुलित समीकरण में दिखाए गए मोल अभिक्रिया करें: ΔrH = ΣH(उत्पाद) − ΣH(अभिकारक)।
मानक एन्थैल्पी
मान परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं, इसलिए तुलना मानक अवस्था में करते हैं: शुद्ध पदार्थ, 1 bar दाब और दिया गया ताप (प्रायः 298 K)। मानक मानों पर ° लगता है: ΔrH°।
ऊष्मारासायनिक समीकरण
अवस्थाओं और ΔrH के साथ संतुलित समीकरण, जैसे CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(l); ΔrH° = −890.3 kJ mol⁻¹। नियम: (1) गुणांक = मोल; (2) समीकरण दोगुना → ΔH दोगुना (यह विस्तीर्ण है); (3) समीकरण उलटा → ΔH का चिह्न उलटा; (4) अवस्था मायने रखती है (H₂O(l) और H₂O(g) के मान अलग)।
मानक संभवन एन्थैल्पी ΔfH°
1 mol यौगिक को उसके तत्वों की सबसे स्थायी (संदर्भ) अवस्थाओं से बनाने में एन्थैल्पी परिवर्तन। संदर्भ अवस्था वाले तत्व (O₂(g), ग्रेफाइट C, H₂(g)) का ΔfH° = 0। तब ΔrH° = Σ ΔfH°(उत्पाद) − Σ ΔfH°(अभिकारक) (गुणांकों से गुणा करके)।
हेस का स्थिर ऊष्मा संकलन नियम
हेस का नियम (Hess's law): कोई अभिक्रिया कई चरणों में हो तो उसका कुल एन्थैल्पी परिवर्तन चरणों के एन्थैल्पी परिवर्तनों का योग होता है। रास्ता मायने नहीं रखता, क्योंकि H अवस्था फलन है।
उदाहरण: C(ग्रेफाइट) + O₂ → CO₂, ΔH = −393.5 kJ। या दो चरणों में: C + ½O₂ → CO (−110.5 kJ), फिर CO + ½O₂ → CO₂ (−283.0 kJ)। योग = −393.5 kJ।
यह काम का क्यों है
कुछ एन्थैल्पी (जैसे CO या CH₄ की ΔfH) सीधे नहीं मापी जा सकतीं। हम ज्ञात ऊष्मारासायनिक समीकरणों को जोड़ते, घटाते, उलटते या गुणा करते हैं जब तक चाहा गया समीकरण न बन जाए, और ΔH के साथ भी वही करते हैं।
परीक्षा में
हेस के नियम के संख्यात्मक (3 अंक), ΔH–ΔU रूपांतरण (2 अंक) और कैलोरीमिति की परिभाषाएँ अक्सर पूछी जाती हैं।
घर पर करके देखो: कप कैलोरीमीटर
थर्मोकोल के कप में एक स्टील का गिलास रखो। 100 mL नल का पानी डालो और उसका ताप नोट करो (रसोई या बुखार वाला थर्मामीटर चलेगा)। दो चम्मच कपड़े धोने का सोडा या थोड़ा डिटर्जेंट घोलो और नया ताप पढ़ो। ताप बढ़ा तो घुलना ऊष्माक्षेपी था। अब q = m c ΔT = 100 × 4.18 × ΔT निकालो। यही संख्याएँ 3D के फ्री प्ले में डालकर देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- H = U + pV; स्थिर p पर: ΔH = q_p; स्थिर V पर: ΔU = q_V
- ΔH = ΔU + Δn_g RT (Δn_g = उत्पाद − अभिकारक के गैसीय मोल)
- q = C ΔT = m c ΔT (पानी का c = 4.18 J g⁻¹ K⁻¹)
- C_p − C_v = R (आदर्श गैस, प्रति मोल)
- ΔrH° = Σ ΔfH°(उत्पाद) − Σ ΔfH°(अभिकारक)
- समीकरण उलटा → ΔH का चिह्न उलटा; समीकरण गुणा → ΔH गुणा
- हेस का नियम: ΔH(कुल) = ΔH₁ + ΔH₂ + ΔH₃ + …
हल किए गए उदाहरण
1. 250 g पानी को 20 °C से 80 °C तक गरम करने में कितनी ऊष्मा लगेगी?
