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राउल्ट का नियम: वाष्प दाब, आदर्श और अनादर्श विलयन

बंद बर्तन में द्रव के कुछ अणु भाप बनकर ऊपर जाते हैं और दीवारों पर दबाव डालते हैं: यही वाष्प दाब है। राउल्ट का नियम: विलयन के हर वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब = उसका मोल अंश × शुद्ध अवस्था का वाष्प दाब, pA = xA·pA°। जो विलयन हर अनुपात पर यह माने वह आदर्श (Δमिश्रणH = 0, Δमिश्रणV = 0)। बाकी में विचलन: धनात्मक (A–B खिंचाव कमज़ोर, ज़्यादा भाप, न्यूनतम क्वथनांक वाला स्थिरक्वाथी) या ऋणात्मक (A–B खिंचाव मज़बूत, कम भाप, अधिकतम क्वथनांक वाला स्थिरक्वाथी)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. बंद जार में शुद्ध द्रव A (नीला) है। कुछ तेज़ अणु निकलकर ऊपर तैरते हैं और जार पर दबाव डालते हैं: यही वाष्प दाब है। नीला बार दिखाता है: pA° = 80 kPa।
  2. अब A (नीला) में B (लाल) मिलाया। दोनों के अणु निकलते हैं। नीला बार pA, लाल बार pB, और बैंगनी बार कुल: p = pA + pB (डाल्टन का नियम)।
  3. स्लाइडर xA को 0 से 1 तक ले जाता है। आदर्श विलयन में हर बार सीधी रेखा में बढ़ता है: pA = xA·pA°। यही राउल्ट का नियम है। कुल दाब भी 30 से 80 kPa के बीच सीधी रेखा है।
  4. धनात्मक विचलन: A और B एक-दूसरे को कमज़ोर खींचते हैं, अणु आसानी से निकलते हैं। बार काले आदर्श निशान से ऊपर जाते हैं। उदाहरण: एथेनॉल + एसीटोन। मिलाने पर ऊष्मा ली जाती है और आयतन बढ़ता है।
  5. ऋणात्मक विचलन: A और B एक-दूसरे को मज़बूती से खींचते हैं, कम अणु निकलते हैं। बार आदर्श निशान से नीचे रहते हैं। उदाहरण: क्लोरोफ़ॉर्म + एसीटोन। मिलाने पर ऊष्मा निकलती है और आयतन घटता है।
  6. अब तुम्हारी बारी। आदर्श, धनात्मक या ऋणात्मक चुनो और xA खिसकाओ। 'हल किया उदाहरण' दबाकर कुल वाष्प दाब का सवाल लाइन-दर-लाइन देखो, फिर स्लाइडर पर जाँचो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

बंद जार में द्रव का वाष्पन रुक क्यों जाता है?

रुकता नहीं। अणु निकलते रहते हैं, पर उतने ही लौट आते हैं। ऊपर अणुओं की गिनती स्थिर, तो दाब स्थिर।

आदर्श विलयन में कुल वाष्प दाब की रेखा सीधी क्यों?

हर घटक सीधी रेखा वाला हिस्सा (x × p°) जोड़ता है, और दो सीधी रेखाओं का योग सीधी रेखा है। xA खिसकने पर बैंगनी बार बराबर बढ़ता देखो।

कमज़ोर A–B खिंचाव से वाष्प दाब क्यों बढ़ता है?

नए पड़ोसी ढीला पकड़ें तो अणु आसानी से निकलता है। ज़्यादा अणु निकले = ज़्यादा दाब। बार काले निशान से ऊपर जाते देखो।

ऋणात्मक विचलन वाला विलयन गर्म क्यों होता है?

A और B के बीच नए, मज़बूत खिंचाव बनते हैं। मज़बूत खिंचाव बनने पर ऊर्जा ऊष्मा के रूप में निकलती है, इसलिए ΔH ऋणात्मक।

स्थिरक्वाथी को आसवन से अलग क्यों नहीं कर सकते?

