कवक क्या हैं?
कवक जीवों का एक अलग जगत (किंगडम) है। ये न पौधे हैं, न जंतु।
- इनकी कोशिकाओं में केंद्रक होता है (यूकैरियोट)।
- कोशिका भित्ति काइटिन की होती है, वही सख़्त पदार्थ जो कीड़ों के खोल में होता है।
- इनमें पर्णहरित नहीं होता, इसलिए ये धूप से भोजन नहीं बना सकते।
- ये भोजन को ग्लाइकोजन के रूप में रखते हैं, जंतुओं की तरह, स्टार्च के रूप में नहीं।
कवक लगभग हर जगह मिलते हैं: मिट्टी, सड़ी लकड़ी, खाना, पानी और हमारी त्वचा पर भी।
कवकतंतु और कवकजाल: कवक का शरीर
ज़्यादातर कवक बहुत पतले धागों से बने होते हैं जिन्हें कवकतंतु (हाइफ़ी) कहते हैं। बहुत सारे कवकतंतु मिलकर कवकजाल (माइसीलियम) बनाते हैं।
टोपी वाले मशरूम का कवकजाल मिट्टी में छिपा रहता है। जब भोजन और नमी काफ़ी हो, तो धागे कसकर जुड़ते हैं और ऊपर एक फलन-काय निकालते हैं: यही मशरूम है। इसमें टोपी, टोपी के नीचे गिल और डंठल होता है। मशरूम तोड़ना आम तोड़ने जैसा है: पेड़ (कवकजाल) ज़िंदा रहता है।
घर पर करके देखें
नम ब्रेड का एक टुकड़ा बंद प्लास्टिक थैली में गर्म जगह रखें। एक हफ़्ते तक रोज़ देखें (थैली न खोलें, न सूँघें)। सफ़ेद धागे और काले बिंदु बनाइए। अंत में थैली बंद ही फेंक दें।
कवक भोजन कैसे लेते हैं
कवक विषमपोषी हैं: इन्हें बना-बनाया भोजन चाहिए। ये अवशोषण से भोजन लेते हैं। कवकतंतु भोजन पर एंज़ाइम (पाचक रस) छोड़ते हैं। भोजन बाहर ही छोटे टुकड़ों में टूटता है और धागे उसे सोख लेते हैं।
- मृतोपजीवी (सैप्रोट्रॉफ़) मरी चीज़ों पर पलते हैं: गिरी पत्तियाँ, सड़ी लकड़ी, पुरानी ब्रेड। ये प्रकृति के सफ़ाईकर्मी हैं और खनिज मिट्टी में लौटाते हैं।
- परजीवी जीवित मेज़बान पर पलते और उसे नुकसान करते हैं: गेहूँ पर रतुआ (रस्ट) और कंड (स्मट), राई पर अरगट, इंसान में दाद और एथलीट फ़ुट।
- सहजीवी साथी के साथ रहते हैं और दोनों को फ़ायदा होता है: लाइकेन (कवक + शैवाल) और कवकमूल (माइकोराइज़ा) (कवक + पौधे की जड़)।
फफूँद, यीस्ट और मुख्य समूह
कवक बहुत सारे छोटे, हल्के बीजाणु बनाते हैं। हवा, पानी और जानवर इन्हें दूर ले जाते हैं। नम भोजन पर गिरा बीजाणु धागे उगाता है। कवक टूटे धागों से भी उगते हैं, और यीस्ट मुकुलन (बडिंग) से नई कोशिका बनाता है।
- म्यूकर और राइज़ोपस (पिन फफूँद, ज़ाइगोमाइसिटीज़): ब्रेड पर सफ़ेद धागे, ऊपर काले गोल बीजाणुधानी।
- पेनिसिलियम और एस्परजिलस (एस्कोमाइसिटीज़): नीली-हरी या पीली-हरी फफूँद; बीजाणु जंजीर में। पेनिसिलियम से पेनिसिलिन मिली।
- यीस्ट (एस्कोमाइसिटीज़): एक कोशिका। किण्वन में शक्कर को एल्कोहॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है। गैस से आटा फूलता है।
- टोपी वाले मशरूम और ब्रैकेट कवक (बेसिडियोमाइसिटीज़): बीजाणु टोपी के नीचे गिल पर बनते हैं।
