📘 CodingMarble Learn

विद्युत अपघट्य और वैद्युत अपघटनी वियोजन

विद्युत अपघट्य (electrolyte) वह पदार्थ है जो पानी में घुलने (या पिघलने) पर आज़ाद घूमने वाले आयनों में टूट जाता है, इसलिए उसका विलयन बिजली बहाता है। चीनी जैसे अनपघट्य (non-electrolyte) बिना आवेश वाले अणु ही रहते हैं और बिजली नहीं बहाते। प्रबल अपघट्य लगभग पूरे टूटते हैं, दुर्बल थोड़े ही। वियोजन की मात्रा α = टूटी इकाइयाँ ÷ कुल इकाइयाँ।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. चीनी पानी में घुलती है। ये स्लेटी टुकड़े पूरे अणु हैं, इन पर कोई आवेश नहीं। बल्ब बुझा रहता है।
  2. अब नमक का क्रिस्टल। लाल (+) और नीले (−) आयन एक जाली में जमे हैं। वे हिल नहीं सकते, इसलिए बल्ब बुझा रहता है।
  3. नमक पानी में गया। आयन आज़ाद होकर तैरने लगे। लाल (−) छड़ की ओर और नीले (+) छड़ की ओर जाते हैं। बल्ब जल उठा!
  4. सिरके का अम्ल अलग है। इसकी बस कुछ ही इकाइयाँ आयनों में टूटती हैं। कम आयन यानी हल्की चमक। यह दुर्बल अपघट्य है।
  5. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की लगभग सभी इकाइयाँ टूट जाती हैं। बहुत आयन यानी तेज़ चमक। यह प्रबल अपघट्य है।
  6. अब आपकी बारी। सूची से कोई भी पदार्थ चुनिए। पहले अंदाज़ा लगाइए कि बल्ब जलेगा या नहीं, फिर टूटी इकाइयों की गिनती देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या बैटरी आयन बनाती है?

नहीं। आयन पहले से होते हैं, या घुलने पर बनते हैं। बैटरी उन्हें बस एक दिशा में धकेलती है।

सूखे नमक का क्रिस्टल बल्ब क्यों नहीं जलाता?

उसके आयन जाली में जमे हैं। धारा ले जाने के लिए आज़ाद आयन चाहिए।

चीनी पानी में घुलती है, फिर भी अपघट्य क्यों नहीं?

घुलना और आयनों में टूटना एक बात नहीं है। चीनी पूरे उदासीन अणुओं के रूप में फैल जाती है।

सिरके में बल्ब हल्का क्यों जलता है?

सिरके के बस कुछ ही अणु टूटते हैं। कम आज़ाद आयन कम धारा ले जाते हैं।

क्या प्रबल और सांद्र एक ही हैं?

नहीं। प्रबल का मतलब ज़्यादातर इकाइयाँ टूटती हैं (α बड़ा)। सांद्र का मतलब बहुत पदार्थ घुला है।

विद्युत अपघट्य क्या है?

धातु के तार में बिजली छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉन ले जाते हैं। द्रव में बिजली ले जाने वाले कण अलग होते हैं: आयन। आयन वह परमाणु (या परमाणुओं का समूह) है जिस पर विद्युत आवेश होता है।

विद्युत अपघट्य वह पदार्थ है जो पानी में घुलने या पिघलने पर आयन बनाता है। आज़ाद आयन होने से द्रव बिजली बहा सकता है।

अनपघट्य पूरे, बिना आवेश वाले अणु ही रहते हैं। उनमें आयन नहीं होते, इसलिए द्रव बिजली नहीं बहाता।

वैद्युत अपघटनी वियोजन: आयन कैसे बनते हैं

नमक पानी में जाता है तो पानी के अणु आयनों को खींचकर अलग कर देते हैं। आयनों में टूटने की इस क्रिया को वैद्युत अपघटनी वियोजन कहते हैं।

NaCl → Na⁺ + Cl⁻

HCl → H⁺ + Cl⁻

NaOH → Na⁺ + OH⁻

कुल धन आवेश हमेशा कुल ऋण आवेश के बराबर होता है, इसलिए पूरा विलयन उदासीन रहता है। ठोस नमक के क्रिस्टल में भी यही आयन होते हैं, पर जाली में जमे होते हैं, इसलिए सूखा क्रिस्टल बिजली नहीं बहाता। पिघला हुआ नमक बहाता है, क्योंकि आयन फिर आज़ाद हो जाते हैं।

विलयन बिजली क्यों बहाता है?

