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पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन

लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मक मिलते हैं, जिससे दो जनकों का DNA मिलता है और विभिन्नता बढ़ती है। फूल में परागकोश का पराग वर्तिकाग्र पर पहुँचता है (परागण), परागनलिका बीजांड तक बढ़ती है और नर युग्मक अंडकोशिका से मिलता है (निषेचन)। युग्मनज भ्रूण बनता है, बीजांड बीज और अंडाशय फल।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह फूल बीच से कटा है। बाहर हरे बाह्यदल और गुलाबी पंखुड़ियाँ। अंदर पुंकेसर (तंतु + परागकोश, नर भाग) और स्त्रीकेसर (वर्तिकाग्र, वर्तिका, बीजांड वाला अंडाशय, मादा भाग)।
  2. परागण: पीले परागकण परागकोश से निकलकर चिपचिपे वर्तिकाग्र पर गिरते हैं। हवा, पानी या कीट इन्हें दूसरे फूल (पर-परागण) या उसी फूल (स्व-परागण) तक ले जाते हैं।
  3. वर्तिकाग्र पर परागकण से एक पतली परागनलिका निकलती है। यह वर्तिका से नीचे बढ़ती हुई अंडाशय के बीजांड तक पहुँचती है।
  4. निषेचन: नर युग्मक (नीला) नलिका से नीचे जाकर बीजांड की मादा युग्मक (अंडकोशिका) से मिल जाता है। मिली हुई कोशिका युग्मनज है।
  5. निषेचन के बाद पंखुड़ियाँ, पुंकेसर और वर्तिका झड़ जाते हैं। बीजांड बीज बनता है और अंडाशय फूलकर फल बन जाता है।
  6. अब तुम्हारी बारी: चरण स्लाइडर को फूल से फल तक आगे-पीछे खिसकाओ और हर भाग का नाम बोलो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

कौन-सा भाग नर और कौन-सा मादा है?

पुंकेसर (तंतु + परागकोश) नर; स्त्रीकेसर (वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय) मादा। पहले चरण में सब नामांकित हैं।

क्या पराग हमेशा उसी फूल से आता है?

नहीं। उसी फूल से (स्व) या दूसरे पौधे से (पर), कीट, हवा या पानी से।

नर युग्मक अंडाशय के अंदर तक कैसे पहुँचता है?

परागकण वर्तिका में नीचे तक नलिका बनाता है; युग्मक उसके अंदर चलता है।

युग्मनज असल में क्या है?

नर युग्मक और अंडकोशिका के मिलने से बनी एक कोशिका। चौथे चरण में यह गुलाबी चमकती है।

निषेचन के बाद पंखुड़ियाँ क्यों झड़ती हैं?

कीटों को बुलाने का उनका काम पूरा हो गया। अब पौधा भोजन बढ़ते अंडाशय और बीजों को भेजता है।

क्या फल और बीज एक ही हैं?

नहीं। फल पका अंडाशय है; बीज उसके अंदर पके बीजांड हैं।

लैंगिक जनन क्यों?

लैंगिक जनन में दोनों जनक एक खास कोशिका देते हैं जिसे युग्मक कहते हैं। हर युग्मक में सामान्य का आधा DNA होता है, इसलिए मिलने पर संतति को पूरा DNA मिलता है। दो अलग जीवों का DNA मिलने से संतति में अलैंगिक जनन से ज़्यादा विभिन्नता आती है, जो प्रजाति को बचाती है।

युग्मक एक खास विभाजन से बनते हैं जो DNA आधा कर देता है; इससे हर पीढ़ी में DNA की मात्रा बराबर रहती है।

फूल के भाग

फूल पौधे का जनन अंग है। बाह्यदल (हरे) कली की रक्षा करते हैं; दल (पंखुड़ियाँ) रंगीन होकर कीटों को बुलाती हैं। पुंकेसर नर भाग है: तंतु और परागकोश, जो परागकण बनाता है। स्त्रीकेसर मादा भाग है: चिपचिपा वर्तिकाग्र, लंबी वर्तिका और फूला हुआ अंडाशय, जिसमें बीजांड होते हैं; हर बीजांड में अंडकोशिका होती है।

