South 고등학교 2학년 Technology and Home Economics
अध्याय: 6
1. Living culture and digital environment
Everyday life and values · Cultural sensitivity in living · Future food culture · Future clothing culture · Future housing culture
- गृह विज्ञान: घर को अच्छे से चलाना – गृह विज्ञान (गृह अर्थशास्त्र) घर के संसाधनों, यानी जगह, समय, पैसा, ऊर्जा और कौशल, को ऐसे सँभालने के बारे में है कि घर में रहने वाले सब स्वस्थ, सुरक्षित और ख़ुश रहें। इसमें घर के कामों की योजना और बँटवारा, आसान डिज़ाइन नियमों से जगह सजाना, सामान रखने के तरीके, समय पर मरम्मत, कारीगर कब बुलाएँ यह जानना, और ऐसा घर बनाना शामिल है जो काम का भी हो और सुंदर भी।
- सांस्कृतिक विविधता – सांस्कृतिक विविधता का मतलब है अलग-अलग जीवन-शैली वाले कई समूह साथ रहते हैं। नृजातिकेंद्रितता दूसरों को अपनी संस्कृति से जाँचती है; सांस्कृतिक सापेक्षवाद पहले रिवाज़ को उसके अपने संदर्भ में समझता है। पूर्वाग्रह और रूढ़ छवियाँ सम्मान में रुकावट हैं। समाज में मुख्यधारा, उपसंस्कृतियाँ और प्रतिसंस्कृतियाँ होती हैं। सार्वभौमिक मानव अधिकार सीमा तय करते हैं: फ़र्क का सम्मान हो, इंसान को नुक़सान नहीं।
- पोषण (Nutrition) – पोषण वह तरीक़ा है जिससे हम भोजन के पदार्थ पाते और इस्तेमाल करते हैं। शरीर को छह तरह के पोषक तत्व चाहिए: कार्बोहाइड्रेट और वसा (मुख्य रूप से ऊर्जा), प्रोटीन (वृद्धि और मरम्मत), विटामिन और खनिज (थोड़ी मात्रा, शरीर को सही चलाने के लिए), और पानी; साथ में पाचन के लिए रेशा। कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन लगभग 17 kJ प्रति ग्राम, वसा लगभग 37 kJ प्रति ग्राम देते हैं। संतुलित आहार सब पोषक तत्व सही मात्रा में देता है, और अंदर आई ऊर्जा लगभग ख़र्च ऊर्जा के बराबर होनी चाहिए।
- वस्त्र: हम कपड़े क्यों पहनते हैं, वे किससे बनते हैं और कैसे चुनें – कपड़े हमें धूप, बारिश और ठंड से बचाते हैं, शालीनता देते हैं, पहचान दिखाते हैं (वर्दी, साड़ी या कोरिया का हानबोक जैसी पारंपरिक पोशाक) और हमें अपनी पसंद दिखाने देते हैं। ये रेशों से बनते हैं: पौधों से (सूती, लिनन) और जानवरों से (ऊन, रेशम) मिलने वाले प्राकृतिक रेशे, और पेट्रोलियम से बने कृत्रिम रेशे (पॉलिएस्टर, नायलॉन)। रेशों को कातकर धागा बनता है, और धागे से बुनाई (ऊपर-नीचे) या निटिंग (फंदे) से कपड़ा। डिज़ाइन में रेखा, रंग, आकार और बनावट होती है। समझदार ख़रीदार वॉर्डरोब की योजना बनाता है, फ़िटिंग, क्वालिटी और केयर लेबल देखता है, दुकानों की तुलना करता है, प्रति पहनावा लागत निकालता है, और टिकाऊ विकल्प चुनता है: कम ख़रीदो, मरम्मत करो, अदला-बदली करो, रीसायकल करो।