दो छड़ें (इलेक्ट्रोड) बैटरी से जोड़कर विलयन में डुबाइए। बैटरी के ऋण सिरे वाली छड़ कैथोड (−) है। दूसरी एनोड (+) है।

धन आयन (धनायन) कैथोड की ओर जाते हैं। ऋण आयन (ऋणायन) एनोड की ओर जाते हैं। आवेश का बहना ही धारा है, इसलिए बल्ब जलता है। आज़ाद आयन जितने ज़्यादा, धारा उतनी बड़ी और बल्ब उतना तेज़।

प्रबल और दुर्बल विद्युत अपघट्य

प्रबल अपघट्य लगभग पूरी तरह आयनों में टूट जाता है। उदाहरण: HCl, H₂SO₄, HNO₃, NaOH, KOH और लगभग सभी घुलनशील लवण। बल्ब तेज़ जलता है।

दुर्बल अपघट्य बहुत थोड़ा टूटता है। ज़्यादातर पूरे अणु ही रहते हैं। उदाहरण: ऐसीटिक अम्ल (सिरका), कार्बोनिक अम्ल, अमोनिया विलयन। बल्ब हल्का जलता है। दुर्बल अपघट्य का टूटना उलटा भी होता है, इसलिए दो-तरफ़ा तीर लगाते हैं: CH₃COOH ⇌ CH₃COO⁻ + H⁺।

प्रबल या दुर्बल इस पर निर्भर है कि कितना टूटता है, इस पर नहीं कि कितना ख़तरनाक है या कितना घुला है।

वियोजन की मात्रा (α)

वियोजन की मात्रा, जिसे α लिखते हैं, बताती है कि घुली हुई इकाइयों का कितना हिस्सा आयनों में टूटा।

α = टूटी हुई इकाइयों की संख्या ÷ घुली हुई कुल इकाइयाँ

अगर हर 100 ऐसीटिक अम्ल अणुओं में से 5 टूटते हैं, तो α = 5/100 = 0.05 यानी 5%। प्रबल अपघट्य में α लगभग 1 (100%) होता है। दुर्बल में α छोटा होता है। दुर्बल अपघट्य को पतला करने पर α बढ़ता है, क्योंकि आयनों को ज़्यादा जगह मिलती है और पानी ज़्यादा इकाइयों को अलग कर देता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. अपघट्य या अनपघट्य छाँटिए: ग्लूकोज़, NaCl विलयन, HCl विलयन, ऐल्कोहॉल।

अपघट्य: NaCl विलयन और HCl विलयन (आयन बनाते हैं)। अनपघट्य: ग्लूकोज़ और ऐल्कोहॉल (अणु ही रहते हैं)।

2. पानी में NaOH का वियोजन लिखिए।

NaOH → Na⁺ + OH⁻। NaOH प्रबल अपघट्य है, इसलिए एक तीर लगता है।

3. 200 ऐसीटिक अम्ल अणुओं में से 8 आयनों में टूटे। α ज्ञात कीजिए।

α = 8 / 200 = 0.04 यानी 4%। यह दुर्बल अपघट्य है।

4. ठोस NaCl बिजली नहीं बहाता पर पिघला NaCl बहाता है। क्यों?

ठोस में Na⁺ और Cl⁻ आयन जाली में जमे हैं, हिल नहीं सकते। पिघलने पर आयन आज़ाद हो जाते हैं और धारा ले जा सकते हैं।

5. दो बीकरों में पदार्थ की मात्रा बराबर है। बीकर A का बल्ब तेज़ और बीकर B का हल्का जलता है। क्या कह सकते हैं?

बीकर A में आज़ाद आयन ज़्यादा हैं, इसलिए वहाँ प्रबल अपघट्य है (α बड़ा)। बीकर B में दुर्बल अपघट्य है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. इनमें से अनपघट्य कौन-सा है?
2. धन आयन किसकी ओर जाते हैं?
3. दुर्बल अपघट्य कौन-सा है?
4. 100 में से 25 इकाइयाँ टूटें तो α होगा:
5. सूखा नमक का क्रिस्टल बिजली नहीं बहाता क्योंकि उसके आयन:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विद्युत अपघट्य को आसान शब्दों में क्या कहते हैं?

ऐसा पदार्थ जो पानी में या पिघलने पर आज़ाद आयन बनाता है। इन आज़ाद आयनों से द्रव बिजली बहा पाता है।

क्या शुद्ध पानी विद्युत अपघट्य है?

शुद्ध आसुत पानी में लगभग कोई आयन नहीं होते, इसलिए वह बहुत कमज़ोर चालक है। नल का पानी इसलिए बहाता है कि उसमें लवण घुले होते हैं।

आयनन और वियोजन में क्या फ़र्क़ है?

वियोजन में आयन पहले से होते हैं (जैसे NaCl) और बस अलग हो जाते हैं। आयनन में उदासीन अणु (जैसे HCl) घुलने पर आयन बनाते हैं। स्कूल की किताबों में दोनों शब्द अक्सर एक ही बात के लिए आते हैं: आयनों में टूटना।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

रूस9 классSubstance and chemical reaction
रूस9 классSubstance and chemical reaction

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी रसायन विज्ञान पाठ