फसल या सब्ज़ी उगाना: चरण दर चरण
- जगह और फसल चुनो। ज़्यादातर सब्ज़ियों को 5 से 6 घंटे धूप चाहिए। मौसम के अनुसार चुनो: पालक और मूली जल्दी होती हैं, टमाटर और बैंगन ज़्यादा समय लेते हैं।
- मिट्टी तैयार करो। खोदकर ढीली करो। खाद या सूखा गोबर मिलाओ, जो पौधों का प्राकृतिक भोजन है।
- बुवाई करो। बीज अपनी चौड़ाई से लगभग दोगुनी गहराई पर डालो। बहुत छोटे बीज बहुत उथले, बड़े बीज थोड़े गहरे। दूरी रखो ताकि पौधे एक-दूसरे को न दबाएँ।
- पानी दो। सुबह या शाम को दो ताकि जल्दी न सूखे। मिट्टी निचोड़े स्पंज जितनी नम रहे, कीचड़ जैसी नहीं।
- पौधों की देखभाल। खरपतवार निकालो, जो पानी और भोजन चुराते हैं। ऊपरी मिट्टी गुड़ाई करो। कीड़े हाथ से हटाओ या नीम का सुरक्षित घोल छिड़को।
- तुड़ाई। सब्ज़ी पक जाए तब तोड़ो। पत्तेदार पौधे नियमित तोड़ने पर और उगते हैं।
पौधों को क्या चाहिए: पानी, धूप, हवा, मिट्टी
पौधे को प्रकाश (प्रकाश-संश्लेषण के लिए), पानी (पोषक तत्व ले जाने के लिए), हवा (कार्बन डाइऑक्साइड) और जड़ों से मिट्टी के पोषक तत्व चाहिए। 3D में मध्यम पानी और अच्छी धूप पर सबसे अच्छी बढ़त होती है। पानी कम हो तो पौधे मुरझाते हैं। बहुत पानी से मिट्टी में हवा नहीं रहती और जड़ें सड़ती हैं। रोशनी कम हो तो तना लंबा और पतला हो जाता है।
मल्च (मिट्टी पर सूखी पत्तियाँ) और बोतल में छोटा छेद करके बूँद-बूँद पानी देने से पानी बचता है।
छोटे पशु पालना: मुर्गी और अन्य
मुर्गी, बत्तख, खरगोश और बकरी जैसे छोटे पशु अंडे, दूध, माँस या खाद देते हैं। कोई भी पालो, ये पाँच चीज़ें दो।
- दाना। मुर्गियाँ अनाज, रसोई का बचा खाना और हरा चारा खाती हैं। सही मात्रा दो और फफूँद वाला खाना कभी मत दो।
- साफ़ पानी, रोज़ बदला हुआ।
- आश्रय। सूखा, हवादार घर जो बारिश, गर्मी और कुत्ते-साँप जैसे शिकारियों से बचाए। मुर्गी-घर में सोने के लिए डंडा (पर्च) और अंडे देने का डिब्बा हो।
- सफ़ाई। बीट और गीला बिछौना जल्दी हटाओ, क्योंकि गंदगी से रोग फैलते हैं।
- स्वास्थ्य। सुस्त आँखें, भूख न लगना या लँगड़ाना देखो और टीकों के लिए पशु-चिकित्सक से पूछो।
प्यार से संभालो। पशु या अंडे छूने के बाद हाथ धोओ।
सुरक्षा, रिकॉर्ड और टीम-वर्क
जूते और दस्ताने पहनो। खुरपी और दराँती सावधानी से पकड़ो। बड़े के साथ ही सुरक्षित, प्राकृतिक घोल इस्तेमाल करो। एक छोटी रिकॉर्ड-कॉपी रखो: बुवाई की तारीख, पानी की तारीखें, पौधों की ऊँचाई, रोज़ के अंडे। रिकॉर्ड से पता चलता है क्या काम करता है। टीम में काम बाँटो: पानी, निराई, दाना और सफ़ाई, और बारी बदलते रहो।
खुद करके देखो
गमला प्रयोग। तीन गमलों में मूँग या मेथी के 5-5 बीज बोओ: एक धूप और पानी में, एक छाया और पानी में, एक धूप में बिना पानी के। एक हफ़्ते रोज़ नापो। कौन सबसे अच्छा बढ़ा?
3D में: पानी 0, 50 और 100 करके रीडआउट देखो। फिर 100 प्रतिशत बढ़त पाने की कोशिश करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बुवाई की गहराई = बीज की चौड़ाई का लगभग 2 गुना
- पौधे की बढ़त के लिए: मिट्टी + बीज + पानी + धूप
- पशु की देखभाल: दाना + पानी + आश्रय + सफ़ाई + स्वास्थ्य
हल किए गए उदाहरण
1. मटर का बीज 6 मिमी चौड़ा है। उसे कितनी गहराई पर बोएँ?
चौड़ाई का लगभग दोगुना: 2 x 6 = 12 मिमी, यानी 1.2 सेमी।
2. क्यारी 2 मीटर लंबी और 1 मीटर चौड़ी है। पौधे पंक्तियों में 25 सेमी की दूरी पर हैं और पंक्तियाँ भी 25 सेमी दूर हैं। लगभग कितने पौधे आएँगे?
लंबाई में 200 / 25 = 8 और चौड़ाई में 100 / 25 = 4। 8 x 4 = 32 पौधे।
3. एक मुर्गी हफ़्ते में 5 अंडे देती है। 4 मुर्गियाँ, सब बराबर, 4 हफ़्ते में कितने अंडे देंगी?
एक हफ़्ते में 5 x 4 मुर्गी = 20 अंडे। 4 हफ़्ते में 20 x 4 = 80 अंडे।
आम गलतियाँ
- बीज बहुत गहरे बोना, जिससे वे सतह तक नहीं पहुँच पाते।
- तेज़ धूप में दोपहर को पानी देना, जो तुरंत सूख जाता है।
- ज़्यादा पानी देना। जड़ों को हवा भी चाहिए।
- मुर्गियों को एक दिन भी साफ़ पानी के बिना रखना।