Germany Jahrgangsstufe 10 Chemistry (NTG track)
अध्याय: 4
1. How chemists think and work
How chemists think and work
- वैज्ञानिक विधि – वैज्ञानिक विधि वह सावधान तरीका है जिससे वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि दुनिया कैसे चलती है। कुछ देखो (प्रेक्षण), परखने लायक प्रश्न पूछो, परिकल्पना बनाओ (साफ़, परखने योग्य अनुमान), निष्पक्ष प्रयोग से परखो (एक चर बदलो, एक मापो, बाकी सब एक जैसा), दोहराओ और आँकड़े लिखो, विश्लेषण करो, निष्कर्ष निकालो और साझा करो ताकि दूसरे जाँच सकें। जो नतीजे परिकल्पना से मेल न खाएँ, वे भी काम के हैं: वे नई परिकल्पना की ओर ले जाते हैं।
2. Donor-acceptor: proton transfer and reversibility
Acids and bases as proton transfer
- अम्ल और क्षारक: गुण, सूचक और अभिक्रियाएँ – अम्ल पानी में H⁺ आयन देता है और क्षारक OH⁻ आयन। सूचक रंग या गंध बदलकर बताता है कि कौन मौजूद है। H⁺ और OH⁻ मिलकर पानी बनाते हैं और पीछे लवण बच जाता है।
3. Donor-acceptor: redox electron transfer
Redox reactions: electron transfer
- अपचयोपचय अभिक्रियाएँ: ऑक्सीजन से इलेक्ट्रॉन तक – पहले ऑक्सीकरण का मतलब था ऑक्सीजन जुड़ना या हाइड्रोजन हटना। अपचयन इसका उल्टा था। आज हम बड़ा विचार लेते हैं: इलेक्ट्रॉन खोना ऑक्सीकरण है और इलेक्ट्रॉन पाना अपचयन। दोनों हमेशा साथ होते हैं, इसलिए इन्हें अपचयोपचय (रेडॉक्स) अभिक्रिया कहते हैं। ज़्यादा सक्रिय धातु कम सक्रिय धातु के आयन को इलेक्ट्रॉन देती है।
4. Donor-acceptor: nucleophile-electrophile reactions
Esters: formation, hydrolysis and uses
- कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रकार और उनकी क्रियाविधि – कार्बनिक अभिक्रियाओं को इस आधार पर बाँटते हैं कि अणु के साथ क्या होता है: प्रतिस्थापन (एक परमाणु की जगह दूसरा), योगात्मक (द्वि-बंध पर परमाणु जुड़ते हैं), विलोपन (छोटा अणु निकलता और द्वि-बंध बनता है), संघनन (दो अणु जुड़ते और पानी निकलता है) और जल-अपघटन (पानी अणु को तोड़ता है)। क्रियाविधि बताती है कि इलेक्ट्रॉन कैसे चलते हैं: बंध समांश (मुक्त मूलक) या विषमांश (आयन) टूटते हैं, और नाभिकस्नेही (इलेक्ट्रॉन-धनी) इलेक्ट्रॉनस्नेही (इलेक्ट्रॉन-कमी) पर हमला करते हैं। एस्टर अम्ल और ऐल्कोहॉल से उत्क्रमणीय, अम्ल-उत्प्रेरित संघनन में बनते और जल-अपघटन से टूटते हैं।