China 高三 Physical Education and Health
अध्याय: 4
1. Required: fitness
Basic principles, testing and training methods of fitness · Strength, endurance, power; cardio-respiratory; flexibility; agility and speed
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
2. Required: health education
Health knowledge; nutrition and food safety · Communicable and non-communicable disease prevention · Environment, health and exercise · Safe exercise, safety and escape; sports injuries · Mental health and social adaptation
- स्वस्थ जीवनशैली: रोज़ की आदतें जो तुम्हें ठीक रखें – स्वस्थ जीवनशैली रोज़ की अच्छी आदतों का नाम है: पाँच भोजन-समूहों वाला संतुलित आहार, भरपूर पानी, स्कूली बच्चों के लिए 9–11 घंटे और किशोरों के लिए लगभग 8–10 घंटे नींद, रोज़ कम से कम 60 मिनट खेल-कूद, सही मुद्रा, साफ-सुरक्षित भोजन, और तंबाकू, शराब व नशे से दूरी। इनसे टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और कुछ कैंसर जैसे जीवनशैली रोगों का खतरा घटता है।
- संक्रामक रोग: रोगाणु कैसे फैलते हैं और हम उन्हें कैसे रोकें – संक्रामक (संचारी) रोग एक बहुत छोटे जीव से होता है, जिसे रोगाणु (pathogen) कहते हैं: बैक्टीरिया, वायरस, कवक या प्रोटिस्ट। यह हवा, पानी-खाना, छूने या मच्छर जैसे वाहक से एक व्यक्ति से दूसरे में जाता है। शरीर त्वचा, बलगम, पेट के अम्ल और श्वेत रक्त कोशिकाओं से लड़ता है। टीका प्रतिरक्षा तंत्र को पहले से तैयार कर देता है। हाथ धोना, साफ पानी, अच्छी तरह पका खाना, मच्छरदानी और बीमार होने पर घर रहना फैलाव कम करते हैं।
- वायु गुणवत्ता, गर्मी और कसरत – हम जो हवा लेते हैं और मौसम, दोनों कसरत की सुरक्षा बदल देते हैं। कसरत में हम कई गुना ज़्यादा हवा लेते हैं, इसलिए प्रदूषित हवा में कई गुना ज़्यादा धूल भी साँस में जाती है। AQI बताता है कि हवा कितनी साफ़ है। खराब हवा वाले दिन घर के अंदर जाइए या हल्की कसरत कीजिए। गर्मी में पानी पिएँ और सुबह जल्दी या शाम को कसरत करें। ठंड में देर तक वार्म-अप करें और परतों में कपड़े पहनें।
- प्राथमिक चिकित्सा: आपात स्थिति में क्या करें – प्राथमिक चिकित्सा वह मदद है जो प्रशिक्षित मदद आने तक घायल या बीमार व्यक्ति को दी जाती है। लक्ष्य: जान बचाना, हालत बिगड़ने से रोकना, ठीक होने में मदद। DRABC अपनाएँ: ख़तरा, प्रतिक्रिया, श्वास मार्ग, साँस, CPR/कॉल। बेहोश पर साँस चल रही → करवट स्थिति। सामान्य साँस नहीं → CPR 30:2, प्रति मिनट 100-120 दबाव, 5-6 सेमी गहरा, और AED। ख़ून → सीधा दबाव। जलना → 20 मिनट बहता पानी। गला अटकना → पीठ थपकी और पेट धक्के। मोच → RICE।
