मोलस्क क्या है?
मोलस्क नरम शरीर वाला जीव है जिसमें हड्डी नहीं होती। लैटिन भाषा में इसका मतलब “नरम” है। ये समुद्र, नदी, तालाब और नम ज़मीन पर रहते हैं।
शरीर को तीन भागों में देखो:
- सिर: मुँह होता है, अक्सर आँखें और स्पर्शक भी।
- पाद (foot): मज़बूत मांसपेशी, जिससे रेंगते, खोदते या पकड़ते हैं।
- प्रावार (mantle): शरीर पर त्वचा की पतली चादर। यही कवच बनाती है।
कई मोलस्क में खुरदरी जीभ होती है जिसे रेडुला कहते हैं। घोंघा इससे पत्ते रेती की तरह खुरचता है। जीव-संख्या में मोलस्क संधिपादों के बाद दूसरे नंबर पर हैं।
गैस्ट्रोपॉड: घोंघा और स्लग
नाम का अर्थ है “पेट-पैर”: जीव पेट के बल चलता लगता है। घोंघे का एक कवच होता है, आमतौर पर सर्पिल। स्लग का कवच खो गया है। गैस्ट्रोपॉड चौड़े पाद और चिकने श्लेष्म के रास्ते पर रेंगते हैं। उदाहरण: बगीचे का घोंघा, एप्पल घोंघा, स्लग।
ख़तरा आने पर घोंघा नरम शरीर को कवच के अंदर खींच लेता है, जैसे घर में घुस जाना।
द्विकपाटी: सीप, मसल और ऑयस्टर
“द्वि” यानी दो और “कपाट” यानी दरवाज़ा। द्विकपाटी के दो कवच कब्ज़े से जुड़े होते हैं और मज़बूत मांसपेशियाँ उन्हें बंद रखती हैं। इनका सिर साफ़ नहीं दिखता। ज़्यादातर रेत या चट्टान पर बैठे रहते हैं और पानी को छानकर छोटा भोजन पकड़ते हैं। सीप पाद बाहर निकालकर रेत भी खोदती है। उदाहरण: सीप, मसल, ऑयस्टर, स्कैलप। जब रेत का कण ऑयस्टर को चुभता है, प्रावार उस पर चमकीली परतें चढ़ाकर मोती बना देता है।
सेफैलोपॉड: स्क्विड, ऑक्टोपस और कटलफ़िश
नाम का अर्थ है “सिर-पैर”: पाद सिर के चारों ओर भुजाएँ बन गया है। स्क्विड की 10 भुजाएँ होती हैं (दो लंबे स्पर्शक), ऑक्टोपस की 8। कवच छोटा और शरीर के अंदर होता है (स्क्विड, कटलफ़िश) या होता ही नहीं (ऑक्टोपस)। इनकी आँखें बड़ी और दिमाग़ अकशेरुकी जीवों में सबसे बड़ा होता है। तेज़ चलने के लिए ये साइफ़न नली से पानी बाहर फेंकते हैं। कई रंग बदल लेते हैं और भागने के लिए काली स्याही छोड़ते हैं।
मोलस्क हमारे लिए क्यों ज़रूरी हैं?
मोलस्क भोजन हैं, मोती और सीप की कारीगरी देते हैं और पानी साफ़ करते हैं (द्विकपाटी उसे छानते हैं)। कुछ घोंघे फ़सल खा जाते हैं या बीमारी फैलाते हैं, इसलिए ये कीट भी हो सकते हैं। कई कवच कैल्शियम कार्बोनेट के बने होते हैं, वही चीज़ जो चॉक में होती है।
करके देखो
घर पर करो: बारिश के बाद घोंघा ढूँढो और दो मिनट देखो (उसका मुँह मत छुओ)। कवच एक टुकड़ा है या दो? क्या वह गीली लकीर पर सरकता है? चित्र बनाओ और पाद, कवच और स्पर्शक के नाम लिखो। फिर ऊपर के 3D में स्लाइडर चलाओ और गिनो कि हर जीव के कितने कवच हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मोलस्क = नरम शरीर + पाद + प्रावार (+ ज़्यादातर में कवच)
- गैस्ट्रोपॉड = 1 कवच (घोंघा); द्विकपाटी = 2 कवच (सीप); सेफैलोपॉड = कवच अंदर या नहीं (स्क्विड)
- गैस्ट्रोपॉड = “पेट-पैर”; सेफैलोपॉड = “सिर-पैर”
- रेडुला = खुरचने वाली जीभ; साइफ़न = स्क्विड की पानी फेंकने वाली नली
- स्क्विड: 10 भुजाएँ; ऑक्टोपस: 8 भुजाएँ
हल किए गए उदाहरण
1. एक जीव का शरीर नरम है, सर्पिल कवच है और चौड़ा पाद है। यह किस समूह का है?
एक सर्पिल कवच और रेंगने वाला चौड़ा पाद: यह गैस्ट्रोपॉड है, जैसे घोंघा।
2. समुद्री जीव के दो कवच कब्ज़े से जुड़े हैं और सिर साफ़ नहीं है। समूह और एक उपयोग बताओ।
दो कवच, सिर नहीं: द्विकपाटी (सीप, मसल, ऑयस्टर)। उपयोग: भोजन, मोती और पानी छानकर साफ़ करना।
3. स्क्विड घोंघे से तेज़ क्यों चलता है?
स्क्विड साइफ़न से पानी फेंकता है, जो उसे जेट की तरह आगे धकेलता है। घोंघा केवल पाद पर धीरे सरकता है।
4. दुकान में 3 सीप, 4 घोंघे और 2 स्क्विड हैं। बाहर के कुल कवच कितने हैं?
सीप: 3 × 2 = 6। घोंघे: 4 × 1 = 4। स्क्विड: 2 × 0 = 0। कुल = 10 कवच।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि स्लग मोलस्क नहीं है। वह कवच खो चुका गैस्ट्रोपॉड है।
- यह कहना कि सभी मोलस्क का कवच बाहर होता है। स्क्विड का कवच अंदर है और ऑक्टोपस का होता ही नहीं।
- ऑक्टोपस को मछली कहना। उसके न रीढ़ है न पंख, वह अकशेरुकी है।
- द्विकपाटी और गैस्ट्रोपॉड गड़बड़ाना: द्वि = दो कवच, गैस्ट्रो = एक कवच और पेट का पाद।