प्राथमिक और द्वितीयक विनिर्माण
प्राथमिक विनिर्माण कच्चे माल को मानक सामग्री बनाता है: इस्पात मिल (अयस्क → चादर, छड़, नली), आरा मिल (लट्ठे → तख़्ते), रिफ़ाइनरी और रसायन संयंत्र (कच्चा तेल → प्लास्टिक के दाने), प्रगलक (बॉक्साइट → एल्युमिनियम)। द्वितीयक विनिर्माण इस सामग्री से तैयार उत्पाद बनाता है: कार, फ़र्नीचर, फ़ोन, पैकेजिंग।
उत्पादन प्रणालियाँ: जॉब (एक बार), बैच (तय संख्या), लगातार/बड़े पैमाने (बिना रुके लाइन)। आज कई कारख़ाने स्वचालन, रोबोट और just-in-time आपूर्ति अपनाते हैं। काम मशीन ऑपरेटर और वेल्डर से लेकर तकनीशियन और इंजीनियर तक होते हैं।
पदार्थ रूपांतरण प्रक्रियाएँ
- आकार देना (forming): शक्ल बदलती है, पदार्थ नहीं हटता। ढलाई, गढ़ाई, बेलन, मोड़ना, एक्सट्रूज़न, इंजेक्शन मोल्डिंग।
- अलग करना (separating): पदार्थ हटता है। आरी, ड्रिल, लेथ पर टर्निंग, मिलिंग, ग्राइंडिंग, कतरना, लेज़र और प्लाज़्मा कटिंग।
- जोड़ना (combining): भाग जुड़ते या मिलते हैं। वेल्डिंग (MIG, TIG, आर्क), सोल्डरिंग, ब्रेज़िंग, बोल्ट-रिवेट-पेंच, चिपकाने वाले पदार्थ, कंपोज़िट।
- गुण बदलना (conditioning): अंदर के गुण बदलते हैं। कठोरीकरण, टेम्परिंग, अनीलन, केस हार्डनिंग।
- फ़िनिशिंग: सतह की सुरक्षा या सुंदरता। पेंट, पाउडर कोटिंग, प्लेटिंग, पॉलिश।
औज़ार और मशीनें
हाथ के औज़ार (रेती, हैक्सॉ, टैप और डाई), बिजली के औज़ार (ड्रिल, ग्राइंडर), मशीन औज़ार (लेथ, मिलिंग मशीन, ड्रिल प्रेस) और प्रोग्राम से चलने वाली CNC मशीनें। औज़ार सामग्री, ज़रूरी सटीकता, भागों की संख्या और सुरक्षा देखकर चुनो। हमेशा: गार्ड लगे हों, सुरक्षा चश्मा, बाल बँधे, ढीले कपड़े नहीं, नापने से पहले मशीन बंद।
सामग्री: गुण और चयन
सामग्री के परिवार: लौह धातुएँ (लोहा युक्त: मृदु इस्पात, ढलवाँ लोहा, स्टेनलेस स्टील), अलौह धातुएँ (एल्युमिनियम, ताँबा, पीतल), बहुलक (थर्मोप्लास्टिक जो फिर पिघलते हैं, थर्मोसेट जो नहीं), लकड़ी, सिरेमिक और कंपोज़िट (कार्बन फ़ाइबर, फ़ाइबरग्लास)।
मुख्य गुण: मज़बूती (बल सहना), कठोरता (खरोंच न लगना), चीमड़पन (टूटने से बचना), तन्यता (तार खिंचना), आघातवर्धनीयता (पीटकर फैलना), घनत्व, जंग प्रतिरोध, ऊष्मा और विद्युत चालकता।
चयन का आधार: काम (कौन-से बल और हालात), बनाने में आसानी (हमारी प्रक्रियाएँ इसे आकार दे सकती हैं?), लागत और उपलब्धता, पर्यावरण (पुनर्चक्रण, बनाने की ऊर्जा)। सामग्री तैयार करना: निशान लगाना, थोड़ी छूट रखकर काटना, धार हटाना और साफ़ करना।
ड्रॉइंग, प्रक्रिया योजना, मापिकी और नियंत्रण
तकनीकी ड्रॉइंग
लंबकोणीय प्रक्षेप सामने, ऊपर और बगल का दृश्य दिखाता है। माप मिलीमीटर में। टॉलरेंस जैसे 25.00 ± 0.05 mm, स्वीकार्य सीमा बताता है। छिपे किनारे टूटी रेखा से। आजकल ड्रॉइंग अक्सर CAD में बनती है।
प्रक्रिया योजना
क्रम से संचालनों की तालिका: संचालन, मशीन, औज़ार, गति/फ़ीड, जाँच। पिन के लिए: सामग्री काटो → सिरा फ़ेस करो → व्यास टर्न करो → चैम्फ़र → पार्ट ऑफ़ → धार हटाओ → नापो।
