Germany Jahrgangsstufe 8 Physics
अध्याय: 4
1. Electric current
Electric Current
- विद्युत धारा, विभवांतर और विद्युत परिपथ – विद्युत धारा आवेश के बहने की दर है: I = Q/t, मात्रक एम्पियर, इसे श्रेणी में लगे ऐमीटर से मापते हैं। विभवांतर एकांक आवेश को दो बिंदुओं के बीच ले जाने में किया गया कार्य है: V = W/Q, मात्रक वोल्ट, इसे पार्श्व में लगे वोल्टमीटर से मापते हैं। धारा केवल बंद परिपथ में बहती है।
2. Optics
Optics
- प्रकाश का अपवर्तन: नियम, अपवर्तनांक और काँच का स्लैब – प्रकाश जब एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में जाता है तो उसकी चाल बदलती है, इसलिए वह सीमा पर मुड़ जाता है (अगर अभिलंब के साथ न गिरे)। प्रकाशिक सघन माध्यम में जाते समय वह धीमा होकर अभिलंब की ओर मुड़ता है, और बाहर आते समय तेज़ होकर अभिलंब से दूर। दो माध्यमों के लिए sin i / sin r स्थिर रहता है (स्नेल का नियम); यही स्थिरांक अपवर्तनांक है, जो प्रकाश की चालों का अनुपात भी है: n = c/v। आयताकार काँच के स्लैब से निकली किरण आपतित किरण के समांतर होती है, पर थोड़ी खिसकी हुई (पार्श्विक विस्थापन)।
3. Mechanics
Dynamics of 2D Motion · Forces and Their Effects
- बल तथा गति के नियम – बल एक धक्का या खिंचाव है। संतुलित बल (नेट बल शून्य) गति नहीं बदलते; असंतुलित बल चाल या दिशा बदलता है। घर्षण फिसलने का विरोध करता है। पहला नियम: कोई चीज़ अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में रहती है जब तक असंतुलित बल न लगे (जड़त्व; भारी चीज़ का जड़त्व ज़्यादा)। संवेग p = mv। दूसरा नियम: F = ma (संवेग बदलने की दर), 1 N = 1 kg m/s²। तीसरा नियम: बल जोड़ों में आते हैं, बराबर और उलटे, दो अलग चीज़ों पर। बाहरी बल न हो तो तंत्र के आंतरिक बल कट जाते हैं और कुल संवेग संरक्षित रहता है।
4. Profile area (science-technology school)
Solar Cells and Other Power Sources · Physics Practical Projects
- खनिज तथा ऊर्जा संसाधन – खनिज चट्टानों में मिलने वाले प्राकृतिक पदार्थ हैं। ये धात्विक (लौह या अलौह), अधात्विक या ऊर्जा खनिज होते हैं। ऊर्जा पारंपरिक स्रोतों (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बिजली) और गैर-पारंपरिक स्रोतों (सूर्य, पवन, परमाणु, बायोगैस, ज्वार, भूतापीय) से मिलती है। दोनों का संरक्षण ज़रूरी है।
- वैज्ञानिक विधि – वैज्ञानिक विधि वह सावधान तरीका है जिससे वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि दुनिया कैसे चलती है। कुछ देखो (प्रेक्षण), परखने लायक प्रश्न पूछो, परिकल्पना बनाओ (साफ़, परखने योग्य अनुमान), निष्पक्ष प्रयोग से परखो (एक चर बदलो, एक मापो, बाकी सब एक जैसा), दोहराओ और आँकड़े लिखो, विश्लेषण करो, निष्कर्ष निकालो और साझा करो ताकि दूसरे जाँच सकें। जो नतीजे परिकल्पना से मेल न खाएँ, वे भी काम के हैं: वे नई परिकल्पना की ओर ले जाते हैं।