Ukraine 10 клас Natural Sciences (integrated)
अध्याय: 6
1. Science: key to the future
Nature of science
- वैज्ञानिक विधि – वैज्ञानिक विधि वह सावधान तरीका है जिससे वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि दुनिया कैसे चलती है। कुछ देखो (प्रेक्षण), परखने लायक प्रश्न पूछो, परिकल्पना बनाओ (साफ़, परखने योग्य अनुमान), निष्पक्ष प्रयोग से परखो (एक चर बदलो, एक मापो, बाकी सब एक जैसा), दोहराओ और आँकड़े लिखो, विश्लेषण करो, निष्कर्ष निकालो और साझा करो ताकि दूसरे जाँच सकें। जो नतीजे परिकल्पना से मेल न खाएँ, वे भी काम के हैं: वे नई परिकल्पना की ओर ले जाते हैं।
2. Particles
Fundamental particles and the Universe · Atoms, isotopes and radioactivity · Radiation and living things
- कण भौतिकी: क्वार्क, लेप्टॉन और मानक मॉडल – कण भौतिकी पदार्थ के सबसे छोटे टुकड़ों को पढ़ती है। प्रोटॉन और न्यूट्रॉन क्वार्क से बने हैं। इलेक्ट्रॉन लेप्टॉन परिवार का है। हर कण का एक प्रतिकण होता है। कण चार बल महसूस करते हैं, और इनमें से तीन बल बोसॉन नाम के संदेशवाहक कण ले जाते हैं। यह पूरी तस्वीर मानक मॉडल (Standard Model) कहलाती है।
- रेडियोधर्मिता: अल्फ़ा, बीटा, गामा और अर्ध-आयु – कुछ परमाणुओं के नाभिक अस्थायी होते हैं। वे स्थायी बनने के लिए अपने आप, यादृच्छिक ढंग से विकिरण छोड़ते हैं। इसे रेडियोधर्मी क्षय कहते हैं। अल्फ़ा (2 प्रोटॉन + 2 न्यूट्रॉन), बीटा (तेज़ इलेक्ट्रॉन) और गामा (ऊर्जा की तरंग) मुख्य तीन प्रकार हैं। अर्ध-आयु वह समय है जिसमें आधे अस्थायी नाभिक क्षय हो जाते हैं।
- उत्परिवर्तन (Mutation) – उत्परिवर्तन DNA में अचानक होने वाला स्थायी बदलाव है। जीन (बिंदु) उत्परिवर्तन में एक या कुछ क्षार बदलते हैं: प्रतिस्थापन, जोड़ या विलोपन। जोड़ और विलोपन पढ़ने का ढाँचा खिसका देते हैं। गुणसूत्र उत्परिवर्तन में बड़े टुकड़े या गुणसूत्रों की संख्या बदलती है। ये संयोग से या उत्परिवर्तजनों (UV, X-किरणें, कुछ रसायन) से होते हैं। ये हानिकारक, तटस्थ या लाभदायक हो सकते हैं और हर आनुवंशिक विविधता की पहली जड़ हैं।
3. Waves
Waves and spectrum · Waves in living things and medicine · Waves in communication
- X-किरण इमेजिंग (X-ray Imaging) – X-किरणें बहुत छोटी तरंगदैर्ध्य वाली विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं। X-किरण ट्यूब में ऊँची वोल्टता इलेक्ट्रॉनों को तेज़ करती है और वे धातु के लक्ष्य से टकराकर X-किरणें देते हैं। शरीर के अलग-अलग भाग इन्हें अलग मात्रा में सोखते हैं: तीव्रता I = I₀e^(−μx) से घटती है। हड्डी ज़्यादा सोखती है, इसलिए सफ़ेद दिखती है। कंट्रास्ट माध्यम, डिजिटल डिटेक्टर और CT स्कैनर चित्र को साफ़ और त्रि-आयामी बनाते हैं।
- डेटा संचार तंत्र (Data Communication Systems) – संचार तंत्र सूचना को ट्रांसमीटर से चैनल के रास्ते रिसीवर तक भेजता है। चैनल ताँबे का तार, ऑप्टिकल फ़ाइबर या रेडियो तरंगें हो सकता है। रेडियो से संदेश भेजने के लिए उसे तेज़ वाहक तरंग पर चढ़ाते हैं: AM में वाहक का आयाम और FM में आवृत्ति संदेश के साथ बदलती है। समय-विभाजन मल्टीप्लेक्सिंग (TDM) में कई संकेत बारी-बारी छोटे समय-खानों में एक ही चैनल बाँटते हैं।
4. Substances
Properties and new materials · Methods of studying substances · Waste
