Japan 高校3年 Physical Education
अध्याय: 8
1. Physical fitness exercise
Body-relaxation exercises · Planning exercises for daily life
- शरीर को ढीला करने वाले व्यायाम (Body-Relaxation Exercises) – शरीर को ढीला करने वाले व्यायाम आसान हरकतें और धीमी साँस हैं, जिनसे कसी हुई मांसपेशियाँ नरम होती हैं और मन शांत होता है। पहले पहचानो कि तनाव कहाँ है (कंधे, जबड़ा, मुट्ठियाँ), फिर उसे छोड़ो: कंधे उठाओ-छोड़ो, खिंचाव, पेट से साँस (4 गिनती अंदर, 6 बाहर)। साथी के साथ शीशे जैसे खेल से भरोसा और जुड़ाव भी बढ़ता है।
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
2. Gymnastics
Mat, bar, beam, vault
- जिम्नास्टिक: उपकरण, बुनियादी कौशल, संतुलन और सुरक्षा – जिम्नास्टिक शरीर को काबू में रखकर हिलाने का खेल है: रोल, संतुलन, कूद, झूलना और वॉल्ट, फ़र्श पर और उपकरणों पर। मुख्य प्रकार हैं आर्टिस्टिक, रिदमिक, ट्रैम्पोलिन और एक्रोबैटिक। दो वैज्ञानिक बातें ज़्यादातर कौशल समझाती हैं: गुरुत्व केंद्र आधार के ऊपर हो तो संतुलन बना रहता है, और शरीर सिकोड़ने (टक) पर आप तेज़ घूमते हैं। हर कौशल वार्म-अप के बाद, मैट पर और स्पॉटर के साथ धीरे-धीरे सीखा जाता है।
3. Athletics
Running events · Jumping and throwing events
- एथलेटिक्स (Athletics): दौड़, कूद और फेंक – एथलेटिक्स (ट्रैक और फ़ील्ड) वह खेल है जिसमें प्रदर्शन मापा जाता है: दौड़ का समय, कूद और फेंक की दूरी मीटर में। ट्रैक स्पर्धाओं में स्प्रिंट, मध्य और लंबी दूरी, बाधा दौड़ और रिले हैं। कूद (लंबी, त्रि, ऊँची, पोल वॉल्ट) के चार चरण: दौड़, उछाल, उड़ान और उतरना। फेंक (गोला, चक्का, भाला, हथौड़ा) सबसे ज़्यादा छोड़ने की चाल पर, फिर कोण और ऊँचाई पर निर्भर है।
4. Swimming
Four strokes and medley
- तैराकी के स्ट्रोक, पानी की सुरक्षा, स्केटिंग और स्कीइंग – तैराकी के चार स्ट्रोक हैं: फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक और बटरफ्लाई। हर स्ट्रोक में हाथ-पैर का अलग तरीका होता है। पानी की सुरक्षा का मतलब है तैरना जानना, अकेले न तैरना और डूबते को किनारे से मदद देना। स्केटिंग और स्कीइंग में ब्लेड या स्की बर्फ पर बहुत कम घर्षण से फिसलते हैं।
5. Ball games
Goal type · Net type · Base type
- गोल वाले खेल (इन्वेज़न गेम्स) – गोल वाले खेलों में दो टीमें गेंद को विरोधी के गोल या बास्केट में पहुँचाने की कोशिश करती हैं और अपना गोल बचाती हैं। फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल, हैंडबॉल और रग्बी सब ऐसे ही हैं। जीतने के लिए तीन बातें चाहिए: अच्छा गेंद संभालना (पास, ड्रिबल, शॉट), बिना गेंद के खाली जगह में समझदारी से दौड़ना और आक्रमण-रक्षा की टीम योजना।
- नेट वाले खेल (Net-Type Games) – नेट वाले खेलों में एक नेट कोर्ट को दो हिस्सों में बाँटता है और हर पक्ष गेंद को नेट के ऊपर से इस तरह भेजता है कि वह विरोधी के कोर्ट के अंदर गिरे और वापस न लौट सके। वॉलीबॉल टीम का उदाहरण है; बैडमिंटन, टेनिस और टेबल टेनिस रैकेट वाले उदाहरण हैं। रैली का क्रम होता है: सर्व, रिसीव, सेट और अटैक। खिलाड़ी अच्छी पोज़िशन में खड़े होकर और बातचीत करके कोर्ट ढकते हैं।
