South 고등학교 3학년 Technology and Home Economics
अध्याय: 5
1. Human development and family
Foundations of a healthy family · Choosing a partner · Becoming parents · Pregnancy and birth · Child development and care · Family culture
- पारिवारिक नैतिकता: परिवार के साथ अच्छे से जीना – परिवार ऐसे लोगों का समूह है जो साथ रहते हैं, एक-दूसरे की देखभाल करते हैं और एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। परिवार कई तरह के होते हैं: एकल, संयुक्त, एकल-अभिभावक, मिश्रित, दंपति, दादा-दादी वाले। पारिवारिक नैतिकता का मतलब है सदस्यों का एक-दूसरे से निष्पक्ष और प्यार भरा व्यवहार: बराबर सम्मान, काम का बँटवारा, ईमानदार बातचीत, बच्चों और बुज़ुर्गों की देखभाल। अच्छा दांपत्य संबंध स्वतंत्र चुनाव, भरोसे और बराबरी पर टिका है। हर परिवार में समस्याएँ आती हैं; अच्छी बातचीत, बँटवारा और बाहर की मदद से परिवार उबरता है।
- पैरेंटिंग शैलियाँ और अभिभावकत्व – पैरेंटिंग यानी बच्चे की देखभाल, मार्गदर्शन और सीख। दो बातें सबसे ज़रूरी हैं: प्यार (सुनना, अपनापन) और नियम (साफ़ सीमाएँ)। प्यार और उचित नियम वाली शैली को आधिकारिक (authoritative) कहते हैं और ऐसे बच्चे अक्सर अच्छा करते हैं। माता-पिता को अपनी देखभाल भी करनी चाहिए।
- बाल विकास: चरण, माइलस्टोन और देखभाल – वृद्धि (growth) का मतलब है बच्चे का बड़ा होना। विकास (development) का मतलब है बच्चे में नई क्षमताएँ आना: शरीर, सोच, भाषा और भावनाओं में। विकास एक क्रम में, चरणों में होता है: शैशव, टॉडलर, प्रारंभिक बचपन, मध्य बचपन और किशोरावस्था। अच्छा पोषण, खेल, प्यार और सुरक्षा हर क्षेत्र को बढ़ने में मदद करते हैं।
2. Home life and safety
Korean food culture · Hanbok · Hanok · Safety across the lifespan · Unexpected family problems
- वस्त्र: हम कपड़े क्यों पहनते हैं, वे किससे बनते हैं और कैसे चुनें – कपड़े हमें धूप, बारिश और ठंड से बचाते हैं, शालीनता देते हैं, पहचान दिखाते हैं (वर्दी, साड़ी या कोरिया का हानबोक जैसी पारंपरिक पोशाक) और हमें अपनी पसंद दिखाने देते हैं। ये रेशों से बनते हैं: पौधों से (सूती, लिनन) और जानवरों से (ऊन, रेशम) मिलने वाले प्राकृतिक रेशे, और पेट्रोलियम से बने कृत्रिम रेशे (पॉलिएस्टर, नायलॉन)। रेशों को कातकर धागा बनता है, और धागे से बुनाई (ऊपर-नीचे) या निटिंग (फंदे) से कपड़ा। डिज़ाइन में रेखा, रंग, आकार और बनावट होती है। समझदार ख़रीदार वॉर्डरोब की योजना बनाता है, फ़िटिंग, क्वालिटी और केयर लेबल देखता है, दुकानों की तुलना करता है, प्रति पहनावा लागत निकालता है, और टिकाऊ विकल्प चुनता है: कम ख़रीदो, मरम्मत करो, अदला-बदली करो, रीसायकल करो।
- आवास: घर हमारी ज़रूरतें कैसे पूरी करते हैं और कैसे बदलते हैं – आवास यानी वह जगह जहाँ लोग रहते हैं। अच्छा घर आश्रय, सुरक्षा, निजता, सेहत और अपनेपन का एहसास देता है। घर का रूप जलवायु, स्थानीय सामग्री, संस्कृति, पैसे और परिवार के रहन-सहन से तय होता है। अंदर की जगह निजी, साझा और सेवा हिस्सों में बँटी होती है। स्वस्थ घर में ताज़ी हवा, धूप और कम सीलन होती है, और वह साफ़-सुथरा व व्यवस्थित रहता है। समाज बदलने के साथ आवास भी बदलता है: आँगन वाले पारंपरिक घरों से शहर के अपार्टमेंट और भविष्य के हरित, स्मार्ट और साझा घरों तक। सबको अच्छा और सस्ता घर मिलना एक ज़रूरी सामाजिक मुद्दा है।
