Germany Jahrgangsstufe 12 Chemistry
अध्याय: 8
1. How chemists think and work
Chemistry subject knowledge · Scientific inquiry in chemistry · Communicating chemistry · Evaluating chemistry issues
- वैज्ञानिक विधि – वैज्ञानिक विधि वह सावधान तरीका है जिससे वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि दुनिया कैसे चलती है। कुछ देखो (प्रेक्षण), परखने लायक प्रश्न पूछो, परिकल्पना बनाओ (साफ़, परखने योग्य अनुमान), निष्पक्ष प्रयोग से परखो (एक चर बदलो, एक मापो, बाकी सब एक जैसा), दोहराओ और आँकड़े लिखो, विश्लेषण करो, निष्कर्ष निकालो और साझा करो ताकि दूसरे जाँच सकें। जो नतीजे परिकल्पना से मेल न खाएँ, वे भी काम के हैं: वे नई परिकल्पना की ओर ले जाते हैं।
2. Atomic structure and coordinate bonding
Atomic structure and coordinate bonding
- क्वांटम यांत्रिक मॉडल: क्वांटम संख्याएँ, कक्षक और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास – चलते इलेक्ट्रॉन तरंग जैसे भी हैं: λ = h/mv (दे ब्रॉग्ली)। इसलिए स्थिति और संवेग एक साथ ठीक-ठीक नहीं जान सकते: Δx·Δp ≥ h/4π (हाइज़ेनबर्ग)। इसलिए पक्की कक्षाएँ छोड़कर कक्षक (orbital) लेते हैं: वह जगह जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना ज़्यादा है (श्रोडिंगर समीकरण, ψ² = संभावना)। चार क्वांटम संख्याएँ हर इलेक्ट्रॉन बताती हैं: n (कोश, आकार, ऊर्जा), l (उपकोश, आकृति: 0 से n−1), mₗ (दिशा: −l से +l) और mₛ (चक्रण: +½ या −½)। s गोल, p डम्बल, d ज़्यादातर चार पत्ती जैसा। इलेक्ट्रॉन आउफबाऊ (n + l), पाउली (अधिकतम 2, उल्टे चक्रण) और हुंड (पहले अकेले) नियम से भरते हैं। आधे और पूरे भरे उपकोश ज़्यादा स्थायी, इसलिए Cr = 3d⁵4s¹ और Cu = 3d¹⁰4s¹।
3. Chemical analysis
Chemical analysis and ion tests
- आयनों की पहचान: ज्वाला परीक्षण, हाइड्रॉक्साइड अवक्षेप, ऋणायन जाँच और ज्वाला उत्सर्जन स्पेक्ट्रोस्कोपी – आयनिक यौगिक में एक धनायन (धातु आयन) और एक ऋणायन होता है। दोनों की अलग जाँच होती है। ज्वाला परीक्षण में रंग से धातु पहचानते हैं: लिथियम गहरा लाल, सोडियम पीला, पोटैशियम हल्का बैंगनी, कैल्शियम नारंगी-लाल, कॉपर हरा। सोडियम हाइड्रॉक्साइड से रंगीन अवक्षेप: Cu²⁺ नीला, Fe²⁺ हरा, Fe³⁺ भूरा, Al³⁺, Ca²⁺, Mg²⁺ सफ़ेद (सिर्फ़ Al(OH)₃ अधिक NaOH में घुलता है)। कार्बोनेट अम्ल से बुलबुले देता है और गैस चूने के पानी को दूधिया करती है। हैलाइड + अम्लीय सिल्वर नाइट्रेट: क्लोराइड सफ़ेद, ब्रोमाइड क्रीम, आयोडाइड पीला। सल्फेट + अम्लीय बेरियम क्लोराइड: सफ़ेद अवक्षेप। मशीनें (ज्वाला उत्सर्जन स्पेक्ट्रोस्कोपी) तेज़, संवेदनशील हैं और मात्रा भी बताती हैं।
4. Chemical bonding
Chemical bonding and orbitals