मापिकी (metrology)
स्टील रूल (0.5 mm), वर्नियर कैलिपर (0.02 mm), माइक्रोमीटर (0.01 mm), डायल इंडिकेटर, गो/नो-गो गेज। वर्नियर पाठ्यांक = मुख्य पैमाना + (मेल खाने वाली रेखा × अल्पतमांक)। पाठ्यांक को टॉलरेंस से मिलाओ: अंदर हो तो पास।
कारख़ाने में गणित और विज्ञान
स्पिंडल गति N = 1000·V/(π·D), V कटिंग गति m/min में, D mm में। इकाई बदलना (1 इंच = 25.4 mm), बर्बादी का प्रतिशत, ऊष्मा उपचार का पदार्थ विज्ञान।
नियंत्रण प्रणाली
खुला लूप: इनपुट → प्रक्रिया → आउटपुट, कोई जाँच नहीं (साधारण टाइमर)। बंद लूप: सेंसर आउटपुट नापकर वापस भेजता है, नियंत्रक त्रुटि सुधारता है (CNC सर्वो, भट्टी का थर्मोस्टैट)। PLC और CNC प्रोग्राम (G-code) आधुनिक मशीनें चलाते हैं।
करके देखो
एक गत्ते का डिब्बा या खिलौना ब्लॉक लो। चौकोर काग़ज़ पर उसका सामने, ऊपर और बगल का दृश्य बनाओ और रूलर से mm में माप लिखो। फिर समतल चादर से इसे बनाने की 5 लाइन की प्रक्रिया योजना लिखो। 3D के चरण 5 में भाग का माप तब तक खिसकाओ जब तक बत्ती लाल न हो जाए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्राथमिक: कच्चा माल → मानक सामग्री; द्वितीयक: सामग्री → उत्पाद
- आकार देना, अलग करना, जोड़ना, गुण बदलना (+ फ़िनिशिंग)
- वर्नियर पाठ्यांक = मुख्य पैमाना + (n × अल्पतमांक)
- आम कैलिपर का अल्पतमांक = 0.02 mm; माइक्रोमीटर = 0.01 mm
- स्वीकार यदि नाममात्र − टॉल ≤ पाठ्यांक ≤ नाममात्र + टॉल
- स्पिंडल गति N = 1000 × V ÷ (π × D) चक्कर/मिनट
- बंद लूप = खुला लूप + सेंसर फ़ीडबैक
हल किए गए उदाहरण
1. वर्गीकरण करो: तख़्ते बनाने वाली आरा मिल और कुर्सी बनाने वाला फ़र्नीचर कारख़ाना।
आरा मिल: प्राथमिक (लट्ठे → मानक तख़्ते)। फ़र्नीचर कारख़ाना: द्वितीयक (तख़्ते → तैयार कुर्सी)।
2. मुख्य पैमाना 23 mm, 7वीं वर्नियर रेखा मेल खाती है, अल्पतमांक 0.02 mm। पाठ्यांक?
23 + 7 × 0.02 = 23.14 mm।
3. ड्रॉइंग: 25.00 ± 0.05 mm। पाठ्यांक: 24.96, 25.07, 25.04। कौन पास?
सीमा 24.95 से 25.05 mm। 24.96 और 25.04 पास; 25.07 अस्वीकार।
4. 50 mm की इस्पात छड़ को 30 m/min कटिंग गति से टर्न करने की स्पिंडल गति?
N = 1000 × 30 ÷ (π × 50) = 30000 ÷ 157.1 ≈ 191 चक्कर/मिनट।
5. प्रक्रिया बताओ: (क) पिघला एल्युमिनियम रेत के साँचे में डालना, (ख) फ़्रेम की MIG वेल्डिंग, (ग) छेनी गर्म करके पानी में बुझाना।
(क) आकार देना (ढलाई), (ख) जोड़ना, (ग) गुण बदलना (कठोरीकरण)।
6. समुद्र के पास बाहर लगने वाली रेलिंग के लिए सामग्री चुनो, दो कारण दो।
स्टेनलेस स्टील (या एल्युमिनियम): खारी हवा में जंग नहीं लगता, पर्याप्त मज़बूत, और पुनर्चक्रण योग्य।
आम गलतियाँ
- काटने को 'आकार देना' कहना। आकार देने में सारा पदार्थ रहता है; काटने (अलग करने) में हटता है।
- वर्नियर रेखा की संख्या को सीधे दशमलव मान लेना। उसे अल्पतमांक से गुणा करो: 7 × 0.02 = 0.14 mm।
- D mm में हो तब भी 1000 का गुणक भूल जाना।
- सोचना कि खुले और बंद लूप में फ़र्क़ ताक़त का है। फ़र्क़ फ़ीडबैक सेंसर का है।