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लोहा और उसके यौगिक

लोहा (Fe, परमाणु क्रमांक 26) एक धूसर, चुंबकीय संक्रमण धातु है। इसका परमाणु 2 या 3 इलेक्ट्रॉन खो सकता है, इसलिए इसके यौगिकों के दो परिवार हैं: आयरन(II) जिसमें Fe²⁺ होता है और आयरन(III) जिसमें Fe³⁺ होता है। लोहा तनु अम्ल से Fe²⁺ और हाइड्रोजन देता है, क्लोरीन से FeCl₃, भाप से Fe₃O₄ और नम हवा में जंग बनाता है। तीन ऑक्साइड हैं: FeO (काला, Fe²⁺), Fe₂O₃ (लाल-भूरा, Fe³⁺) और Fe₃O₄ (काला, चुंबकीय, दोनों आयन)। दो हाइड्रॉक्साइड, Fe(OH)₂ (सफ़ेद-हरा) और Fe(OH)₃ (लाल-भूरा), पानी में नहीं घुलते; हवा में Fe(OH)₂ बदलकर Fe(OH)₃ बन जाता है। ऑक्सीकारक Fe²⁺ को Fe³⁺ में और अपचायक Fe³⁺ को वापस Fe²⁺ में बदलता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. लोहा धूसर धातु है और चुंबक उसे खींचता है। इसका परमाणु 2 इलेक्ट्रॉन या 3 इलेक्ट्रॉन खो सकता है।
  2. लोहा अलग-अलग साथियों से मिलता है। हल्का अम्ल Fe²⁺ देता है। तेज़ क्लोरीन Fe³⁺ देती है। भाप काला Fe₃O₄ देती है। नम हवा जंग देती है।
  3. लोहे के तीन ऑक्साइड हैं। FeO में सिर्फ़ Fe²⁺ है। Fe₂O₃ में सिर्फ़ Fe³⁺ है। Fe₃O₄ में दोनों हैं, हर एक Fe²⁺ के साथ दो Fe³⁺।
  4. आयरन(II) में क्षार डालो: सफ़ेद-हरा Fe(OH)₂ बनता है। हवा में रखने पर वह ऑक्सीजन लेकर लाल-भूरा Fe(OH)₃ बन जाता है।
  5. Fe²⁺ और Fe³⁺ आपस में बदल सकते हैं। ऑक्सीकारक एक इलेक्ट्रॉन छीनता है: Fe²⁺ से Fe³⁺ बनता है। अपचायक एक इलेक्ट्रॉन लौटाता है।
  6. करके देखो: कोई भी लौह स्पीशीज़ दबाओ और देखने से पहले उसका रंग और लोहे का आवेश सोचो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

लोहे के दो अलग आयन क्यों होते हैं?

इसका परमाणु 2 इलेक्ट्रॉन या 3 इलेक्ट्रॉन खो सकता है। कितने खोएगा, यह हमला करने वाले पदार्थ की ताक़त पर निर्भर करता है।

अम्ल से Fe²⁺ और क्लोरीन से Fe³⁺ क्यों बनता है?

हाइड्रोजन आयन हल्का ऑक्सीकारक है और सिर्फ़ 2 इलेक्ट्रॉन लेता है। क्लोरीन प्रबल ऑक्सीकारक है और 3 ले लेती है।

Fe₃O₄ में दो तरह के लोहे कैसे हो सकते हैं?

यह FeO और Fe₂O₃ का एक ही क्रिस्टल में मेल है: चार ऑक्साइड आयनों के साथ एक Fe²⁺ और दो Fe³⁺। आवेश जोड़ने पर शून्य आता है।

सफ़ेद-हरा Fe(OH)₂ भूरा क्यों हो जाता है?

हवा की ऑक्सीजन Fe²⁺ को Fe³⁺ बना देती है, इसलिए वह लाल-भूरा Fe(OH)₃ बन जाता है।

यहाँ ऑक्सीकारक और अपचायक में क्या अंतर है?

ऑक्सीकारक Fe²⁺ से इलेक्ट्रॉन लेता है। अपचायक Fe³⁺ को इलेक्ट्रॉन देता है।

क्या जंग और Fe₂O₃ एक ही हैं?

