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प्रयोग: लोहे के यौगिकों के गुण (Fe²⁺ और Fe³⁺ की जाँच)

इस प्रयोग में तुम घोल में Fe²⁺ और Fe³⁺ की पहचान करते हो। सोडियम हाइड्रॉक्साइड Fe²⁺ से सफ़ेद-हरा ठोस (जो हवा में भूरा हो जाता है) और Fe³⁺ से लाल-भूरा ठोस देता है। पोटैशियम थायोसायनेट (KSCN) Fe³⁺ को खून जैसा लाल कर देता है, पर Fe²⁺ पर कोई असर नहीं होता। हाइड्रोजन पेरॉक्साइड Fe²⁺ को Fe³⁺ में ऑक्सीकृत करता है (फिर KSCN से लाल रंग आता है), और लोहे का चूर्ण Fe³⁺ को Fe²⁺ में अपचयित करता है (फिर KSCN से लाल रंग नहीं आता)। प्रयोग दिखाता है कि आयरन(II) अपचायक है, आयरन(III) ऑक्सीकारक है, और दोनों एक-दूसरे में बदल सकते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. मेज़ तैयार करो। लोहे के दो घोल: Fe²⁺ (हल्का हरा) और Fe³⁺ (पीला-भूरा)। तीन अभिकर्मक: NaOH, KSCN और H₂O₂। चश्मा पहनो।
  2. जाँच 1, NaOH। Fe²⁺ से सफ़ेद-हरा ठोस बनता है। Fe³⁺ से तुरंत लाल-भूरा ठोस बनता है।
  3. जाँच 2, KSCN। Fe³⁺ खून जैसा लाल हो जाता है। Fe²⁺ हल्का हरा ही रहता है।
  4. जाँच 3। Fe²⁺ में H₂O₂ डालो। वह पीला-भूरा हो जाता है, और अब KSCN से लाल रंग आता है। Fe²⁺ बदलकर Fe³⁺ बन गया।
  5. जाँच 4। Fe³⁺ में लोहे का चूर्ण डालो। रंग हल्का हरा हो जाता है, और KSCN से लाल रंग नहीं आता। Fe³⁺ बदलकर Fe²⁺ बन गया।
  6. करके देखो: कोई नमूना और कोई जाँच चुनो। देखने से पहले रंग का अनुमान लगाओ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

चश्मे पर इतना ज़ोर क्यों है?

NaOH और दूसरे रसायन थोड़ी मात्रा में भी आँखों और त्वचा को नुक़सान पहुँचा सकते हैं। चश्मा और कम बूँदें तुम्हें सुरक्षित रखती हैं।

सफ़ेद-हरा ठोस छोड़ने पर भूरा क्यों हो जाता है?

हवा की ऑक्सीजन Fe(OH)₂ के Fe²⁺ को Fe³⁺ बना देती है, इसलिए लाल-भूरा Fe(OH)₃ बनता है।

Fe³⁺ की सबसे अच्छी जाँच KSCN क्यों है?

Fe³⁺ SCN⁻ से जुड़कर बहुत गहरा खून जैसा लाल आयन बनाता है, इसलिए ज़रा-सी मात्रा भी साफ़ दिखती है।

H₂O₂ लोहे को कैसे बदलता है?

वह ऑक्सीकारक है: हर Fe²⁺ से एक इलेक्ट्रॉन ले लेता है और Fe³⁺ बना देता है।

लोहे का चूर्ण डालने पर लाल रंग क्यों ग़ायब हो जाता है?

लोहा Fe³⁺ को इलेक्ट्रॉन देकर Fe²⁺ बना देता है, जो KSCN के साथ लाल रंग नहीं देता।

क्या ये जाँचें दूसरी धातुओं के लिए भी चलती हैं?