- सुरक्षा शिक्षा: घर, सड़क और लोगों के बीच सुरक्षित रहना – सुरक्षा का मतलब है खतरे को जल्दी पहचानना और नुकसान से पहले कदम उठाना। जोखिम = संभावना × नुकसान। आग में निकास साफ़ रखो और सीढ़ी लो, सड़क पर नियम मानो और हेलमेट या सीट बेल्ट पहनो, हाथ धोओ और दवा सही लो, और किसी असुरक्षित हालत में: ना कहो, दूर जाओ, भरोसेमंद बड़े को बताओ।
- पारिवारिक नैतिकता: परिवार के साथ अच्छे से जीना – परिवार ऐसे लोगों का समूह है जो साथ रहते हैं, एक-दूसरे की देखभाल करते हैं और एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। परिवार कई तरह के होते हैं: एकल, संयुक्त, एकल-अभिभावक, मिश्रित, दंपति, दादा-दादी वाले। पारिवारिक नैतिकता का मतलब है सदस्यों का एक-दूसरे से निष्पक्ष और प्यार भरा व्यवहार: बराबर सम्मान, काम का बँटवारा, ईमानदार बातचीत, बच्चों और बुज़ुर्गों की देखभाल। अच्छा दांपत्य संबंध स्वतंत्र चुनाव, भरोसे और बराबरी पर टिका है। हर परिवार में समस्याएँ आती हैं; अच्छी बातचीत, बँटवारा और बाहर की मदद से परिवार उबरता है।
3. Resource management and independence
Welfare across life · Economic independence · Consumption and society · Family life planning · Old age
- कल्याणकारी राज्य और सामाजिक सुरक्षा – कल्याणकारी राज्य वह राज्य है जो लोगों को जीवन के बड़े जोखिमों से बचाता है: बीमारी, नौकरी छूटना, बुढ़ापा, विकलांगता और ग़रीबी। इसके लिए एक सुरक्षा-जाल होता है जिसके तीन हिस्से हैं। सामाजिक बीमा वेतन से लिए गए अंशदान से चलता है। सामाजिक सहायता करों से ज़रूरतमंदों को मिलती है। स्कूल और अस्पताल जैसी सार्वजनिक सेवाएँ सबके लिए खुली हैं। देश इन्हें अलग-अलग ढंग से मिलाते हैं: उदार (कम कर, थोड़ी मदद), रूढ़िवादी (मदद नौकरी से जुड़ी) और सामाजिक-लोकतांत्रिक (ऊँचा कर, सबके लिए मदद)। आज बढ़ती उम्र, बढ़ता ख़र्च, वैश्वीकरण और अनौपचारिक काम इसकी चुनौतियाँ हैं।
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
- नैतिक उपभोग – नैतिक उपभोग का मतलब है ख़रीदते समय यह सोचना कि चीज़ किसने बनाई और प्रकृति से क्या लिया। फ़ेयर ट्रेड में मज़दूर को सही हिस्सा मिलता है; कम ख़रीदने, पुरानी या मरम्मत की चीज़ें अपनाने से पदचिह्न घटता है। बहुत से छोटे चुनाव दुकानों का माल बदल देते हैं।
- जीवन योजना: ख़ुशहाल और आत्मनिर्भर जीवन की रूपरेखा – जीवन योजना का मतलब है आगे सोचना कि आप कैसा जीवन चाहते हैं और वहाँ कैसे पहुँचेंगे। जीवन चरणों से गुज़रता है (बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था, वयस्कता, वृद्धावस्था), और हर चरण के अपने काम होते हैं। रास्ते में जीवन की घटनाएँ आती हैं; कुछ ज़्यादातर लोगों के साथ होती हैं, कुछ अपनी पसंद होती हैं। आप पाँच साधन इस्तेमाल करते हैं: समय, पैसा, स्वास्थ्य, रिश्ते और कौशल। अच्छी योजना अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक लक्ष्य रखती है, बचत, बीमा और सरकारी कल्याण से जोखिमों की तैयारी करती है, और जीवन बदलने पर दोबारा देखी जाती है। आत्मनिर्भर नागरिक होने का मतलब है अपनी और दूसरों की ज़िम्मेदारी लेना। कम जन्म और लंबी उम्र वाले समाज में बुढ़ापे की योजना पहले से ज़्यादा ज़रूरी है। ख़ुशी सिर्फ़ पैसे से नहीं, शरीर, मन, रिश्तों और उद्देश्य की ख़ुशहाली से आती है।
- जनसंख्या का वृद्ध होना – जनसंख्या का वृद्ध होना यानी आबादी में बुज़ुर्गों का हिस्सा बढ़ता जाना। इसके दो कारण हैं: कम जन्म (कुल प्रजनन दर लगभग 2.1 से कम) और लंबी उम्र। हर बुज़ुर्ग पर कम कामगार होने से पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और श्रम-आपूर्ति पर दबाव पड़ता है, जबकि स्कूलों में कम सीटें चाहिए। समाज परिवारों की मदद, देर से और लचीले रिटायरमेंट, पेंशन-देखभाल सुधार, तकनीक, आजीवन सीखने और कभी-कभी आप्रवास से जवाब देते हैं।
