Russia 7 класс Biology (basic)
अध्याय: 5
1. Systematic groups of plants
Plant classification · Algae · Mosses · Clubmosses, horsetails, ferns · Gymnosperms · Flowering plants · Families of flowering plants
- जीवों में विविधता और वर्गीकरण – धरती पर लाखों तरह के जीव हैं, और भारत सबसे समृद्ध जगहों में है। इन्हें पढ़ने के लिए हम आसान सवाल पूछकर समूह बनाते हैं: केंद्रक है या नहीं? एक कोशिका या कई? भोजन खुद बनाता है? इससे पाँच जगत बनते हैं: मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप और जंतु। जंतु अकशेरुकी और कशेरुकी में बँटते हैं। हर जाति का दो शब्दों का वैज्ञानिक नाम होता है। वायरस कोशिका नहीं है, इसलिए किसी जगत में नहीं आता।
- शैवाल (Algae) – शैवाल सरल जीव हैं जो ज़्यादातर पानी में रहते हैं और धूप से खाना बनाते हैं। इनमें असली जड़, तना या पत्ती नहीं होती। ये एक कोशिका के भी हो सकते हैं और बहुत लंबे भी। हरे, भूरे और लाल शैवाल में अलग-अलग वर्णक होते हैं। ये ऑक्सीजन बनाते हैं और जल-जीवों को भोजन देते हैं।
- फूल वाले पौधे (आवृतबीजी) – आवृतबीजी वे पौधे हैं जिनमें फूल आते हैं और बीज फल के अंदर बनते हैं। इनके दो समूह हैं। द्विबीजपत्री में 2 बीजपत्र, मूसला जड़, जालीदार नसों वाली पत्ती और 4 या 5 के गुणज में पंखुड़ियाँ होती हैं। एकबीजपत्री में 1 बीजपत्र, रेशेदार जड़, समानांतर नसें और 3 के गुणज में पंखुड़ियाँ होती हैं।
2. Development of the plant world
Evolution of plants
- विकास: नए प्रकार के जीव कैसे बनते हैं – जनन के समय विविधताएँ आती हैं। प्रकृति उन विविधताओं को चुनती है जो जीवित रहने में मदद करें, और कई पीढ़ियों में आबादी बदल जाती है: यही विकास है। सिर्फ़ वंशागत (DNA वाले) बदलाव आगे जाते हैं, उपार्जित नहीं। अलग हुई आबादियाँ नई जातियाँ बन सकती हैं। समजात अंग, समरूप अंग और जीवाश्म बताते हैं कि कौन किससे संबंधित है, और जटिल अंग चरण-दर-चरण बने।
3. Plants in natural communities
Plants and environment · Plant communities
जल्द आ रहा है
4. Plants and people
Cultivated plants
- कृषि की मूल बातें: खेती कैसे शुरू हुई, बदली और दुनिया का पेट भरती है – कृषि का अर्थ है जानबूझकर फ़सल उगाना और पशु पालना। यह लगभग 10,000–12,000 साल पहले कई अलग-अलग उद्गम-केंद्रों में शुरू हुई, जहाँ लोगों ने जंगली पौधों और जानवरों का पालतूकरण किया; फिर यह प्रसार से फैली। दूसरी कृषि क्रांति (लगभग 1700–1900) बेहतर औज़ार, फ़सल-चक्र और मशीनें लाई, तो कम किसान ज़्यादा लोगों का पेट भरने लगे। हरित क्रांति (1960 के दशक से) ने अधिक उपज वाले बीज, सिंचाई और उर्वरक अपनाए। खेती निर्वाह या वाणिज्यिक, सघन या विस्तृत हो सकती है। फ़ॉन थ्यूनेन मॉडल बताता है कि बाज़ार के चारों ओर भूमि-उपयोग छल्ले क्यों बनाता है। आज कृषि एक वैश्विक तंत्र है जिसके सामने टिकाऊपन, जलवायु, ज़मीन, खाद्य सुरक्षा और महिलाओं की बराबर भूमिका की चुनौतियाँ हैं।
5. Fungi, lichens, bacteria
Fungi · Lichens · Bacteria
- कवक: मशरूम, फफूँद, यीस्ट और लाइकेन – कवक (फंजाई) ऐसे जीव हैं जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक होता है और कोशिका भित्ति काइटिन की बनी होती है। इनमें पर्णहरित (क्लोरोफ़िल) नहीं होता, इसलिए ये अपना भोजन नहीं बना सकते। ज़्यादातर कवक पतले धागों से बने होते हैं जिन्हें कवकतंतु (हाइफ़ी) कहते हैं; इनका जाल कवकजाल (माइसीलियम) है। कवक भोजन पर पाचक रस डालकर उसे बाहर ही पचाते हैं और फिर सोख लेते हैं। ये बीजाणुओं से फैलते हैं। लाइकेन एक कवक और एक शैवाल की साझेदारी है।
- बैक्टीरिया (जीवाणु): छोटी कोशिकाएँ, बड़ा काम – बैक्टीरिया एक-कोशिकीय प्रोकैरियोट हैं: इनमें केंद्रक और झिल्ली से घिरे अंगक नहीं होते। इनका DNA एक गोल लूप (न्यूक्लिऑइड) है, अक्सर साथ में छोटे छल्ले प्लाज़्मिड। इनमें 70S राइबोसोम, कोशिका झिल्ली, पेप्टिडोग्लाइकन की कोशिका भित्ति, और कभी-कभी कैप्सूल, पिलि और कशाभ होते हैं। आकार: कोकस, बैसिलस, स्पिरिलम, विब्रियो। ये द्विखंडन से जनन करते हैं और संयुग्मन, रूपांतरण और पारक्रमण से जीन बगल में बाँट सकते हैं। ये प्रकाश-संश्लेषण, रसायन-संश्लेषण, अपघटन, सहजीविता या परजीविता से भोजन लेते हैं और कार्बन व नाइट्रोजन चक्र चलाते हैं। आर्किया दिखने में मिलते-जुलते हैं पर उनकी भित्ति और झिल्ली का रसायन अलग है और वे अक्सर कठिन जगहों पर रहते हैं।