Ontario Grade 12 SCH4C Chemistry (Grade 12, College Preparation)
अध्याय: 6
1. A. Scientific Investigation Skills and Career Exploration
A1 Scientific Investigation Skills · A2 Career Exploration
- वैज्ञानिक विधि – वैज्ञानिक विधि वह सावधान तरीका है जिससे वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि दुनिया कैसे चलती है। कुछ देखो (प्रेक्षण), परखने लायक प्रश्न पूछो, परिकल्पना बनाओ (साफ़, परखने योग्य अनुमान), निष्पक्ष प्रयोग से परखो (एक चर बदलो, एक मापो, बाकी सब एक जैसा), दोहराओ और आँकड़े लिखो, विश्लेषण करो, निष्कर्ष निकालो और साझा करो ताकि दूसरे जाँच सकें। जो नतीजे परिकल्पना से मेल न खाएँ, वे भी काम के हैं: वे नई परिकल्पना की ओर ले जाते हैं।
2. B. Matter and Qualitative Analysis
B1 Relating Science to Technology, Society, and the Environment · B2 Developing Skills of Investigation and Communication · B3 Understanding Basic Concepts
- आयनों की पहचान: ज्वाला परीक्षण, हाइड्रॉक्साइड अवक्षेप, ऋणायन जाँच और ज्वाला उत्सर्जन स्पेक्ट्रोस्कोपी – आयनिक यौगिक में एक धनायन (धातु आयन) और एक ऋणायन होता है। दोनों की अलग जाँच होती है। ज्वाला परीक्षण में रंग से धातु पहचानते हैं: लिथियम गहरा लाल, सोडियम पीला, पोटैशियम हल्का बैंगनी, कैल्शियम नारंगी-लाल, कॉपर हरा। सोडियम हाइड्रॉक्साइड से रंगीन अवक्षेप: Cu²⁺ नीला, Fe²⁺ हरा, Fe³⁺ भूरा, Al³⁺, Ca²⁺, Mg²⁺ सफ़ेद (सिर्फ़ Al(OH)₃ अधिक NaOH में घुलता है)। कार्बोनेट अम्ल से बुलबुले देता है और गैस चूने के पानी को दूधिया करती है। हैलाइड + अम्लीय सिल्वर नाइट्रेट: क्लोराइड सफ़ेद, ब्रोमाइड क्रीम, आयोडाइड पीला। सल्फेट + अम्लीय बेरियम क्लोराइड: सफ़ेद अवक्षेप। मशीनें (ज्वाला उत्सर्जन स्पेक्ट्रोस्कोपी) तेज़, संवेदनशील हैं और मात्रा भी बताती हैं।
3. C. Organic Chemistry
C1 Relating Science to Technology, Society, and the Environment · C2 Developing Skills of Investigation and Communication · C3 Understanding Basic Concepts
- कार्बनिक यौगिक: संरचना, सूत्र और वर्गीकरण – कार्बनिक रसायन कार्बन के यौगिकों का रसायन है। कार्बन के बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए वह हमेशा 4 आबंध बनाता है। इसे चतुःसंयोजकता कहते हैं। चार एकल आबंध हों तो कार्बन sp³ होता है और आकृति चतुष्फलकीय (109.5°) होती है। एक द्विआबंध हो तो sp², समतल (120°)। त्रिआबंध हो तो sp, सीधी रेखा (180°)। एक ही अणु को पूर्ण, संघनित, आबंध-रेखा और 3D वेज-डैश सूत्र से लिख सकते हैं। फिर हम यौगिकों को खुली शृंखला और वलय वाले यौगिकों में, और क्रियात्मक समूह के आधार पर परिवारों में बाँटते हैं। एक परिवार के सदस्य सजातीय श्रेणी बनाते हैं, जिनमें हर अगला सदस्य एक CH₂ से अलग होता है।
4. D. Electrochemistry
D1 Relating Science to Technology, Society, and the Environment · D2 Developing Skills of Investigation and Communication · D3 Understanding Basic Concepts
- अपचयोपचय अभिक्रियाएँ और इलेक्ट्रोड प्रक्रम – अगर ऑक्सीकरण वाला आधा और अपचयन वाला आधा अलग-अलग बीकर में रखें और तार व लवण सेतु से जोड़ें, तो इलेक्ट्रॉन तार से होकर जाते हैं। यही सेल है। अपने आयनों के घोल में रखी हर धातु एक इलेक्ट्रोड है जिसका अपना विभव है। हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड को 0.00 V माना जाता है। मानक विभव के क्रम में लगाने पर विद्युत-रासायनिक श्रेणी बनती है, और E°सेल = E°(कैथोड) − E°(ऐनोड)।
5. E. Chemical Calculations
E1 Relating Science to Technology, Society, and the Environment · E2 Developing Skills of Investigation and Communication · E3 Understanding Basic Concepts
- मोल संकल्पना, मोलर द्रव्यमान और रासायनिक सूत्र – परमाणु इतने छोटे हैं कि एक-एक गिनना नामुमकिन है, इसलिए रसायनज्ञ उन्हें तौलकर गिनते हैं। परमाणु द्रव्यमान u में होता है; 1 u = कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का 1/12। एक मोल = 6.022 × 10²³ कण, और उसका ग्राम में द्रव्यमान u वाले सूत्र द्रव्यमान के बराबर। मोल से हम यौगिक में हर तत्व का प्रतिशत निकालते हैं, और प्रतिशत से उल्टा चलकर मूलानुपाती और आण्विक सूत्र।
6. F. Chemistry in the Environment
F1 Relating Science to Technology, Society, and the Environment · F2 Developing Skills of Investigation and Communication · F3 Understanding Basic Concepts
- पर्यावरण रसायन – पर्यावरण रसायन हवा, पानी और मिट्टी में मौजूद रसायनों का अध्ययन है: वे कहाँ से आते हैं और क्या असर करते हैं। सूखी हवा में लगभग 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन, 0.9% आर्गन और 0.04% कार्बन डाइऑक्साइड है। ईंधन जलने से SO₂, NOₓ, CO और कण जैसे प्रदूषक बनते हैं। SO₂ और NO₂ बारिश में अम्ल बनाते हैं (pH 5.6 से कम)। हम अनुमापन जैसी मात्रात्मक जाँच से प्रदूषण नापते हैं, मानकों से तुलना करते हैं और क़ानून व साफ़ तकनीक से नुक़सान घटाते हैं।