4. Technology systems
Improved technologies · Advanced manufacturing · Advanced construction · Biotechnology and food · New transport · Advanced ICT · Problems of high tech
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समाज: खोजें हमारा जीवन कैसे बदलती हैं – विज्ञान पता लगाता है कि प्रकृति कैसे काम करती है; प्रौद्योगिकी (तकनीक) उस ज्ञान से औज़ार बनाती और समस्याएँ सुलझाती है। समाज भी विज्ञान को दिशा देता है: सवाल पूछकर, शोध के लिए पैसा देकर और नियम बनाकर। छापाख़ाना, भाप इंजन, बिजली, टीके और इंटरनेट ने काम करने, जीने और सोचने का तरीक़ा बदल दिया। हर तकनीक के लाभ और जोखिम दोनों होते हैं। सही फ़ैसले के लिए हम प्रमाण देखते हैं, लाभ और जोखिम तौलते हैं, पूछते हैं किसे फ़ायदा और किसे नुक़सान, नैतिकता और भविष्य सोचते हैं, और सुरक्षा नियम अपनाते हैं।
- विनिर्माण प्रौद्योगिकी: कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक – विनिर्माण कच्चे माल को काम की चीज़ों में बदलता है। प्राथमिक उद्योग मानक सामग्री बनाता है; द्वितीयक उद्योग तैयार माल। सामग्री को आकार देकर, काटकर, जोड़कर और गुण बदलकर रूपांतरित करते हैं। अच्छे भाग के लिए सही सामग्री, साफ़ तकनीकी ड्रॉइंग और प्रक्रिया योजना, टॉलरेंस के साथ सावधान माप, और नियंत्रण प्रणाली से चलने वाली मशीनें चाहिए, सब कुछ सुरक्षित ढंग से।
- निर्माण तकनीक: इमारतें कैसे योजना बनाकर बनती हैं – निर्माण तकनीक यह ज्ञान है कि ढाँचों की योजना कैसे बनाएँ, उन्हें कैसे बनाएँ, फ़िनिश करें और सँभालें। इमारत में नींव, ढाँचा (स्तंभ और बीम), दीवारें और छत होती हैं। हर भार (इमारत का अपना स्थिर भार, लोगों-फ़र्नीचर का सजीव भार, हवा और बर्फ़) एक साफ़ रास्ते से मिट्टी तक जाना चाहिए। कंक्रीट दबाव में मज़बूत है, स्टील खिंचाव में, इसलिए आरसीसी दोनों को जोड़ता है। कारीगर पैमाने वाले नक्शे (प्लान, एलिवेशन, सेक्शन) पढ़ते हैं, गणित से क्षेत्रफल-आयतन निकालते हैं, भवन कोड मानते हैं और पानी, बिजली, हवा के तंत्र लगाते हैं।
- परिवहन प्रौद्योगिकी: लोगों और सामान को ले जाना – परिवहन प्रौद्योगिकी लोगों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है। हर परिवहन तंत्र के पाँच हिस्से होते हैं: वाहन, रास्ता (सड़क, रेल, समुद्री मार्ग, हवाई मार्ग), टर्मिनल (स्टेशन, बंदरगाह, हवाई अड्डा), शक्ति का स्रोत और नियंत्रण। ज़मीन पर वाहन घर्षण (friction) से आगे बढ़ते हैं। जहाज़ उत्प्लावन बल (buoyancy) से तैरता है। विमान तब उड़ता है जब उत्थापक बल (lift) भार से और प्रणोद (thrust) कर्षण (drag) से ज़्यादा हो। रॉकेट गैस को पीछे फेंकता है और ख़ुद आगे जाता है। रुकने की दूरी = सोचने की दूरी + ब्रेक लगने की दूरी। भविष्य का परिवहन साफ़, सुरक्षित और स्मार्ट होगा: इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन वाहन, मैग्लेव ट्रेन, ड्रोन और बिना ड्राइवर की कारें।
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
5. Using technology
Future technology · Industrial safety · Road safety · Creative engineering design · Invention for problem solving · Patents in R&D · Invention and standards experience · Assessing technology · Appropriate technology
