कंकाल क्या है और क्या करता है?
शरीर की सारी हड्डियाँ मिलकर कंकाल बनाती हैं। नवजात शिशु में लगभग 300 हड्डियाँ होती हैं; बड़े होते-होते कई जुड़ जाती हैं, इसलिए बड़े व्यक्ति में 206 रहती हैं।
कंकाल के पाँच मुख्य काम:
- सहारा और आकार: शरीर को खड़ा रखता है।
- सुरक्षा: खोपड़ी दिमाग़ को, पसलियाँ दिल-फेफड़ों को, मेरुदंड मेरुरज्जु को बचाते हैं।
- गति: मांसपेशियाँ हड्डियों से जुड़कर उन्हें खींचती हैं।
- रक्त कोशिकाएँ बनाना: कुछ हड्डियों की लाल अस्थि-मज्जा लाल कण, सफ़ेद कण और प्लेटलेट्स बनाती है।
- खनिज जमा करना: हड्डियाँ कैल्शियम और फ़ॉस्फ़ोरस रखती हैं और ज़रूरत पर देती हैं।
मुख्य भाग
अक्षीय कंकाल (axial) बीच की रेखा है: खोपड़ी, मेरुदंड, पसलियाँ, उरोस्थि। उपांगीय कंकाल (appendicular) में हाथ-पैर और उन्हें जोड़ने वाली कंधे व कूल्हे की मेखला आती है।
हड्डियों के प्रकार और हड्डी किससे बनी है
- लंबी हड्डियाँ (फीमर, ह्यूमरस): बड़ी हरकतों के लिए उत्तोलक (लीवर)।
- छोटी हड्डियाँ (कलाई, टखना): छोटी, मज़बूत, बारीक हरकतों के लिए।
- चपटी हड्डियाँ (खोपड़ी, पसलियाँ, कंधे की हड्डी): चौड़ी प्लेटें जो बचाती हैं।
- अनियमित हड्डियाँ (कशेरुकाएँ): ख़ास काम के लिए अलग आकार।
हड्डी जीवित ऊतक है, इसमें रक्त वाहिकाएँ और कोशिकाएँ हैं। इसमें कोलेजन प्रोटीन (थोड़ा लचीलापन) और कैल्शियम लवण (कड़ापन) होते हैं। बाहर कड़ी सघन अस्थि, अंदर हल्की जालीदार स्पंजी अस्थि और नरम मज्जा होती है।
जोड़, स्नायुबंधन, कंडरा और उपास्थि
जहाँ दो या ज़्यादा हड्डियाँ मिलती हैं, उसे जोड़ (संधि) कहते हैं।
- अचल जोड़: कोई हरकत नहीं, जैसे खोपड़ी की हड्डियाँ।
- थोड़े चल जोड़: थोड़ी हरकत, जैसे कशेरुकाओं के बीच।
- चल (साइनोवियल) जोड़: ख़ूब हरकत; अंदर चिकना साइनोवियल द्रव भरा रहता है।
चल जोड़ों के प्रकार
- कब्ज़ा जोड़: दरवाज़े जैसा एक तरफ़ (कोहनी, घुटना)।
- कंदुक-खल्लिका जोड़: गोल सिरा कटोरी में, हर दिशा में और घूमना भी (कंधा, कूल्हा)।
- धुराग्र (पिवट) जोड़: घूमता है (गर्दन, सिर "ना" में हिलाना)।
- सरकने वाला जोड़: चपटी हड्डियाँ फिसलती हैं (कलाई, टखना)।
उपास्थि (कार्टिलेज) हड्डियों के सिरों को रगड़ से बचाती है। स्नायुबंधन (लिगामेंट) हड्डी को हड्डी से जोड़ता है। कंडरा (टेंडन) मांसपेशी को हड्डी से जोड़ती है।
मांसपेशियाँ और गति
मांसपेशियाँ सिर्फ़ खींच सकती हैं (संकुचन, छोटी होना), धकेल नहीं सकतीं। इसलिए वे विरोधी जोड़ी (antagonistic pair) में काम करती हैं: एक सिकुड़ती है, दूसरी ढीली होती है।
