वार्म-अप और कूल-डाउन
वार्म-अप (लगभग 10–15 मिनट)
- धड़कन बढ़ाने वाला: हल्की जॉगिंग या रस्सी कूद, ताकि धड़कन और मांसपेशियों का तापमान बढ़े।
- गतिशील स्ट्रेच: पैर झुलाना, बाँह घुमाना, लंज।
- खेल के ड्रिल: पास देना, छोटे स्प्रिंट, शॉट का अभ्यास।
क्यों: गर्म मांसपेशियाँ ज़्यादा लचीली होती हैं, नसें संदेश तेज़ भेजती हैं, मांसपेशियों तक ज़्यादा ऑक्सीजन पहुँचती है और चोट का ख़तरा घटता है। मन भी तैयार होता है।
कूल-डाउन (लगभग 5–10 मिनट)
हल्की जॉगिंग या चलना, फिर स्थिर स्ट्रेच। धड़कन और साँस धीरे सामान्य होती है, ख़ून पैरों में जमा नहीं होता, और लैक्टिक अम्ल जल्दी हटता है, इसलिए अगले दिन अकड़न कम होती है।
प्रशिक्षण के सिद्धांत: SPORT और आराम
- विशिष्टता (Specificity): वही मांसपेशियाँ, ऊर्जा तंत्र और कौशल अभ्यास करो जो तुम्हारे खेल में लगते हैं। स्प्रिंटर गति, लंबी दौड़ वाला सहनशक्ति।
- प्रगति (Progression): भार धीरे बढ़ाओ (अक्सर हफ़्ते में लगभग 10%)।
- अधिभार (Overload): सामान्य से थोड़ा ज़्यादा काम, ताकि शरीर ढले (दिल, मांसपेशियाँ, फेफड़े मज़बूत)।
- उलटाव (Reversibility): अभ्यास छोड़ा तो फ़ायदा घटता है, बनने से भी तेज़।
- ऊब से बचाव (Tedium): अभ्यास बदलते रहो, ताकि मन लगे और एक ही जगह बार-बार चोट न हो।
आराम और रिकवरी भी प्रशिक्षण का हिस्सा हैं: शरीर आराम के समय ढलता है। ज़्यादा भार और कम आराम से अति-प्रशिक्षण (overtraining) होता है: थकान, ख़राब प्रदर्शन, चोट और बीमारी। व्यक्तिगत ज़रूरतें भी मायने रखती हैं: उम्र, फ़िटनेस, खेल और लक्ष्य अलग होते हैं।
FITT और हृदय गति क्षेत्र
FITT बताता है कितना प्रशिक्षण करना है:
- Frequency (आवृत्ति): हफ़्ते में कितने सत्र।
- Intensity (तीव्रता): कितना तेज़ (धड़कन, अधिकतम भार का %, गति)।
- Time (समय): एक सत्र कितनी देर।
- Type (प्रकार): कौन-सी गतिविधि।
अधिकतम हृदय गति (MHR) ≈ 220 − उम्र (धड़कन प्रति मिनट, bpm)। लक्ष्य क्षेत्र:
- एरोबिक क्षेत्र, MHR का 60–80%: सहनशक्ति बढ़ाता है; ऊर्जा ऑक्सीजन के साथ बनती है।
- एनारोबिक क्षेत्र, MHR का 80–90%: गति और लैक्टिक अम्ल सहने की क्षमता; छोटे तेज़ प्रयास।
वज़न प्रशिक्षण में तीव्रता = भार: भारी भार, कम दोहराव से ताक़त; हल्का भार, ज़्यादा दोहराव से मांसपेशी सहनशक्ति।
प्रशिक्षण की विधियाँ
- लगातार (Continuous): 20 मिनट या ज़्यादा बिना रुके, एक जैसी गति (दौड़, साइकिल, तैराकी)। एरोबिक सहनशक्ति।
- अंतराल (Interval): तेज़ काम और बीच में आराम, बार-बार (जैसे 10 × 100 मी स्प्रिंट)। गति और एनारोबिक फ़िटनेस।
- फ़ार्टलेक (Fartlek) ("गति का खेल"): लगातार दौड़ में गति और ज़मीन बदलना। टीम खेलों के लिए अच्छा।
