परिवहन प्रौद्योगिकी क्या है?
परिवहन प्रौद्योगिकी वे साधन और तंत्र हैं जिनसे हम लोगों और सामान को ले जाते हैं।
हर परिवहन तंत्र के पाँच हिस्से हैं:
- वाहन: कार, ट्रेन, जहाज़, विमान या रॉकेट।
- रास्ता: सड़क, रेल की पटरी, समुद्री मार्ग या हवाई मार्ग।
- टर्मिनल: जहाँ सफ़र शुरू और ख़त्म होता है, जैसे स्टेशन, बंदरगाह, हवाई अड्डा।
- शक्ति: इंजन या मोटर, और उसका ईंधन या बैटरी।
- नियंत्रण: ड्राइवर, पायलट, सिग्नल, ट्रैफ़िक लाइट और GPS।
परिवहन धीरे-धीरे बदला: पैदल और पशु, फिर पहिया, पाल वाले जहाज़, भाप के इंजन (1800 का दशक), पेट्रोल कार और विमान (1900 का दशक), जेट और रॉकेट, और अब इलेक्ट्रिक व बिना ड्राइवर के वाहन।
ज़मीन, पानी, हवा और अंतरिक्ष में चलने का विज्ञान
ज़मीन
पहिया सड़क को पीछे धकेलता है। घर्षण पहिये को आगे धकेलता है। बर्फ़ पर घर्षण कम होता है, इसलिए टायर फिसलते हैं।
पानी
पानी जहाज़ को ऊपर धकेलता है। यह उत्प्लावन बल है। लोहे का जहाज़ इसलिए तैरता है क्योंकि उसका खोखला ढाँचा बहुत सारा पानी हटाता है।
हवा
विमान पर चार बल हैं। उत्थापक बल (lift, पंखों पर बहती हवा से, ऊपर) भार (नीचे) से ज़्यादा हो। प्रणोद (thrust, इंजन से, आगे) कर्षण (drag, हवा का पीछे धक्का) से ज़्यादा हो।
अंतरिक्ष
रॉकेट गर्म गैस पीछे फेंकता है। गैस रॉकेट को आगे धकेलती है। यह न्यूटन का तीसरा नियम है: हर क्रिया की बराबर और उलटी प्रतिक्रिया होती है। यह बिना हवा के भी काम करता है।
ऊर्जा और इंजन
- आंतरिक दहन इंजन: पेट्रोल या डीज़ल जलाता है। ईंधन की केवल 25 से 35% ऊर्जा कार चलाती है। बाक़ी गर्मी बनकर बेकार जाती है।
- इलेक्ट्रिक मोटर: बैटरी से चलती है। लगभग 85 से 90% ऊर्जा कार चलाती है। सड़क पर धुआँ नहीं, पर बिजली भी साफ़ स्रोत से आनी चाहिए।
- हाइब्रिड: इंजन और मोटर दोनों। शहर के ट्रैफ़िक में ईंधन बचाता है।
- हाइड्रोजन फ़्यूल सेल: हाइड्रोजन से बिजली बनाता है; बाहर सिर्फ़ पानी निकलता है।
- मैग्लेव: चुंबक ट्रेन को पटरी से ऊपर उठा देते हैं। पहियों का घर्षण नहीं, इसलिए बहुत तेज़ चलती है।
दक्षता = उपयोगी ऊर्जा ÷ दी गई ऊर्जा × 100%।
परिवहन सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स
रुकने की दूरी = सोचने की दूरी + ब्रेक लगने की दूरी।
- सोचने की दूरी = रफ़्तार × प्रतिक्रिया समय (लगभग 1 s)।
- ब्रेक की दूरी रफ़्तार के वर्ग से बढ़ती है। रफ़्तार दोगुनी, तो ब्रेक की दूरी चार गुना।
सुरक्षा तकनीक: सीट बेल्ट, एयरबैग, ABS ब्रेक, हेलमेट, क्रंपल ज़ोन, स्पीड कैमरा और सिग्नल।
लॉजिस्टिक्स तय करता है कि सामान कैसे जाए: रास्ता, साधन, भंडारण और समय। कंटेनर जहाज़, ट्रेन और ट्रक तीनों पर फ़िट होते हैं, इसलिए सामान खोले बिना वाहन बदल जाता है।
परिवहन की समस्या (जैसे जाम) हल करने के लिए इंजीनियर डिज़ाइन प्रक्रिया अपनाते हैं: समस्या पहचानो, आँकड़े जुटाओ, उपाय सोचो (बस लेन, मेट्रो, साइकिल ट्रैक), मॉडल पर परखो, फिर सुधारो।
घर पर करके देखें
काग़ज़ की नाव बनाकर कटोरे के पानी में रखिए। एक-एक सिक्का डालिए। गिनिए डूबने से पहले कितने सिक्के रखती है। फिर चौड़ी नाव बनाकर दोबारा देखिए। चौड़ा ढाँचा ज़्यादा पानी हटाता है, इसलिए ज़्यादा सिक्के उठाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चाल = दूरी ÷ समय
- सोचने की दूरी = चाल × प्रतिक्रिया समय
- ब्रेक की दूरी = v² ÷ (2a)
- रुकने की दूरी = सोचने की दूरी + ब्रेक की दूरी
- दक्षता = उपयोगी ऊर्जा ÷ दी गई ऊर्जा × 100%
- सीधी उड़ान में: उत्थापक बल = भार और प्रणोद = कर्षण
हल किए गए उदाहरण
1. एक ट्रेन 2.5 घंटे में 300 km जाती है। औसत चाल क्या है?
चाल = 300 ÷ 2.5 = 120 km/h।
2. कार 20 m/s (72 km/h) से चल रही है। ड्राइवर का प्रतिक्रिया समय 1 s है। ब्रेक 7 m/s² से धीमा करते हैं। रुकने की दूरी निकालिए।
सोचने की दूरी = 20 × 1 = 20 m। ब्रेक की दूरी = 20² ÷ (2 × 7) = 400 ÷ 14 ≈ 28.6 m। रुकने की दूरी ≈ 20 + 28.6 = 48.6 m।
3. पेट्रोल इंजन को ईंधन से 100 kJ मिलते हैं और 30 kJ गति ऊर्जा देता है। इलेक्ट्रिक मोटर को 100 kJ मिलते हैं और 88 kJ देती है। दक्षता की तुलना करें।
पेट्रोल: 30 ÷ 100 × 100% = 30%। इलेक्ट्रिक: 88 ÷ 100 × 100% = 88%। इलेक्ट्रिक मोटर गर्मी में बहुत कम ऊर्जा गँवाती है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि लोहे का जहाज़ इसलिए तैरता है क्योंकि लोहा हल्का है। वह खोखले ढाँचे से ढेर सारा पानी हटाने के कारण तैरता है।
- यह सोचना कि रॉकेट को धकेलने के लिए हवा चाहिए। रॉकेट अपनी ही गैस को धकेलता है, इसलिए ख़ाली अंतरिक्ष में भी चलता है।
- यह सोचना कि दोगुनी रफ़्तार पर रुकने की दूरी भी दोगुनी होगी। ब्रेक की दूरी रफ़्तार के वर्ग से बढ़ती है, यानी चार गुना।
- यह सोचना कि इलेक्ट्रिक कार हमेशा बिल्कुल प्रदूषण-मुक्त है। सड़क पर साफ़ है, पर बिजली कोयले से बन सकती है।