National Year 11 Physical Education
अध्याय: 4
1. 3.2.1 Sports psychology
Classification of skills · Goal setting and SMART targets · Basic information processing · Guidance and feedback · Mental preparation for performance
- कौशल अर्जन: हम गति कौशल कैसे सीखते हैं – कौशल एक सीखी हुई क्रिया है जो तय लक्ष्य के लिए कम से कम समय और मेहनत में की जाती है। कौशल को सातत्य पर बाँटते हैं (खुला–बंद, स्थूल–सूक्ष्म, असतत–क्रमिक–सतत, स्व-गति–बाह्य-गति, सरल–जटिल, निम्न–उच्च संगठन)। हम सूचना एक चक्र में संसाधित करते हैं: इनपुट, निर्णय (स्मृति से), आउटपुट और फ़ीडबैक; ज़्यादा विकल्प प्रतिक्रिया धीमी करते हैं (हिक का नियम)। सीखने वाले संज्ञानात्मक, साहचर्य और स्वायत्त चरणों से गुज़रते हैं। कोच कौशल और खिलाड़ी के हिसाब से अभ्यास, मार्गदर्शन और फ़ीडबैक चुनते हैं, और पहले सीखे कौशल से स्थानांतरण का उपयोग करते हैं। सीखने के सिद्धांत बताते हैं कि यह क्यों काम करता है।
- खेल मनोविज्ञान: खेल के पीछे का दिमाग़ – खेल मनोविज्ञान बताता है कि मन खेल पर कैसे असर डालता है। व्यक्तित्व से पता चलता है कि हमें कैसा खेल पसंद है। प्रेरणा ईंधन है: अंदर से (मज़ा) या बाहर से (इनाम)। उत्तेजना (arousal) यानी आप कितने "चालू" हैं: बहुत कम या बहुत ज़्यादा दोनों नुकसान करते हैं, बीच में सबसे अच्छा (उल्टा U)। चिंता को साँस, कल्पना और अच्छी आत्म-बातचीत से शांत करते हैं। SMART लक्ष्य साफ़ सीढ़ी देते हैं। आक्रामकता पर काबू और टीम में मिलकर मेहनत ज़रूरी है।
2. 3.2.2 Socio-cultural influences
Engagement patterns of social groups · Commercialisation of sport · Ethical and socio-cultural issues
- खेल और समाज – खेल समाजशास्त्र देखता है कि खेल और समाज एक-दूसरे को कैसे बदलते हैं। शारीरिक गतिविधि खुले खेल-कूद से शुरू होकर शारीरिक मनोरंजन और फिर खेल (स्पोर्ट) तक जाती है, जिसमें तय नियम, संगठन और गंभीर मुकाबला होता है। आधुनिक खेल ढीले-ढाले स्थानीय लोक खेलों से बने: औद्योगिक युग में लिखित नियम, क्लब और शासी निकाय आए, और लगभग 1950 के बाद टीवी, पैसे और यात्रा ने खेल को वैश्विक और पेशेवर बना दिया। आज खेल, मीडिया और प्रायोजक एक "सुनहरे त्रिकोण" में बँधे हैं। हर समूह बराबर नहीं खेलता: पैसा, समय, सुविधा, भेदभाव और रूढ़ियाँ बाधा बनती हैं, इसलिए सरकारें और क्लब महिलाओं, दिव्यांगों, बुज़ुर्गों और कम आय वाले परिवारों की बराबर पहुँच के लिए काम करते हैं। खेल का अँधेरा पक्ष भी है, यानी विचलन, जैसे डोपिंग, हिंसा और मैच फ़िक्सिंग, जिसे नियम, जाँच और क़ानून रोकते हैं। खेल सेहत, पहचान और एकता बना सकता है, पर बाँट भी सकता है।
3. 3.2.3 Health, fitness and wellbeing
Physical, emotional and social health · Consequences of a sedentary lifestyle · Energy use, diet, nutrition and hydration
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
- खेल पोषण: ऊर्जा, आहार और जल-संतुलन – खिलाड़ी को सही समय पर सही खाना और पानी चाहिए। वज़न स्थिर रखने के लिए ऊर्जा अंदर (खाना) और ऊर्जा बाहर (कसरत + शरीर का काम) बराबर होनी चाहिए। कार्बोहाइड्रेट मुख्य ईंधन है और ग्लाइकोजन बनकर जमा होता है; प्रोटीन मांसपेशी की मरम्मत करता है; वसा लंबी धीमी कसरत का ईंधन है; विटामिन, खनिज और रेशे शरीर चलाते हैं। पसीने से शरीर के वज़न का 2% पानी जाते ही प्रदर्शन गिरता है। अच्छे आहार के साथ ज़्यादातर सप्लीमेंट ज़रूरी नहीं, और प्रतिबंधित दवाएँ (डोपिंग) ख़तरनाक और नियम के ख़िलाफ़ हैं।
4. NEA
Practical performance and analysis
- शारीरिक शिक्षा: कौशल सीखो, परखो और सुधारो – शारीरिक शिक्षा (PE) अच्छी तरह चलना-फिरना, जीवनभर सक्रिय रहना और अपना प्रदर्शन समझना सिखाती है। हर खेल कौशल के तीन चरण हैं: तैयारी, क्रियान्वयन और अनुसरण। सुधार के लिए कौशल देखो, मॉडल से तुलना करो, ताकत और कमज़ोरी पहचानो, प्रतिक्रिया लो और अभ्यास की योजना बनाओ: योजना → अभ्यास → समीक्षा → प्रतिक्रिया। लोग स्वास्थ्य, फ़िटनेस, मज़े, दोस्ती, प्रतियोगिता और मन की शांति के लिए खेलते हैं। नए खेल, क्लब, सुरक्षा और उपकरण की देखभाल जीवनभर खेलने में मदद करते हैं।