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समाज: खोजें हमारा जीवन कैसे बदलती हैं – विज्ञान पता लगाता है कि प्रकृति कैसे काम करती है; प्रौद्योगिकी (तकनीक) उस ज्ञान से औज़ार बनाती और समस्याएँ सुलझाती है। समाज भी विज्ञान को दिशा देता है: सवाल पूछकर, शोध के लिए पैसा देकर और नियम बनाकर। छापाख़ाना, भाप इंजन, बिजली, टीके और इंटरनेट ने काम करने, जीने और सोचने का तरीक़ा बदल दिया। हर तकनीक के लाभ और जोखिम दोनों होते हैं। सही फ़ैसले के लिए हम प्रमाण देखते हैं, लाभ और जोखिम तौलते हैं, पूछते हैं किसे फ़ायदा और किसे नुक़सान, नैतिकता और भविष्य सोचते हैं, और सुरक्षा नियम अपनाते हैं।
- व्यावसायिक स्वास्थ्य: काम सेहत पर कैसे असर डालता है और कामगारों को कैसे बचाएँ – व्यावसायिक स्वास्थ्य का मतलब है काम करने वालों को स्वस्थ और सुरक्षित रखना। काम की जगह पर भौतिक, रासायनिक, जैविक, एर्गोनॉमिक और मानसिक-सामाजिक ख़तरे हो सकते हैं। लंबे समय तक संपर्क से सिलिकोसिस, शोर से बहरापन और कमर की चोट जैसे व्यावसायिक रोग होते हैं। बचाव के दो रास्ते: काम का माहौल सुधारना (बचाव की सीढ़ी) और कामगारों की सेहत की देखभाल (जाँच, संपर्क की सीमा, प्रशिक्षण)।
- सुरक्षा शिक्षा: घर, सड़क और लोगों के बीच सुरक्षित रहना – सुरक्षा का मतलब है खतरे को जल्दी पहचानना और नुकसान से पहले कदम उठाना। जोखिम = संभावना × नुकसान। आग में निकास साफ़ रखो और सीढ़ी लो, सड़क पर नियम मानो और हेलमेट या सीट बेल्ट पहनो, हाथ धोओ और दवा सही लो, और किसी असुरक्षित हालत में: ना कहो, दूर जाओ, भरोसेमंद बड़े को बताओ।
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
- पेटेंट: आविष्कार की रक्षा – पेटेंट सरकार द्वारा आविष्कारक को दिया गया अधिकार है। लगभग 20 साल तक दूसरे लोग बिना अनुमति उस आविष्कार को बना, इस्तेमाल या बेच नहीं सकते। बदले में आविष्कारक को सबको साफ़-साफ़ बताना होता है कि आविष्कार कैसे काम करता है। पेटेंट के लिए आविष्कार नया (नवीनता), स्पष्ट न हो (आविष्कारी कदम) और उद्योग में उपयोगी हो। पेटेंट बौद्धिक संपदा (IP) का एक प्रकार है; बाक़ी हैं डिज़ाइन, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट। आवेदन में विनिर्देश (specification) होता है: शीर्षक, पृष्ठभूमि, विवरण, चित्र, दावे (claims) और सार। दावे वह बाड़ हैं जो बताते हैं ठीक-ठीक क्या सुरक्षित है। चरण: पुरानी जानकारी खोजो, फ़ाइल करो, प्रकाशन, जाँच, अनुदान, फिर सालाना शुल्क। पेटेंट सिर्फ़ उन्हीं देशों में चलता है जहाँ मिला हो। कर्मचारी काम पर आविष्कार करे तो आविष्कारक वही, पर मालिक आम तौर पर कंपनी, और उसे उचित इनाम मिलना चाहिए।
- डिज़ाइन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानक – मानक (standard) एक सहमत दस्तावेज़ है जो आकार, गुणवत्ता, सुरक्षा या परीक्षण विधि तय करता है, ताकि उत्पाद फ़िट हों, सुरक्षित चलें और व्यापार हो सके। ISO और IEC विश्व मानक लिखते हैं; क्षेत्रीय (EN) और राष्ट्रीय संस्थाएँ जैसे BIS, BSI, DIN, UNE और ANSI उन्हें अपनाती हैं। CE, ISI और काइटमार्क जैसे चिह्न अनुरूपता दिखाते हैं। ISO 216 का A-सीरीज़ कागज़ A0 = 1 m² से शुरू होता है, हर आकार पर आधा होता है और 1 : √2 का अनुपात रखता है। ड्रॉइंग मानक रेखाएँ, पैमाने, माप, शीर्षक खंड और शीट को A4 में मोड़ना तय करते हैं।
- उचित तकनीक (Appropriate Technology) – उचित तकनीक वह औज़ार या तरीक़ा है जो उसे इस्तेमाल करने वाले लोगों, जगह और पैसे के हिसाब से ठीक बैठे। यह अक्सर सरल, सस्ती, गाँव में ही ठीक हो सकने वाली और पर्यावरण के लिए अच्छी होती है। सबसे अच्छी तकनीक हमेशा सबसे नई या सबसे बड़ी नहीं होती। हम लागत, हुनर, मरम्मत, ऊर्जा, पर्यावरण और ज़रूरत देखकर चुनते हैं।