- आवास: घर हमारी ज़रूरतें कैसे पूरी करते हैं और कैसे बदलते हैं – आवास यानी वह जगह जहाँ लोग रहते हैं। अच्छा घर आश्रय, सुरक्षा, निजता, सेहत और अपनेपन का एहसास देता है। घर का रूप जलवायु, स्थानीय सामग्री, संस्कृति, पैसे और परिवार के रहन-सहन से तय होता है। अंदर की जगह निजी, साझा और सेवा हिस्सों में बँटी होती है। स्वस्थ घर में ताज़ी हवा, धूप और कम सीलन होती है, और वह साफ़-सुथरा व व्यवस्थित रहता है। समाज बदलने के साथ आवास भी बदलता है: आँगन वाले पारंपरिक घरों से शहर के अपार्टमेंट और भविष्य के हरित, स्मार्ट और साझा घरों तक। सबको अच्छा और सस्ता घर मिलना एक ज़रूरी सामाजिक मुद्दा है।
2. Consumers and life welfare
Life planning in a low-birth, ageing society · Economic independence · Consumer safety · Welfare services · Resource management over the life cycle
- जीवन योजना: ख़ुशहाल और आत्मनिर्भर जीवन की रूपरेखा – जीवन योजना का मतलब है आगे सोचना कि आप कैसा जीवन चाहते हैं और वहाँ कैसे पहुँचेंगे। जीवन चरणों से गुज़रता है (बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था, वयस्कता, वृद्धावस्था), और हर चरण के अपने काम होते हैं। रास्ते में जीवन की घटनाएँ आती हैं; कुछ ज़्यादातर लोगों के साथ होती हैं, कुछ अपनी पसंद होती हैं। आप पाँच साधन इस्तेमाल करते हैं: समय, पैसा, स्वास्थ्य, रिश्ते और कौशल। अच्छी योजना अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक लक्ष्य रखती है, बचत, बीमा और सरकारी कल्याण से जोखिमों की तैयारी करती है, और जीवन बदलने पर दोबारा देखी जाती है। आत्मनिर्भर नागरिक होने का मतलब है अपनी और दूसरों की ज़िम्मेदारी लेना। कम जन्म और लंबी उम्र वाले समाज में बुढ़ापे की योजना पहले से ज़्यादा ज़रूरी है। ख़ुशी सिर्फ़ पैसे से नहीं, शरीर, मन, रिश्तों और उद्देश्य की ख़ुशहाली से आती है।
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
- उपभोक्ता शिक्षा: समझदार ख़रीदार कैसे बनें – जो भी सामान या सेवा ख़रीदता या इस्तेमाल करता है, वह उपभोक्ता है। समझदार ख़रीदारी ज़रूरत (जो चाहिए ही) और इच्छा (जो अच्छा लगे) को अलग करने से शुरू होती है। विवेकपूर्ण उपभोग लाभ और क़ीमत की तुलना करता है, अवसर लागत (वही पैसा और किस काम आता) गिनता है और बजट में रहता है। विक्रेता मनोविज्ञान का इस्तेमाल करते हैं: एंकर क़ीमत (बड़ी कटी क़ीमत), भेड़चाल ('सबके पास है'), जल्दबाज़ी (उलटी गिनती), 99 वाली क़ीमतें और सेलिब्रिटी विज्ञापन; किशोर ऑनलाइन बड़े निशाने पर हैं। 'मैं सहमत हूँ' दबाना अनुबंध है, इसलिए शर्तें, ऑटो-रिन्यूअल, रद्द और रिफ़ंड नियम पढ़ें। लेबल पढ़ें: प्रति इकाई क़ीमत, एक्सपायरी, सामग्री, एलर्जन, पोषण और सुरक्षा निशान। उपभोक्ता के अधिकार हैं (सुरक्षा, सूचना, चुनाव, सुनवाई, निवारण, शिक्षा, बुनियादी ज़रूरतें, स्वच्छ पर्यावरण) और कर्तव्य भी (बिल रखना, निशान जाँचना, सही शिकायत, टिकाऊ ख़रीदारी)। मिलकर उपभोक्ता संस्कृति तय करते हैं: हम जो ख़रीदते हैं, वही बनता है।