जिन फूलों में केवल पुंकेसर या केवल स्त्रीकेसर हो, वे एकलिंगी (पपीता, तरबूज़) हैं। दोनों वाले उभयलिंगी (गुड़हल, सरसों)।

परागण: स्व और पर

परागकोश से वर्तिकाग्र तक पराग पहुँचना परागण है। उसी फूल (या उसी पौधे) के वर्तिकाग्र पर पहुँचे तो स्व-परागण; दूसरे पौधे के फूल पर पहुँचे तो पर-परागण, जो हवा, पानी, कीट या पक्षी करते हैं। पर-परागण में दो पौधों का DNA मिलता है, इसलिए विभिन्नता ज़्यादा।

निषेचन: परागनलिका

सही वर्तिकाग्र पर गिरकर परागकण अंकुरित होता है और वर्तिका से होकर बीजांड तक परागनलिका बनाता है। नर युग्मक नलिका से नीचे जाकर बीजांड की अंडकोशिका से मिलता है। इस मिलन को निषेचन और बनी कोशिका को युग्मनज कहते हैं।

निषेचन के बाद: बीज और फल

युग्मनज बार-बार बँटकर बीजांड में भ्रूण बनाता है। बीजांड पर सख़्त आवरण बनता है और वह बीज बन जाता है। अंडाशय तेज़ी से बढ़कर पकता है और फल बनता है। पंखुड़ियाँ, पुंकेसर, वर्तिका और वर्तिकाग्र सूखकर झड़ जाते हैं।

बीज में भावी पौधा (भ्रूण) और भोजन होता है। पानी, हवा और गर्मी मिलने पर यह अंकुरित होता है। भ्रूण में प्रांकुर (भावी तना), मूलांकुर (भावी जड़) और बीजपत्र (भोजन वाले पत्ते) होते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. परागण और निषेचन में क्या अंतर है?

परागण में पराग सिर्फ़ परागकोश से वर्तिकाग्र पर जाता है। निषेचन बाद में बीजांड के अंदर होता है जब नर युग्मक अंडकोशिका से मिलता है। पहले परागण, फिर परागनलिका से निषेचन।

2. एक पपीते के पौधे पर सिर्फ़ नर फूल हैं। क्या वह अकेले फल दे सकता है?

नहीं। उसके फूल एकलिंगी हैं, उनमें अंडाशय ही नहीं है। पराग को मादा पपीते के फूलों तक जाना होगा; उन्हीं के अंडाशय फल बनेंगे।

3. युग्मक में आधा DNA क्यों होता है?

अगर हर युग्मक में पूरा DNA हो तो युग्मनज में दोगुना होगा और हर पीढ़ी दोगुना होता जाएगा। आधा होने से हर पीढ़ी में DNA बराबर रहता है।

4. आम के फूल के हर भाग का निषेचन के बाद क्या होता है?

युग्मनज → भ्रूण; बीजांड → गुठली (बीज); अंडाशय की दीवार → गूदेदार फल; पंखुड़ियाँ, पुंकेसर, वर्तिका, वर्तिकाग्र झड़ जाते हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. फूल का नर भाग है:
2. परागकण बनते हैं:
3. निषेचन के बाद अंडाशय बनता है:
4. एकलिंगी फूल किसमें होता है?
5. नर युग्मक को बीजांड तक कौन ले जाता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन क्या है?

परागण के बाद पराग के नर युग्मक और बीजांड की अंडकोशिका के मिलने से बीज बनना।

स्व-परागण अच्छा या पर-परागण?

पर-परागण से ज़्यादा विभिन्नता आती है; स्व-परागण तब पक्का होता है जब कीट कम हों। दोनों आम हैं।

बोर्ड में यहाँ से क्या पूछा जाता है?

फूल की अनुदैर्ध्य काट का नामांकित चित्र, परागण-निषेचन में अंतर, स्व व पर-परागण, और बीजांड-अंडाशय का क्या बनता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

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फ्रांसQuatrièmeLiving things and evolution
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चीन八年级(初二)U6 Ch.1 Reproduction

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