औद्योगिक उत्पादन क्या है?
औद्योगिक उत्पादन का मतलब है औज़ारों, मशीनों और तय क्रम के चरणों से बड़ी संख्या में सामान बनाना। यह कच्चे माल (लोहा, प्लास्टिक, ताँबा) से शुरू होता है, प्रक्रियाओं (काटना, आकार देना, जोड़ना) से गुज़रता है और तैयार उत्पाद पर खत्म होता है। एक जैसे बहुत से पुर्ज़े बनाना बड़े पैमाने का उत्पादन कहलाता है। कारख़ानों में अक्सर असेंबली लाइन होती है, जहाँ हर कर्मचारी या मशीन एक चरण करती है और उत्पाद आगे बढ़ता है।
सरल धातु-कार्य: नापो, निशान लगाओ, काटो, छेद करो, जाँचो
- नापो स्टील के फुटे या फ़ीते से। आँख की सीध में पढ़ो।
- निशान लगाओ स्क्राइबर या मार्कर से।
- काटो हैकसॉ या टिन-कटर से। काम को वाइस में कसकर पकड़ो।
- छेद करो। पहले छोटा छेद, फिर बड़ा। सेंटर-पंच से गड्ढा बनाओ ताकि ड्रिल फिसले नहीं।
- रेती से तीखे किनारे चिकने करो।
- जाँचो फुटे या कैलिपर से और चित्र से मिलाओ। छोटी स्वीकार्य गलती को सहनसीमा (टॉलरेंस) कहते हैं।
स्कूल के अभ्यास में ऐलुमिनियम की नरम चादर या पतली टिन लो और शिक्षक पास रहें।
सरल इलेक्ट्रॉनिक्स: पहला परिपथ
परिपथ धारा का बंद रास्ता है। पहली परियोजना: बैटरी (स्रोत), स्विच (नियंत्रण) और LED (भार) तारों से जुड़े हों। LED के साथ श्रेणी में हमेशा एक प्रतिरोधक लगाओ ताकि धारा सीमित रहे। LED सही दिशा में जुड़े: लंबी टाँग धनात्मक की ओर। सोल्डरिंग सिर्फ़ शिक्षक के साथ करो: आयरन बहुत गरम होता है और धुएँ के लिए हवा चाहिए। शुरुआती परियोजनाओं में सिर्फ़ बैटरी इस्तेमाल करो, घर की बिजली नहीं।
मल्टीमीटर से जाँचो और खराबी एक-एक करके ढूँढो: ढीला तार, उलटी दिशा, खाली बैटरी।
कार्यशाला की सुरक्षा और कारख़ाना भ्रमण
सुरक्षा के नियम: चश्मा पहनो, धातु के किनारों के लिए दस्ताने और बंद जूते। लंबे बाल बाँधो। मेज़ साफ़ रखो। चलते पुर्ज़ों के पास ढीले कपड़े मत पहनो। प्राथमिक उपचार-पेटी और अग्निशामक कहाँ है, जानो।
कारख़ाना भ्रमण में देखो और पूछो: कच्चा माल क्या है? चरण किस क्रम में हैं? कौन-सी मशीनें और औज़ार हैं? पुर्ज़ों की जाँच (गुणवत्ता नियंत्रण) कैसे होती है? कचरे का क्या होता है? कौन-से सुरक्षा के चिह्न हैं? कितने लोग काम करते हैं और उनके काम क्या हैं? नोट्स लो, पीली रेखा के पीछे रहो और कुछ मत छुओ।
गुणवत्ता, रफ़्तार और टीम-वर्क
कारख़ाने मात्रा और गुणवत्ता दोनों चाहते हैं। बहुत तेज़ लाइन ज़्यादा पुर्ज़े बना सकती है पर रद्द भी ज़्यादा होते हैं, जिनसे माल और समय बर्बाद होता है। अच्छी टीम चरण तय करती है, हर पुर्ज़ा जाँचती है, औज़ार ठीक रखती है और सुरक्षा मानती है। कर्मचारियों में ऑपरेटर, फ़िटर, इलेक्ट्रीशियन, गुणवत्ता निरीक्षक और पर्यवेक्षक होते हैं।
खुद करके देखो
छोटी लाइन। तीन दोस्तों के साथ 10 सेमी की काग़ज़ की पट्टियाँ बनाओ: एक नापे, एक निशान लगाए, एक काटे, एक फुटे से जाँचे। 20 पट्टियों का समय नापो। फिर जल्दबाज़ी करो और रद्द पट्टियाँ गिनो।
3D में: हर चरण देखो, फिर खुले अभ्यास में रफ़्तार स्लाइडर चलाकर बने और रद्द पुर्ज़ों की तुलना करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चरण: नापो, निशान लगाओ, काटो, छेद करो, जाँचो
- उत्पादन = प्रति घंटा पुर्ज़े x घंटे
- रद्द % = रद्द / कुल बने x 100
हल किए गए उदाहरण
1. एक लाइन प्रति घंटा 40 पुर्ज़े बनाती है। 8 घंटे की पाली में कितने?
40 x 8 = 320 पुर्ज़े।
2. 50 में से 5 पुर्ज़े रद्द हुए। रद्द का प्रतिशत?
5 / 50 x 100 = 10 प्रतिशत।
3. प्लेट 100 मिमी होनी चाहिए, सहनसीमा प्लस-माइनस 1 मिमी। क्या 100.8 मिमी की प्लेट स्वीकार है?
स्वीकार्य सीमा 99 से 101 मिमी है। 100.8 मिमी इसके अंदर है, इसलिए हाँ।
आम गलतियाँ
- निशान जाँचे बिना काट देना, जिससे प्लेट बर्बाद होती है।
- काम को वाइस में न पकड़ना, जिससे काटते या छेद करते समय फिसलता है।
- LED को बिना प्रतिरोधक लगाना, जिससे वह जल सकती है।
- कार्यशाला में ढीले कपड़े पहनना या चश्मा न लगाना।