Ukraine 11 клас Technologies
अध्याय: 10
1. Interior design
Interior design
- डिज़ाइन (Design) क्या है? क्षेत्र, रूप-कार्य और सबके लिए डिज़ाइन – डिज़ाइन यानी किसी चीज़ की सोच-समझकर योजना बनाना ताकि वह लोगों का कोई काम करे। इसके कई क्षेत्र हैं: उत्पाद, ग्राफ़िक, फ़ैशन-वस्त्र, इंटीरियर, लैंडस्केप, वास्तुकला और डिजिटल (UX)। अच्छा डिज़ाइन रूप (आकार, रंग, सामग्री) और कार्य को जोड़ता है: "रूप कार्य के पीछे चलता है"। डिज़ाइनर तत्वों और सिद्धांतों का उपयोग करते हैं, वस्तु को शरीर के अनुसार बनाते हैं (एर्गोनॉमिक्स), सबके लिए (समावेशी) और धरती के लिए कम नुकसानदेह (टिकाऊ) चीज़ें बनाते हैं।
2. Decorative-applied art techniques
Decorative-applied art techniques
- डिज़ाइन (Design) क्या है? क्षेत्र, रूप-कार्य और सबके लिए डिज़ाइन – डिज़ाइन यानी किसी चीज़ की सोच-समझकर योजना बनाना ताकि वह लोगों का कोई काम करे। इसके कई क्षेत्र हैं: उत्पाद, ग्राफ़िक, फ़ैशन-वस्त्र, इंटीरियर, लैंडस्केप, वास्तुकला और डिजिटल (UX)। अच्छा डिज़ाइन रूप (आकार, रंग, सामग्री) और कार्य को जोड़ता है: "रूप कार्य के पीछे चलता है"। डिज़ाइनर तत्वों और सिद्धांतों का उपयोग करते हैं, वस्तु को शरीर के अनुसार बनाते हैं (एर्गोनॉमिक्स), सबके लिए (समावेशी) और धरती के लिए कम नुकसानदेह (टिकाऊ) चीज़ें बनाते हैं।
3. Modern clothing design
Modern clothing design
- फ़ैशन डिज़ाइन की बुनियाद – फ़ैशन डिज़ाइन यानी ऐसे कपड़े बनाने की योजना जो अच्छे दिखें, ठीक फ़िट हों, काम आएँ और बिकें। हर पोशाक एक कड़ी से गुज़रती है: रेशे से धागा, धागे से बुनाई या निटिंग करके कपड़ा, कपड़े को काटकर-सिलकर पोशाक, और फिर दुकान या ऑनलाइन बिक्री। रेशे प्राकृतिक (कपास, ऊन, रेशम, लिनन) या कृत्रिम (पॉलिएस्टर, नायलॉन) होते हैं। डिज़ाइनर डिज़ाइन के तत्व (रंग, रेखा, आकार, बनावट) और सिद्धांत (संतुलन, अनुपात, ज़ोर, लय, सामंजस्य) इस्तेमाल करते हैं। प्रक्रिया: शोध, मूड बोर्ड, स्केच, पैटर्न, नमूना, उत्पादन, बिक्री। मार्केटिंग 4P से होती है: उत्पाद, कीमत, जगह, प्रचार। आज टिकाऊपन भी ज़रूरी है।
4. Beauty and health
Beauty and health
- सौंदर्य प्रसाधनों (कॉस्मेटिक्स) का रसायन – कॉस्मेटिक वह उत्पाद है जो त्वचा, बाल, नाख़ून या दाँत पर साफ़ करने, बचाने या रूप बदलने के लिए लगाया जाता है। ज़्यादातर क्रीम इमल्शन हैं: पानी में तेल की बारीक बूँदें (या तेल में पानी), जिन्हें इमल्सीफायर मिलाए रखता है। सनस्क्रीन UV रोशनी को सोखते या लौटाते हैं: UVB ऊपर जलाती है, UVA गहराई में जाकर त्वचा बूढ़ी करती है; SPF बताता है कितनी UVB रुकी। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल को शांत करते हैं। ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल यानी अपनी त्वचा का प्रकार जानना, लेबल पढ़ना, पैच टेस्ट, और क़ीमत व पर्यावरण का ध्यान।
5. Cooking
Cooking
- खाना पकाने के कौशल और तरीक़े – अच्छा खाना सुरक्षित, कुशल और समझदारी से बनता है। खाने को ख़तरे के क्षेत्र (5–63 °C) से बाहर रखो, टुकड़े एक जैसे काटो, जानो कि ऊष्मा खाने तक कैसे पहुँचती है (चालन, संवहन, विकिरण), नम या सूखी विधि चुनो, मौसमी सामग्री लो, और किसी भी संख्या के लोगों के लिए रेसिपी और लागत निकालो।