- बेस वाले खेल (बैट-और-बॉल खेल) – बेस वाले खेलों में बल्लेबाज़ गेंद को मैदान में मारकर बेसों के चक्कर लगाता है और क्षेत्ररक्षक टीम धावक के पहुँचने से पहले गेंद को बेस तक पहुँचाने की कोशिश करती है। बेसबॉल, सॉफ्टबॉल और राउंडर्स इसके उदाहरण हैं; क्रिकेट में भी यही बैट-बॉल की सोच है। जीतने के लिए तीन कौशल चाहिए: गेंद को खाली जगह (गैप) में मारना, समझदारी से बेस दौड़ना और तेज़ थ्रो व टीम तालमेल से क्षेत्ररक्षण।
6. Martial arts
Judo or kendo
- पारंपरिक खेल और मार्शल आर्ट – पारंपरिक खेल सरल चीज़ों और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले नियमों से खेले जाते हैं, जैसे लट्टू, कंचे, गिल्ली-डंडा, रस्साकशी, कबड्डी और खो-खो। ये संस्कृति को ज़िंदा रखते हैं और फिटनेस व खेल-भावना बनाते हैं। मार्शल आर्ट और युद्ध-खेल (जूडो, ताइक्वांडो, कराटे, कुश्ती, कलारीपयट्टु, मुक्केबाज़ी) आत्म-नियंत्रण, सम्मान और तकनीक सिखाते हैं। हर युद्ध-खेल की नींव एक जैसी है: सम्मान का नमन, स्थिर स्टांस (गुरुत्व केंद्र चौड़े आधार के ऊपर), सुरक्षित गिरना, साफ नियम और सुरक्षा उपकरण।
7. Dance
Creative, folk, modern rhythm dance
- रचनात्मक, लोक और रिदम नृत्य: समूह नृत्य बनाओ – समूह नृत्य में तीन तरह के नृत्य मिलते हैं। रचनात्मक नृत्य किसी विषय (जैसे लहर) को हरकत बनाता है। लोक नृत्य में सब मिलकर आसान पैटर्न, जैसे गोला, बनाते हैं। आधुनिक रिदम नृत्य एक पक्की ताल पर चलता है, जिसे आठ-आठ में गिना जाता है। समूह नृत्य बनाने के लिए विषय चुनो, पैटर्न चुनो, ताल गिनो और भागों को क्रम से जोड़ो।
- नृत्य: तत्व, नृत्य-रचना और शैलियाँ – नृत्य शरीर की वह गति है जो स्थान और समय में, ऊर्जा के साथ, भावना जताने, कहानी सुनाने या उत्सव मनाने के लिए होती है। हर नृत्य को चार तत्वों से समझ सकते हैं: शरीर (क्या हिलता है), स्थान (कहाँ: स्तर, दिशा, रास्ते), समय (कब: ताल, लय, ठहराव) और ऊर्जा (कैसे: तीखी या कोमल, ज़ोरदार या हल्की)। नृत्य-रचना (कोरियोग्राफ़ी) मोटिफ़, दोहराव, कैनन, एकस्वरता, विरोधाभास और बनावट जैसे तरीक़ों से गतियाँ सजाने की कला है। अच्छे कलाकार तकनीक, सुरक्षा और भाव सीखते हैं, और अच्छे दर्शक देखी चीज़ का वर्णन, विश्लेषण, अर्थ और मूल्यांकन करते हैं। शास्त्रीय, लोक, बैले, हिप-हॉप – हर शैली अपनी संस्कृति और इतिहास से निकलती है।
8. PE theory
Designing a rich sporting life
- समृद्ध खेल-जीवन की योजना – समृद्ध खेल-जीवन का मतलब है कि जीवन के हर पड़ाव पर खेल का मज़ा उस तरह लेना जो उस उम्र को सूट करे। बच्चों को रोज़ लगभग 60 मिनट खेल चाहिए। किशोर और वयस्क पसंद का खेल चुनकर पढ़ाई-काम के बीच समय निकाल सकते हैं; वयस्कों को हफ़्ते में लगभग 150 मिनट चाहिए। बुज़ुर्गों के लिए चलना, योग और तैराकी जैसे हल्के खेल अच्छे हैं। पार्क, स्कूल, क्लब और कोच मिलकर खेल को सबके लिए आसान बनाते हैं।