हर धातु आयन के अपने रंग होते हैं। विचार का अभ्यास फ़्री-प्ले चरण में करो: अनुमान लगाओ, जाँचो, तुलना करो।

उद्देश्य, सामग्री और सावधानी

उद्देश्य: अभिक्रियाओं से Fe²⁺ और Fe³⁺ आयनों की पहचान करना और दिखाना कि एक दूसरे में बदल सकता है।

सामग्री: आयरन(II) सल्फ़ेट का घोल (Fe²⁺), आयरन(III) क्लोराइड का घोल (Fe³⁺), तनु सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH), पोटैशियम थायोसायनेट (KSCN) का घोल, तनु हाइड्रोजन पेरॉक्साइड (H₂O₂), थोड़ा लोहे का चूर्ण, साफ़ परखनलियाँ, स्टैंड और ड्रॉपर।

सावधानी: चश्मा पहनो; NaOH त्वचा और आँखों को जला सकता है। सिर्फ़ कुछ बूँदें लो। कभी कुछ चखो मत। प्रयोग के बाद हाथ धोओ। आयरन(II) का ताज़ा घोल लो, क्योंकि पुराने घोल में पहले से कुछ Fe³⁺ होता है।

जाँच 1: सोडियम हाइड्रॉक्साइड

अलग-अलग नलियों में हर घोल लगभग 2 cm लो। NaOH बूँद-बूँद करके डालो।

नमूनाक्या दिखता हैसमीकरण
Fe²⁺सफ़ेद-हरा ठोस, जो हवा में धीरे-धीरे धूसर-हरा फिर लाल-भूरा हो जाता हैFe²⁺ + 2OH⁻ → Fe(OH)₂
Fe³⁺तुरंत लाल-भूरा ठोसFe³⁺ + 3OH⁻ → Fe(OH)₃

ये ठोस अवक्षेप हैं: ज़्यादा NaOH डालने पर भी नहीं घुलते। Fe(OH)₂ पर भूरा रंग बताता है कि ऑक्सीजन Fe²⁺ को Fe³⁺ बना रही है: 4Fe(OH)₂ + O₂ + 2H₂O → 4Fe(OH)₃।

जाँच 2: पोटैशियम थायोसायनेट (KSCN)

साफ़ नलियों में हर घोल का नया 2 cm लो। KSCN के 2 से 3 बूँद डालो।

Fe³⁺ की यह सबसे संवेदनशील जाँच है: ज़रा-सा Fe³⁺ भी साफ़ लाल रंग देता है। Fe³⁺ है या नहीं, यह पक्का करने का सबसे अच्छा तरीक़ा है।

जाँच 3: Fe²⁺ को Fe³⁺ में बदलना (ऑक्सीकरण)

ताज़ा Fe²⁺ घोल 2 cm लो। KSCN डालो: लाल नहीं। अब हाइड्रोजन पेरॉक्साइड की कुछ बूँदें डालो (शिक्षक कहें तो एक बूँद तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल से अम्लीय कर लो)। घोल पीला-भूरा हो जाता है। फिर KSCN डालो: खून जैसा लाल।

मतलब: H₂O₂ ऑक्सीकारक है। उसने हर Fe²⁺ से एक इलेक्ट्रॉन ले लिया: 2Fe²⁺ + H₂O₂ + 2H⁺ → 2Fe³⁺ + 2H₂O। इसलिए आयरन(II) अपचायक है, क्योंकि वह आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ देता है।

जाँच 4: Fe³⁺ को Fe²⁺ में बदलना (अपचयन)

Fe³⁺ घोल 2 cm लो। KSCN डालो: लाल। Fe³⁺ की नई नली में चुटकी भर लोहे का चूर्ण डालकर एक मिनट हिलाओ, फिर बचा हुआ लोहा छान लो। पीला-भूरा रंग हल्का हरा हो जाता है। छने हुए घोल में KSCN डालो: लाल नहीं।

मतलब: लोहे का चूर्ण अपचायक है। उसने Fe³⁺ को इलेक्ट्रॉन दिए: 2Fe³⁺ + Fe → 3Fe²⁺। इसलिए आयरन(III) ऑक्सीकारक है, क्योंकि वह आसानी से इलेक्ट्रॉन ले लेता है।

