अनवीकरणीय और नवीकरणीय ऊर्जा
अनवीकरणीय स्रोत प्रकृति के बनाने से बहुत तेज़ खर्च होता है: कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस (जीवाश्म ईंधन) और यूरेनियम। दुनिया की ज़्यादातर ऊर्जा जीवाश्म ईंधन से आती है, पर:
- ये ख़त्म हो जाएँगे;
- इन्हें जलाने से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बनती है, जो वैश्विक तापन का मुख्य कारण है;
- इनसे धुआँ, अम्लीय वर्षा और तेल रिसाव होते हैं।
नवीकरणीय स्रोत को प्रकृति इस्तेमाल के साथ भरती रहती है: धूप, हवा, बहता पानी, ज्वार, धरती के अंदर की गर्मी और पौधे। इनमें से ज़्यादातर की ऊर्जा सूर्य से आती है। इनका उपयोग और कम ऊर्जा खर्च (दक्षता, इन्सुलेशन) ऊर्जा समस्या हल करने में मदद करते हैं।
सौर ऊर्जा: सौर सेल और सौर तापन
सौर (फ़ोटोवोल्टिक) सेल सिलिकॉन का बना होता है। प्रकाश इलेक्ट्रॉनों को मुक्त करता है और दिष्ट धारा (DC) बनती है। इन्वर्टर इसे घरों के लिए AC में बदलता है। कई सेल मिलकर पैनल बनाते हैं।
मिलने वाली शक्ति = प्रकाश की तीव्रता × क्षेत्रफल × दक्षता। अच्छे पैनल लगभग 15–22% प्रकाश बदलते हैं।
सौर तापीय संग्राहक (काले, अक्सर काँच के नीचे) पानी गरम करते हैं। सोलर कुकर और सांद्रित सौर संयंत्र दर्पण इस्तेमाल करते हैं।
फ़ायदे: ईंधन मुफ़्त, धुआँ नहीं, छत और गाँव में लग सकता है। कमियाँ: रात में बिजली नहीं, बादलों में कम, जगह और भंडारण चाहिए।
पवन, जल, ज्वारीय और भूतापीय ऊर्जा
पवन
चलती हवा जनरेटर से जुड़ी पंखुड़ियाँ घुमाती है। शक्ति v³ के अनुपाती है, इसलिए दुगुनी हवा वाली जगह 8 गुना शक्ति देती है। पवन फ़ार्म शोर कर सकते हैं और बिजली बदलती रहती है।
जलविद्युत
बाँध के पीछे जमा पानी में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होती है। वह टरबाइन से गिरता है: P = η × ρ × g × h × Q (η दक्षता, ρ = 1000 kg/m³, h ऊँचाई, Q प्रति सेकंड आयतन)। भरोसेमंद और जल्दी चालू, पर बाँध ज़मीन डुबाते हैं और नदी व लोगों पर असर डालते हैं।
ज्वारीय और तरंग
चंद्रमा का खिंचाव समुद्र को दिन में दो बार चढ़ाता-उतारता है; बहता पानी टरबाइन घुमाता है। बहुत अनुमान योग्य।
भूतापीय
ज़मीन के नीचे गरम चट्टानें पानी को भाप बनाती हैं, जो टरबाइन घुमाती है या घर गरम करती है। सिर्फ़ ज्वालामुखी वाले इलाक़ों में।
जैव भार, हाइड्रोजन, ईंधन सेल, हाइब्रिड और भंडारण
जैव भार: लकड़ी, फ़सल का कचरा और गोबर। जलाया जाता है या सड़ाकर बायोगैस (ज़्यादातर मीथेन) बनती है। नए पौधे CO₂ वापस लेते हैं, इसलिए फिर से लगाने पर यह लगभग कार्बन-तटस्थ हो सकता है।
हाइड्रोजन ईंधन सेल बिना जलाए हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को जोड़ता है: 2H₂ + O₂ → 2H₂O + बिजली। बाहर सिर्फ़ पानी आता है। हाइड्रोजन तभी "हरित" है जब वह नवीकरणीय बिजली से बने।
हाइब्रिड गाड़ी में इंजन और बैटरी वाली विद्युत मोटर दोनों होते हैं; ब्रेक की ऊर्जा वापस लेकर ईंधन बचाती है।
भंडारण कमी पूरी करता है: बैटरियाँ, पंप जल भंडारण (बिजली बचे तो पानी ऊपर चढ़ाओ, ज़रूरत पर गिराओ), और स्मार्ट ग्रिड। नाभिकीय ऊर्जा कम-कार्बन है पर नवीकरणीय नहीं, और रेडियोधर्मी कचरा छोड़ती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सौर: P = I × A × η (I W/m² में, A m² में, η दक्षता)
- पवन: P = ½ ρ A v³ × η → P ∝ v³
- जलविद्युत: P = η × ρ × g × h × Q
- दक्षता η = उपयोगी ऊर्जा ÷ दी गई ऊर्जा
- ईंधन सेल: 2H₂ + O₂ → 2H₂O + विद्युत ऊर्जा
- ऊर्जा E = P × t (1 kWh = 3.6 MJ)
हल किए गए उदाहरण
1. 1000 W/m² की धूप 1.5 m² के पैनल पर पड़ती है, दक्षता 20%। विद्युत शक्ति निकालो।
P = 1000 × 1.5 × 0.20 = 300 W।
2. यही पैनल रोज़ 5 घंटे धूप पाता है। ऊर्जा kWh में कितनी?
E = 0.3 kW × 5 h = 1.5 kWh प्रतिदिन।
3. एक पवन टरबाइन 6 m/s पर 200 kW देती है। 12 m/s पर शक्ति का अनुमान लगाओ।
गति दुगुनी, शक्ति × 2³ = 8। P = 200 × 8 = 1600 kW (अगर टरबाइन संभाल सके)।
4. पानी 50 m गिरता है, 2 m³/s, दक्षता 80%। शक्ति निकालो (g = 9.8 m/s²)।
P = 0.8 × 1000 × 9.8 × 50 × 2 = 784 000 W ≈ 0.78 MW।
5. एक बायोगैस संयंत्र गोबर से 500 kJ लेता है और 150 kJ उपयोगी ऊष्मा देता है। दक्षता निकालो।
η = 150 ÷ 500 = 0.30 = 30%।
6. एक क़स्बे को दिन-रात 10 MW चाहिए। सिर्फ़ 10 MW के सोलर पैनल क्यों काफ़ी नहीं?
रात में पैनल 0 देते हैं और बादलों में कम; उनका औसत शायद अधिकतम का 20% ही हो। ज़्यादा पैनल और भंडारण, या पवन, जल, बायोगैस जैसे दूसरे स्रोत चाहिए।
आम गलतियाँ
- नाभिकीय ऊर्जा को नवीकरणीय कहना। यह कम-कार्बन है, पर यूरेनियम खोदा जाता है और ख़त्म होता है।
- सोचना कि सोलर पैनल सारा प्रकाश बिजली में बदलता है। सामान्य दक्षता 15–22% है।
- सोचना कि हवा दुगुनी तो शक्ति दुगुनी। यह 8 गुनी होती है (v³)।
- सोचना कि नवीकरणीय का प्रकृति पर कोई असर नहीं। बाँध घाटियाँ डुबाते हैं; पैनल और टरबाइन को ज़मीन और सामग्री चाहिए।