Russia 8 класс Biology (basic)
अध्याय: 6
1. Animal organism
Zoology and features of animals · Animal cell and tissues
- ऊतक: पादप और जंतु ऊतक – ऊतक एक जैसी कोशिकाओं का समूह है जो मिलकर एक काम करता है। कोशिकाएँ ऊतक बनाती हैं, ऊतक अंग, अंग अंग तंत्र और तंत्र मिलकर जीव। पौधों में बँटने वाला विभज्योतक और न बँटने वाला स्थायी ऊतक होता है, जिसमें जाइलम (पानी ऊपर) और फ्लोएम (भोजन दोनों ओर) शामिल हैं। जंतुओं में उपकला, संयोजी, पेशी और तंत्रिका ऊतक होते हैं। हड्डियों, पेशियों और जोड़ों को सही मुद्रा, व्यायाम और कैल्शियम वाला भोजन चाहिए।
2. Structure and life processes of animals
Support and movement · Nutrition and digestion · Respiration · Transport of substances · Excretion · Body coverings · Coordination and regulation · Behaviour · Reproduction and development
- कंकाल तंत्र – कंकाल शरीर का ढाँचा है; बड़े व्यक्ति में 206 हड्डियाँ होती हैं। इसके पाँच मुख्य कार्य हैं: सहारा और आकार, सुरक्षा, गति (मांसपेशियों के साथ), लाल अस्थि-मज्जा में रक्त कोशिकाएँ बनाना और कैल्शियम जैसे खनिज जमा करना। हड्डियाँ जोड़ों (संधि) पर मिलती हैं: कब्ज़ा जोड़ (कोहनी, घुटना) एक दिशा में मुड़ता है, कंदुक-खल्लिका जोड़ (कंधा, कूल्हा) हर दिशा में घूमता है। स्नायुबंधन हड्डी को हड्डी से, कंडरा मांसपेशी को हड्डी से जोड़ती है, उपास्थि सिरों पर गद्दी है। मांसपेशियाँ सिर्फ़ खींचती हैं, इसलिए जोड़ी में काम करती हैं, जैसे बाइसेप्स और ट्राइसेप्स।
- मनुष्य में परिवहन: हृदय, रुधिर वाहिकाएँ, रुधिर और लसीका – हृदय चार कक्षों वाला मांसपेशी पंप है। एक पूरे चक्कर में रुधिर हृदय से दो बार गुज़रता है: एक बार फेफड़ों से ऑक्सीजन लेने, और एक बार पूरे शरीर तक। यही दोहरा परिसंचरण है। धमनियाँ रुधिर को हृदय से दूर ले जाती हैं, शिराएँ वापस लाती हैं और केशिकाएँ आदान-प्रदान करती हैं। रुधिर (प्लाज़्मा, लाल व श्वेत कणिकाएँ, प्लेटलेट्स) और लसीका मिलकर भोजन, गैसें, हॉर्मोन और अपशिष्ट ढोते हैं।
- तंत्रिका तंत्र, प्रतिवर्ती क्रिया और मानव मस्तिष्क – तंत्रिका कोशिकाएँ (न्यूरॉन) संदेश को विद्युत आवेग के रूप में ले जाती हैं और सिनैप्स नाम के छोटे अंतर को रसायनों से पार करती हैं। झटपट बचाव वाली क्रियाएँ (प्रतिवर्ती क्रिया) मेरुरज्जु सँभालता है; सोचना और नियंत्रण मस्तिष्क करता है, जिसे खोपड़ी और तरल की गद्दी बचाती है।
- जंतु व्यवहार: जानवर जो करते हैं, वह क्यों करते हैं – व्यवहार वह सब है जो जानवर किसी उद्दीपन के जवाब में करता है: बाहर का उद्दीपन (शिकारी, रोशनी, आवाज़) या अंदर का (भूख, हॉर्मोन)। कुछ व्यवहार जन्मजात होता है (सहज प्रवृत्ति); कुछ सीखा जाता है (अभ्यस्तता, अनुबंधन, छापन, अंतर्दृष्टि)। व्यवहार का एक काम होता है: ज़िंदा रहने और प्रजनन में मदद, अक्सर समूह में रहकर। कई जानवर संवेदनशील (सचेतन) होते हैं: वे दर्द, डर और ख़ुशी महसूस करते हैं।