आसवन तब काम करता है जब भाप में एक घटक ज़्यादा हो। स्थिरक्वाथी पर भाप और द्रव का संघटन एक जैसा है, तो कुछ अलग नहीं होता।

अवाष्पशील विलेय वाष्प दाब क्यों घटाता है?

सिर्फ़ विलायक निकल सकता है और उसका हिस्सा x अब 1 से कम है। चरण 1 का शुद्ध द्रव वाला बार देखो और सोचो कुछ नीली गेंदों की जगह ऐसी गेंदें आ गईं जो कभी नहीं निकलतीं।

द्रव का वाष्प दाब

बंद बर्तन में सतह के सबसे तेज़ अणु ऊपर की जगह में निकल जाते हैं, कुछ वापस आते हैं। जल्दी ही निकलना और लौटना बराबर दर से होने लगता है: साम्य। उस समय भाप का दाब वाष्प दाब है।

दो वाष्पशील द्रवों के विलयन के लिए राउल्ट का नियम

राउल्ट का नियम (अपने शब्दों में): वाष्पशील द्रवों के विलयन में हर घटक का आंशिक वाष्प दाब = द्रव में उसका मोल अंश × शुद्ध अवस्था का वाष्प दाब।

pA = xA · pA° और pB = xB · pB°

डाल्टन के नियम से कुल दाब p = pA + pB = pB° + (pA° − pB°)·xA। xA के साथ यह सीधी रेखा है।

भाप का संघटन

भाप में A का मोल अंश yA = pA ÷ p। भाप में हमेशा ज़्यादा वाष्पशील द्रव ज़्यादा होता है। प्रभाजी आसवन इसी पर चलता है।

अवाष्पशील विलेय वाला विलयन

विलेय भाप न बनाए (चीनी, नमक) तो सिर्फ़ विलायक की भाप: p = x₁·p₁°। x₁ < 1 है, इसलिए विलयन का वाष्प दाब शुद्ध विलायक से कम। इसी से अणुसंख्य गुणधर्म बनते हैं (अगला पाठ)।

हेनरी के नियम की विशेष स्थिति

हेनरी: p = KH·x। राउल्ट: p = p°·x। दोनों में दाब ∝ मोल अंश। यानी KH = p° रखने पर हेनरी का नियम ही राउल्ट का नियम है।

आदर्श विलयन

आदर्श विलयन हर संघटन पर राउल्ट का नियम मानता है। ऐसा तब होता है जब A–B खिंचाव लगभग A–A और B–B जितना हो। तब:

उदाहरण (लगभग आदर्श): n-हेक्सेन + n-हेप्टेन, बेंज़ीन + टॉलूईन, ब्रोमोएथेन + क्लोरोएथेन।

अनादर्श विलयन: धनात्मक और ऋणात्मक विचलन

अनादर्श विलयन पूरे संघटन पर राउल्ट का नियम नहीं मानता; उसका वक्र सीधी रेखा से ऊपर या नीचे मुड़ता है।

धनात्मक विचलन

A–B खिंचाव A–A और B–B से कमज़ोर। अणु आसानी से निकलते हैं, वाष्प दाब अपेक्षा से ज़्यादा। Δमिश्रणH > 0, Δमिश्रणV > 0। उदाहरण: एथेनॉल + एसीटोन, कार्बन डाइसल्फ़ाइड + एसीटोन, एथेनॉल + पानी।

ऋणात्मक विचलन

A–B खिंचाव मज़बूत। कम अणु निकलते हैं, वाष्प दाब कम। Δमिश्रणH < 0, Δमिश्रणV < 0। उदाहरण: क्लोरोफ़ॉर्म + एसीटोन (दोनों के बीच नया हाइड्रोजन बंध), फ़ीनॉल + ऐनिलीन, नाइट्रिक अम्ल + पानी।

स्थिरक्वाथी मिश्रण (azeotrope)

