National Year 10 Physical Education
अध्याय: 4
1. 3.1.1 Applied anatomy and physiology
Musculoskeletal system · Cardio-respiratory system · Aerobic and anaerobic exercise · Short- and long-term effects of exercise
- कंकाल तंत्र – कंकाल शरीर का ढाँचा है; बड़े व्यक्ति में 206 हड्डियाँ होती हैं। इसके पाँच मुख्य कार्य हैं: सहारा और आकार, सुरक्षा, गति (मांसपेशियों के साथ), लाल अस्थि-मज्जा में रक्त कोशिकाएँ बनाना और कैल्शियम जैसे खनिज जमा करना। हड्डियाँ जोड़ों (संधि) पर मिलती हैं: कब्ज़ा जोड़ (कोहनी, घुटना) एक दिशा में मुड़ता है, कंदुक-खल्लिका जोड़ (कंधा, कूल्हा) हर दिशा में घूमता है। स्नायुबंधन हड्डी को हड्डी से, कंडरा मांसपेशी को हड्डी से जोड़ती है, उपास्थि सिरों पर गद्दी है। मांसपेशियाँ सिर्फ़ खींचती हैं, इसलिए जोड़ी में काम करती हैं, जैसे बाइसेप्स और ट्राइसेप्स।
- मनुष्य में परिवहन: हृदय, रुधिर वाहिकाएँ, रुधिर और लसीका – हृदय चार कक्षों वाला मांसपेशी पंप है। एक पूरे चक्कर में रुधिर हृदय से दो बार गुज़रता है: एक बार फेफड़ों से ऑक्सीजन लेने, और एक बार पूरे शरीर तक। यही दोहरा परिसंचरण है। धमनियाँ रुधिर को हृदय से दूर ले जाती हैं, शिराएँ वापस लाती हैं और केशिकाएँ आदान-प्रदान करती हैं। रुधिर (प्लाज़्मा, लाल व श्वेत कणिकाएँ, प्लेटलेट्स) और लसीका मिलकर भोजन, गैसें, हॉर्मोन और अपशिष्ट ढोते हैं।
- ऊर्जा तंत्र: व्यायाम में मांसपेशियों को ऊर्जा कैसे मिलती है – मांसपेशी सीधे सिर्फ़ एक ईंधन इस्तेमाल करती है: ATP। ATP का भंडार 2–3 सेकंड ही चलता है, इसलिए शरीर उसे तीन तरीकों से दोबारा बनाता है। ATP-PC तंत्र क्रिएटिन फ़ॉस्फ़ेट से बहुत तेज़ ATP बनाता है, लगभग 10 सेकंड। अवायवीय ग्लाइकोलिसिस ग्लूकोज़ को बिना ऑक्सीजन तोड़ता है: तेज़, लगभग 10 सेकंड से 2 मिनट, और लैक्टेट बनता है। वायवीय (एरोबिक) तंत्र ऑक्सीजन से ग्लूकोज़ और वसा जलाता है: धीमा पर घंटों चलता है, सिर्फ़ CO₂ और पानी बनते हैं। तीनों साथ काम करते हैं; तीव्रता और समय तय करते हैं कौन आगे रहेगा। व्यायाम के बाद EPOC (अतिरिक्त ऑक्सीजन) भंडार भरती है और लैक्टेट हटाती है। ऊँचाई और गर्मी एरोबिक तंत्र पर बोझ बढ़ाते हैं।
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
2. 3.1.2 Movement analysis
Lever systems and mechanical advantage · Planes and axes of movement
- उत्तोलक: छोटे धक्के से भारी चीज़ कैसे उठती है – उत्तोलक एक मज़बूत छड़ है जो एक स्थिर बिंदु, आलंब, के चारों ओर घूमती है। यह तब संतुलित होती है जब भार × भार भुजा = प्रयास × प्रयास भुजा (आघूर्ण का नियम)। प्रयास भुजा लंबी हो तो कम प्रयास लगता है। आलंब, भार और प्रयास की जगह से उत्तोलक प्रथम, द्वितीय या तृतीय वर्ग के होते हैं।
- खेलों में जैव यांत्रिकी (स्पोर्ट्स बायोमैकेनिक्स) – जैव यांत्रिकी यानी चलते-दौड़ते शरीर की भौतिकी। हर गति तीन तलों (सैजिटल, फ़्रंटल, ट्रांसवर्स) में और तीन अक्षों के चारों ओर होती है। हड्डियाँ, जोड़ और मांसपेशियाँ लीवर की तरह काम करती हैं: धुरी, बल और भार। शरीर के ज़्यादातर लीवर तीसरी श्रेणी के हैं: ताक़त कम, पर गति तेज़ और बड़ी। न्यूटन के तीन नियम बताते हैं कि दौड़ शुरू कैसे होती है और ज़मीन हमें आगे कैसे धकेलती है; घर्षण पकड़ देता है। संतुलन गुरुत्व केंद्र, आधार और गुरुत्व रेखा पर टिका है। घूमने में बलाघूर्ण (torque) घुमाव शुरू करता है, और हवा में कोणीय संवेग स्थिर रहता है, इसलिए बाँहें अंदर करने पर घुमाव तेज़ होता है। फेंकी गई गेंद या कूदता खिलाड़ी प्रक्षेप्य है: चाल, कोण और ऊँचाई दूरी तय करते हैं। हवा और पानी खिंचाव (drag) देते हैं; स्पिन से गेंद मुड़ती है (मैग्नस प्रभाव)।
