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शैवाल (Algae)

शैवाल सरल जीव हैं जो ज़्यादातर पानी में रहते हैं और धूप से खाना बनाते हैं। इनमें असली जड़, तना या पत्ती नहीं होती। ये एक कोशिका के भी हो सकते हैं और बहुत लंबे भी। हरे, भूरे और लाल शैवाल में अलग-अलग वर्णक होते हैं। ये ऑक्सीजन बनाते हैं और जल-जीवों को भोजन देते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. तालाब देखो। ऊपर की हरी परत शैवाल है। यह पानी में रहता है।
  2. पास से देखो। यह शैवाल बस एक कोशिका का है। इसमें हरा रंग है और तैरने के लिए दो पूँछ हैं।
  3. कई कोशिकाएँ एक पंक्ति में जुड़ती हैं। इस लड़ी को तंतु (filament) कहते हैं। हर कोशिका में हरा सर्पिल है।
  4. शैवाल तीन रंग के होते हैं: हरा, भूरा और लाल। हर बटन दबाकर देखो।
  5. तंतु टूट जाता है। हर टुकड़ा बढ़कर नया तंतु बन जाता है। इस तरह शैवाल बढ़ते हैं।
  6. अब खुद खेलो। धूप बढ़ाओ। ज़्यादा रोशनी, ज़्यादा ऑक्सीजन के बुलबुले। मछलियाँ शैवाल खाती हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

भूरे और लाल शैवाल भी हैं, तो शैवाल सिर्फ़ हरे क्यों कहते हैं?

सभी शैवाल में क्लोरोफिल होता है। भूरे और लाल में अतिरिक्त वर्णक भी होते हैं जो हरे को ढक देते हैं। चरण 3 के बटन दबाओ।

एक कोशिका अकेले कैसे जीवित रहती है?

वह सारे काम एक ही कोशिका में करती है: खाना बनाना, तैरना और बढ़ना। चरण 1 का शैवाल देखो।

क्या तंतु टूटने पर मर जाता है?

नहीं। हर टुकड़ा जीवित रहता है और बढ़ता है। चरण 4 में टुकड़ों को बड़ा होते देखो।

शैवाल को धूप क्यों चाहिए?

खाना बनाने की ऊर्जा धूप से मिलती है। रोशनी कम तो ऑक्सीजन के बुलबुले कम। चरण 5 का स्लाइडर चलाओ।

क्या तालाब की हरी परत कोई एक जीव है?

नहीं, यह बहुत सारे छोटे शैवाल हैं जो साथ तैरते हैं। चरण 0 देखो।

तंतु और पौधे के तने में क्या फ़र्क है?

तंतु अलग-अलग कोशिकाओं की पंक्ति है, अंदर खास भाग नहीं। तने में नलियाँ और ऊतक होते हैं। चरण 2 देखो।

शैवाल क्या हैं?

शैवाल ऐसे जीव हैं जो अपना खाना खुद बना लेते हैं। इसके लिए ये धूप, पानी और हवा काम में लेते हैं। इसे प्रकाश-संश्लेषण कहते हैं। इनमें क्लोरोफिल होता है, यानी पत्तों वाला हरा पदार्थ।

शैवाल में असली जड़, तना या पत्ती नहीं होती। पूरे शरीर को थैलस कहते हैं। ज़्यादातर तालाब, नदी और समुद्र में रहते हैं। कुछ गीली मिट्टी, चट्टान या पेड़ की छाल पर भी रहते हैं।

शैवाल सरल हैं, पर सब छोटे ही नहीं होते। कुछ एक कोशिका के होते हैं, कुछ लंबी लड़ी जैसे, और केल्प जैसे कई मीटर लंबे।

हरे शैवाल

हरे शैवाल में वही क्लोरोफिल होता है जो पौधों में होता है, इसलिए ये पौधों जैसे दिखते हैं। ये ज़्यादातर मीठे पानी, जैसे तालाब, में रहते हैं।

इनका भोजन स्टार्च के रूप में जमा होता है, जैसे ज़मीन के पौधों में।

भूरे और लाल शैवाल

भूरे शैवाल ठंडे समुद्र में रहते हैं। इनमें भूरा वर्णक (फ्यूकोज़ैंथिन) होता है जो हरे रंग को ढक देता है। केल्प और सारगासम इनके उदाहरण हैं। कुछ में हवा की छोटी थैलियाँ होती हैं जो इन्हें रोशनी की ओर तैराए रखती हैं। इनका भोजन लैमिनेरिन या मैनिटॉल के रूप में जमा होता है।