q = m c ΔT = 250 × 4.18 × (80 − 20) = 250 × 4.18 × 60 = 62 700 J = 62.7 kJ।
2. 20.0 kJ K⁻¹ ऊष्मा धारिता वाले बम कैलोरीमीटर में 1.00 g ग्रेफाइट जलाया गया। ताप 1.64 K बढ़ा। 1 mol कार्बन जलने का ΔU ज्ञात करो।
कैलोरीमीटर ने ली ऊष्मा = 20.0 × 1.64 = 32.8 kJ। यह अभिक्रिया ने दी, तो q = −32.8 kJ प्रति ग्राम। 1 mol C = 12 g: ΔU = −32.8 × 12 = −393.6 kJ mol⁻¹।
3. कप कैलोरीमीटर में 50 mL 1 M HCl और 50 mL 1 M NaOH मिलाए। ताप 6.8 K बढ़ा। उदासीनीकरण एन्थैल्पी ज्ञात करो (100 g विलयन, c = 4.18 J g⁻¹ K⁻¹)।
q = 100 × 4.18 × 6.8 = 2842 J। बने पानी के मोल = 0.050 × 1 = 0.050 mol। ΔH = −2842 ÷ 0.050 = −56 840 J mol⁻¹ ≈ −56.8 kJ mol⁻¹।
4. N₂(g) + 3H₂(g) → 2NH₃(g) के लिए 298 K पर ΔU = −87.0 kJ है। ΔH ज्ञात करो।
Δn_g = 2 − 4 = −2। ΔH = ΔU + Δn_g RT = −87.0 + (−2)(8.314 × 10⁻³)(298) = −87.0 − 4.96 = −91.96 ≈ −92.0 kJ।
5. मेथेन का ΔcH° ज्ञात करो। ΔfH°: CH₄(g) = −74.8, CO₂(g) = −393.5, H₂O(l) = −285.8 kJ mol⁻¹।
CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O(l)। ΔrH° = [−393.5 + 2(−285.8)] − [−74.8 + 0] = −965.1 + 74.8 = −890.3 kJ mol⁻¹।
6. दिया है C + O₂ → CO₂, ΔH = −393.5 kJ और CO + ½O₂ → CO₂, ΔH = −283.0 kJ। CO का ΔfH° ज्ञात करो।
चाहिए: C + ½O₂ → CO। पहला समीकरण वैसा ही लो, दूसरा उलटो: CO₂ → CO + ½O₂, ΔH = +283.0। जोड़ो: C + ½O₂ → CO, ΔH = −393.5 + 283.0 = −110.5 kJ mol⁻¹।
7. हेस के नियम से CH₄ का ΔfH° ज्ञात करो। ΔcH°: C(ग्रेफाइट) = −393.5, H₂(g) = −285.8, CH₄(g) = −890.3 kJ mol⁻¹।
चाहिए: C + 2H₂ → CH₄। (i) C + O₂ → CO₂, −393.5। (ii) 2 × [H₂ + ½O₂ → H₂O], 2 × (−285.8) = −571.6। (iii) CH₄ दहन उलटा: CO₂ + 2H₂O → CH₄ + 2O₂, +890.3। जोड़ो: −393.5 − 571.6 + 890.3 = −74.8 kJ mol⁻¹।
8. एक आदर्श गैस की स्थिर आयतन पर मोलर ऊष्मा धारिता 12.5 J K⁻¹ mol⁻¹ है। C_p और स्थिर दाब पर 2 mol को 10 K गरम करने की ऊष्मा ज्ञात करो।
C_p = C_v + R = 12.5 + 8.3 = 20.8 J K⁻¹ mol⁻¹। q_p = n C_p ΔT = 2 × 20.8 × 10 = 416 J। यही ΔH है।
आम गलतियाँ
- ΔU kJ में हो और R = 8.314 लगा देना। पहले R को 8.314 × 10⁻³ kJ K⁻¹ mol⁻¹ करो।
- Δn_g में द्रव और ठोस गिन लेना। केवल गैस के मोल गिनो।
- समीकरण उलटने पर भी ΔH का चिह्न वही रखना। समीकरण उलटा, चिह्न उलटा।
- पानी द्वारा ली गई ऊष्मा को ही अभिक्रिया का ΔH मान लेना। पानी ने ऊष्मा ली तो अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है: ΔH = −q/n।