3. 3.1.3 Physical training
Health, fitness and exercise · Components of fitness and fitness testing · Principles and methods of training · Optimising training and preventing injury · Warm up and cool down
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
- फिटनेस टेस्ट (Fitness Testing): फिटनेस के हर भाग को कैसे मापें – फिटनेस टेस्ट फिटनेस के एक घटक को मापकर एक संख्या देता है। हर घटक का अपना टेस्ट है: दम के लिए बीप टेस्ट, शक्ति के लिए हैंड ग्रिप, लचीलेपन के लिए सिट एंड रीच, गति के लिए 30 मी दौड़, फुर्ती के लिए इलिनॉय दौड़, विस्फोटक शक्ति के लिए कूद, संतुलन के लिए स्टॉर्क स्टैंड, प्रतिक्रिया के लिए रूलर ड्रॉप और शरीर संरचना के लिए BMI। अच्छा टेस्ट वैध और विश्वसनीय होता है। नतीजों की तुलना मानकों और अपने पिछले स्कोर से की जाती है।
- खेल प्रशिक्षण: सिद्धांत और विधियाँ – खेल प्रशिक्षण योजना बनाकर किया गया व्यायाम है, जो शरीर को खेल के लिए फ़िट बनाता है। हर सत्र में वार्म-अप (धड़कन, शरीर का तापमान और लचीलापन धीरे-धीरे बढ़ाना), मुख्य अभ्यास और कूल-डाउन (धड़कन धीरे कम करना, लैक्टिक अम्ल जैसे अपशिष्ट हटाना) होते हैं। अच्छा प्रशिक्षण सिद्धांतों पर चलता है: विशिष्टता (अपने खेल के लिए अभ्यास), प्रगति और अधिभार (धीरे-धीरे ज़्यादा, ताकि शरीर ढल जाए), उलटाव (अभ्यास छोड़ा तो फ़िटनेस घटती है), ऊब से बचना (अभ्यास बदलते रहो), साथ में आराम। FITT मात्रा तय करता है: कितनी बार, कितना तेज़, कितनी देर, कौन-सा अभ्यास। तीव्रता हृदय गति से मापी जाती है: अधिकतम ≈ 220 − उम्र; 60–80% एरोबिक, 80–90% एनारोबिक। मुख्य विधियाँ: लगातार, अंतराल, फ़ार्टलेक, सर्किट, वज़न, प्लायोमेट्रिक और लचीलापन। साल को तैयारी, प्रतियोगिता और विश्राम चरणों में बाँटा जाता है (अवधिकरण)।
- खेल चोटें: कैसे लगती हैं, कैसे बचें, कैसे ठीक करें – खेल या व्यायाम से शरीर को हुआ नुकसान खेल चोट है। तीव्र (acute) चोट अचानक लगती है (टखना मुड़ना); दीर्घकालिक या अति-उपयोग चोट धीरे-धीरे बनती है (शिन स्प्लिंट)। कोमल ऊतक चोट मांसपेशी (खिंचाव), स्नायुबंधन (मोच) और त्वचा की होती है; कठोर ऊतक चोट हड्डी (अस्थिभंग) और जोड़ (विस्थापन) की। जोखिम अंदर से (फ़िटनेस, पुरानी चोट) और बाहर से (मौसम, उपकरण) आता है। वार्म-अप, सही तकनीक, सही सामान, नियम और समझदारी से बढ़ता अभ्यास ज़्यादातर चोटें रोकते हैं। मोच-खिंचाव पर RICE, फिर धीरे-धीरे पुनर्वास।
4. 3.1.4 Use of data
Collecting, presenting and analysing data
- आँकड़ों का प्रबंधन: इकट्ठा करो, व्यवस्थित करो, दिखाओ – आँकड़े (डेटा) तथ्यों का समूह हैं, जैसे जवाब, गिनती या माप। आँकड़े गुणात्मक (शब्द) या मात्रात्मक (संख्या) होते हैं; संख्याएँ असतत (गिनी हुई) या सतत (नापी हुई) होती हैं। हम सर्वे, अवलोकन, प्रयोग या पहले से मौजूद स्रोतों से आँकड़े इकट्ठा करते हैं, फिर मिलान चिह्नों से बारंबारता सारणी बनाते हैं। सही आलेख चुनते हैं: तुलना के लिए दंड आलेख, पूरे के हिस्सों के लिए पाई चार्ट, समय के साथ बदलाव के लिए रेखा आलेख, दो चीज़ों के रिश्ते के लिए बिंदु आलेख। कंप्यूटर डेटा को संरचित सारणी या असंरचित पाठ, चित्र और आवाज़ के रूप में रखते हैं।