लगभग। जंग जलयोजित आयरन(III) ऑक्साइड है, यानी Fe₂O₃ जिसके साथ पानी के अणु जुड़े हैं।

लोहा: धातु और उसकी अभिक्रियाएँ

लोहे का प्रतीक Fe और परमाणु क्रमांक 26 है। यह धूसर, मज़बूत धातु है और चुंबक इसे खींचता है। पृथ्वी की पर्पटी में एल्युमिनियम के बाद यह दूसरी सबसे आम धातु है। शुद्ध लोहा काफ़ी नरम होता है; ज़्यादातर लोहे से इस्पात (स्टील) बनाया जाता है।

लोहे के परमाणु के बाहरी इलेक्ट्रॉन 3d⁶4s² हैं। परमाणु 2 इलेक्ट्रॉन खोकर Fe²⁺, या 3 इलेक्ट्रॉन खोकर Fe³⁺ बना सकता है। लोहे पर हमला करने वाला पदार्थ (ऑक्सीकारक) जितना प्रबल, लोहा उतने ज़्यादा इलेक्ट्रॉन छोड़ता है।

लोहा मिलता हैनतीजालोहे का आयन
तनु हाइड्रोक्लोरिक या सल्फ़्यूरिक अम्लFe + 2H⁺ → Fe²⁺ + H₂Fe²⁺ (हल्का हरा)
क्लोरीन गैस (प्रबल ऑक्सीकारक)2Fe + 3Cl₂ → 2FeCl₃Fe³⁺
भाप (लाल तप्त)3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂Fe²⁺ और Fe³⁺
नम हवा (ऑक्सीजन और पानी)जंग, जलयोजित Fe₂O₃Fe³⁺

ध्यान दो: तनु अम्ल के साथ लोहा Fe²⁺ देता है, Fe³⁺ नहीं। हाइड्रोजन आयन सिर्फ़ हल्का ऑक्सीकारक है।

लोहे के ऑक्साइड: FeO, Fe₂O₃ और Fe₃O₄

लोहे के तीन ऑक्साइड होते हैं। तीनों ठोस हैं और पानी में नहीं घुलते।

ऑक्साइडनामरंगलोहे के आयन
FeOआयरन(II) ऑक्साइडकाला चूर्णसिर्फ़ Fe²⁺
Fe₂O₃आयरन(III) ऑक्साइड (हेमेटाइट; जंग इसका जलयोजित रूप है)लाल-भूरासिर्फ़ Fe³⁺
Fe₃O₄मैग्नेटाइट (FeO और Fe₂O₃ का मिश्रण)काला, चुंबकीय1 Fe²⁺ और 2 Fe³⁺

आवेश जाँचो: Fe₃O₄ में 3 लोहे के आयन और 4 ऑक्साइड आयन (O²⁻) हैं। कुल ऋणात्मक = 8। धनात्मक = 2 + 3 + 3 = 8। यौगिक उदासीन है, इसलिए एक Fe²⁺ और दो Fe³⁺ का मेल सही है।

तीनों ऑक्साइड क्षारीय ऑक्साइड हैं: अम्ल से अभिक्रिया करके लवण और जल देते हैं। FeO + 2HCl → FeCl₂ + H₂O। Fe₂O₃ + 6HCl → 2FeCl₃ + 3H₂O।

लोहे के हाइड्रॉक्साइड: Fe(OH)₂ और Fe(OH)₃

लोहे के लवण में सोडियम हाइड्रॉक्साइड का घोल डालो तो ठोस हाइड्रॉक्साइड नीचे बैठ जाता है (अवक्षेप)। लोहे के हाइड्रॉक्साइड पानी में नहीं घुलते।

सफ़ेद-हरा हवा में लाल-भूरा हो जाता है

Fe(OH)₂ हवा में टिकता नहीं। ऑक्सीजन और पानी उसे Fe(OH)₃ बना देते हैं: 4Fe(OH)₂ + O₂ + 2H₂O → 4Fe(OH)₃। तुम सफ़ेद-हरे ठोस को पहले धूसर-हरा और फिर लाल-भूरा होते देखते हो। Fe²⁺ को Fe³⁺ बनते देखने का यह अच्छा तरीक़ा है।

दोनों हाइड्रॉक्साइड अम्ल में घुलकर संबंधित लवण देते हैं: Fe(OH)₃ + 3HCl → FeCl₃ + 3H₂O। Fe(OH)₃ को गरम करने पर Fe₂O₃ और जल मिलता है।

