शारीरिक फिटनेस क्या है?
शारीरिक फिटनेस = रोज़ के काम, खेल और स्पर्धा को बिना जल्दी थके करना, और आपात स्थिति के लिए ऊर्जा बचाकर रखना।
पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक
- हृदय-श्वसन सहनशक्ति (दम): हृदय और फेफड़े लंबे समय तक ऑक्सीजन पहुँचाएँ। परीक्षण: 12 मिनट दौड़ या बीप टेस्ट।
- पेशीय शक्ति: पेशी एक बार में जितना सबसे ज़्यादा बल लगा सके। परीक्षण: हैंड-ग्रिप।
- पेशीय सहनशक्ति: पेशी को बार-बार बिना थके इस्तेमाल करना। परीक्षण: 1 मिनट में पुश-अप या सिट-अप।
- लचीलापन: जोड़ कितनी दूर तक घूम सकते हैं। परीक्षण: सिट-एंड-रीच।
- शरीर संरचना: पेशी, हड्डी और पानी की तुलना में चर्बी का हिस्सा।
कौशल संबंधी फिटनेस
- गति: एक जगह से दूसरी जगह तेज़ी से जाना (30 m दौड़)।
- फुर्ती: नियंत्रण के साथ जल्दी दिशा बदलना (शटल रन)।
- विस्फोटक शक्ति: तेज़ी से लगाई गई शक्ति (खड़ी लंबी कूद)।
- संतुलन: रुके या चलते हुए स्थिर रहना (स्टॉर्क स्टैंड)।
- तालमेल: शरीर के अंगों का साथ मिलकर सहज काम (गेंद पकड़ना)।
- प्रतिक्रिया समय: संकेत पर कितनी जल्दी प्रतिक्रिया (गिरता रूलर पकड़ना)।
हर खेल को अलग मेल चाहिए: धावक को गति और विस्फोटक शक्ति; बैडमिंटन खिलाड़ी को फुर्ती और प्रतिक्रिया समय; जिमनास्ट को संतुलन और लचीलापन।
प्रशिक्षण की योजना: FITT, वार्म-अप और कूल-डाउन
FITT
- आवृत्ति: कितनी बार, जैसे हफ़्ते में 3–5 दिन।
- तीव्रता: कितनी ज़ोर से। दम के लिए अधिकतम हृदय गति का 60–85%। अधिकतम हृदय गति ≈ 220 − उम्र।
- समय: कितनी देर, जैसे 30–60 मिनट।
- प्रकार: कौन-सी गतिविधि: दौड़, साइकिल, तैराकी (वायवीय); वज़न, पुश-अप (शक्ति); खिंचाव, योग (लचीलापन)।
एक सत्र
- वार्म-अप (5–10 मिनट): हल्की जॉगिंग और चलते हुए खिंचाव। धड़कन और पेशी का ताप बढ़ता है, चोट का खतरा घटता है।
- मुख्य व्यायाम।
- कूल-डाउन (5–10 मिनट): धीमी चाल और स्थिर खिंचाव। धड़कन आराम से सामान्य होती है।
प्रशिक्षण के सिद्धांत और व्यायाम के प्रभाव
सिद्धांत
- अधिभार: शरीर से सामान्य से थोड़ी ज़्यादा मेहनत कराना।
- प्रगति: भार धीरे-धीरे बढ़ाना (लगभग 10% प्रति हफ़्ता)।
- विशिष्टता: उसी घटक का अभ्यास जो आपके खेल को चाहिए।
- विश्राम और पुनर्प्राप्ति: सत्रों के बीच पेशियाँ दोबारा बनती हैं; नींद ज़रूरी।
- उत्क्रमणीयता: अभ्यास रोका तो फिटनेस घटती है।
- व्यक्तिगत भिन्नता: योजना हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और लक्ष्य के अनुसार।
तुरंत प्रभाव
तेज़ धड़कन और साँस, पसीना, गरम लाल त्वचा, थकी पेशियाँ।
लंबे समय के प्रभाव
बड़ा, मज़बूत हृदय हर धड़कन में ज़्यादा रक्त भेजता है, तो आराम की धड़कन घटती है; मज़बूत पेशियाँ और हड्डियाँ; फेफड़ों का बेहतर उपयोग; स्वस्थ वज़न; अच्छा मूड और नींद; मधुमेह और हृदय रोग का कम खतरा। लगे रहना (दृढ़ता) ही बदलाव टिकाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अधिकतम हृदय गति ≈ 220 − उम्र (धड़कन प्रति मिनट)
- लक्ष्य क्षेत्र = अधिकतम हृदय गति का 60% से 85%
- हृदय गति = 15 सेकंड की धड़कन × 4
- FITT: आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार
- स्वास्थ्य घटक: हृदय-श्वसन सहनशक्ति, शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना
- कौशल घटक: गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय
हल किए गए उदाहरण
1. 15 साल के विद्यार्थी की अधिकतम हृदय गति और लक्ष्य क्षेत्र निकालिए।
अधिकतम = 220 − 15 = 205। 205 का 60% = 123; 85% ≈ 174। लक्ष्य क्षेत्र ≈ 123–174 धड़कन/मिनट।
2. 15 सेकंड में 22 धड़कन गिनीं। हृदय गति कितनी?
22 × 4 = 88 धड़कन प्रति मिनट।
3. कक्षा 8 के विद्यार्थी का दम बढ़ाने के लिए FITT योजना लिखिए।
आवृत्ति: हफ़्ते में 4 दिन। तीव्रता: अधिकतम हृदय गति के लगभग 70% पर जॉगिंग। समय: 30 मिनट। प्रकार: जॉगिंग या साइकिल। हर हफ़्ते 2–3 मिनट बढ़ाएँ (प्रगति)।
4. हर परीक्षण क्या मापता है: सिट-एंड-रीच, शटल रन, 1 मिनट पुश-अप?
सिट-एंड-रीच: लचीलापन। शटल रन: फुर्ती। 1 मिनट पुश-अप: पेशीय सहनशक्ति।
आम गलतियाँ
- शक्ति और सहनशक्ति को एक मानना। शक्ति एक बड़ा ज़ोर है; सहनशक्ति कई बार दोहराना।
- समय बचाने के लिए वार्म-अप छोड़ना। ठंडी पेशियाँ आसानी से फटती हैं।
- बहुत जल्दी बहुत ज़्यादा बढ़ाना। प्रगति धीमी हो, वरना चोट लगती है।
- दुबले व्यक्ति को हमेशा फ़िट मानना। शरीर संरचना पाँच में से केवल एक घटक है।