- कल्याणकारी राज्य और सामाजिक सुरक्षा – कल्याणकारी राज्य वह राज्य है जो लोगों को जीवन के बड़े जोखिमों से बचाता है: बीमारी, नौकरी छूटना, बुढ़ापा, विकलांगता और ग़रीबी। इसके लिए एक सुरक्षा-जाल होता है जिसके तीन हिस्से हैं। सामाजिक बीमा वेतन से लिए गए अंशदान से चलता है। सामाजिक सहायता करों से ज़रूरतमंदों को मिलती है। स्कूल और अस्पताल जैसी सार्वजनिक सेवाएँ सबके लिए खुली हैं। देश इन्हें अलग-अलग ढंग से मिलाते हैं: उदार (कम कर, थोड़ी मदद), रूढ़िवादी (मदद नौकरी से जुड़ी) और सामाजिक-लोकतांत्रिक (ऊँचा कर, सबके लिए मदद)। आज बढ़ती उम्र, बढ़ता ख़र्च, वैश्वीकरण और अनौपचारिक काम इसकी चुनौतियाँ हैं।
3. Growing relationships
Adult love and sexuality · Parenthood · Family communication · Planning later life · Family problems
- सम्मान, सहमति और लैंगिक समानता: किशोरों के लिए यौन-नैतिकता – यौन-नैतिकता का मतलब है अपने शरीर और दूसरे लोगों के साथ सम्मान से पेश आना। सहमति साफ़, अपनी मर्ज़ी की और जानकारी वाली होनी चाहिए, और कभी भी बदली जा सकती है। दबाव, डर या ताक़त के कारण कही "हाँ" मान्य नहीं है। हर लिंग के व्यक्ति के अधिकार बराबर हैं और कोई भी भरोसेमंद बड़े से मदद माँग सकता है।
- पैरेंटिंग शैलियाँ और अभिभावकत्व – पैरेंटिंग यानी बच्चे की देखभाल, मार्गदर्शन और सीख। दो बातें सबसे ज़रूरी हैं: प्यार (सुनना, अपनापन) और नियम (साफ़ सीमाएँ)। प्यार और उचित नियम वाली शैली को आधिकारिक (authoritative) कहते हैं और ऐसे बच्चे अक्सर अच्छा करते हैं। माता-पिता को अपनी देखभाल भी करनी चाहिए।
- पारिवारिक नैतिकता: परिवार के साथ अच्छे से जीना – परिवार ऐसे लोगों का समूह है जो साथ रहते हैं, एक-दूसरे की देखभाल करते हैं और एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। परिवार कई तरह के होते हैं: एकल, संयुक्त, एकल-अभिभावक, मिश्रित, दंपति, दादा-दादी वाले। पारिवारिक नैतिकता का मतलब है सदस्यों का एक-दूसरे से निष्पक्ष और प्यार भरा व्यवहार: बराबर सम्मान, काम का बँटवारा, ईमानदार बातचीत, बच्चों और बुज़ुर्गों की देखभाल। अच्छा दांपत्य संबंध स्वतंत्र चुनाव, भरोसे और बराबरी पर टिका है। हर परिवार में समस्याएँ आती हैं; अच्छी बातचीत, बँटवारा और बाहर की मदद से परिवार उबरता है।
- जीवन योजना: ख़ुशहाल और आत्मनिर्भर जीवन की रूपरेखा – जीवन योजना का मतलब है आगे सोचना कि आप कैसा जीवन चाहते हैं और वहाँ कैसे पहुँचेंगे। जीवन चरणों से गुज़रता है (बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था, वयस्कता, वृद्धावस्था), और हर चरण के अपने काम होते हैं। रास्ते में जीवन की घटनाएँ आती हैं; कुछ ज़्यादातर लोगों के साथ होती हैं, कुछ अपनी पसंद होती हैं। आप पाँच साधन इस्तेमाल करते हैं: समय, पैसा, स्वास्थ्य, रिश्ते और कौशल। अच्छी योजना अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक लक्ष्य रखती है, बचत, बीमा और सरकारी कल्याण से जोखिमों की तैयारी करती है, और जीवन बदलने पर दोबारा देखी जाती है। आत्मनिर्भर नागरिक होने का मतलब है अपनी और दूसरों की ज़िम्मेदारी लेना। कम जन्म और लंबी उम्र वाले समाज में बुढ़ापे की योजना पहले से ज़्यादा ज़रूरी है। ख़ुशी सिर्फ़ पैसे से नहीं, शरीर, मन, रिश्तों और उद्देश्य की ख़ुशहाली से आती है।