- संयोजकता आबंध सिद्धांत और संकरण – संयोजकता आबंध सिद्धांत कहता है कि सहसंयोजी आबंध तब बनता है जब दो परमाणुओं के अर्धपूरित कक्षक अतिव्यापन करते हैं और दोनों इलेक्ट्रॉन उलटे चक्रण के साथ युग्म बनाते हैं। आमने-सामने अतिव्यापन से मज़बूत σ (सिग्मा) आबंध बनता है; p कक्षकों के बगल से अतिव्यापन से कमज़ोर π (पाई) आबंध। असली आकृतियाँ समझाने के लिए परमाणु पहले अपने कक्षक मिलाकर बराबर संकर कक्षक बनाता है: sp (रैखिक, 180°), sp² (त्रिकोणीय समतलीय, 120°), sp³ (चतुष्फलकीय, 109.5°), sp³d (त्रिकोणीय द्विपिरामिडी) और sp³d² (अष्टफलकीय)।
5. Hydrocarbons: fuels and reactants
Hydrocarbons and thermochemistry
- एन्थैल्पी, कैलोरीमिति और हेस का नियम – एन्थैल्पी H = U + pV। स्थिर दाब पर ली या दी गई ऊष्मा ΔH के बराबर होती है; स्थिर आयतन पर ΔU के बराबर। ΔU को बंद बम कैलोरीमीटर में और ΔH को खुले कप कैलोरीमीटर में मापते हैं: q = CΔT या q = mcΔT। गैसों के लिए ΔH = ΔU + Δn_g RT। ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में ΔrH ऋणात्मक, ऊष्माशोषी में धनात्मक; ΔrH° = ΣΔfH°(उत्पाद) − ΣΔfH°(अभिकारक)। हेस का नियम: अभिक्रिया एक चरण में हो या कई में, कुल एन्थैल्पी परिवर्तन एक ही रहता है, इसलिए ऊष्मारासायनिक समीकरणों को बीजगणित की तरह जोड़ सकते हैं।
6. Reaction rate and particle explanation
Reaction rate
- रासायनिक अभिक्रिया का वेग – अभिक्रिया वेग बताता है कि प्रति इकाई समय में अभिकारक कितना ख़र्च होता है या उत्पाद कितना बनता है। वेग = −Δ[R]/Δt = +Δ[P]/Δt (इकाई mol L⁻¹ s⁻¹)। वेग नियम, वेग = k[A]^x[B]^y, प्रयोग से मिलता है; x + y कोटि है। आण्विकता = एक प्राथमिक चरण में टकराने वाले कणों की संख्या।
7. Chemical equilibrium: reversible and dynamic
Chemical equilibrium
- रासायनिक साम्य: Kc, Kp, Q और गिब्स ऊर्जा – बंद बर्तन में उत्क्रमणीय अभिक्रिया दोनों ओर चलती है। कुछ देर बाद अग्र और पश्च अभिक्रिया का वेग बराबर हो जाता है। मात्राएँ बदलना बंद हो जाती हैं, पर अभिक्रिया रुकती नहीं। इसे गतिक साम्य कहते हैं। साम्य पर उत्पादों और अभिकारकों का अनुपात (हर एक अपने गुणांक की घात में) एक निश्चित संख्या होता है, जिसे साम्य स्थिरांक K कहते हैं। Kc सांद्रता से, Kp आंशिक दाब से, और Kp = Kc(RT)^Δn। शुद्ध ठोस और द्रव K में नहीं लिखे जाते। Q < K हो तो अभिक्रिया आगे, Q > K हो तो पीछे जाती है। ΔG° = −RT ln K।
8. Redox equilibria: energetics and applications
Redox equilibria and electrochemistry
- गैल्वेनी सेल और नेर्न्स्ट समीकरण – गैल्वेनी सेल अपने-आप होने वाली रेडॉक्स अभिक्रिया की ऊर्जा को बिजली में बदलता है। ऐनोड (−) पर ऑक्सीकरण और कैथोड (+) पर अपचयन होता है। हर इलेक्ट्रोड का विभव मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (0 V) से नापा जाता है। E°सेल = E°कैथोड − E°ऐनोड। नेर्न्स्ट समीकरण E = E° − (0.059/n) log Q (298 K पर) किसी भी सांद्रता पर वोल्टेज बताता है, और ΔG = −nFE वोल्टेज को ऊर्जा से जोड़ता है।