Germany Jahrgangsstufe 10 Physical Education
अध्याय: 4
1. Health and fitness
Health and fitness
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
2. Fairness, cooperation and self-competence
Fairness, cooperation and self-competence
- खेल में निष्पक्ष खेल – निष्पक्ष खेल यानी नियमों के अनुसार और खेल की भावना से खेलना: विरोधियों, अधिकारियों, साथियों और खुद का सम्मान। नियम मैदान, समय, अंक और मना चीज़ें तय करते हैं ताकि सबको बराबर और सुरक्षित मौका मिले। खेल में भूमिकाएँ हैं: खिलाड़ी, कप्तान, रेफ़री या अंपायर, कोच और दर्शक। हाथ मिलाना, घायल विरोधी की मदद करना और फ़ैसला मानना खेल भावना है; बेईमानी, जान-बूझकर फ़ाउल, डोपिंग और मैच फ़िक्सिंग निष्पक्ष खेल तोड़ते हैं और उनकी सज़ा कार्ड या प्रतिबंध है। ओलंपिक आंदोलन के मूल्य हैं उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान। निष्पक्ष प्रतियोगिता बनाने के लिए प्रारूप (नॉकआउट या राउंड-रॉबिन), समय-सारणी, भूमिकाएँ और सुरक्षा की योजना चाहिए।
3. Leisure and environment
Leisure sport and environment
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
4. Sports activity fields
Athletics: running, jumping, throwing · Swimming · Team games: basketball and volleyball · Gymnastics on apparatus · Expressive movement: gymnastics and dance
- एथलेटिक्स (Athletics): दौड़, कूद और फेंक – एथलेटिक्स (ट्रैक और फ़ील्ड) वह खेल है जिसमें प्रदर्शन मापा जाता है: दौड़ का समय, कूद और फेंक की दूरी मीटर में। ट्रैक स्पर्धाओं में स्प्रिंट, मध्य और लंबी दूरी, बाधा दौड़ और रिले हैं। कूद (लंबी, त्रि, ऊँची, पोल वॉल्ट) के चार चरण: दौड़, उछाल, उड़ान और उतरना। फेंक (गोला, चक्का, भाला, हथौड़ा) सबसे ज़्यादा छोड़ने की चाल पर, फिर कोण और ऊँचाई पर निर्भर है।
- तैराकी के स्ट्रोक, पानी की सुरक्षा, स्केटिंग और स्कीइंग – तैराकी के चार स्ट्रोक हैं: फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक और बटरफ्लाई। हर स्ट्रोक में हाथ-पैर का अलग तरीका होता है। पानी की सुरक्षा का मतलब है तैरना जानना, अकेले न तैरना और डूबते को किनारे से मदद देना। स्केटिंग और स्कीइंग में ब्लेड या स्की बर्फ पर बहुत कम घर्षण से फिसलते हैं।
- टीम खेल (Team Sports): आक्रमण, रक्षा और खेल भावना – टीम खेलों के तीन परिवार हैं: आक्रमण खेल, नेट और दीवार खेल, और मारना-फ़ील्डिंग खेल। जब गेंद आपकी टीम के पास हो तो आक्रमण करें: चौड़ाई और गहराई में फैलें, खाली जगह में जाएँ और जल्दी पास दें। जब विरोधी के पास हो तो रक्षा करें: पास-पास रहें, गोल की तरफ़ खड़े हों, खिलाड़ी को मार्क करें या क्षेत्र संभालें और सही तरीके से गेंद जीतें। हर खिलाड़ी की भूमिका है, टीम लगातार बात करती है और अधिकारी नियम लागू करते हैं।
- जिम्नास्टिक: उपकरण, बुनियादी कौशल, संतुलन और सुरक्षा – जिम्नास्टिक शरीर को काबू में रखकर हिलाने का खेल है: रोल, संतुलन, कूद, झूलना और वॉल्ट, फ़र्श पर और उपकरणों पर। मुख्य प्रकार हैं आर्टिस्टिक, रिदमिक, ट्रैम्पोलिन और एक्रोबैटिक। दो वैज्ञानिक बातें ज़्यादातर कौशल समझाती हैं: गुरुत्व केंद्र आधार के ऊपर हो तो संतुलन बना रहता है, और शरीर सिकोड़ने (टक) पर आप तेज़ घूमते हैं। हर कौशल वार्म-अप के बाद, मैट पर और स्पॉटर के साथ धीरे-धीरे सीखा जाता है।
- नृत्य: तत्व, नृत्य-रचना और शैलियाँ – नृत्य शरीर की वह गति है जो स्थान और समय में, ऊर्जा के साथ, भावना जताने, कहानी सुनाने या उत्सव मनाने के लिए होती है। हर नृत्य को चार तत्वों से समझ सकते हैं: शरीर (क्या हिलता है), स्थान (कहाँ: स्तर, दिशा, रास्ते), समय (कब: ताल, लय, ठहराव) और ऊर्जा (कैसे: तीखी या कोमल, ज़ोरदार या हल्की)। नृत्य-रचना (कोरियोग्राफ़ी) मोटिफ़, दोहराव, कैनन, एकस्वरता, विरोधाभास और बनावट जैसे तरीक़ों से गतियाँ सजाने की कला है। अच्छे कलाकार तकनीक, सुरक्षा और भाव सीखते हैं, और अच्छे दर्शक देखी चीज़ का वर्णन, विश्लेषण, अर्थ और मूल्यांकन करते हैं। शास्त्रीय, लोक, बैले, हिप-हॉप – हर शैली अपनी संस्कृति और इतिहास से निकलती है।