बायोम क्या है?
जैवमंडल पृथ्वी का वह भाग है जहाँ जीवन है: ज़मीन, पानी और हवा मिलकर। बायोम जैवमंडल का बहुत बड़ा क्षेत्र है जहाँ जलवायु और पौधे-जीव मिलते-जुलते हैं।
बायोम मुख्य रूप से दो बातों से तय होता है: तापमान और वर्षा। मिट्टी और ऊँचाई भी असर डालते हैं।
दुनिया के मुख्य स्थलीय बायोम
| बायोम | जलवायु | पौधे और जीव |
|---|---|---|
| उष्णकटिबंधीय वर्षावन | साल भर गरम और गीला (> 200 cm वर्षा) | ऊँचे, घने सदाबहार पेड़ परतों में; बंदर, तोते। सबसे ज़्यादा प्रजातियाँ। |
| सवाना | गरम, लंबा सूखा मौसम | ऊँची घास, बिखरे पेड़; ज़ेबरा, शेर, हाथी। |
| मरुस्थल | बहुत सूखा (< 25 cm), गरम दिन, ठंडी रातें | नागफनी, कँटीली झाड़ियाँ; ऊँट, छिपकली। |
| शीतोष्ण घास का मैदान | गरम गर्मी, ठंडी सर्दी, मध्यम वर्षा | घास, कम पेड़; बाइसन, घोड़े। अच्छी खेती की ज़मीन। |
| टैगा (शंकुधारी वन) | लंबी ठंडी सर्दी, छोटी गर्मी | सुई जैसी पत्तियों वाले चीड़, फ़र, स्प्रूस; मूस, भालू। |
| टुंड्रा | बहुत ठंडा, जमी ज़मीन, कम वर्षा | काई, लाइकेन, छोटी झाड़ियाँ; रेनडियर, ध्रुवीय लोमड़ी। |
पानी के भी बायोम हैं: महासागर, प्रवाल भित्ति, नदी, झील और मैंग्रोव।
भारत के जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र एक बड़ा संरक्षित क्षेत्र है जो प्रकृति को बचाता है और आसपास रहने वाले लोगों की मदद करता है। भारत में 18 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र हैं; इनमें से 12 यूनेस्को के विश्व नेटवर्क में हैं। उदाहरण: नीलगिरि (पहला, 1986), सुंदरबन, मन्नार की खाड़ी, नंदा देवी, नोकरेक, कच्छ का बड़ा रण, पन्ना, शीत मरुस्थल।
हर क्षेत्र के तीन भाग हैं:
- कोर क्षेत्र: पूरी सुरक्षा; निगरानी के अलावा कोई मानवीय काम नहीं।
- बफ़र क्षेत्र: कोर के चारों ओर; शोध, शिक्षा और सीमित उपयोग।
- संक्रमण क्षेत्र: बाहरी भाग; गाँव, खेती और पर्यावरण-अनुकूल काम।
वनवासी और इको-पर्यटन
वनवासी वे समुदाय हैं (बहुत से आदिवासी) जो जंगल में या उसके पास रहते हैं और भोजन, ईंधन, दवा, चारे और लघु वन उपज जैसे शहद, तेंदू पत्ता, बाँस और महुआ से कमाई के लिए उस पर निर्भर हैं। कई लोग पवित्र उपवन (देवबन) जैसी परंपराएँ मानते हैं, जहाँ एक भी पेड़ नहीं कटता। वन अधिकार अधिनियम (2006) पीढ़ियों से इस्तेमाल हो रही ज़मीन और उपज पर उनके अधिकार मानता है।
इको-पर्यटन प्राकृतिक जगहों की ज़िम्मेदार यात्रा है जो पर्यावरण बचाए और स्थानीय लोगों को फ़ायदा दे: स्थानीय गाइड, होमस्टे, सीमित पर्यटक, प्लास्टिक नहीं। ग़लत तरीक़े से (बहुत पर्यटक, जंगल के अंदर होटल) यह उसी प्रकृति को नुक़सान पहुँचा सकता है जिस पर यह टिका है।
वन और वन्यजीव संरक्षण; जंगल की आग