4. Foundations of engineering
History and role of engineering · What engineering is · Engineering with STEAM · Engineering problem-solving cases · Engineering careers
- इंजीनियरिंग क्या है? – इंजीनियरिंग का अर्थ है विज्ञान, गणित और रचनात्मकता से ऐसी उपयोगी चीज़ें डिज़ाइन करना और बनाना जो असली समस्याएँ हल करें, लागत, सुरक्षा, समय और सामग्री की सीमाओं के अंदर। इंजीनियर एक डिज़ाइन चक्र अपनाते हैं: समस्या पहचानो, खोज करो, विचार बनाओ, प्रोटोटाइप बनाओ, परखो और सुधारो। पुरानी नहरों और सड़कों से लेकर आज की चिप और टीकों तक, इंजीनियरिंग ने सभ्यता को आकार दिया। मुख्य शाखाएँ हैं सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, केमिकल, कंप्यूटर और बायोमेडिकल, और आज की समस्याएँ कई शाखाओं को साथ जोड़ती हैं (कन्वर्जेंट या STEAM इंजीनियरिंग)।
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
5. Engineering innovation for the future
Ideas for engineering problems · Digital design and manufacturing · Robots · Green energy · Advanced transport and aerospace
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
- CAD/CAM: डिजिटल डिज़ाइन और निर्माण – CAD (कंप्यूटर-एडेड डिज़ाइन) का मतलब है कंप्यूटर पर किसी उत्पाद का सटीक 3D मॉडल बनाना और जाँचना। CAM (कंप्यूटर-एडेड मैन्युफ़ैक्चर) उस मॉडल को निर्देशों (टूलपाथ, जो G-कोड में सेव होता है) में बदलता है, जिन्हें कंप्यूटर से चलने वाली मशीन मानकर पुर्ज़ा बनाती है। CNC मिलिंग और लेथ पदार्थ काटकर हटाते हैं (सबट्रैक्टिव)। 3D प्रिंटर परतें जोड़ते हैं (एडिटिव)। लेज़र कटर सपाट शीट काटते हैं। CAD और CAM साथ हों तो पुर्ज़े सटीक, एक जैसे और जल्दी बदलने लायक बनते हैं, और डिज़ाइनर जल्दी प्रोटोटाइप बना पाते हैं (रैपिड प्रोटोटाइपिंग)। कमियाँ: महँगी मशीनें, प्रशिक्षण, और हाथ के हुनर का कम होना।
- रोबोटिक्स: रोबोट कैसे महसूस करता, सोचता और काम करता है – रोबोट एक मशीन है जो आसपास को महसूस करती है, प्रोग्राम से फ़ैसला लेती है और मोटरों से काम करती है। इसमें ढाँचा, सेंसर, कंट्रोलर, एक्चुएटर, गियर जैसा संचरण और बिजली का स्रोत होता है। रोबोट कारख़ानों, अस्पतालों, खेतों, घरों और अंतरिक्ष में मदद करते हैं।
- ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत – अनवीकरणीय स्रोत (कोयला, तेल, गैस, यूरेनियम) प्रकृति के बनाने से तेज़ खर्च होते हैं, और जीवाश्म ईंधन CO₂ छोड़ते हैं। नवीकरणीय स्रोत प्रकृति फिर से भरती है: सौर (फ़ोटोवोल्टिक सेल और सौर तापन), पवन (P ∝ v³), जलविद्युत (P = η ρ g h Q), ज्वारीय, भूतापीय और जैव भार। हाइड्रोजन ईंधन सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बिजली और पानी बनाता है। धूप और हवा बदलती रहती हैं, इसलिए भंडारण (बैटरी, पंप किया पानी) और कई स्रोतों का मिश्रण चाहिए। हर स्रोत की कुछ क़ीमत है: ज़मीन, सामग्री, लागत और प्रकृति पर असर।