लाल शैवाल ज़्यादातर गर्म समुद्र में, गहराई तक रहते हैं। लाल वर्णक (फाइकोएरिथ्रिन) गहरे पानी में पहुँचने वाली कमज़ोर नीली रोशनी पकड़ने में मदद करता है। उदाहरण: ग्रैसिलेरिया और पोरफायरा। अगार लाल शैवाल से मिलता है।

शैवाल कैसे बढ़ते हैं (जनन)

शैवाल तीन तरीकों से बढ़ते हैं।

  1. खंडन (fragmentation): तंतु टुकड़ों में टूटता है। हर टुकड़ा बढ़कर पूरा नया शैवाल बनता है। स्पाइरोगाइरा में यह खूब होता है।
  2. बीजाणु (spores): छोटी कोशिकाएँ (अक्सर पूँछ वाली) माँ से अलग होकर तैरती हैं और नया शैवाल बनाती हैं।
  3. लैंगिक जनन: दो कोशिकाएँ मिलती हैं। स्पाइरोगाइरा में दो तंतु पास-पास आते हैं और एक कोशिका की सामग्री दूसरे तंतु की कोशिका में चली जाती है। इसे संयुग्मन (conjugation) कहते हैं। इससे मोटी दीवार वाला युग्मनज (zygote) बनता है जो सूखे समय में बचा रहता है।

शैवाल का महत्व

शैवाल बहुत काम के हैं।

पर बहुत ज़्यादा शैवाल (शैवाल प्रस्फुटन, algal bloom) मरकर सड़ें तो तालाब की ऑक्सीजन खत्म कर देते हैं और मछलियाँ मर जाती हैं।

Try it (खुद करके देखो)

एक पारदर्शी ढक्कन वाले जार में थोड़ा तालाब का पानी रखो। उसे एक हफ़्ते तेज़ रोशनी वाली खिड़की के पास रखो। पानी हरा होते देखो। दूसरा जार अँधेरी अलमारी में रखो। पहले अनुमान लगाओ: कौन-सा जार हरा होगा? फिर जाँचो। तुम देखोगे कि शैवाल को बढ़ने के लिए रोशनी चाहिए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. गर्मी में तालाब हरा हो जाता है। क्यों?

गर्म पानी और तेज़ धूप में शैवाल तेज़ी से बढ़ते हैं। बहुत सारे शैवाल साथ तैरें तो पानी हरा दिखता है।

2. स्पाइरोगाइरा को ब्लेड से 4 टुकड़ों में काटा गया। कुछ दिन बाद क्या होगा?

हर टुकड़ा बढ़कर नया तंतु बन सकता है। यह खंडन है। इसलिए 4 नए तंतु मिल सकते हैं।

3. गर्म समुद्र की गहराई में कौन-सा शैवाल मिलेगा और कौन-सा वर्णक मदद करता है?

लाल शैवाल। इसका वर्णक फाइकोएरिथ्रिन गहरे पानी तक पहुँचने वाली नीली रोशनी पकड़ता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. शैवाल के शरीर को कहते हैं:
2. अगार किस शैवाल से मिलता है?
3. स्पाइरोगाइरा की हर कोशिका में होता है:
4. तंतु का टुकड़ों में टूटकर नए शैवाल बनाना कहलाता है:
5. भूरे शैवाल का रंग किससे आता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या शैवाल पौधे हैं?

कुछ किताबें इन्हें सरल पौधे कहती हैं, कुछ अलग समूह मानती हैं। ये पौधों की तरह खाना बनाते हैं पर इनमें असली जड़, तना, पत्ती नहीं होती।

तालाब का पानी हरा क्यों होता है?

उसमें छोटे हरे शैवाल तैरते हैं। गर्म, धूप वाले और पोषक पानी में ये तेज़ी से बढ़ते हैं।

क्या शैवाल खाए जा सकते हैं?

हाँ। नोरी और केल्प जैसी समुद्री घास कई देशों में खाई जाती है। कुछ शैवाल की गोलियाँ और गाढ़ा करने वाले पदार्थ भी बनते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

रूस7 классArchaeplastids (plants)
रूस7 классSystematic groups of plants

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