- मानव में जनन और जनन स्वास्थ्य – यौवनारंभ पर मस्तिष्क के हॉर्मोन वृषण और अंडाशय को सक्रिय करते हैं। नर तंत्र शुक्राणु बनाता और ले जाता है; मादा तंत्र अंडाणु बनाता है और गर्भाशय में शिशु के बढ़ने की जगह देता है। निषेचन अंडवाहिनी में होता है और भ्रूण को प्लेसेंटा से पोषण मिलता है। जनन स्वास्थ्य में सुरक्षित निर्णय, गर्भनिरोध, भ्रूण हत्या पर रोक और HIV/AIDS जैसे रोगों से बचाव शामिल हैं।
- जीव जनन कैसे करते हैं? DNA प्रतिकृति और अलैंगिक जनन – जनन में DNA की प्रतिकृति (कॉपी) बनती है। कॉपी कभी पूरी तरह एक जैसी नहीं होती; यही छोटे बदलाव (विभिन्नताएँ) बदलते माहौल में प्रजाति को बचाते हैं। अलैंगिक जनन में एक ही जनक विखंडन, खंडन, पुनरुद्भवन, मुकुलन, कायिक प्रवर्धन या बीजाणु से नए जीव बनाता है।
- पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन – लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मक मिलते हैं, जिससे दो जनकों का DNA मिलता है और विभिन्नता बढ़ती है। फूल में परागकोश का पराग वर्तिकाग्र पर पहुँचता है (परागण), परागनलिका बीजांड तक बढ़ती है और नर युग्मक अंडकोशिका से मिलता है (निषेचन)। युग्मनज भ्रूण बनता है, बीजांड बीज और अंडाशय फल।
3. Systematic groups of animals
Animal classification · Protists · Cnidarians · Worms · Arthropods · Molluscs · Chordates · Fish · Amphibians · Reptiles · Birds · Mammals
- जीवों में विविधता और वर्गीकरण – धरती पर लाखों तरह के जीव हैं, और भारत सबसे समृद्ध जगहों में है। इन्हें पढ़ने के लिए हम आसान सवाल पूछकर समूह बनाते हैं: केंद्रक है या नहीं? एक कोशिका या कई? भोजन खुद बनाता है? इससे पाँच जगत बनते हैं: मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप और जंतु। जंतु अकशेरुकी और कशेरुकी में बँटते हैं। हर जाति का दो शब्दों का वैज्ञानिक नाम होता है। वायरस कोशिका नहीं है, इसलिए किसी जगत में नहीं आता।
- प्रोटिस्ट: एक कोशिका, असली केंद्रक – प्रोटिस्ट ज़्यादातर एक कोशिका वाले जीव हैं जिनकी कोशिका में असली केंद्रक होता है (यानी ये यूकैरियोट हैं)। जंतु जैसे प्रोटिस्ट (प्रोटोजोआ) जैसे अमीबा, पैरामीशियम भोजन पकड़ते हैं; पौधे जैसे यूग्लीना, डायटम रोशनी में भोजन बनाते हैं; कवक जैसे स्लाइम मोल्ड भोजन सोखते हैं। ये कूटपाद, पक्ष्माभ या कशाभ से चलते हैं, संकुचनशील रिक्तिका से पानी बाहर निकालते हैं, बँटकर बढ़ते हैं और बुरे समय में पुटी बनाते हैं। कुछ रोग फैलाते हैं: मलेरिया, जियार्डियासिस, टॉक्सोप्लाज़्मोसिस, ट्राइकोमोनिएसिस।