ऐसा मिश्रण जो स्थिर ताप पर उबलता है और जिसकी भाप का संघटन द्रव जैसा ही होता है, इसलिए प्रभाजी आसवन से अलग नहीं होता।

करके देखो

घर पर: एक ही कमरे में दो प्लेटों पर एक चम्मच पानी और एक चम्मच सैनिटाइज़र रखो। पहले अंदाज़ा लगाओ कौन पहले सूखेगा, फिर देखो। सैनिटाइज़र (अल्कोहल) पहले सूखता है, क्योंकि उसका वाष्प दाब ऊँचा है। 3D में: आदर्श मोड में xA = 0.4 के लिए p हाथ से निकालो, फिर स्लाइडर से जाँचो। फिर धनात्मक और ऋणात्मक चुनकर देखो बैंगनी बार काले निशान से कितना हटता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. शुद्ध A का वाष्प दाब 80 kPa, आदर्श विलयन में xA = 0.25। pA?

pA = 0.25 × 80 = 20 kPa।

2. pA° = 80 kPa, pB° = 30 kPa, xA = 0.4 (आदर्श)। कुल वाष्प दाब?

pA = 32 kPa। xB = 0.6, pB = 18 kPa। p = 50 kPa।

3. उदाहरण 2 में भाप में A का मोल अंश?

yA = 32 ÷ 50 = 0.64। भाप (0.64) में A द्रव (0.4) से ज़्यादा, क्योंकि A ज़्यादा वाष्पशील है।

4. बेंज़ीन (p° = 12.8 kPa) और टॉलूईन (p° = 3.85 kPa) आदर्श विलयन बनाते हैं। 78 g बेंज़ीन (M = 78) + 46 g टॉलूईन (M = 92)। कुल वाष्प दाब?

मोल: 1 और 0.5। x(बेंज़ीन) = 0.667, x(टॉलूईन) = 0.333। p = 8.53 + 1.28 = 9.81 kPa।

5. दो द्रवों के p° = 60 और 20 kPa। पहले का कितना मोल अंश लें कि कुल 40 kPa हो (आदर्श)?

40 = 20 + 40·xA → xA = 0.5।

6. 298 K पर पानी का वाष्प दाब 3.17 kPa। 9 mol पानी में 1 mol अवाष्पशील विलेय। नया वाष्प दाब?

x(पानी) = 0.9। p = 0.9 × 3.17 = 2.85 kPa।

7. xA = 0.5 पर A–B मिश्रण का कुल दाब 55 kPa मापा गया। pA° = 70, pB° = 30 kPa। आदर्श है? नहीं तो कौन-सा विचलन?

आदर्श मान = 35 + 15 = 50 kPa। 55 > 50, इसलिए धनात्मक विचलन।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. आदर्श विलयन के लिए Δमिश्रणH:
2. क्लोरोफ़ॉर्म + एसीटोन दिखाता है:
3. न्यूनतम क्वथनांक वाला स्थिरक्वाथी बनता है:
4. pA = xA·pA° में xA किसमें A का मोल अंश है?
5. राउल्ट का नियम हेनरी का नियम बन जाता है जब:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राउल्ट का नियम क्या है?

वाष्पशील द्रवों के विलयन में हर घटक का आंशिक वाष्प दाब = विलयन में उसका मोल अंश × शुद्ध अवस्था का वाष्प दाब: pA = xA·pA°।

आदर्श और अनादर्श विलयन में क्या अंतर है?

आदर्श विलयन हर संघटन पर राउल्ट का नियम मानता है, ΔH = 0 और ΔV = 0। अनादर्श नहीं मानता और धनात्मक या ऋणात्मक विचलन दिखाता है।

स्थिरक्वाथी मिश्रण क्या हैं?

ऐसे मिश्रण जो स्थिर ताप पर उबलते हैं और जिनकी भाप का संघटन द्रव जैसा होता है। धनात्मक विचलन से न्यूनतम और ऋणात्मक से अधिकतम क्वथनांक वाले बनते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12विलयन

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