ऊर्जा आपूर्ति और समाज का विकास
ऊर्जा काम करने की क्षमता है: गर्मी, रोशनी, गति, बिजली। जैसे-जैसे समाज विकसित होता है, उद्योग, यातायात, ठंडक और गर्मी के लिए ऊर्जा की ज़रूरत बढ़ती है। ऊर्जा जूल (J) या किलोवाट-घंटा (kWh) में नापते हैं। 1 kWh = 36 लाख J।
- प्राथमिक ऊर्जा: प्रकृति में जैसी मिलती है (कोयला, कच्चा तेल, धूप, हवा)।
- द्वितीयक ऊर्जा: काम के रूप में बदली हुई (बिजली, पेट्रोल)।
विश्व खपत 1950 से कई गुना बढ़ी है और अब भी बढ़ रही है, ख़ासकर एशिया में। प्रति व्यक्ति उपयोग बहुत असमान है: अमीर देशों में रोज़ लगभग 200 kWh, विश्व औसत लगभग 57 kWh, भारत में लगभग 19 kWh। लगभग 70 करोड़ लोगों के पास अब भी बिजली नहीं है।
बढ़ती माँग के कारण: जनसंख्या वृद्धि, आर्थिक विकास, शहरीकरण और नई तकनीक (ज़्यादा गाड़ियाँ, AC, डेटा सेंटर)।
नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधन, ईंधन के प्रकार और उपयोग
अनवीकरणीय संसाधन (भंडार) लाखों साल में बने और ख़त्म हो जाते हैं: कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम। नवीकरणीय संसाधन (धाराएँ) प्रकृति में फिर बनते रहते हैं: धूप, हवा, बहता पानी, धरती की गर्मी, पौधे।
| ईंधन | मुख्य उपयोग | ख़ासियत |
|---|---|---|
| कोयला | बिजली, इस्पात | सस्ता, बहुत; सबसे ज़्यादा CO₂, वायु प्रदूषण, खनन से नुक़सान |
| तेल | पेट्रोल, डीज़ल, विमान ईंधन, प्लास्टिक | कम जगह में ज़्यादा ऊर्जा; रिसाव, CO₂, क़ीमत के झटके |
| प्राकृतिक गैस | बिजली, खाना पकाना (LPG/PNG), खाद | कोयले से लगभग आधी CO₂; मीथेन रिसाव; पाइपलाइन चाहिए |
| परमाणु (यूरेनियम) | बिजली | बहुत कम CO₂, भरोसेमंद; महँगा, रेडियोधर्मी कचरा |
आज विश्व की लगभग 80% प्राथमिक ऊर्जा जीवाश्म ईंधन से है: तेल ~31%, कोयला ~26%, गैस ~23%, जल ~6%, परमाणु ~4%, पवन+सौर ~6%, अन्य नवीकरणीय ~4%।
नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत
- सौर: सोलर (फोटोवोल्टिक) पैनल रोशनी को बिजली बनाते हैं; सोलर हीटर पानी गरम करते हैं। फ़ायदा: मुफ़्त, हर जगह। कमी: रात में बंद, जगह चाहिए।
- पवन: हवा टरबाइन के पंखे और जनरेटर घुमाती है। फ़ायदा: बहुत कम CO₂। कमी: मौसम पर निर्भर।
- जल विद्युत: बाँध में रुका पानी गिरकर टरबाइन घुमाता है। फ़ायदा: भरोसेमंद, जल्दी चालू। कमी: घाटियाँ डूबती हैं, लोग विस्थापित, मछलियों को नुक़सान।
- भू-तापीय: गरम चट्टानें पानी को भाप बनाती हैं (आइसलैंड, केन्या)। फ़ायदा: दिन-रात स्थिर। कमी: सिर्फ़ प्लेट सीमाओं या गर्म स्थलों के पास।
- बायोमास: लकड़ी, फ़सल का कचरा, गोबर या बायोगैस। फ़ायदा: कचरे का उपयोग; गाँव में बायोगैस प्लांट। कमी: धुआँ, खाद्य फ़सलों से होड़।
- हाइड्रोजन फ्यूल सेल: हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिलकर बिजली बनाते हैं, कचरा सिर्फ़ पानी। हाइड्रोजन ऊर्जा का वाहक है, स्रोत नहीं; यह तभी साफ़ है जब नवीकरणीय बिजली से बने (ग्रीन हाइड्रोजन)।
संसाधनों का वितरण और सततता
