Russia 9 класс Geography of Russia (economy and regions)
अध्याय: 3
1. Economy of Russia
Structure of the economy · Fuel and energy complex · Metallurgy · Machine building · Chemical and timber complex · Agro-industrial complex · Infrastructure · Economy and environment
- भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक – आर्थिक गतिविधियाँ तीन क्षेत्रकों में बँटती हैं: प्राथमिक (प्रकृति का उपयोग), द्वितीयक (वस्तुएँ बनाना) और तृतीयक (सेवाएँ)। GDP अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य गिनता है। भारत में सबसे ज़्यादा उत्पादन तृतीयक क्षेत्रक का है, पर सबसे ज़्यादा रोज़गार प्राथमिक में, जहाँ छिपी बेरोज़गारी बहुत है। गतिविधियाँ संगठित-असंगठित और सार्वजनिक-निजी में भी बँटती हैं।
- खनिज तथा ऊर्जा संसाधन – खनिज चट्टानों में मिलने वाले प्राकृतिक पदार्थ हैं। ये धात्विक (लौह या अलौह), अधात्विक या ऊर्जा खनिज होते हैं। ऊर्जा पारंपरिक स्रोतों (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बिजली) और गैर-पारंपरिक स्रोतों (सूर्य, पवन, परमाणु, बायोगैस, ज्वार, भूतापीय) से मिलती है। दोनों का संरक्षण ज़रूरी है।
- कृषि – कृषि यानी फ़सलें उगाना और पशु पालना। भारत में छोटे पारिवारिक खेतों से लेकर बड़े वाणिज्यिक खेत और बाग़ान तक हैं। फ़सलें तीन ऋतुओं में उगती हैं: ख़रीफ़, रबी और ज़ायद। हर मुख्य फ़सल को अपनी बारिश, तापमान और मिट्टी चाहिए। सरकार ने किसानों की मदद के लिए सुधार किए हैं।
- संधारणीयता (Sustainability) – संधारणीयता यानी आज अपनी ज़रूरतें ऐसे पूरी करना कि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकें। यह तीन स्तंभों पर टिकी है — पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था। कोई संसाधन तभी टिकाऊ ढंग से इस्तेमाल होता है जब हम उसे उसके नवीकरण से तेज़ न लें। आज मानवता हर साल लगभग 1.7 पृथ्वी जितना इस्तेमाल करती है, और यह इस्तेमाल बहुत असमान है। देखभाल (stewardship), समझदार योजना और GIS जैसे औज़ार हमें संधारणीयता की ओर ले जाते हैं।
2. Regions of Russia
Western macro-region · Eastern macro-region
जल्द आ रहा है
3. Russia in the modern world
Russia in the world economy
जल्द आ रहा है