खेल में व्यक्तित्व और दृष्टिकोण
व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने का आम तरीक़ा है। बिग फाइव गुण:
- खुलापन (Openness): नई चीज़ें सीखना पसंद।
- कर्तव्यनिष्ठा (Conscientiousness): व्यवस्थित, समय पर अभ्यास।
- बहिर्मुखता (Extraversion): मिलनसार, भीड़ और टीम खेल पसंद।
- सहमतिशीलता (Agreeableness): दोस्ताना, अच्छा साथी।
- भावनात्मक अस्थिरता (Neuroticism): जल्दी घबराना।
पुराने विचार लोगों को अंतर्मुखी (शांत, अकेले खेल) और बहिर्मुखी (चंचल, तेज़ टीम खेल), या टाइप A (प्रतिस्पर्धी, बेसब्र) और टाइप B (आरामपसंद) में बाँटते हैं। व्यक्तित्व जीत तय नहीं करता, पर कोच को सही तरीक़ा चुनने में मदद करता है।
दृष्टिकोण (attitude) किसी चीज़ के पक्ष या विपक्ष में भावना है। आत्म-सम्मान (self-esteem) यानी आप ख़ुद को कितना महत्व देते हैं; मेहनत की तारीफ़ और छोटी जीतें इसे बढ़ाती हैं।
प्रेरणा और व्यायाम में टिके रहना
प्रेरणा काम करने की इच्छा है।
- आंतरिक (intrinsic): मज़े के लिए, बेहतर होने की ख़ुशी के लिए खेलना।
- बाहरी (extrinsic): पदक, पैसा, तारीफ़ या सज़ा से बचना।
बाहरी इनाम शुरू में मदद करते हैं, पर बहुत ज़्यादा हों तो अंदर का मज़ा घट सकता है। अच्छे तरीक़े: लक्ष्य, सच्ची तारीफ़, अभ्यास में विविधता, खिलाड़ी को चुनने देना, प्रगति लिखना, संगीत और टीम भावना।
व्यायाम पालन (exercise adherence) यानी लंबे समय तक व्यायाम जारी रखना। लोग समय, ख़र्च, ऊब या चोट से छोड़ते हैं; मज़ा, पास की जगह, दोस्त और दिखती प्रगति से टिके रहते हैं।
उत्तेजना, चिंता और उन पर काबू
उत्तेजना (arousal) यानी शरीर और मन कितने सतर्क हैं। उल्टा U सिद्धांत: उत्तेजना बढ़ने पर प्रदर्शन एक सबसे अच्छे बिंदु तक बढ़ता है, फिर गिरता है। बारीक काम (तीरंदाज़ी, गोल्फ़ पट) और नौसिखियों के लिए यह बिंदु नीचे होता है; सरल ताक़त वाले काम (भारोत्तोलन) और माहिर खिलाड़ियों के लिए ऊपर।
चिंता (anxiety): संज्ञानात्मक चिंता मन में (डरे हुए विचार), दैहिक चिंता (somatic) शरीर में (तेज़ धड़कन, पसीने वाले हाथ)।
- गहरी साँस: धड़कन धीमी।
- मानसिक कल्पना (imagery): सही खेल को मन में देखना।
- सकारात्मक आत्म-बातचीत: "चूक जाऊँगा" की जगह "आराम से, मज़बूती से"।
- मानसिक अभ्यास और खेल से पहले की तय दिनचर्या।
लक्ष्य, आक्रामकता और टीम
SMART लक्ष्य: विशिष्ट, मापने योग्य, पाने योग्य, यथार्थ, समय-सीमा वाला। "फ़िट होना है" कमज़ोर है; "8 हफ़्ते में 5 किमी 25 मिनट से कम में" SMART है। प्रदर्शन लक्ष्य (अपना समय सुधारना) हमारे बस में ज़्यादा होते हैं, परिणाम लक्ष्य (मैच जीतना) कम।
आक्रामकता: शत्रुतापूर्ण आक्रामकता का मक़सद चोट पहुँचाना है, नियम के ख़िलाफ़। मुखरता (assertion) नियम के अंदर ज़ोरदार खेल है, जैसे सही कड़ा टैकल।
सामाजिक सुविधा (social facilitation): दर्शक माहिर को बेहतर और नौसिखिए को ख़राब खेलवा सकते हैं। समूह गतिकी: टीम बनना, टकराना, नियम बनना, प्रदर्शन (forming, storming, norming, performing)। बड़े समूह में कुछ लोग कम मेहनत करते हैं: सामाजिक आलस (social loafing)। साफ़ भूमिका और हर किसी की मेहनत मापने से यह घटता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
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हल किए गए उदाहरण
1. इस लक्ष्य को SMART बनाओ: "मुझे बास्केटबॉल में अच्छा होना है।"
विशिष्ट: फ़्री थ्रो। मापने योग्य: 10 में से 7। पाने योग्य और यथार्थ: अभी 10 में 5 जाते हैं। समय: 6 हफ़्ते। SMART लक्ष्य: "हफ़्ते में तीन बार 20 शॉट अभ्यास करके 6 हफ़्ते में 10 में से 7 फ़्री थ्रो।"
2. गोल्फ़र छोटे पट से पहले काँप रहा है, भारोत्तोलक उठाने से पहले सुस्त है। दोनों क्या करें?
पट बारीक काम है: गोल्फ़र चोटी से आगे है, तो धीमी साँस और शांत दिनचर्या से उत्तेजना घटाए। भार उठाना ताक़त वाला काम है: भारोत्तोलक चोटी से नीचे है, तो तेज़ संगीत, छोटा वार्म-अप और जोशीली आत्म-बातचीत से उत्तेजना बढ़ाए।
3. रस्साकशी में 8 लोग एक व्यक्ति के 8 गुना से कम खींचते हैं। क्यों, और कोच क्या करे?
सामाजिक आलस (और ताल की कमी): हर किसी को लगता है उसकी मेहनत छिपी है। हर व्यक्ति का खिंचाव मापो, भूमिका दो और एक ताल पर "खींचो" बोलो।
आम गलतियाँ
- सोचना कि ज़्यादा उत्तेजना हमेशा अच्छी है। चोटी के बाद प्रदर्शन गिरता है।
- आक्रामकता और मुखरता को एक समझना। नियम के अंदर कड़ा टैकल मुखरता है।
- "पूरी कोशिश करूँगा" जैसे धुँधले लक्ष्य लिखना। लक्ष्य मापने योग्य और समय-सीमा वाला हो।
- मानना कि इनाम हमेशा प्रेरणा बढ़ाते हैं। ज़्यादा बाहरी इनाम अंदर का प्यार घटा सकते हैं।