सारणी और निष्कर्ष

जाँचFe²⁺Fe³⁺
घोल का रंगहल्का हरापीला-भूरा
NaOHसफ़ेद-हरा ठोस, भूरा हो जाता हैलाल-भूरा ठोस
KSCNकोई बदलाव नहींखून जैसा लाल
ऑक्सीकारक (H₂O₂) का असरFe³⁺ बन जाता हैकोई बदलाव नहीं
अपचायक (Fe) का असरकोई बदलाव नहींFe²⁺ बन जाता है

त्रुटियाँ और अच्छी आदतें

करके देखो: पहले सोचो, फिर जाँचो

फ़्री-प्ले चरण में नमूना और जाँच चुनो, और दबाने से पहले अपना अनुमान लिखो। क्या तुम समझा सकते हो कि ऑक्सीकृत नमूना (Fe²⁺ + H₂O₂) Fe³⁺ की तरह क्यों व्यवहार करता है? घर पर, बड़े की देखरेख में: जंग लगी कील का एक टुकड़ा रात भर सिरके में डुबोओ और शिक्षक से पूछो कि KSCN की जाँच से उस तरल में Fe³⁺ कैसे दिखाया जा सकता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. किसी घोल से NaOH डालने पर लाल-भूरा ठोस मिलता है और KSCN से खून जैसा लाल रंग आता है। कौन-सा आयन है?

Fe³⁺। लाल-भूरा Fe(OH)₃ और खून जैसा लाल थायोसायनेट संकुल, दोनों आयरन(III) की ओर इशारा करते हैं।

2. हल्के हरे घोल से NaOH पर सफ़ेद-हरा ठोस मिलता है और KSCN से रंग नहीं आता। H₂O₂ डालने के बाद KSCN से लाल रंग आता है। क्या निष्कर्ष निकलता है?

शुरू के घोल में Fe²⁺ है (सफ़ेद-हरा ठोस, KSCN से लाल नहीं)। H₂O₂ ने उसे ऑक्सीकृत करके Fe³⁺ बना दिया, जिसने KSCN के साथ लाल रंग दिया।

3. जाँच 4 में KSCN डालने से पहले घोल को छानते क्यों हैं?

बचा हुआ लोहे का चूर्ण Fe³⁺ को अपचयित करता रहेगा और घोल को धुंधला भी कर सकता है। छानने से घोल साफ़ हो जाता है, इसलिए रंग का नतीजा आसानी से पढ़ा जाता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सा अभिकर्मक Fe³⁺ को खून जैसा लाल बनाता है?
2. Fe²⁺ में NaOH डालने पर पहले क्या बनता है?
3. हाइड्रोजन पेरॉक्साइड Fe²⁺ को किसमें बदलता है?
4. Fe³⁺ के घोल में लोहे का चूर्ण डालने पर बनता है:
5. किस नमूने में KSCN से लाल रंग नहीं आता?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Fe³⁺ आयन की जाँच कैसे करते हैं?

पोटैशियम थायोसायनेट की कुछ बूँदें डालो। खून जैसा लाल रंग Fe³⁺ दिखाता है। NaOH से भी लाल-भूरा ठोस बनता है।

NaOH से Fe²⁺ और Fe³⁺ में अंतर कैसे करें?

Fe²⁺ से सफ़ेद-हरा ठोस बनता है जो हवा में भूरा हो जाता है। Fe³⁺ से तुरंत लाल-भूरा ठोस बनता है।

प्रयोगशाला में Fe²⁺ को Fe³⁺ में कैसे बदलते हैं?

ऑक्सीकारक डालो, जैसे हाइड्रोजन पेरॉक्साइड या क्लोरीन जल। फिर KSCN से खून जैसा लाल रंग आना दिखाता है कि Fe³⁺ बन गया है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन高一Ch.3 Iron; metal materials

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