- सर्किट (Circuit): कई स्टेशन (पुश-अप, स्टेप-अप, सिट-अप, रस्सी कूद) छोटे आराम के साथ।
- वज़न/प्रतिरोध (Weight): सेट और दोहराव में भार उठाना। ताक़त, शक्ति या मांसपेशी सहनशक्ति।
- प्लायोमेट्रिक (Plyometrics): कूदना, उछलना; मांसपेशी पहले खिंचती फिर तेज़ी से सिकुड़ती है। विस्फोटक शक्ति।
- लचीलापन (Flexibility): स्थिर, गतिशील या सहायता वाले स्ट्रेच; योग भी।
- ऊँचाई पर प्रशिक्षण: ऊँचाई पर रहने/अभ्यास से शरीर ज़्यादा लाल रक्त कोशिकाएँ बनाता है।
साल की योजना: अवधिकरण (Periodisation)
कोच साल को चरणों में बाँटते हैं:
- तैयारी काल (pre-season): पहले सामान्य फ़िटनेस, फिर खेल-विशेष फ़िटनेस।
- प्रतियोगिता काल: फ़िटनेस बनाए रखना, कौशल निखारना, बड़े मुक़ाबले से पहले भार घटाना (टेपरिंग)।
- विश्राम/संक्रमण काल: सक्रिय आराम, चोट से उबरना, हल्की गतिविधि।
लंबे प्रशिक्षण से अनुकूलन होते हैं: बड़ा, मज़बूत दिल (आराम की धड़कन कम, हर धड़कन में ज़्यादा ख़ून), ज़्यादा केशिकाएँ, मज़बूत मांसपेशियाँ, हड्डियाँ और कंडराएँ, ऑक्सीजन का बेहतर उपयोग। सुरक्षा: सही तकनीक, सही उपकरण, पानी पीना और दर्द को अनदेखा न करना।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- [object Object]
- [object Object]
- [object Object]
- [object Object]
हल किए गए उदाहरण
1. 16 साल के खिलाड़ी की अधिकतम हृदय गति और एरोबिक क्षेत्र बताओ।
MHR = 220 − 16 = 204 bpm। 60% = 122.4 ≈ 122; 80% = 163.2 ≈ 163। एरोबिक क्षेत्र ≈ 122–163 bpm।
2. स्प्रिंट के बाद 15 सेकंड में 32 धड़कन गिनी। हृदय गति?
32 × 4 = 128 bpm।
3. धावक हफ़्ते में 20 km दौड़ता है। लगभग 10% प्रगति से हफ़्ता 2 और 3 में कितना?
हफ़्ता 2: 20 × 1.1 = 22 km। हफ़्ता 3: 22 × 1.1 = 24.2 km।
4. विधि चुनो: (a) 1500 मी धावक, (b) ऊँची छलाँग चाहने वाला बास्केटबॉल खिलाड़ी, (c) गति बदलने वाला हॉकी खिलाड़ी।
(a) लगातार + अंतराल। (b) प्लायोमेट्रिक। (c) फ़ार्टलेक।
5. खिलाड़ी 40 kg से 3 सेट × 10 दोहराव करती है। मात्रा बताओ। अगले हफ़्ते उन्हीं दोहराव में लगभग 10% ज़्यादा मात्रा के लिए भार?
मात्रा = 3 × 10 × 40 = 1,200 kg। 10% ज़्यादा = 1,320 kg। भार = 1,320 ÷ 30 = 44 kg।
आम गलतियाँ
- अच्छा महसूस हो रहा है, इसलिए वार्म-अप छोड़ देना: ठंडी मांसपेशियाँ आसानी से फटती हैं।
- बहुत जल्दी बहुत ज़्यादा भार बढ़ाना: प्रगति धीरे होनी चाहिए, वरना अति-प्रशिक्षण और चोट।
- आराम के दिन को समय की बर्बादी समझना: शरीर आराम के समय मज़बूत होता है।
- हर खेल के लिए एक ही विधि: प्रशिक्षण खेल और फ़िटनेस के हिस्से के हिसाब से विशेष होना चाहिए।