व्यवहार क्या है? उद्दीपन और अनुक्रिया
व्यवहार यानी जानवर जो भी करता है: चलना, खाना, आवाज़ निकालना, छिपना, घोंसला बनाना।
उद्दीपन वह बदलाव है जिसे जानवर महसूस करता है। बाहरी उद्दीपन बाहर से आता है (रोशनी, गंध, शिकारी, ठंड)। आंतरिक उद्दीपन शरीर के अंदर से (भूख, प्यास, प्रजनन ऋतु के हॉर्मोन)। जानवर जो करता है, वह अनुक्रिया है। तंत्रिका तंत्र और हॉर्मोन दोनों को जोड़ते हैं।
वैज्ञानिक दो तरह के सवाल पूछते हैं: कैसे होता है (कारण: इंद्रियाँ, तंत्रिकाएँ, हॉर्मोन, जीन, अनुभव) और क्यों होता है (काम: ज़िंदा रहने और प्रजनन में कैसे मदद करता है)।
जन्मजात व्यवहार: सहज प्रवृत्ति और प्रतिवर्त
जन्मजात व्यवहार जीन से आता है। यह पहली बार में ही, बिना अभ्यास के होता है और प्रजाति के हर सदस्य में एक जैसा होता है।
- प्रतिवर्त क्रिया: शरीर के एक हिस्से की तेज़, सरल अनुक्रिया, जैसे पलक झपकना।
- सहज प्रवृत्ति: कई क्रियाओं की कड़ी, जैसे मकड़ी का जाला बुनना, पक्षी का पहला घोंसला, कछुए के बच्चे का समुद्र की ओर दौड़ना।
- अनुचलन (टैक्सिस) और गतिक्रम (काइनेसिस): सरल जीव उद्दीपन की ओर या उससे दूर जाते हैं, जैसे गोजर नम जगह की ओर।
जन्मजात व्यवहार तेज़ और भरोसेमंद है, पर दुनिया बदले तो यह नहीं बदल पाता।
सीखा हुआ व्यवहार
सीखा हुआ व्यवहार अनुभव से बदलता है। इससे जानवर बदलती दुनिया में ढल पाता है।
- अभ्यस्तता: बार-बार आने वाले हानिरहित उद्दीपन पर प्रतिक्रिया बंद करना (पक्षी बिजूके को अनदेखा करते हैं)।
- छापन (इंप्रिंटिंग): जन्म के तुरंत बाद के छोटे संवेदनशील समय में बच्चा सीखता है कि उसका माता-पिता कौन है और उसके पीछे चलता है। जो हंस-शावक पहले इंसान को देखें, वे उसी के पीछे चलते हैं।
- शास्त्रीय अनुबंधन: जानवर किसी संकेत को आगे होने वाली बात से जोड़ लेता है (खाने से पहले बजी घंटी पर कुत्ते की लार)।
- क्रियाप्रसूत अनुबंधन (प्रयास और त्रुटि): जिस काम से इनाम मिले वह दोहराया जाता है; जिससे दर्द मिले उससे बचा जाता है।
- अंतर्दृष्टि: पुराने अनुभव जोड़कर नई समस्या एक बार में हल करना (चिंपांज़ी का डिब्बे जमाना, कौए का तार मोड़कर हुक बनाना)।
- नक़ल (सामाजिक अधिगम): बच्चे बड़ों को देखकर गीत, रास्ते और औज़ार चलाना सीखते हैं।
असल व्यवहार अक्सर दोनों का मेल होता है: पक्षी में गाने की इच्छा जन्मजात है, पर ठीक-ठीक गीत वह बड़ों से सीखता है। जानवर बड़ा होते-होते व्यवहार ऐसे ही विकसित होता है।
काम: समूह और आबादी में व्यवहार
व्यवहार जानवर को ज़िंदा रहने और अपने जीन आगे बढ़ाने में मदद करता है। प्राकृतिक वरण उपयोगी व्यवहार को बचाए रखता है।
- समूह में रहना: झुंड में कई आँखें होती हैं और शिकारी के लिए एक को चुनना कठिन होता है।
- श्रम विभाजन: मधुमक्खी और चींटी की बस्ती में रानी अंडे देती है, श्रमिक भोजन लाते और रखवाली करते हैं।
- संचार: आवाज़, रंग, गंध (फ़ेरोमोन) और नाच। मधुमक्खी का नाच फूलों की दिशा और दूरी बताता है।
- इलाक़ा: जानवर भोजन या घोंसले वाली जगह बचाते हैं, अक्सर लड़ाई की बजाय गीत या गंध के निशान से।
