परमाणु मॉडल और आवर्त सारणी
नए प्रयोगों के साथ परमाणु के बारे में विचार बदलते गए। डाल्टन ने उसे छोटी ठोस गेंद माना। थॉमसन ने उसके भीतर इलेक्ट्रॉन खोजे। रदरफ़ोर्ड ने सोने की पन्नी पर कण फेंके और दिखाया कि परमाणु ज़्यादातर खाली है, बीच में छोटा भारी नाभिक है। बोर ने इलेक्ट्रॉनों को तय कोशों में रखा। आज हम कहते हैं कि इलेक्ट्रॉन बादल जैसे क्षेत्रों (कक्षकों) में रहते हैं, पर पहले 18 तत्वों के लिए कोश वाला चित्र ठीक काम करता है।
परमाणु क्रमांक Z प्रोटॉनों की संख्या है। उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉन भी उतने ही होते हैं। पहले तीन कोशों में 2, 8, 8 इलेक्ट्रॉन आते हैं। आवर्त सारणी में परमाणु Z के क्रम में रखे हैं। एक पंक्ति आवर्त है (= कोशों की संख्या)। एक स्तंभ वर्ग है; एक वर्ग के परमाणुओं में बाहरी इलेक्ट्रॉन बराबर होते हैं, इसलिए उनका व्यवहार मिलता-जुलता है। आवर्त में बाएँ से दाएँ धातु से अधातु की ओर बदलाव होता है, और अंतिम वर्ग (नियॉन जैसी उत्कृष्ट गैसें) के कोश भरे हैं, इसलिए वे लगभग अभिक्रिया नहीं करतीं।
रासायनिक आबंध: आयनिक और सहसंयोजक
परमाणु बाहरी कोश भरने (आमतौर पर 8 इलेक्ट्रॉन) के लिए जुड़ते हैं। इसके दो मुख्य तरीक़े हैं।
आयनिक आबंध: धातु इलेक्ट्रॉन देती है और अधातु लेती है। Na, Cl को 1 इलेक्ट्रॉन देकर Na⁺ बनता है; Cl बनता है Cl⁻। ये आयन उलटे आवेश के कारण चिपके रहते हैं और एक नियमित जालक (क्रिस्टल) बनाते हैं। आयनिक ठोसों का गलनांक ऊँचा होता है और पिघलने या घुलने पर वे बिजली चलाते हैं।
सहसंयोजक आबंध: दो अधातुएँ इलेक्ट्रॉन की जोड़ियाँ बाँटती हैं। पानी में O हर H के साथ एक जोड़ी बाँटता है, इसलिए सबके कोश भर जाते हैं। सहसंयोजक अणुओं (पानी, CO₂, मेथेन) का गलनांक प्रायः कम होता है और वे बिजली नहीं चलाते। साझा जोड़ी एकल (एक जोड़ी), द्वि (दो जोड़ी) या त्रि (तीन जोड़ी) हो सकती है।
अकार्बनिक नामकरण: यौगिकों के नाम
नाम के सरल नियम हैं ताकि नाम सुनकर यौगिक पहचाना जा सके।
- सरल आयनिक: पहले धातु का नाम, फिर अधातु के अंत में -आइड। NaCl = सोडियम क्लोराइड; MgO = मैग्नीशियम ऑक्साइड।
- क्रॉस करके सूत्र: आयन आवेश सहित लिखो, संख्याएँ बदलो, फिर सरल करो। Al³⁺ और O²⁻ से Al₂O₃ (ऐलुमिनियम ऑक्साइड)। कुल आवेश शून्य होना चाहिए।
- एक से अधिक आवेश वाली धातुएँ: रोमन संख्या लगाओ। FeCl₂ = आयरन(II) क्लोराइड, FeCl₃ = आयरन(III) क्लोराइड।
- मूलक आयन: OH⁻ हाइड्रॉक्साइड, NO₃⁻ नाइट्रेट, SO₄²⁻ सल्फ़ेट, CO₃²⁻ कार्बोनेट। Ca(OH)₂ कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड है।
- दो अधातुएँ: संख्या के उपसर्ग: मोनो, डाई, ट्राई, टेट्रा। CO = कार्बन मोनोऑक्साइड, CO₂ = कार्बन डाइऑक्साइड।
- अम्ल: HCl हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, H₂SO₄ सल्फ़्यूरिक अम्ल, HNO₃ नाइट्रिक अम्ल।
कार्बनिक रसायन की बुनियाद
कार्बनिक रसायन कार्बन के यौगिकों का रसायन है। कार्बन के बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए वह 4 बंधन बनाता है। वह दूसरे कार्बनों से शृंखला, शाखा और छल्ले बना सकता है (इसे शृंखलन कहते हैं), और एकल, द्वि व त्रिबंध बनाता है।