खाने योग्य और ज़हरीले मशरूम
कुछ मशरूम अच्छा भोजन हैं: बटन मशरूम, ऑयस्टर (ढिंगरी) मशरूम, शीटाके। कुछ जानलेवा हैं: डेथ कैप और फ़्लाई एगैरिक। इनका ज़हर पकाने से नष्ट नहीं होता। रंग, गंध या चाँदी के चम्मच जैसा कोई आसान परीक्षण नहीं है। नियम: जंगली मशरूम तब तक न खाएँ जब तक कोई विशेषज्ञ न जाँचे। सिर्फ़ दुकान से ख़रीदे मशरूम खाएँ।
लाइकेन और कवक का महत्व
लाइकेन एक कवक और एक हरे शैवाल (या सायनोबैक्टीरिया) का एक साथ रहना है। शैवाल प्रकाश-संश्लेषण से भोजन बनाता है। कवक पानी रोकता, खनिज लेता और सतह को पकड़ता है। लाइकेन नंगी चट्टान और छाल पर उगते हैं और अक्सर वहाँ पहले बसने वाले होते हैं; ये धीरे-धीरे चट्टान को मिट्टी में बदलते हैं। गंदी हवा में बहुत से लाइकेन मर जाते हैं, इसलिए ये वायु प्रदूषण के सूचक हैं।
कवक के फ़ायदे और नुकसान: हर पारितंत्र में अपघटक; भोजन (मशरूम, ब्रेड, पनीर-चीज़); दवाएँ (पेनिसिलिन); पर भोजन ख़राब करना, फ़सल रोग और कुछ मानव संक्रमण भी।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- कवकतंतु (हाइफ़ा) = एक पतला धागा; कवकजाल (माइसीलियम) = बहुत से धागों का जाल
- फलन-काय (मशरूम) = टोपी + गिल + डंठल
- पोषण: एंज़ाइम बाहर → भोजन बाहर पचा → अवशोषित
- यीस्ट द्वारा किण्वन: शक्कर → एल्कोहॉल + कार्बन डाइऑक्साइड + ऊर्जा
- लाइकेन = कवक + शैवाल (दोनों को फ़ायदा: सहजीविता)
- मृतोपजीवी = मरी चीज़ों पर; परजीवी = जीवित मेज़बान पर
हल किए गए उदाहरण
1. गर्म, नम रसोई में रखी ब्रेड पर सफ़ेद धागे और काले बिंदु उग आए। कवक का नाम बताइए और बिंदु समझाइए।
यह म्यूकर या राइज़ोपस जैसी पिन फफूँद है। सफ़ेद धागे कवकतंतु हैं; काले बिंदु बीजाणुधानी हैं जिनमें बीजाणु भरे होते हैं।
2. यीस्ट मिला आटा गर्म जगह पर क्यों फूलता है?
यीस्ट आटे की शक्कर का किण्वन करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। गैस के बुलबुले आटे को फुला देते हैं। गर्मी से यीस्ट तेज़ काम करता है।
3. जंगल की ज़मीन सूखी पत्तियों से भरती क्यों नहीं?
मृतोपजीवी कवक (और जीवाणु) एंज़ाइम से पत्तियों को पचाते हैं, भोजन सोखते हैं और खनिज मिट्टी में लौटाते हैं।
4. व्यस्त सड़क के पास पेड़ों से लाइकेन गायब हो गए। इसका क्या मतलब है?
वहाँ हवा प्रदूषित है (जैसे सल्फ़र डाइऑक्साइड)। बहुत से लाइकेन गंदी हवा में नहीं जी पाते, इसलिए ये प्रदूषण के सूचक हैं।
आम गलतियाँ
- कवक को पौधा कहना। कवक में पर्णहरित नहीं होता और भित्ति काइटिन की होती है, सेल्यूलोज़ की नहीं।
- मशरूम को पूरा कवक समझना। यह सिर्फ़ फलन-काय है; मिट्टी में कवकजाल मुख्य शरीर है।
- मानना कि पकाने या चाँदी के चम्मच से जंगली मशरूम सुरक्षित हो जाता है। ऐसा नहीं है।
- लाइकेन को एक ही जीव समझना। यह कवक और शैवाल की साझेदारी है।