France Troisième Life and Earth Sciences
अध्याय: 3
1. Earth, environment and human action
Natural resources and ecosystems · Climate change and human activity
- पारितंत्र, आहार श्रृंखला और ऊर्जा प्रवाह – किसी जगह के सभी जीव और उनके आस-पास की निर्जीव चीज़ें मिलकर पारितंत्र बनाते हैं। ऊर्जा सूर्य से आती है, आहार श्रृंखला में एक ही दिशा में ऊपर जाती है, और हर अगले स्तर तक सिर्फ़ लगभग 10% पहुँचती है।
- जलवायु परिवर्तन और हरितगृह प्रभाव – जलवायु किसी जगह का लगभग 30 साल का औसत मौसम है। कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी हरितगृह गैसें पृथ्वी से निकलने वाली कुछ ऊष्मा रोक लेती हैं। मनुष्यों ने ईंधन जलाकर और जंगल काटकर ये गैसें बहुत बढ़ा दी हैं, इसलिए पृथ्वी गर्म हो रही है। इससे बर्फ़ पिघलती है, समुद्र तल बढ़ता है और मौसम उग्र होता है। हम गैसें घटा सकते हैं (शमन) और बदलाव के लिए तैयार हो सकते हैं (अनुकूलन)।
2. Living things and evolution
Genetics: DNA, genes, alleles, chromosomes · Biodiversity and evolution
- आनुवंशिकता और मेंडल के नियम – माता-पिता से बच्चों में लक्षणों का जाना आनुवंशिकता है। हर लक्षण के लिए माँ और पिता दोनों एक-एक जीन देते हैं। प्रभावी जीन अप्रभावी को छुपा देता है, इसलिए एकसंकर में 3:1 और द्विसंकर में 9:3:3:1 अनुपात आता है। जीन DNA का टुकड़ा है जो प्रोटीन बनवाता है, और प्रोटीन से लक्षण बनता है।
- विकास: नए प्रकार के जीव कैसे बनते हैं – जनन के समय विविधताएँ आती हैं। प्रकृति उन विविधताओं को चुनती है जो जीवित रहने में मदद करें, और कई पीढ़ियों में आबादी बदल जाती है: यही विकास है। सिर्फ़ वंशागत (DNA वाले) बदलाव आगे जाते हैं, उपार्जित नहीं। अलग हुई आबादियाँ नई जातियाँ बन सकती हैं। समजात अंग, समरूप अंग और जीवाश्म बताते हैं कि कौन किससे संबंधित है, और जटिल अंग चरण-दर-चरण बने।
3. Human body and health
Immune system and vaccination · Microbes and antibiotics · Contraception and STIs
- प्रतिरक्षा तंत्र: शरीर रोगाणुओं से कैसे लड़ता है – रोगाणु (रोगजनक) संक्रामक रोग करते हैं। शरीर में रक्षा की तीन पंक्तियाँ हैं: अवरोध (त्वचा, श्लेष्मा, अम्ल), तेज़ सामान्य (सहज) प्रतिरक्षा (सूजन, बुखार, भक्षक कोशिकाएँ) और धीमी पर विशिष्ट (उपार्जित) प्रतिरक्षा (B कोशिकाएँ एंटीबॉडी बनाती हैं, T कोशिकाएँ संक्रमित कोशिकाएँ मारती हैं)। स्मृति कोशिकाएँ दूसरे हमले को जल्दी रोकती हैं। टीका सुरक्षित रूप से स्मृति बनाता है। गड़बड़ी: एलर्जी, स्व-प्रतिरक्षी रोग, प्रतिरक्षा की कमी (जैसे HIV)।
- सूक्ष्मजीव: हमारे चारों ओर के नन्हे जीव – सूक्ष्मजीव (माइक्रोब) वे जीव हैं जो इतने छोटे हैं कि बिना सूक्ष्मदर्शी के नहीं दिखते। मुख्य समूह हैं जीवाणु, कवक, प्रोटोज़ोआ और शैवाल; वायरस भी इनके साथ पढ़े जाते हैं पर वे कोशिका नहीं हैं। जीवाणु में केंद्रक नहीं होता (प्रोकैरियोट), बाकी में होता है (यूकैरियोट)। जीवाणु दो में बँटकर बढ़ते हैं, इसलिए उनकी संख्या बार-बार दोगुनी होती है। ज़्यादातर सूक्ष्मजीव हानिरहित या उपयोगी हैं: आँत के जीवाणु पाचन में मदद करते हैं, सूक्ष्मजीव दही और ब्रेड बनाते हैं, मरी चीज़ें सड़ाते हैं और नाइट्रोजन स्थिर करते हैं। कुछ रोगाणु रोग फैलाते हैं। एंटीबायोटिक जीवाणुओं को मारते हैं, वायरस को नहीं, और इनका गलत इस्तेमाल प्रतिरोधी जीवाणु पैदा करता है।
- मानव में जनन और जनन स्वास्थ्य – यौवनारंभ पर मस्तिष्क के हॉर्मोन वृषण और अंडाशय को सक्रिय करते हैं। नर तंत्र शुक्राणु बनाता और ले जाता है; मादा तंत्र अंडाणु बनाता है और गर्भाशय में शिशु के बढ़ने की जगह देता है। निषेचन अंडवाहिनी में होता है और भ्रूण को प्लेसेंटा से पोषण मिलता है। जनन स्वास्थ्य में सुरक्षित निर्णय, गर्भनिरोध, भ्रूण हत्या पर रोक और HIV/AIDS जैसे रोगों से बचाव शामिल हैं।