जंगल क्यों ज़रूरी हैं: ऑक्सीजन देते हैं, मिट्टी थामते हैं, पानी जमा करते हैं, CO₂ सोखते हैं, और वन्यजीवों का घर हैं।
ख़तरे: खेत, खदान और सड़क के लिए कटाई, शिकार और अवैध शिकार, बाहरी खरपतवार, और आग।
संरक्षण के तरीक़े:
- संरक्षित क्षेत्र: राष्ट्रीय उद्यान (सख़्त सुरक्षा), वन्यजीव अभयारण्य, बाघ और हाथी आरक्षित क्षेत्र।
- क़ानून: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972, वन संरक्षण अधिनियम 1980।
- परियोजनाएँ: प्रोजेक्ट टाइगर (1973), प्रोजेक्ट एलीफ़ेंट।
- लोगों की पहल: चिपको आंदोलन (उत्तराखंड, 1970 का दशक) जहाँ गाँव वाले पेड़ों से लिपटे; बिश्नोई समुदाय का काले हिरण और खेजड़ी को बचाना; संयुक्त वन प्रबंधन।
जंगल की आग को तीन चीज़ें चाहिए: गर्मी, ईंधन (सूखे पत्ते) और ऑक्सीजन (हवा)। ज़्यादातर आग लोग लगाते हैं: लापरवाह अलाव, खेत जलाना, सिगरेट। ये पेड़, जीव और मिट्टी नष्ट करती हैं। बचाव: साफ़ फायर लाइन (ईंधन रहित पट्टी), निगरानी टावर और उपग्रह चेतावनी, और आग कभी जलती न छोड़ना।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बायोम मुख्य रूप से तय होता है: तापमान + वर्षा
- ठंडे → गरम: टुंड्रा, टैगा, घास का मैदान, मरुस्थल, सवाना, वर्षावन
- जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: कोर (सुरक्षित) → बफ़र (शोध) → संक्रमण (लोग)
- आग का त्रिकोण: गर्मी + ईंधन + ऑक्सीजन; एक हटाओ तो आग बुझे
- भारत: 18 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (12 यूनेस्को नेटवर्क में)
हल किए गए उदाहरण
1. एक जगह साल में 300 cm वर्षा होती है और साल भर गरम रहती है। कौन-सा बायोम?
उष्णकटिबंधीय वर्षावन।
2. टैगा के पेड़ों की पत्तियाँ सुई जैसी क्यों होती हैं?
सुई जैसी पत्तियाँ कम पानी खोती हैं और बर्फ़ उन पर से फिसल जाती है, जो लंबी ठंडी सर्दी में मदद करता है।
3. शोध केंद्र की अनुमति है पर गाँव नहीं। यह जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का कौन-सा भाग है?
बफ़र क्षेत्र (शोध की अनुमति; कोर में कोई काम नहीं, संक्रमण में गाँव होते हैं)।
4. फायर लाइन जंगल की आग कैसे रोकती है?
यह ईंधन हटा देती है। जलने को कुछ नहीं, तो आग के त्रिकोण की एक भुजा ग़ायब, और आग वहीं रुकती है।
5. 500 km² का जंगल हर साल अपने क्षेत्र का 2% खोता है। 3 साल में कितना खोएगा (हर साल 500 का 2%)?
500 का 2% = 10 km² प्रति वर्ष; 3 × 10 = 30 km²।
आम गलतियाँ
- सोचना कि बायोम एक छोटा जंगल है। बायोम कई देशों में फैला बहुत बड़ा क्षेत्र है।
- आरक्षित क्षेत्र के भागों में उलझना। लोग संक्रमण क्षेत्र में रहते हैं, कोर में नहीं।
- सोचना कि वनवासी हमेशा जंगल को नुक़सान पहुँचाते हैं। कई लोग देवबन जैसी परंपराओं से उसे बचाते हैं।
- सोचना कि जंगल की आग ज़्यादातर प्राकृतिक है। भारत में ज़्यादातर आग लोग लगाते हैं।