- बाइसेप्स सिकुड़ी, ट्राइसेप्स ढीली: कोहनी मुड़ी।
- ट्राइसेप्स सिकुड़ी, बाइसेप्स ढीली: कोहनी सीधी।
- घुटने पर हैमस्ट्रिंग और क्वाड्रिसेप्स यही करती हैं।
तीन तरह की मांसपेशियाँ
कंकाल पेशी हड्डियाँ हिलाती है और हमारी इच्छा से चलती है। चिकनी पेशी आँत और रक्त वाहिकाओं में अपने-आप काम करती है। हृदय पेशी सिर्फ़ दिल में होती है और कभी नहीं थकती।
हड्डियों की देखभाल
कैल्शियम (दूध, दही, रागी, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ) खाओ, धूप से विटामिन D लो। दौड़ना, रस्सी कूदना जैसे व्यायाम हड्डियों को मज़बूत करते हैं। सही मुद्रा में बैठो। बुढ़ापे में हड्डियाँ कमज़ोर होना ऑस्टियोपोरोसिस, हड्डी टूटना फ्रैक्चर और जोड़ों में सूजन गठिया है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बड़े व्यक्ति का कंकाल: 206 हड्डियाँ
- स्नायुबंधन: हड्डी ↔ हड्डी
- कंडरा: मांसपेशी ↔ हड्डी
- उपास्थि: सिरों पर गद्दी
- विरोधी जोड़ी: एक सिकुड़े, दूसरी ढीली
- कब्ज़ा जोड़: एक तल (कोहनी, घुटना)
- कंदुक-खल्लिका: हर दिशा (कंधा, कूल्हा)
हल किए गए उदाहरण
1. फ़ुटबॉल खिलाड़ी गेंद को किक करता है। घुटने का जोड़ कौन-सा है और पैर सीधा करने वाली मांसपेशी जोड़ी कौन-सी?
घुटना कब्ज़ा जोड़ है। पैर सीधा करने के लिए क्वाड्रिसेप्स (जाँघ के आगे) सिकुड़ती है और हैमस्ट्रिंग (जाँघ के पीछे) ढीली होती है।
2. कंधे पर हाथ पूरा गोल घूमता है पर कोहनी पर नहीं, क्यों?
कंधा कंदुक-खल्लिका जोड़ है: ह्यूमरस का गोल सिरा कटोरी में घूमता है, इसलिए हर दिशा में हरकत होती है। कोहनी कब्ज़ा जोड़ है, सिर्फ़ एक तल में मुड़ती-सीधी होती है।
3. किसी के ख़ून में लाल कोशिकाएँ बहुत कम हैं। कंकाल का कौन-सा भाग जुड़ा हो सकता है?
लाल अस्थि-मज्जा, जो फीमर, पसलियों, उरोस्थि और श्रोणि के अंदर होती है। यही लाल कोशिकाएँ बनाती है; यह ठीक काम न करे तो लाल कोशिकाएँ कम बनती हैं।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मांसपेशी धकेल भी सकती है। मांसपेशी सिर्फ़ खींचती है; उल्टी तरफ़ दूसरी मांसपेशी खींचती है।
- स्नायुबंधन और कंडरा में गड़बड़। स्नायुबंधन = हड्डी से हड्डी; कंडरा = मांसपेशी से हड्डी।
- हड्डी को मरी, सूखी चीज़ समझना। जीवित हड्डी में रक्त वाहिकाएँ हैं और वह जुड़ सकती है।
- यह कहना कि जन्म से 206 हड्डियाँ होती हैं। शिशु में लगभग 300 होती हैं, कुछ बाद में जुड़ जाती हैं।