- संधिपाद: कीट, मकड़ी और केकड़ा – संधिपाद ऐसे जीव हैं जिनके पैर जोड़ वाले, बाहर कठोर कंकाल और शरीर खंडों में बँटा होता है। बढ़ने के लिए ये निर्मोचन करते हैं। कीट के 6 पैर और 3 भाग, अरैक्निड (मकड़ी, किलनी, बिच्छू) के 8 पैर और 2 भाग, और क्रस्टेशियन (केकड़ा, झींगा) के आम तौर पर 10 पैर और 4 शृंगिकाएँ होती हैं।
- मोलस्क: घोंघा, सीप और स्क्विड – मोलस्क नरम शरीर वाले जीव हैं। इनमें पेशीय पाद (foot) और प्रावार (mantle) होता है। ज़्यादातर कवच बनाते हैं। तीन बड़े समूह हैं: गैस्ट्रोपॉड (घोंघा, एक कवच), द्विकपाटी (सीप, दो कवच) और सेफैलोपॉड (स्क्विड, ऑक्टोपस, कवच अंदर या नहीं)।
4. Evolution of the animal world
Evolution of animals
- विकास: नए प्रकार के जीव कैसे बनते हैं – जनन के समय विविधताएँ आती हैं। प्रकृति उन विविधताओं को चुनती है जो जीवित रहने में मदद करें, और कई पीढ़ियों में आबादी बदल जाती है: यही विकास है। सिर्फ़ वंशागत (DNA वाले) बदलाव आगे जाते हैं, उपार्जित नहीं। अलग हुई आबादियाँ नई जातियाँ बन सकती हैं। समजात अंग, समरूप अंग और जीवाश्म बताते हैं कि कौन किससे संबंधित है, और जटिल अंग चरण-दर-चरण बने।
5. Animals in communities
Animals and environment · Animals of natural zones
- पारितंत्र, आहार श्रृंखला और ऊर्जा प्रवाह – किसी जगह के सभी जीव और उनके आस-पास की निर्जीव चीज़ें मिलकर पारितंत्र बनाते हैं। ऊर्जा सूर्य से आती है, आहार श्रृंखला में एक ही दिशा में ऊपर जाती है, और हर अगले स्तर तक सिर्फ़ लगभग 10% पहुँचती है।
- बायोम और वन: पृथ्वी पर जीवन – बायोम एक बड़ा क्षेत्र है जिसमें जलवायु, पौधे और जीव मिलते-जुलते हैं, जैसे टुंड्रा, टैगा, घास का मैदान, मरुस्थल, सवाना और उष्णकटिबंधीय वर्षावन। वर्षा और तापमान तय करते हैं कि कौन-सा बायोम बनेगा। भारत ख़ास क्षेत्रों को जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र बनाकर बचाता है, जिनमें कोर, बफ़र और संक्रमण क्षेत्र होते हैं। वनवासी जंगल पर निर्भर हैं और उसे नुक़सान पहुँचाए बिना उपयोग करना जानते हैं; इको-पर्यटन उन्हें कमाई दे सकता है। हम राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, क़ानून और चिपको जैसे जन आंदोलनों से जंगल और वन्यजीव बचाते हैं, और हमें जंगल की आग रोकनी चाहिए।
6. Animals and people
Human impact on animals
- जानवर, इंसान और संरक्षण – इंसान हज़ारों साल से जानवरों का जीवन बदल रहा है: हम शिकार करते हैं, मछली पकड़ते हैं, जंगली जानवरों को पालतू बनाकर नस्लें बनाते हैं, कीटों से लड़ते हैं और शहरों में जानवरों के साथ रहते हैं। जब हम प्रकृति की भरपाई से ज़्यादा ले लेते हैं, तो जातियाँ घटती हैं और विलुप्त हो सकती हैं। संरक्षण का मतलब है जानवरों का समझदारी से उपयोग और उनकी रक्षा: रेड बुक ख़तरे वाली जातियों की सूची है, राष्ट्रीय उद्यान ज़मीन बचाते हैं, और समुद्री संरक्षित क्षेत्र व मछली पकड़ने के नियम समुद्र बचाते हैं।