- पदार्थ विज्ञान: पदार्थ ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं – पदार्थ विज्ञान बताता है कि अंदर की बनावट (परमाणु, बंध, क्रिस्टल, ग्रेन) बाहर के गुण (मज़बूत, लचीला, भंगुर, हल्का) कैसे तय करती है। चार परिवार: धातु, पॉलिमर, सिरेमिक, कंपोज़िट। गुण परीक्षणों से नापे जाते हैं: तनन परीक्षण (प्रतिबल = बल ÷ क्षेत्रफल, विकृति = लंबाई में बदलाव ÷ मूल लंबाई, यंग गुणांक = प्रतिबल ÷ विकृति), कठोरता और आघात परीक्षण। ऊष्मा उपचार और मिश्रधातु बनाना अंदर की बनावट और इसलिए गुण बदलते हैं। नए पदार्थ: कंपोज़िट, नैनो, स्मार्ट और जैव पदार्थ। रसायन कला-सामग्री भी समझाता है: रंजक, बाइंडर, सिरेमिक, काँच, धातु।
- कार्बनिक विश्लेषण: कार्बनिक यौगिकों की पहचान – किसी अज्ञात कार्बनिक यौगिक को रसायनज्ञ दो तरह से पहचानते हैं। परखनली की छोटी अभिक्रियाएँ बताती हैं कि कौन-सा क्रियात्मक समूह है: ऐल्कीन ब्रोमीन जल का रंग उड़ा देती है, प्राथमिक/द्वितीयक ऐल्कोहॉल और ऐल्डिहाइड अम्लीय डाइक्रोमेट को हरा कर देते हैं, ऐल्डिहाइड टॉलेन अभिकर्मक से चाँदी का दर्पण बनाता है और कार्बोक्सिलिक अम्ल सोडियम कार्बोनेट से बुलबुले देता है। फिर मशीनें पक्का करती हैं: द्रव्यमान स्पेक्ट्रम का आणविक आयन शिखर (M⁺) आपेक्षिक आणविक द्रव्यमान बताता है और अवरक्त (IR) स्पेक्ट्रम बताता है कि कौन-से बंध हैं।
- पर्यावरणीय समस्याएँ: कारण, प्रभाव और समाधान – पर्यावरणीय समस्याएँ हवा, पानी, ज़मीन, जलवायु और जीवों में होने वाले हानिकारक बदलाव हैं, जो ज़्यादातर इंसानों के कामों से होते हैं। मुख्य समस्याएँ हैं: वायु, जल और भूमि प्रदूषण, कचरा, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, जैव विविधता की हानि और संसाधनों का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल। ये लोगों की संख्या और हर व्यक्ति की खपत (पारिस्थितिक पदचिह्न) के साथ बढ़ती हैं। साफ़ ऊर्जा, बचत, रीसाइक्लिंग, गंदे पानी की सफ़ाई, जंगलों की रक्षा और अच्छे कानूनों से हम इन्हें घटा सकते हैं।
5. Mixtures and solutions
Solutions around us · Water
- विलयन: चीज़ें कैसे घुलती हैं और कितनी घुल सकती हैं – विलयन विलायक में घुले विलेय का समांगी मिश्रण है। पानी में (जलीय विलयन) विलेय इतने छोटे कणों में टूटता है कि दिखता नहीं, नीचे नहीं बैठता और फ़िल्टर पेपर से निकल जाता है। सांद्रता बताती है कितना विलेय है (द्रव्यमान % = विलेय ÷ विलयन × 100)। विलेयता किसी ताप पर 100 g विलायक में घुल सकने वाली अधिकतम मात्रा है; उसके बाद विलयन संतृप्त है। वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण और आसवन से विलयन अलग होता है।
6. The cell
Cell and metabolism · Medicines and vaccines · Biotechnology and medicine
- कोशिका: जीवन की मूल इकाई – हर सजीव कोशिकाओं से बना है। 1665 में रॉबर्ट हुक ने कॉर्क में सबसे पहले कोशिकाएँ देखीं। कोशिकाएँ प्रोकैरियोटी (असली केंद्रक नहीं, जैसे जीवाणु) या यूकैरियोटी (असली केंद्रक) होती हैं। पादप कोशिका में कोशिका भित्ति, हरितलवक और बड़ी रिक्तिका होती है, जंतु कोशिका में नहीं। हर कोशिकांग का एक काम है। पानी परासरण से कोशिका में आता-जाता है। नई कोशिकाएँ समसूत्री (वृद्धि) और अर्धसूत्री (जनन कोशिकाएँ) विभाजन से बनती हैं।
- जैव प्रौद्योगिकी: सिद्धांत व प्रक्रम (पुनर्योगज DNA तकनीक) – आनुवंशिक इंजीनियरिंग यानी किसी जीव के जीन जान-बूझकर बदलना। चाहा गया जीन प्रतिबंधन एंज़ाइम (आणविक कैंची) से काटते हैं, DNA लाइगेज़ (आणविक गोंद) से वाहक DNA में जोड़ते हैं, परपोषी कोशिका में डालते हैं, सही कोशिकाएँ चुनते हैं और बड़े टैंक (बायोरिएक्टर) में उगाकर उत्पाद निकालते हैं। PCR जीन की लाखों प्रतियाँ बनाता है और जेल वैद्युतकणसंचलन DNA टुकड़ों को आकार के हिसाब से अलग करता है।