6. Landscape design
Landscape design
- डिज़ाइन (Design) क्या है? क्षेत्र, रूप-कार्य और सबके लिए डिज़ाइन – डिज़ाइन यानी किसी चीज़ की सोच-समझकर योजना बनाना ताकि वह लोगों का कोई काम करे। इसके कई क्षेत्र हैं: उत्पाद, ग्राफ़िक, फ़ैशन-वस्त्र, इंटीरियर, लैंडस्केप, वास्तुकला और डिजिटल (UX)। अच्छा डिज़ाइन रूप (आकार, रंग, सामग्री) और कार्य को जोड़ता है: "रूप कार्य के पीछे चलता है"। डिज़ाइनर तत्वों और सिद्धांतों का उपयोग करते हैं, वस्तु को शरीर के अनुसार बनाते हैं (एर्गोनॉमिक्स), सबके लिए (समावेशी) और धरती के लिए कम नुकसानदेह (टिकाऊ) चीज़ें बनाते हैं।
7. Basics of entrepreneurship
Basics of entrepreneurship
- विचार से स्टार्टअप तक: उद्यमिता – उद्यमी ज़मीन, श्रम और पूँजी को जोड़कर और जोखिम उठाकर एक विचार को व्यवसाय में बदलता है। नए विचार पुराने तरीकों की जगह लेते हैं, जिसे अर्थशास्त्री रचनात्मक विनाश कहते हैं। स्टार्टअप निवेशकों, बैंकों, इनक्यूबेटरों, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं, और MSME कहलाने वाले छोटे उद्यमों की मदद से बढ़ते हैं। व्यवसाय योजना विचार, लागत और ग्राहकों का नक्शा है। लाभ-हानि विवरण बिक्री − लागत दिखाता है, और तुलन पत्र परिसंपत्तियाँ = देनदारियाँ + पूँजी।
8. Basics of automation and robotics
Basics of automation and robotics
- रोबोटिक्स: रोबोट कैसे महसूस करता, सोचता और काम करता है – रोबोट एक मशीन है जो आसपास को महसूस करती है, प्रोग्राम से फ़ैसला लेती है और मोटरों से काम करती है। इसमें ढाँचा, सेंसर, कंट्रोलर, एक्चुएटर, गियर जैसा संचरण और बिजली का स्रोत होता है। रोबोट कारख़ानों, अस्पतालों, खेतों, घरों और अंतरिक्ष में मदद करते हैं।
9. Computer-aided design
Computer-aided design
- CAD मॉडलिंग: स्केच से 3D पुर्ज़े तक – CAD (कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन) यानी किसी चीज़ को बनाने से पहले कंप्यूटर पर उसका सटीक मॉडल बनाना। डिज़ाइन हाथ के स्केच से शुरू होता है। CAD में वह कंस्ट्रेंट और डाइमेंशन वाला 2D स्केच बनता है। एक्सट्रूड, रिवॉल्व और कट जैसे 3D टूल स्केच को ठोस बनाते हैं। हर कदम फ़ीचर ट्री में सहेजा जाता है, इसलिए एक माप बदलने पर पूरा मॉडल दोबारा बन जाता है। पुर्ज़े असेंबली में जोड़े जाते हैं, सिमुलेशन से जाँचे जाते हैं, ड्रॉइंग के रूप में बाँटे जाते हैं और 3D प्रिंटर, लेज़र कटर या CNC मशीन को भेजे जाते हैं।
10. Technical drawing
Technical drawing
- तकनीकी ड्राइंग: डिज़ाइन के विचार बताना – तकनीकी ड्राइंग एक साझा चित्र-भाषा है जो किसी वस्तु का सही आकार और माप दिखाती है। डिज़ाइनर हाथ से स्केच से शुरू करते हैं, फिर आइसोमेट्रिक या तिर्यक (ऑब्लीक) दृश्य से वस्तु को 3D में दिखाते हैं, और ऑर्थोग्राफ़िक प्रक्षेप (सामने, ऊपर, बगल के दृश्य) में मानक रेखाएँ, मिलीमीटर में माप और स्केल लगाते हैं ताकि कोई भी उसे बना सके। आज ज़्यादातर ड्राइंग CAD सॉफ़्टवेयर से बनती हैं।