- प्रणय: प्रदर्शन (मोर की पूँछ, पक्षी का नाच) अपनी ही प्रजाति का स्वस्थ साथी चुनने में मदद करता है।
- पदानुक्रम: कौन पहले खाएगा, यह क्रम तय होने से लड़ाइयाँ कम होती हैं।
- संतान की देखभाल और प्रवास भी बच्चों के बचने की संभावना बढ़ाते हैं।
जानवर संवेदनशील प्राणी हैं
संवेदनशीलता (सचेतनता) यानी भावनाएँ महसूस करने की क्षमता: दर्द, डर, आराम या ख़ुशी, और इस बात की परवाह कि उसके साथ क्या हो रहा है।
पहचान: जानवर में दिमाग़ वाला तंत्रिका तंत्र है, वह दर्द से बचता है, उससे सीखता है, और चोट लगने पर व्यवहार बदलता है (लँगड़ाना, घाव बचाना)। इन संकेतों से स्तनधारी और पक्षी संवेदनशील हैं, और मछलियाँ, ऑक्टोपस व कई दूसरे जानवर भी।
असंवेदनशील जीव, जैसे पौधे, कवक और जीवाणु, उद्दीपन पर अनुक्रिया करते हैं (पौधा रोशनी की ओर मुड़ता है), पर उनमें तंत्रिका तंत्र नहीं है, इसलिए माना जाता है कि वे कुछ महसूस नहीं करते। जानवर दुख झेल सकते हैं, इसलिए कई देशों में पशु-कल्याण के क़ानून हैं: सही भोजन, जगह, देखभाल और क्रूरता पर रोक।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उद्दीपन → इंद्रिय → तंत्रिका तंत्र/हॉर्मोन → अनुक्रिया
- जन्मजात = जन्म से, सबमें एक जैसा, अभ्यास नहीं (प्रतिवर्त, सहज प्रवृत्ति)
- सीखा हुआ = अनुभव से (अभ्यस्तता, छापन, अनुबंधन, अंतर्दृष्टि, नक़ल)
- काम = ज़िंदा रहने और प्रजनन में मदद
- संवेदनशील = दर्द और ख़ुशी महसूस कर सकता है
हल किए गए उदाहरण
1. नवजात कंगारू बिना मदद के माँ की थैली में रेंग जाता है। जन्मजात या सीखा? क्यों?
जन्मजात (सहज प्रवृत्ति)। वह पहली ही बार, बिना अभ्यास या सिखाए ऐसा करता है।
2. मेज़ पर घोंघे थपथपाने पर खोल में सिमट जाते हैं। कई बार के बाद सिमटना बंद कर देते हैं। इसे क्या कहते हैं?
अभ्यस्तता। थपथपाना हानिरहित और बार-बार है, तो घोंघा उस पर ऊर्जा बर्बाद नहीं करता।
3. प्रयोगशाला में पले बत्तख़ के बच्चे खिलौना रेलगाड़ी के पीछे चलते हैं। समझाइए।
छापन। अंडे से निकलने के बाद संवेदनशील समय में पहली चलती चीज़ रेलगाड़ी थी, तो उन्होंने उसे 'माँ' मान लिया।
4. चूहा खाना पाने के लिए लीवर दबाना सीखता है। यह किस तरह का सीखना है?
क्रियाप्रसूत अनुबंधन (इनाम के साथ प्रयास और त्रुटि)।
5. वसंत में रॉबिन पक्षी के गाने का एक कारण और एक काम बताइए।
कारण: लंबे दिन हॉर्मोन बढ़ाते हैं। काम: गीत इलाक़ा बचाता है और साथी को बुलाता है।
6. कौआ घड़े में पत्थर डालकर पानी ऊपर लाता है। इसे अंतर्दृष्टि क्यों कहते हैं?
कौआ पुरानी जानकारी (पत्थर जगह घेरते हैं) जोड़कर नई समस्या जल्दी हल करता है, धीमी अंधी कोशिशों से नहीं।
आम गलतियाँ
- कहना कि पक्षियों के सारे गीत जन्मजात हैं। कई पक्षी ठीक-ठीक गीत बड़ों से सीखते हैं।
- अभ्यस्तता और अनुबंधन में गड़बड़। अभ्यस्तता = अनदेखा करना सीखना; अनुबंधन = जोड़ सीखना।
- पौधे के रोशनी की ओर मुड़ने को भावना वाला व्यवहार मानना। पौधे अनुक्रिया करते हैं, पर संवेदनशील नहीं हैं।
- काम पूछा जाए तो सिर्फ़ कारण लिख देना। काम = ज़िंदा रहने या प्रजनन में कैसे मदद।