- मानसिक स्वास्थ्य: भावनाएँ, तनाव और सहारा – मानसिक स्वास्थ्य यानी हम कैसे सोचते, महसूस करते, मुश्किलें सँभालते और दूसरों से जुड़ते हैं। शारीरिक स्वास्थ्य की तरह यह सबके पास है और ऊपर-नीचे होता है। भावनाएँ काम के संकेत हैं। तनाव बाल्टी में पानी की तरह जमा होता है; अच्छे तरीके (नींद, व्यायाम, बात करना, धीमी साँस, योजना) उसे बाहर निकालते हैं। आत्म-सम्मान और अच्छे रिश्ते हमें बचाते हैं। अगर भारी भावनाएँ दो हफ़्ते या ज़्यादा रहें, या रोज़ का जीवन रुकने लगे, तो भरोसेमंद बड़े या विशेषज्ञ से बात करें — मदद माँगना हिम्मत है।
3. Required-choose: sport skill series
Ball games (football, basketball, volleyball, table tennis, badminton…) · Athletics (sprint, distance, hurdles, jumps, shot put) · Gymnastics (apparatus, tumbling, aerobics, cheer, street dance) · Aquatics or ice-snow (swimming strokes, skating, skiing) · Wushu and traditional ethnic sports · Emerging sports (roller skating, climbing, orienteering, rope skipping)
- टीम खेल (Team Sports): आक्रमण, रक्षा और खेल भावना – टीम खेलों के तीन परिवार हैं: आक्रमण खेल, नेट और दीवार खेल, और मारना-फ़ील्डिंग खेल। जब गेंद आपकी टीम के पास हो तो आक्रमण करें: चौड़ाई और गहराई में फैलें, खाली जगह में जाएँ और जल्दी पास दें। जब विरोधी के पास हो तो रक्षा करें: पास-पास रहें, गोल की तरफ़ खड़े हों, खिलाड़ी को मार्क करें या क्षेत्र संभालें और सही तरीके से गेंद जीतें। हर खिलाड़ी की भूमिका है, टीम लगातार बात करती है और अधिकारी नियम लागू करते हैं।
- एथलेटिक्स (Athletics): दौड़, कूद और फेंक – एथलेटिक्स (ट्रैक और फ़ील्ड) वह खेल है जिसमें प्रदर्शन मापा जाता है: दौड़ का समय, कूद और फेंक की दूरी मीटर में। ट्रैक स्पर्धाओं में स्प्रिंट, मध्य और लंबी दूरी, बाधा दौड़ और रिले हैं। कूद (लंबी, त्रि, ऊँची, पोल वॉल्ट) के चार चरण: दौड़, उछाल, उड़ान और उतरना। फेंक (गोला, चक्का, भाला, हथौड़ा) सबसे ज़्यादा छोड़ने की चाल पर, फिर कोण और ऊँचाई पर निर्भर है।
- जिम्नास्टिक: उपकरण, बुनियादी कौशल, संतुलन और सुरक्षा – जिम्नास्टिक शरीर को काबू में रखकर हिलाने का खेल है: रोल, संतुलन, कूद, झूलना और वॉल्ट, फ़र्श पर और उपकरणों पर। मुख्य प्रकार हैं आर्टिस्टिक, रिदमिक, ट्रैम्पोलिन और एक्रोबैटिक। दो वैज्ञानिक बातें ज़्यादातर कौशल समझाती हैं: गुरुत्व केंद्र आधार के ऊपर हो तो संतुलन बना रहता है, और शरीर सिकोड़ने (टक) पर आप तेज़ घूमते हैं। हर कौशल वार्म-अप के बाद, मैट पर और स्पॉटर के साथ धीरे-धीरे सीखा जाता है।
- तैराकी के स्ट्रोक, पानी की सुरक्षा, स्केटिंग और स्कीइंग – तैराकी के चार स्ट्रोक हैं: फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक और बटरफ्लाई। हर स्ट्रोक में हाथ-पैर का अलग तरीका होता है। पानी की सुरक्षा का मतलब है तैरना जानना, अकेले न तैरना और डूबते को किनारे से मदद देना। स्केटिंग और स्कीइंग में ब्लेड या स्की बर्फ पर बहुत कम घर्षण से फिसलते हैं।