हाइड्रोकार्बन में सिर्फ़ C और H होते हैं। ऐल्केन में केवल एकल बंध हैं: CₙH₂ₙ₊₂ (मेथेन CH₄, ईथेन C₂H₆, प्रोपेन C₃H₈)। ऐल्कीन में एक C=C द्विबंध है: CₙH₂ₙ (ईथीन C₂H₄)। नाम की जड़ें: 1 C = मेथ, 2 = ईथ, 3 = प्रोप, 4 = ब्यूट, 5 = पेंट, 6 = हेक्स। प्रकार्यात्मक समूह अणु का स्वभाव तय करता है: –OH समूह ऐल्कोहॉल बनाता है, जैसे ईथेनॉल C₂H₅OH, जो विलायक और सैनिटाइज़र में काम आता है।
कार्बनिक अणु हर जगह हैं: ईंधन, मोम, प्लास्टिक, रंजक, तेल और रंगों के बाइंडर।
करके देखो
रसोई में जाँच: एक गिलास में नमक और दूसरे में थोड़ी चीनी घोलो। नमक (आयनिक) आयनों में टूटता है; चीनी (सहसंयोजक) अणु बनी रहती है। फिर 3D में: (1) स्लाइडर Z = 17 पर रखो और बाहरी इलेक्ट्रॉन पढ़ो; (2) चुनने से पहले कैल्शियम नाइट्राइड का सूत्र अनुमान से लिखो, फिर चुनकर जाँचो; (3) चारों अणुओं में हर कार्बन के बंधन गिनो। उत्तर हमेशा 4 मिलेगा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- परमाणु क्रमांक Z = प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या (उदासीन परमाणु)
- कोश की क्षमता (पहले तीन कोश): 2, 8, 8
- आयनिक सूत्र: आवेश की संख्याएँ बदलो, फिर सरल करो
- कुल धन आवेश = कुल ऋण आवेश
- ऐल्केन: CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्कीन: CₙH₂ₙ
- नाम की जड़ें: मेथ 1, ईथ 2, प्रोप 3, ब्यूट 4, पेंट 5, हेक्स 6
हल किए गए उदाहरण
1. क्लोरीन (Z = 17) का इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखो। आवर्त और वर्ग क्या हैं?
17 = 2 + 8 + 7, यानी कोश 2, 8, 7। तीन कोश, इसलिए आवर्त 3। 7 बाहरी इलेक्ट्रॉन, इसलिए वर्ग 17। उसे 1 इलेक्ट्रॉन और चाहिए, इसलिए Cl⁻ बनता है।
2. ऐलुमिनियम ऑक्साइड का सूत्र लिखो।
आयन: Al³⁺ और O²⁻। संख्याएँ बदलने पर Al₂O₃। जाँच: 2 × (+3) = +6 और 3 × (−2) = −6। कुल शून्य।
3. CaCl₂ और FeCl₃ के नाम बताओ।
CaCl₂ = कैल्शियम क्लोराइड। FeCl₃ में तीन Cl⁻ हैं, इसलिए आयरन Fe³⁺ है: आयरन(III) क्लोराइड।
4. MgO आयनिक है या सहसंयोजक? और CO₂?
MgO धातु + अधातु है। Mg, O को 2 इलेक्ट्रॉन देता है, इसलिए आयनिक। CO₂ में दो अधातुएँ इलेक्ट्रॉन बाँटती हैं, इसलिए सहसंयोजक।
5. प्रोपेन में हाइड्रोजन के कितने परमाणु हैं? सूत्र लिखो।
प्रोपेन में 3 कार्बन हैं। H = 2n + 2 = 2 × 3 + 2 = 8। सूत्र C₃H₈।
6. एक तत्व का परमाणु क्रमांक 15 है। कोश, आवर्त, वर्ग और बनने वाला आयन बताओ।
15 = 2 + 8 + 5। आवर्त 3, वर्ग 15, 5 बाहरी इलेक्ट्रॉन। 8 पूरे करने के लिए 3 और चाहिए, इसलिए P³⁻ बन सकता है या सहसंयोजक आबंध में 3 इलेक्ट्रॉन बाँटता है।
आम गलतियाँ
- इलेक्ट्रॉन को नाभिक में मान लेना। नाभिक में केवल प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं।
- आयनिक सूत्र लिखते समय भूल जाना कि कुल आवेश शून्य होना चाहिए।
- "सोडियम क्लोरीन" लिखना, जबकि सही है "सोडियम क्लोराइड"। अधातु के अंत में -आइड लगता है।
- यह सोचना कि कार्बनिक अणुओं में कार्बन के 2 या 3 बंधन होते हैं। हर बार 4 होते हैं (द्विबंध 2 गिना जाता है)।