ऊर्जा संसाधन धरती पर असमान रूप से फैले हैं। तेल-गैस कुछ क्षेत्रों में ज़्यादा हैं, जैसे पश्चिम एशिया और रूस; कोयला चीन, अमेरिका, भारत और ऑस्ट्रेलिया में; तेज़ धूप उष्ण कटिबंध के पास के रेगिस्तानों में; भू-तापीय प्लेट सीमाओं के पास; जल विद्युत के लिए ज़्यादा बारिश और ढलान चाहिए।
आज का ऊर्जा उपयोग टिकाऊ नहीं है क्योंकि:
- जीवाश्म ईंधन ख़त्म होंगे (भंडार ÷ उत्पादन: तेल-गैस ~50 साल, कोयला ~140 साल);
- इन्हें जलाने से CO₂ बढ़ती है जो जलवायु गरम करती है, और धुंध व अम्ल वर्षा होती है;
- खनन और रिसाव से ज़मीन-पानी ख़राब होते हैं।
प्रति kWh बिजली में CO₂ (लगभग): कोयला 820 g, गैस 490 g, सौर 45 g, जल 24 g, परमाणु 12 g, पवन 11 g।
ऊर्जा सुरक्षा, भविष्य की रणनीतियाँ और संरक्षण
ऊर्जा सुरक्षा यानी पर्याप्त, भरोसेमंद और सस्ती ऊर्जा। ख़तरे: युद्ध, क़ीमत के झटके, एक ही आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता, चरम मौसम।
रणनीतियाँ
- ऊर्जा मिश्रण और आपूर्तिकर्ताओं में विविधता।
- नवीकरणीय ऊर्जा, भंडारण (बैटरी, पंप्ड हाइड्रो) और मज़बूत ग्रिड।
- परमाणु ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर।
- अंतरराष्ट्रीय समझौते (पेरिस समझौता)।
ऊर्जा संरक्षण
ऊर्जा बचाना सबसे सस्ता नया स्रोत है: LED बल्ब, इन्सुलेशन, कुशल मोटर, सार्वजनिक परिवहन, स्टार-रेटेड उपकरण, बेकार उपकरण बंद करना।
करके देखो: घर का ऊर्जा ऑडिट
बिजली का बिल देखो: इस महीने घर ने कितने kWh इस्तेमाल किए? दिनों और लोगों से भाग दो, तो प्रति व्यक्ति प्रति दिन kWh मिलेगा। 10% बचाने के तीन तरीक़े लिखो। फिर 3D फ्री प्ले में वह कम-कार्बन हिस्सा ढूँढो जिससे प्रति kWh CO₂ आधा हो जाए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
- भंडार-उत्पादन अनुपात (R/P) = भंडार ÷ सालाना उत्पादन = बचे साल
- मिश्रण की औसत CO₂ = Σ (हिस्सा × हर स्रोत की CO₂)
- प्रति व्यक्ति ऊर्जा = कुल ऊर्जा ÷ जनसंख्या
- नवीकरणीय = धारा; अनवीकरणीय = भंडार
- ऊर्जा सुरक्षा = पर्याप्त + भरोसेमंद + सस्ती
हल किए गए उदाहरण
1. एक देश के पास 300 अरब बैरल तेल भंडार है और वह हर साल 6 अरब बैरल निकालता है। यह कितने साल चलेगा?
R/P = 300 ÷ 6 = 50 साल।
2. बिजली 70% कोयले (820 g/kWh) और 30% पवन (11 g/kWh) से है। औसत CO₂ प्रति kWh?
0.7 × 820 + 0.3 × 11 = 574 + 3.3 ≈ 577 g CO₂ प्रति kWh।
3. एक घर ने 30 दिन में 240 kWh बिजली ली, घर में 4 लोग हैं। प्रति व्यक्ति प्रति दिन?
240 ÷ 30 = 8 kWh रोज़; 8 ÷ 4 = 2 kWh प्रति व्यक्ति प्रति दिन (सिर्फ़ बिजली)।
4. हाइड्रोजन को ऊर्जा का वाहक क्यों कहते हैं, स्रोत क्यों नहीं?
हाइड्रोजन प्रकृति में अकेली नहीं मिलती। उसे बनाने में ऊर्जा लगती है (जैसे बिजली से पानी तोड़ना)। वह उस ऊर्जा को जमा करके इस्तेमाल की जगह तक ले जाती है।
आम गलतियाँ
- परमाणु ऊर्जा को नवीकरणीय कहना। यूरेनियम ख़त्म होने वाला भंडार है, भले CO₂ कम हो।
- सोचना कि नवीकरणीय यानी शून्य प्रदूषण। पैनल, बाँध, टरबाइन बनाने में भी असर होता है; बायोमास से धुआँ होता है।
- R/P के सालों को तेल ख़त्म होने की पक्की तारीख़ मानना। नई खोज और माँग इसे बदलती हैं।
- ऊर्जा और शक्ति को मिलाना: ऊर्जा kWh (मात्रा), शक्ति kW (दर)।