- पारंपरिक खेल और मार्शल आर्ट – पारंपरिक खेल सरल चीज़ों और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले नियमों से खेले जाते हैं, जैसे लट्टू, कंचे, गिल्ली-डंडा, रस्साकशी, कबड्डी और खो-खो। ये संस्कृति को ज़िंदा रखते हैं और फिटनेस व खेल-भावना बनाते हैं। मार्शल आर्ट और युद्ध-खेल (जूडो, ताइक्वांडो, कराटे, कुश्ती, कलारीपयट्टु, मुक्केबाज़ी) आत्म-नियंत्रण, सम्मान और तकनीक सिखाते हैं। हर युद्ध-खेल की नींव एक जैसी है: सम्मान का नमन, स्थिर स्टांस (गुरुत्व केंद्र चौड़े आधार के ऊपर), सुरक्षित गिरना, साफ नियम और सुरक्षा उपकरण।
- नए खेल: रोलर स्केटिंग, क्लाइंबिंग, ओरिएंटियरिंग और रस्सी कूद – ये चार नए खेल अब कई स्कूलों में सिखाए जाते हैं। रोलर स्केटिंग में पहले धक्का, फिर फिसलना। क्लाइंबिंग में तीन अंग दीवार पर टिके रहते हैं और एक चलता है। ओरिएंटियरिंग में नक्शे और कम्पास से नियंत्रण-बिंदु खोजते हैं। रस्सी कूद में कलाई से रस्सी घुमाकर हल्की छलाँग लगाते हैं। हर खेल संतुलन, ताकत और सोच बढ़ाता है, और सबके सुरक्षा नियम सरल हैं।
4. Textbook knowledge
Sport culture and Olympic movement · Motor-skill learning principles; tactics
- ओलंपिक आंदोलन – प्राचीन ओलंपिक खेल यूनान के ओलंपिया में, परंपरा के अनुसार 776 ई.पू. में, देवता ज़्यूस के धार्मिक उत्सव के रूप में शुरू हुए और हर चार साल में होते थे। आज़ाद यूनानी पुरुष दौड़, कुश्ती, मुक्केबाज़ी, रथ-दौड़ और पेंटाथलॉन में भाग लेते थे; विजेता को जैतून का मुकुट मिलता था और "पवित्र संधि" से खिलाड़ी सुरक्षित आ-जा सकते थे। ये खेल लगभग 393 ईस्वी में बंद हुए। पियरे दे कुबर्तें ने 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) बनाई और 1896 में एथेंस में पहले आधुनिक खेल हुए। आज ओलंपिक आंदोलन में IOC, अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघ और राष्ट्रीय ओलंपिक समितियाँ हैं। प्रतीक: पाँच छल्ले, मशाल, आदर्श वाक्य "तेज़, ऊँचा, मज़बूत – साथ मिलकर"; मूल्य: उत्कृष्टता, मित्रता, सम्मान।
- मोटर कौशल (Motor Skills) – मोटर कौशल वह हरकत है जिसे हम सीखकर अच्छे से करते हैं, एक साफ़ लक्ष्य के साथ, जैसे दौड़ना, पकड़ना, लिखना या कार्टव्हील। स्थूल कौशल बड़ी मांसपेशियों से होते हैं (दौड़, कूद); सूक्ष्म कौशल छोटी मांसपेशियों से, बारीकी के साथ (लिखना, कैरम का शॉट)। कौशल के तीन परिवार हैं: चलने-फिरने वाले (locomotor), वस्तु संभालने वाले (manipulative) और संतुलन वाले (stability)। कौशल खुले (आसपास बदलता रहे, जैसे फ़ुटबॉल पास) या बंद (आसपास स्थिर, जैसे फ़्री थ्रो), सरल या जटिल भी होते हैं। हर हरकत एक चक्र है: इंद्रियाँ जानकारी लेती हैं, दिमाग़ तय करता है, मांसपेशियाँ काम करती हैं, और प्रतिपुष्टि (feedback) बताती है कैसा हुआ। प्रतिक्रिया समय = देखने और हिलना शुरू करने के बीच का समय। हम तीन चरणों में सीखते हैं: संज्ञानात्मक (समझना, कई ग़लतियाँ), साहचर्य (अभ्यास, कम ग़लतियाँ) और स्वायत्त (अपने-आप, सहज)। गति, ताक़त, सहनशक्ति, समन्वय, संतुलन, फुर्ती और लचीलापन जैसी मोटर क्षमताएँ हर कौशल की नींव हैं।