Fe²⁺ और Fe³⁺ का आपसी रूपांतरण

Fe²⁺ और Fe³⁺ में सिर्फ़ एक इलेक्ट्रॉन का अंतर है: Fe²⁺ ⇌ Fe³⁺ + e⁻।

Fe²⁺ से Fe³⁺: ऑक्सीकरण

ऑक्सीकारक हर Fe²⁺ से एक इलेक्ट्रॉन ले लेता है। उदाहरण: क्लोरीन जल, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड, अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट, हवा की ऑक्सीजन। रंग हल्के हरे से पीला-भूरा हो जाता है। उदाहरण: 2Fe²⁺ + Cl₂ → 2Fe³⁺ + 2Cl⁻।

Fe³⁺ से Fe²⁺: अपचयन

अपचायक हर Fe³⁺ को एक इलेक्ट्रॉन दे देता है। उदाहरण: लोहा, जिंक, टिन(II) क्लोराइड, सल्फ़र डाइऑक्साइड। रंग पीले-भूरे से हल्का हरा हो जाता है। उदाहरण: 2Fe³⁺ + Fe → 3Fe²⁺।

आयरन(II) के घोल में कील क्यों रखते हैं? बनने वाले Fe³⁺ को लोहा वापस Fe²⁺ बना देता है।

हवा में Fe³⁺ ज़्यादा टिकाऊ है, इसलिए खुली हवा में आयरन(II) यौगिक धीरे-धीरे आयरन(III) में बदल जाते हैं। इसी वजह से फेरस सल्फ़ेट के पुराने क्रिस्टलों पर भूरी परत चढ़ जाती है।

करके देखो: पहले सोचो, फिर जाँचो

3D में फ़्री-प्ले वाला चुनाव इस्तेमाल करो। किसी यौगिक को दबाने से पहले उसका रंग और लोहे का आवेश बोलो। घर पर: चमकदार लोहे की कील को चुटकी भर नमक वाले पानी के गिलास में दो दिन रखो और लाल-भूरी जंग (Fe³⁺ का यौगिक) बनते देखो। बाद में हाथ धो लो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. हर एक का नाम बताओ: (a) FeO (b) Fe₂O₃। लोहे पर आवेश क्या है?

(a) FeO आयरन(II) ऑक्साइड है: एक O²⁻ के लिए एक Fe²⁺ चाहिए। (b) Fe₂O₃ आयरन(III) ऑक्साइड है: तीन O²⁻ (कुल 6−) के लिए 3+ वाले दो आयन (6+) चाहिए।

2. दिखाओ कि मैग्नेटाइट Fe₃O₄ में एक Fe²⁺ और दो Fe³⁺ हैं।

चार O²⁻ से 8− मिलता है। तीन लोहे के आयनों से 8+ चाहिए। मान लो x आयन Fe²⁺ और (3 − x) आयन Fe³⁺ हैं: 2x + 3(3 − x) = 8, यानी 9 − x = 8, x = 1। तो 1 Fe²⁺ और 2 Fe³⁺।

3. हल्का हरा घोल हाइड्रोजन पेरॉक्साइड डालने पर पीला-भूरा हो गया। लोहे के साथ क्या हुआ?

हल्के हरे घोल में Fe²⁺ है। हाइड्रोजन पेरॉक्साइड ऑक्सीकारक है, उसने हर Fe²⁺ से एक इलेक्ट्रॉन लेकर Fe³⁺ (पीला-भूरा) बना दिया। लोहा ऑक्सीकृत हुआ।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. लोहे के किस ऑक्साइड में सिर्फ़ Fe²⁺ है?
2. लोहा तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया करता है। लोहे वाला उत्पाद है:
3. हवा में रखा सफ़ेद-हरा Fe(OH)₂ धीरे-धीरे हो जाता है:
4. Fe²⁺ को Fe³⁺ बनाने के लिए चाहिए:
5. मैग्नेटाइट Fe₃O₄ में लोहे के आयनों का अनुपात है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयरन(II) और आयरन(III) में क्या अंतर है?

आयरन(II) में Fe²⁺ आयन होते हैं और घोल में हल्का हरा रंग होता है। आयरन(III) में Fe³⁺ आयन होते हैं और घोल पीला-भूरा होता है। Fe³⁺ में Fe²⁺ से एक इलेक्ट्रॉन कम है।

लोहे का चुंबकीय ऑक्साइड कौन-सा है?

Fe₃O₄, जिसे मैग्नेटाइट कहते हैं। उसमें Fe²⁺ और Fe³⁺ दोनों होते हैं।

Fe²⁺ को Fe³⁺ में कैसे बदलते हैं?

ऑक्सीकारक से, जैसे क्लोरीन जल, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड या हवा। वह हर Fe²⁺ से एक इलेक्ट्रॉन ले लेता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन高一Ch.3 Iron; metal materials

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