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प्रोटिस्ट: एक कोशिका, असली केंद्रक

प्रोटिस्ट ज़्यादातर एक कोशिका वाले जीव हैं जिनकी कोशिका में असली केंद्रक होता है (यानी ये यूकैरियोट हैं)। जंतु जैसे प्रोटिस्ट (प्रोटोजोआ) जैसे अमीबा, पैरामीशियम भोजन पकड़ते हैं; पौधे जैसे यूग्लीना, डायटम रोशनी में भोजन बनाते हैं; कवक जैसे स्लाइम मोल्ड भोजन सोखते हैं। ये कूटपाद, पक्ष्माभ या कशाभ से चलते हैं, संकुचनशील रिक्तिका से पानी बाहर निकालते हैं, बँटकर बढ़ते हैं और बुरे समय में पुटी बनाते हैं। कुछ रोग फैलाते हैं: मलेरिया, जियार्डियासिस, टॉक्सोप्लाज़्मोसिस, ट्राइकोमोनिएसिस।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. तालाब के पानी की एक बूँद में एक कोशिका वाला जीव है। उसमें असली केंद्रक है। ऐसे जीव प्रोटिस्ट कहलाते हैं।
  2. अमीबा कूटपाद (झूठा पैर) फैलाकर चलता है। वह भोजन को घेरकर खाद्य रिक्तिका में बंद करता है।
  3. पैरामीशियम छोटे बालों (पक्ष्माभ) से चप्पू की तरह तैरता है। उसकी संकुचनशील रिक्तिका अतिरिक्त पानी बाहर फेंकती है।
  4. यूग्लीना कशाभ (कोड़े जैसी पूँछ) से तैरता है। उसके हरे हरितलवक रोशनी में भोजन बनाते हैं।
  5. प्रोटिस्ट दो में बँटकर बढ़ते हैं। बुरे समय में कई जीव कठोर खोल यानी पुटी में छिप जाते हैं।
  6. अब आप खेलें: प्रोटिस्ट चुनें, पानी मीठा करें, रोशनी बदलें और देखें क्या बदलता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

एक ही कोशिका वाला जीव अकेले कैसे जीवित रहता है?

उसकी एक कोशिका में सब भाग हैं: नियंत्रण के लिए केंद्रक, पचाने और पानी निकालने के लिए रिक्तिकाएँ और चलने का साधन। एक कोशिका सब काम करती है।

क्या कूटपाद असली पैर है?

नहीं। यह कोशिका के जैली जैसे भीतरी भाग का उभार है जो आगे बहता है। इसलिए इसे 'झूठा पैर' कहते हैं।

मीठे पानी में पैरामीशियम फटता क्यों नहीं?

उसकी संकुचनशील रिक्तिका अंदर आया पानी इकट्ठा करके बार-बार बाहर फेंकती रहती है।

यूग्लीना पौधा है या जंतु?

दोनों में से कोई नहीं। यह प्रोटिस्ट है जो पौधे की तरह भोजन बना सकता है और जंतु की तरह तैर और खा सकता है।

तालाब सूखने पर प्रोटिस्ट कैसे बचते हैं?

कई कठोर दीवार वाली पुटी बना लेते हैं और पानी लौटने पर फिर जाग जाते हैं।

क्या नमकीन पानी में रिक्तिका ज़्यादा मेहनत करती है?

नहीं, उल्टा। मीठे पानी में ज़्यादा पानी अंदर आता है, इसलिए रिक्तिका तेज़ पंप करती है। खेल वाले चरण में आज़माएँ।

प्रोटिस्ट क्या है?

प्रोटिस्ट वह जीव है जिसकी कोशिका में असली केंद्रक होता है, पर वह न पौधा है, न जंतु, न कवक। असली केंद्रक एक छोटी थैली है जिसमें DNA बंद रहता है। ऐसे जीवों को यूकैरियोट कहते हैं। जीवाणु (बैक्टीरिया) में यह थैली नहीं होती।

ज़्यादातर प्रोटिस्ट एक ही कोशिका के होते हैं। वही एक कोशिका सब काम करती है: खाना, चलना, साँस लेना, कचरा निकालना और बच्चे बनाना। कुछ प्रोटिस्ट समूह (कॉलोनी) में रहते हैं, और कुछ समुद्री शैवाल बड़े और बहुकोशिकीय होते हैं।

भोजन लेने के तरीके से इन्हें तीन आसान समूहों में बाँटते हैं:

आज वैज्ञानिक जानते हैं कि प्रोटिस्ट एक मिला-जुला समूह है, एक परिवार नहीं। फिर भी यह नाम सुविधा के लिए चलता है।

प्रोटिस्ट कैसे चलते, खाते, साँस लेते और पानी संतुलित रखते हैं

चलना

भोजन

अमीबा कूटपादों से भोजन को घेरता है और उसे खाद्य रिक्तिका में बंद करता है। वहाँ एंज़ाइम उसे पचाते हैं। बचा कचरा बाहर निकल जाता है। पैरामीशियम पक्ष्माभ से भोजन को मुख खाँच में धकेलता है। यूग्लीना रोशनी में हरितलवक से भोजन बनाता है; उसका लाल नेत्रबिंदु रोशनी की ओर तैरने में मदद करता है। अँधेरे में वह पानी से भोजन लेता है।