- परिवहन प्रौद्योगिकी: लोगों और सामान को ले जाना – परिवहन प्रौद्योगिकी लोगों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है। हर परिवहन तंत्र के पाँच हिस्से होते हैं: वाहन, रास्ता (सड़क, रेल, समुद्री मार्ग, हवाई मार्ग), टर्मिनल (स्टेशन, बंदरगाह, हवाई अड्डा), शक्ति का स्रोत और नियंत्रण। ज़मीन पर वाहन घर्षण (friction) से आगे बढ़ते हैं। जहाज़ उत्प्लावन बल (buoyancy) से तैरता है। विमान तब उड़ता है जब उत्थापक बल (lift) भार से और प्रणोद (thrust) कर्षण (drag) से ज़्यादा हो। रॉकेट गैस को पीछे फेंकता है और ख़ुद आगे जाता है। रुकने की दूरी = सोचने की दूरी + ब्रेक लगने की दूरी। भविष्य का परिवहन साफ़, सुरक्षित और स्मार्ट होगा: इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन वाहन, मैग्लेव ट्रेन, ड्रोन और बिना ड्राइवर की कारें।
6. Sustainable convergent engineering
Big data, IoT, AI · Hyper-connected society and ICT · Smart cities · Biotechnology and food · Engineering and other knowledge
- इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) – इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) रोज़मर्रा की चीज़ों का ऐसा नेटवर्क है जिनमें सेंसर, छोटा कंप्यूटर और नेटवर्क कनेक्शन होता है, ताकि वे डेटा इकट्ठा करें, इंटरनेट पर भेजें और उस पर काम करें. सेंसर भौतिक बदलाव को डेटा बनाता है, माइक्रोकंट्रोलर उसे संसाधित करता है, नेटवर्क (Wi-Fi, ब्लूटूथ, ज़िगबी, 4G/5G, LoRa) उसे क्लाउड या ऐप तक ले जाता है, और एक्चुएटर आदेश को काम में बदलता है. IoT को तीन परतों में समझते हैं: संवेदन, नेटवर्क और ऐप्लिकेशन. यह सुविधा और ऊर्जा बचत देता है, पर मज़बूत गोपनीयता और सुरक्षा चाहिए.
- स्मार्ट सिटी – स्मार्ट सिटी सेंसर, तेज़ नेटवर्क और डेटा की मदद से ट्रैफ़िक, पानी, बिजली और कचरे जैसी सेवाएँ बेहतर चलाती है। सेंसर जानकारी जुटाते हैं, नियंत्रण केंद्र उसे पढ़ता है और शहर उसी हिसाब से काम करता है। सही तरीक़े से हो तो समय, पैसा और ऊर्जा बचती है; ग़लत तरीक़े से हो तो निजता को ख़तरा और कुछ लोग पीछे छूट सकते हैं।
- इंजीनियरिंग क्या है? – इंजीनियरिंग का अर्थ है विज्ञान, गणित और रचनात्मकता से ऐसी उपयोगी चीज़ें डिज़ाइन करना और बनाना जो असली समस्याएँ हल करें, लागत, सुरक्षा, समय और सामग्री की सीमाओं के अंदर। इंजीनियर एक डिज़ाइन चक्र अपनाते हैं: समस्या पहचानो, खोज करो, विचार बनाओ, प्रोटोटाइप बनाओ, परखो और सुधारो। पुरानी नहरों और सड़कों से लेकर आज की चिप और टीकों तक, इंजीनियरिंग ने सभ्यता को आकार दिया। मुख्य शाखाएँ हैं सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, केमिकल, कंप्यूटर और बायोमेडिकल, और आज की समस्याएँ कई शाखाओं को साथ जोड़ती हैं (कन्वर्जेंट या STEAM इंजीनियरिंग)।