साँस और उत्सर्जन

ऑक्सीजन अंदर और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर कोशिका झिल्ली से विसरण (ज़्यादा से कम की ओर फैलना) द्वारा जाती है। अमोनिया जैसा कचरा भी ऐसे ही निकलता है।

पानी का संतुलन (परासरण नियमन)

तालाब के पानी में कोशिका से कम नमक होता है। इसलिए पानी लगातार अंदर घुसता है। संकुचनशील रिक्तिका यह अतिरिक्त पानी इकट्ठा करके बार-बार बाहर फेंकती है। इसके बिना कोशिका फूलकर फट जाती। समुद्री पानी में यह धीमी चलती है या होती ही नहीं।

प्रजनन, जीवन चक्र और पुटी

ज़्यादातर प्रोटिस्ट द्विविभाजन से बढ़ते हैं: केंद्रक अपनी नकल बनाता है और कोशिका दो बेटी कोशिकाओं में बँट जाती है। कुछ एक साथ कई कोशिकाओं में बँटते हैं (बहुविभाजन), जैसे प्लाज़्मोडियम लाल रक्त कोशिकाओं के अंदर। पैरामीशियम किसी साथी से केंद्रक का कुछ भाग बदल भी सकता है (संयुग्मन), जिससे जीन मिलते हैं।

कई प्रोटिस्ट के जीवन चक्र में दो अवस्थाएँ होती हैं: एक में गुणसूत्रों का एक सेट (अगुणित) और दूसरी में दो सेट (द्विगुणित)। प्लाज़्मोडियम मनुष्य और मच्छर, दो मेज़बानों के बीच घूमता है।

जब तालाब सूखता है या ठंड बढ़ती है, कई प्रोटिस्ट मोटी दीवार बनाकर पुटी (सिस्ट) बन जाते हैं। अंदर जीवन धीमा हो जाता है। पानी लौटने पर कोशिका बाहर आ जाती है। रोग फैलाने वाले कुछ प्रोटिस्ट भी गंदे पानी में पुटी बनकर ही इंसान तक पहुँचते हैं।

करके देखें: एक जार में तालाब या नल का पानी लें, उसमें मुट्ठी भर सूखी घास डालें, हल्का ढककर 5–7 दिन गरम और रोशनी वाली जगह रखें। स्कूल के सूक्ष्मदर्शी में एक बूँद देखें, तेज़ भागते प्रोटिस्ट दिखेंगे। इसे घास संवर्धन (hay infusion) कहते हैं। बाद में हाथ धोएँ।

रोग फैलाने वाले प्रोटिस्ट और उनका अच्छा पक्ष

अच्छा पक्ष: समुद्र के पौधे जैसे प्रोटिस्ट (पादप प्लवक, डायटम) धरती की ऑक्सीजन का बड़ा भाग बनाते हैं और समुद्री आहार श्रृंखला की पहली कड़ी हैं। डायटम के खोल से डायटम मिट्टी बनती है जो फ़िल्टर में काम आती है। समुद्री शैवाल से अगर (agar) मिलता है। प्रोटोजोआ जीवाणु खाकर गंदा पानी साफ़ करने में मदद करते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. पैरामीशियम को तालाब के पानी से हल्के नमकीन पानी में रखा गया। उसकी संकुचनशील रिक्तिका का क्या होगा?

अब बाहर का पानी कोशिका जितना नमकीन है, इसलिए कम पानी अंदर घुसेगा। रिक्तिका धीरे भरेगी और कम बार पंप करेगी।

2. यूग्लीना को पौधे जैसा और जंतु जैसा दोनों क्यों कहते हैं?

रोशनी में वह हरितलवक से पौधे की तरह भोजन बनाता है। अँधेरे में पानी से भोजन लेता है और कशाभ से तैरता है, जैसे जंतु।

3. एक गाँव में नदी का पानी पीने के बाद लोगों को दस्त हुए। कौन से प्रोटिस्ट कारण हो सकते हैं और बचाव क्या है?

जियार्डिया या एंटअमीबा, जो पुटी के रूप में गंदे पानी में फैलते हैं। पानी एक मिनट उबालना, छानना और शौचालय को पानी के स्रोत से दूर रखना बचाव है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सभी प्रोटिस्ट में क्या होता है जो जीवाणु में नहीं?
2. पैरामीशियम किससे चलता है?
3. संकुचनशील रिक्तिका का काम है:
4. मलेरिया किससे होता है?
5. पुटी प्रोटिस्ट की किसमें मदद करती है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रोटिस्ट आसान शब्दों में क्या हैं?

छोटे जीव, ज़्यादातर एक कोशिका वाले, जिनकी कोशिका में असली केंद्रक होता है पर जो पौधे, जंतु या कवक नहीं हैं। जैसे अमीबा, पैरामीशियम, यूग्लीना।

प्रोटिस्ट और जीवाणु में क्या अंतर है?

प्रोटिस्ट यूकैरियोट हैं, उनमें केंद्रक और झिल्ली वाले कोशिकांग होते हैं। जीवाणु प्रोकैरियोट हैं, उनमें केंद्रक नहीं होता और वे आम तौर पर बहुत छोटे होते हैं।

प्रोटिस्ट से कौन से रोग होते हैं?

मलेरिया, अमीबी पेचिश, जियार्डियासिस, टॉक्सोप्लाज़्मोसिस, ट्राइकोमोनिएसिस और निद्रा रोग।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIVIII. Protists
रूस7 классUnicellular eukaryotes
रूस8 классSystematic groups of animals

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